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आकाशीय बिजली की चपेट में आने से कालेज के संविदाकर्मी की मौत...

आकाशीय बिजली की चपेट में आने से कालेज के संविदाकर्मी की मौत...
Jul 02, 2026, 08:47 AM
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Posted By Gaandiv

वाराणसी : आकाशीय बिजली की चपेट में आने से कालेज के संविदाकर्मी की मौत हो गई. सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. बड़ागांव के पश्चिमपुर (धनंजयपुर) निवासी संतोष प्रजापति अनेई स्थित तुलसीदास इंटर कालेज में संविदा पर चपरासी पद पर कार्यरत था. बुधवार की शाम अपने घर के पास मौजूद था.


इसी दौरान मौसम बदला और और तेज गर्जना के साथ आकाशीय बिजली गिरी. इसकी चपेट में आकर संतोष गंभीर रूप से झुलस गया. घटना की जानकारी मिलने पर पहुंचे ग्रामीण उसे इलाज के लिए अस्पताल ले रहे थे, लेकिन रास्ते में उसकी मौत हो चुकी थी. हादसे की खबर मिलते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई.


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संतोष प्रजापति के परिवार में पत्नी, दो बेटे और दो बेटियां हैं. घटना की सूचना मिलने पर बड़ागांव थाना की पुलिस मौके पर पहुंची. थाना प्रभारी प्रवीण कुमार सिंह के अनुसार संतोष की मौत की सूचना प्रशासन को देकर उचित कार्रवाई की जा रही है. प्रशासन की ओर से प्राकृतिक आपदा के तहत मिलने वाली आर्थिक सहायता के लिए भी आवश्यक प्रक्रिया शुरू की जा रही है.

