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वाराणसी: ग्राम चौपाल में डीएम ने सुनी ग्रामीणों की समस्याएं, एसआईआर पर दी जानकारी

वाराणसी: ग्राम चौपाल में डीएम ने सुनी ग्रामीणों की समस्याएं, एसआईआर पर दी जानकारी

वाराणसी : जिलाधिकारी सत्येन्द्र कुमार की अध्यक्षता में विकास खंड आराजी लाइन के अंतर्गत ग्राम पंचायत नागेपुर में ग्राम चौपाल–गांव की समस्या गांव में समाधान कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीणों को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ते हुए उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान करना रहा.ग्राम चौपाल के दौरान जिलाधिकारी ने ग्रामीणों से सीधे संवाद कर केंद्र एवंप्रदेश सरकार की विभिन्न योजनाओं की जानकारी ली और उनके क्रियान्वयन की समीक्षा की.उन्होंने एक-एक कर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और मौके पर मौजूद संबंधित विभागों के अधिकारियों को शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए.ग्रामीणों ने बताया कि उन्हें सरकारी योजनाओं की जानकारी मिल रही है और वे उनका लाभ भी प्राप्त कर रहे हैं। इस पर जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि कोई भी पात्र व्यक्ति योजनाओं से वंचित न रहे, यह सुनिश्चित किया जाए.जिलाधिकारी ने आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत अधिक से अधिक पात्र लोगों का आयुष्मान कार्ड बनवाने पर जोर दिया और बताया कि इसके माध्यम से पांच लाख रुपये तक का निःशुल्क इलाज संभव है.उन्होंने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, किसान सम्मान निधि, तथा वृद्धा, विधवा और दिव्यांग पेंशन से जुड़ी समस्याओं का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही महिला सशक्तिकरण योजनाओं के माध्यम से स्वरोजगार को बढ़ावा देने की बात कही.एसआईआर कार्यों को लेकर किया गया संवादचौपाल के बाद जिलाधिकारी ने एसआईआर (Special Intensive Revision) कार्यों को लेकर ग्रामीणों से संवाद किया। उन्होंने एएसडी/अनकलेक्टेबल/अनमैप्ड मतदाताओं, फार्म-6, 6ए, 7 एवं 8 (घोषणा-पत्र सहित) की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि निर्वाचन आयोग द्वारा एसआईआर कार्यों की समय-सीमा एक माह बढ़ा दी गई है.जिलाधिकारी ने लोगों से अपीलजिलाधिकारी ने लोगों से अपील की कि वे निर्धारित तिथियों के भीतर मतदाता सूची का अवलोकन कर अपने नाम का सत्यापन अवश्य करें तथा आवश्यकता होने पर दावा/आपत्ति दर्ज कराएं। उन्होंने बताया कि 18 वर्ष पूर्ण कर चुके नागरिक फार्म-6 भरकर बीएलओ के पास जमा कर सकते हैं या https://voters.eci.gov.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं.ALSO READ : काशी में संविधान संवाद सम्मेलन: कांग्रेस सांसदों ने लोकतंत्र और काशी की अस्मिता की रक्षा का लिया संकल्पइस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी प्रखर कुमार सिंह, डीसी मनरेगा पवन कुमार सिंह, अन्य जनपद स्तरीय अधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे.

