व्यवसायी मनीष हत्याकांड में आरोपितों पर पुलिस कस रही शिकंजा, मुख्यआरोपी आशीष रासुका में निरुद्ध...

वाराणसी : युवा व्यवसायी मनीष कुमार सिंह की हत्या के मामले में आरोपियों के खिलाफ पुलिस का शिकंजा कसता जा रहा है. 12 आरोपियों को गिरफ्तार करके जेल भेजने के बाद उनके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट में कार्रवाई के बाद अब मुख्य आरोपित आशीष राजभर को राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (रासुका) के अंतर्गत निरुद्ध किया गया है.
वाराणसी के फूलपुर थाना क्षेत्र के घमहापुर गांव में बीते 26 अप्रैल को मनीष अपनी फैक्ट्री से लौट रहे थे. उनकी कार से स्थानीय महिला बिंदु प्रजापति को टक्कर लग गई. मनीष महिला को अस्पताल ले जाने लगे, लेकिन मौके पर मौजूद भीड़ ने उनसे मारपीट शुरू कर दी और ईंट-पत्थरों से पीटकर उनकी हत्या कर दी. इस मामले में फूलपुर थाने में माब लिंचिंग समेत कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया.
पुलिस ने मुख्य आरोपी आशीष राजभर और मनीष राजभर को बीते चार मई को मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार कर लिया था. मुठभेड़ के दौरान दोनों के पैर में गोली लगी थी. दीपक राजभर, गोविंद राजभर, नागेंद्र राजभर, पवन राजभर के न्यायालय में आत्मसमर्पण करने पर उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजा गया. बृजेश प्रजापति, मनोज प्रजापति, योगेन्द्र प्रजापति को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने में पुलिस ने जेल गए सभी 12 आरोपितों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत कठोर कार्रवाई की है.
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बीते माह स्थानीय अदालत ने चार आरोपियों की जमानत याचिकाएं भी खारिज कर दी थीं. इस मामले में पुलिस विवेचना पूरी करके आरोप-पत्र (चार्जशीट) न्यायालय में प्रेषित कर चुकी है. इस घटना के बाद व्यवसायी के घर पर सत्ता और विपक्ष के नेताओं ने पहुंचकर सवेंदना व्यक्त की थी. परिजनों की ओर से इस मामले में कडी कार्रवाई की मांग की जा रही थी.