धनतेरस: इस बार भी 5 दिन स्वर्णमयी मां अन्नपूर्णा के दर्शन, बंटेगा खजाना
धनतेरस: इस बार भी 5 दिन स्वर्णमयी मां अन्नपूर्णा के दर्शन, बंटेगा खजाना
वाराणसी : धनतेरस पर काशीपुराधीश्वरी मां अन्नपूर्णा के स्वर्णमयी स्वरूप के दर्शन छह नवंबर से पांच दिनों तक होंगे. इस बार भी भक्तों को पांच दिनों तक माता के स्वर्णमयी विग्रह के दर्शन होंगे. छह नवंबर को भक्तों के लिए कपाट खुल जाएंगे और 10 नवंबर को शयन आरती के बाद अगले साल तक के लिए बंद हो जाएंगे. पांच दिनों तक मां के खजाने से 10 लाख सिक्के और 10 बोरी से अधिक धान का लावा बंटेगा. मां के दर्शन के लिए देश-विदेश से श्रद्धालु आएंगे. बाबा विश्वनाथ को अन्न-धन की भिक्षा देने वाली मां अन्नपूर्णा के स्वर्णमयी विग्रह के दर्शन के लिए भक्तों का एक वर्ष का इंतजार के बाद जल्‍द खत्म हो जाएगा. मां की अलौकिक, दमकती छवि के दर्शन होंगे. मां के दाएं भू माता और श्रीकाशी विश्वनाथ और बाएं लक्ष्मी माता विराजमान रहेंगी. मंदिर के महंत शंकर पुरी महाराज ने बताया कि छह से 10 नवंबर तक माता अन्नपूर्णा के स्वर्णमयी स्वरूप का दर्शन श्रद्धालुओं को होगा.अन्नकूट तक माता का दरबार खुला रहेगाछह को धनरतेरस से लेकर अन्नकूट तक माता का दरबार खुला रहेगा. इस दौरान भक्तों में धनतेरस पर ही प्रसाद स्वरूप सिक्के और लावा का वितरण होगा. उन्होंने बताया कि पिछले साल साढ़े छह लाख सिक्के बांटे गए थे. इस बार 10 लाख सिक्के बैंक से मंगाए जाएंगे. लावा के साथ भक्तों में बांटा जाएगा. मान्यता है कि प्रसाद में मिले सिक्के और लावा को तिजोरी व भंडार में रखने से कभी अन्न-धन की कमी नहीं होती है. बताया कि धनतेरस पर दर्शन के दौरान होने वाली भीड़ को संभालने के लिए पुलिस प्रशासन के अलावा वालेंटियर भी लगाए जाएंगे. सीसीटीवी से निगरानी की जाएगी. मंदिर परिसर में साफ-सफाई से लेकर रंग-रोगन का कार्य हो रहा है.ALSO READ : वाराणसी सह‍ित पूर्वांचल में अर्नब चक्रवात ने मचा रखी है तबाही, आम जनजीवन प्रभाव‍ित...108 तरह के व्यंजनों का भोग लगेगामां अन्नपूर्णा के अन्नकूट शृंगार के लिए प्रसाद बनना शुरू हो गया है. महंत शंकरपुरी ने बताया कि मां को 108 प्रकार के व्यंजनों का भोग लगेगा. इसमें मिठाई से लेकर नमकीन तक होगा. डेढ़ क्विंटल प्रसाद बनाया जा रहा है. माता का शृंगार नौ नवंबर को होगा.दो राज्यों के कारीगर करेंगे प्रसाद तैयारमां अन्नपूर्णा के अन्नकूट शृंगार के लिए प्रसाद बनने लगा है. पूर्वांचल के अलावा झारखंड के कारीगर भी इसमें सहयोग कर रहे हैं. शंकरपुरी ने बताया कि प्रसाद बनाने के लिए बाहर से 100 से अधिक कारीगर बुलाए जाते हैं. वह 17 दिन में बनाकर तैयार कर देते हैं.
वाराणसी सह‍ित पूर्वांचल में अर्नब चक्रवात ने मचा रखी है तबाही, आम जनजीवन प्रभाव‍ित...
वाराणसी सह‍ित पूर्वांचल में अर्नब चक्रवात ने मचा रखी है तबाही, आम जनजीवन प्रभाव‍ित...
वाराणसी: अर्नब चक्रवात का असर पूर्वांचल सह‍ित वाराणसी में भी देखने को मिला. मौसम का रुख बदल गया है. तेज गत‍ि से चल रही हवाओं का रुख दो द‍िनों से बना हुआ है तो 24 घंटों से अध‍िक समय से लगातार हो रही बरसात की वजह से आम जनजीवन प्रभावित हुआ है. तेज हवाओं की वजह से तैयार हो चुकी फसलें जमीन पर लेट गई हैं और तैयार होने की ओर पहुंची सब्‍ज‍ियों की खेती को व्‍यापक नुकसान हो रहा‍ है. जबक‍ि पानी भरने की वजह से फसलें सड़ने की स्‍थि‍त‍ि आने की संभावना बढ़ गई है. इसकी वजह से किसानों को व्‍यापक नुकसान होना तय माना जा रहा है. खेतों में पककर तैयार धान की फसल पर संकट गहरा गया है. कहीं फसल कटाई के इंतजार में खड़ी है तो कहीं कटकर खेतों में पड़ी है.वहीं, रबी की प्रमुख फसल आलू की बोआई की तैयारी भी प्रभावित हुई है. बारिश के साथ ठंड बढ़ने से ग्रामीण क्षेत्रों में दिनचर्या प्रभावित रही, जबकि कुछ इलाकों में बिजली आपूर्ति भी ठप हो गई.पिंडरा, चिरईगांव और चोलापुर क्षेत्रों में धान की फसल लगभग पककर तैयार है. ऐसे में बारिश से किसानों की चिंता बढ़ गई है.चोलापुर के बंतरी, धरसौना, कटारी और पटनापर के किसानों के अनुसार, कई खेतों में धान कटकर पड़ा है, जबकि अधिकांश खेतों में फसल खड़ी है. बारिश से खेतों में पानी भरने के कारण कटी फसल खराब होने की आशंका है. वहीं, गिरी हुई फसल की कटाई में भी परेशानी होगी. मौसम साफ होने के इंतजार में कटाई-मड़ाई का काम पिछड़ सकता है.