देश की दूसरी वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस में सुरक्षा सबसे तगड़ी, वैष्णव और योगी दिखाएंगे झंडी
वाराणसी : ट्रेन में यात्रियों की सुरक्षा सबसे बडी चिंता रही है. इसे रेलवे ने दूर करते हुए जिस ट्रेन की संकल्पना को पटरियों पर उतारा है वह वाराणसी से नई दिल्ली के बीच चलने वाली देश की दूसरी वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस है. शनिवार की शाम बनारस स्टेशन से इसे हरी झंडी दिखाई जाएगी. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शाम साढ़े तीन बजे वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस के साथ प्रयागराज रामबाग-बनारस मेमू और वाराणसी सिटी-राजातालाब मेमू को रवाना करेंगे. बताते चलें कि देश की पहली स्लीपर वंदे भारत एक्सप्रेस गुवाहाटी (कामाख्या) से हावड़ा (कोलकाता) के बीच 17 जनवरी 2026 को शुरू की गई थी. रेलमंत्री हरी झंडी दिखाने के लिए वाराणसी प्रस्थान कर चुके हैं.ट्रेन का समय और ठहराववाराणसी से नई दिल्ली के बीच चलने वाली वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस (27421) रात 8.50 बजे वाराणसी जंक्शन से रवाना होगी और अगले दिन सुबह 6:10 बजे नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पहुंचेगी. इसका संचालन शुक्रवार को छोड़कर सप्ताह में छह दिन किया जाएगा. यह ट्रेन नई दिल्ली से (27422) से रात रात 9:40 बजे चलेगी और अगली सुबह 7:10 बजे वाराणसी जंक्शन रेलवे स्टेशन पहुंचेगी. यह ट्रेन प्रयागराज जंक्शन, कानपुर सेंट्रल, अलीगढ़ और गाजियाबाद स्टेशनों पर रुकेगी.ट्रेन में मनमानी पर भी नकेलस्लीपर वंदे भारत ट्रेन की गति 180 किमी प्रति घंटे की गति के लिए डिजाइन की गई है. इसका ट्रायल पहले ही हो चुका है और ट्रेन को अधिकतम 180 किलोमीटर प्रति घंटे की गति के अनुसार तैयार किया गया है. यात्रियों की सुरक्षा के लिए सभी कोचों में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं. अब चोर उचक्कों की इंट्री होगी तो उनकी तस्वीर भी होगी, ट्रेन में दूसरे की सीट कब्जा करने सहित छेड़खानी और बवाल की सूरत में सीसीटीवी की फुटेज अपराध पर लगाम भी लगाएगी.इस पूरी ट्रेन में 11 थर्ड एसी, 4 सेकंड एसी और 1 फर्स्ट एसी कोच हैं, जनरल बोगी इसमें नहीं है. जबकि ट्रेन में एक बार में लगभग 823 यात्री यात्रा कर सकेंगे. ट्रेन में नई तकनीक वाला सस्पेंशन लगाया गया है, जिससे यात्रा के दौरान झटके और शोर कम करने में मदद मिलेगी. इस ट्रेन के दरवाजे अपने आप खुलेंगे और अपने आप ही बंद होंगे. किसी आपात स्थिति में यात्री ट्रेन के कर्मचारियों से सीधे संपर्क कर सकेंगे. इसके लिए विशेष इमरजेंसी टॉक-बैक सिस्टम दिया गया है.ALSO READ : वाराणसी में असलहा तस्करों ने सिपाही को मारी गोलियां, मुठभेड़ में तीन आरोपी गिरफ्तारसुरक्षा के लिहाज से ट्रेन में कवच प्रणाली लगाई गई है, जो ट्रेन की सुरक्षित आवाजाही में मदद करती है. आग का पता लगाने और उसे बुझाने के लिए विशेष प्रणाली लगाई गई है. किसी आपात स्थिति में यात्री ट्रेन मैनेजर या लोको पायलट से संपर्क कर सकेंगे. दिव्यांग यात्रियों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विशेष व्यवस्था की गई है. लोको पायलट के लिए आधुनिक नियंत्रण उपकरण और सुरक्षा सुविधाएं उपलब्ध हैं.13 सदस्यीय क्रू में सात महिलाएं देश की दूसरी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की शुरुआत कई मायनों में खास होने जा रही है. इस बार ट्रेन के संचालन और यात्रियों की सेवा की जिम्मेदारी संभालने वाले 13 सदस्यीय क्रू में सात महिलाएं शामिल होंगी. खास बात यह है कि पहली बार महिला गार्ड देश की दूसरी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगी.इसके अलावा ट्रेन में तैनात टीटीई स्टाफ में पांच महिलाएं होंगी. वहीं, महिला सहायक लोको पायलट श्रीनी श्रीवास्तव और गार्ड की जिम्मेदारी ज्योति संभालेंगी. इस तरह आधुनिक रेल सेवा के साथ रेलवे में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी भी देखने को मिलेगी. हालांकि, मुख्य लोको पायलट की जिम्मेदारी 50 वर्षीय हरिशंकर यादव संभालेंगे. वह मूल रूप से जौनपुर के रहने वाले हैं. उनके साथ महिला सहायक लोको पायलट ट्रेन को निर्धारित मार्ग पर संचालित करने में सहयोग करेंगी.तीन क्लास और उनका किराया भी अलग-अलग होगाथर्ड एसी (3AC)- कुल 11 कोच (क्षमता 611), किराया 1,819.20 रुपये.सेकंड एसी (2AC)- कुल 4 कोच (क्षमता 188), किराया 2,349.80 रुपयेफर्स्ट एसी (1AC)- कुल 1 कोच (क्षमता 24), किराया 2,880.40 रुपयेइन टिकटों के किराए पर जीएसटी (GST) का भुगतान अलग से देना होगा. यात्रियों को लंबी यात्रा के दौरान थकान न हो, इसके लिए कोचों में बेहतर कुशन वाली आरामदायक बर्थ और आधुनिक सस्पेंशन प्रणाली लगाई गई है, जिससे झटके और शोर न्यूनतम स्तर पर रहते हैं.