₹54 करोड़ GST फ्रॉड का पर्दाफाश, फर्जी बिलिंग गिरोह का मास्टरमाइंड गिरफ्तार.

वाराणसी : फर्जी जीएसटी बिलिंग और करीब ₹54 करोड़ के इनपुट टैक्स क्रेडिट फ्रॉड में शामिल एक संगठित अंतर्राज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए ₹25,000 के इनामी मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस आयुक्त के निर्देश पर, पुलिस उपायुक्त वरुणा जोन, अपर पुलिस उपायुक्त वरुणा जोन और सहायक पुलिस आयुक्त कैंट के पर्यवेक्षण में थाना कैंट पुलिस व एसओजी टीम ने यह कार्रवाई की. मामला थाना कैंट में दर्ज मु0अ0सं0 423/2025 से जुड़ा है. गिरफ्तार आरोपी जसप्रीत सिंह उर्फ जस्सा कोटला डढेरी, थाना मंडी गोविंदगढ़ जनपद फतेहगढ़ साहिब, पंजाब का निवासी बताया गया. गिरफ्तारी पंजाब से की गई.
जांच में सामने आया कि आरोपी कागजी और फर्जी फर्में बनाकर बिना किसी वास्तविक माल की खरीद-फरोख्त के जीएसटी पोर्टल पर फर्जी इनवॉयस और रिटर्न दाखिल करते थे. इन इनवॉयस के जरिए लोहा और स्क्रैप जैसे कच्चे माल की फर्जी बिक्री दिखाकर कंपनियों को अवैध रूप से आईटीसी का लाभ दिलाया जाता था. इससे सरकारी राजस्व को भारी नुकसान पहुंचाया गया.
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फर्जी जीएसटी बिलिंग की जड़ें काफी गहरी
फर्जी जीएसटी बिलिंग और 54 करोड़ की आईटीसी धोखाधड़ी के मामले में बोगम फर्म सिंडिकेट की जड़े काफी गहरी और उत्तर प्रदेश के अलावा अन्य राज्यों में भी फैली हुई हैं. पंजाब के फतेहगढ़ साहिब, मंडी गोविंदगढ़ थाना क्षेत्र के कोटला डढ़ेरी निवासी जसप्रीत सिंह उर्फ जस्सा की गिरफ्तारी के बाद गिरोह के अन्य सदस्यों की पुलिस ने तलाश शुरू कर दी है. आयरन, स्क्रैप परिवहन के आधार पर बनी 10 बोगस फर्मों से बिना माल का परिवहन कराए आईटीसी का लाभ ले लिया गया. यह धोखाधड़ी तीन साल से चल रही थी. राजस्व को चोट पहुंचाने वाले फर्जी फर्म पंजीकृत करने वालों के खिलाफ कैंट पुलिस ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है. चेतगंज के राज्य कर अधिकारियों से भी बोगस फर्मों की सूची मांगी गई है.