कैंट स्‍टेशन के पार्किंग में करंट से दो गायों की मौत कैंट रेलवे स्टेशन के मुख्य प्रवेश द्वार स्थित वाहन पार्किंग में गुरुवार की शाम करंट की चपेट में आने से दो गायों की मौत हो गई. घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं. स्वतः संज्ञान लेते हुए स्टेशन निदेशक अर्पित गुप्ता ने संबंधित विभाग को फटकार लगाई. साथ ही फॉल्ट को तत्काल दूर कराया गया.दरअसल, वाहन पार्किंग परिसर में बारिश के दौरान खुले तार से पानी में करंट उतर आया था, जिसकी चपेट में आने से दोनों गायों की मौके पर ही मौत हो गई. संयोगवश उधर से कोई यात्री नहीं गुजरा, वरना बड़ी अनहोनी से इनकार नहीं किया जा सकता था. घटना को गंभीरता से लेते हुए स्टेशन निदेशक अर्पित गुप्ता ने संबंधित विभाग को कड़ी फटकार लगाई. वहीं नगर निगम से संपर्क कर दोनों गायों के शवों का निस्तारण कराया गया.ALSO READ: बनारस स्टेशन पर 30 और 31 अक्टूबर को ट्रेनों के प्लेटफॉर्म में अस्थायी फेरबदल, यात्रीगण ध्यान देंस्टेशन निदेशक अर्पित गुप्ता ने बताया कि यात्रियों की सुरक्षा पहली प्राथमिकता है. फॉल्ट को तत्काल दूर करा दिया गया है और पूरे घटनाक्रम की जांच कराई जाएगी.
बनारस स्टेशन पर 30 और 31 अक्टूबर को ट्रेनों के प्लेटफॉर्म में अस्थायी फेरबदल, यात्रीगण ध्यान दें
बनारस स्टेशन पर 30 और 31 अक्टूबर को ट्रेनों के प्लेटफॉर्म में अस्थायी फेरबदल, यात्रीगण ध्यान दें
वाराणसी : रेल प्रशासन द्वारा प्रशासनिक कारणों और परिचालनिक सुगमता के चलते दिनांक 30 एवं 31 अक्टूबर को बनारस रेलवे स्टेशन पर आगमन और प्रस्थान करने वाली कई ट्रेनों के प्लेटफॉर्म संख्या में अस्थायी बदलाव किया गया है. यात्री इस बदलाव को देखकर अपनी यात्रा पर निकलें.परिवर्तित प्लेटफॉर्म 30 अक्टूबर 2026 (शुक्रवार) को -12559 शिवगंगा एक्सप्रेस - पहले प्लेटफॉर्म 08 से आती और जाती थी, अब प्लेटफॉर्म 07 से12581 बनारस-नई दिल्ली सुपरफास्ट एक्सप्रेस -प्लेटफॉर्म 08 से बदलकर प्लेटफॉर्म 06पर-22586 गांधीनगर कैपिटल-बनारस सुपरफास्ट - प्लेटफॉर्म 08 से बदलकर प्लेटफॉर्म 06 पर15103 गोरखपुर-बनारस इंटरसिटी एक्सप्रेस - प्लेटफॉर्म 06 से बदलकर प्लेटफॉर्म 01 पर31 अक्टूबर 2026 (शनिवार) को -22535 रामेश्वरम-बनारस सुपरफास्ट एक्सप्रेस -प्लेटफॉर्म 08 से बदलकर प्लेटफॉर्म 03 पर26506 बनारस-खजुराहो वंदे भारत - प्लेटफॉर्म 08 से बदलकर प्लेटफॉर्म 03 पर12560 शिवगंगा एक्सप्रेस -प्लेटफॉर्म 08 से बदलकर प्लेटफॉर्म 05 पर12582 नई दिल्ली-बनारस सुपरफास्ट एक्सप्रेस -प्लेटफॉर्म 08 से बदलकर प्लेटफॉर्म 05 पर20176 आगरा कैंट-बनारस वंदे भारत -प्लेटफॉर्म 08 से बदलकर प्लेटफॉर्म 01पर20175 बनारस-आगरा कैंट वंदे भारत - प्लेटफॉर्म 08 से बदलकर प्लेटफॉर्म 01 पररेल प्रशासन ने यात्रियों से अनुरोध किया है कि वे 30 एवं 31 अक्टूबर को यात्रा के दौरान संबंधित ट्रेनों के परिवर्तित प्लेटफॉर्म की जानकारी एनटीइएस अथवा स्टेशन पर लगे सूचना पट्टों और उद्घोषणा के माध्यम से प्राप्त कर लें. अपनी ट्रेन के आगमन एवं प्रस्थान से पहले प्लेटफॉर्म की पुष्टि अवश्य कर लें, ताकि किसी प्रकार की असुविधा न हो.बनारस स्टेशन का डीएम-कमिश्नर ने किया निरीक्षणबनारस स्टेशन (मंडुवाडीह) पर 31 अक्टूबर को प्रस्तावित कार्यक्रम के मद्देनजर गुरुवार को प्रशासनिक अमले ने स्टेशन का स्थलीय निरीक्षण किया. जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार और पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने डीआरएम आशीष जैन के साथ स्टेशन परिसर और कार्यक्रम स्थल का जायजा लिया. शनिवार को रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव बनारस स्टेशन (मंडुवाडीह) से वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे. इस दौरान उनके साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहेंगे. कार्यक्रम को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के उद्देश्य से डीएम व कमिश्नर ने सुरक्षा, यातायात और पार्किंग व्यवस्था को लेकर अधिकारियों के साथ बैठक भी की.