सीएम ग्रिड्स योजना से चमकेगी शहर की  सड़कें, नगर आयुक्त ने परखी प्रगति

सीएम ग्रिड्स योजना से चमकेगी शहर की सड़कें, नगर आयुक्त ने परखी प्रगति

वाराणसी: प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र काशी की सड़कों को आधुनिक स्वरूप देने के लिए मुख्यमंत्री ग्रीन रोड्स इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट स्कीम (सीएम ग्रिड्स) के तहत चल रहे कार्यों ने अब रफ्तार पकड़ ली है। इस क्रम में नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने रविवार को शहर के विभिन्न हिस्सों का दौरा कर निर्माण कार्यों की पड़ताल की । उन्होंने गोलघर कचहरी, सुंदरपुर मुख्य मार्ग की भौतिक प्रगति देखी। साथ हीअस्सी घाट से रविदास घाट तक का भी निरीक्षण किया ।इस दौरान उन्होंने समय से गुणवत्तायुक्त कार्य कराने का निर्देश दिया है। किसी भी प्रकार की शिथिलता बरतने पर संबंधित कार्यदायी संस्था के खिलाफ कड़ी कार्रवाई क चेतावनी दी । सीएम ग्रिड्स योजना के तहत प्रथम चरण में 4784.53 लाख रुपये से छह प्रमुख मार्गों का कायाकल्प किया जा रहा है। इन सड़कों को दस मीटर से अधिक चौड़ी किया जा रहा है। साथ ही भूमिगत यूटिलिटी डक्ट, स्टॉर्म वाटर ड्रेन, फुटपाथ और आधुनिक स्ट्रीट लाइटें भी लगाई जाएंगी।अंडरग्राउंड डक्ट बनने से भविष्य में बिजली या पाइपलाइन के लिए सड़कों को बार-बार खोदने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इसके अलावा, द्वितीय चरण के लिए भेलूपुर विद्युत कार्यालय से वंशीधर अपार्टमेंट तक के मार्ग के लिए 722.15 लाख रूपये की स्वीकृति मिल चुकी है।। वर्तमान में तिलक मूर्ति से भारत सेवाश्रम, घंटी मिल से सिगरा थाना और सुंदरपुर मुख्य मार्ग में काम चल रहा है। कुछ सड़कों पर करीब 40 से 47 प्रतिशत तक कार्य पूर्ण हो चुका है।​घाटों की सफाई और जन-सुविधा का निर्देश​नगर आयुक्त ने अस्सी घाट से लेकर रविदास घाट तक के मार्ग का भी निरीक्षण किया। सड़कों के साथ-साथ उन्होंने घाटों पर विशेष साफ-सफाई रखने और कचरा निस्तारण की व्यवस्था को सुदृढ़ करने के कड़े निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य के दौरान आम जनता को कम से कम असुविधा हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाए। निरीक्षण के दौरान मुख्य अभियंता आरके सिंह सहित निगम व कार्यदायी संस्था के अधिकारी व इंजीनियर मौजूद थे।

वाराणसी में प्रि‍ंसिपल पर छात्राओं संग छेड़खानी का आरोप, गुस्‍साए ग्रामीणों का प्रदर्शन

वाराणसी में प्रि‍ंसिपल पर छात्राओं संग छेड़खानी का आरोप, गुस्‍साए ग्रामीणों का प्रदर्शन

वाराणसी : शिवपुर थाना क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय पिसौर में प्रिंसिपल पर कक्षा चार में पढ़ने वाली चार बच्चियों के साथ छेड़खानी का गंभीर आरोप लगा है. इस घटना के बाद गुस्‍साए ग्रामीणों ने प्रिंसिपल को विद्यालय के एक कमरे में बंद कर दिया. ग्रामीणों ने नारेबाजी करते हुए आरोपित को सजा देने की मांग की है. घटना शनिवार की बताई गई है, लेकिन रविवार को छुट्टी होने के कारण ग्रामीण कोई कार्रवाई नहीं कर पाए. इस बीच सोमवार को विद्यालय खुलने का इंतजार करते हुए लामबंद ग्रामीणों ने प्रिंसिपल को पकड़ लिया और उसे प्रधानाध्यापक कमरे में बंद कर दिया. पुलिस मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों को समझाने का प्रयास करती रही. ग्रामीणों का आरोप है कि प्रिंसिपल ने अश्‍लील वीडियो छात्राओं को दिखाया.आरोपित प्रिंसिपल को आक्रोशित ग्रामीणों से बचाकर बाहर निकाला और पुलिस हेलमेट पहनाकर दौड़ाते हुए हिरासत में लेकर जीप से थाने ले गई है.सूचना के बाद पुलिस के उच्च अधिकारी मौके पर पहुंचे. डीपी वरुणा जोन प्रमोद कुमार, एसीपी कैंट नितिन तनेजा, एसीपी रोहनिया संजीव शर्मा समेत कई थानों की पुलिस फोर्स ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया. ग्रामीण हाथों में चप्पल की माला लिए हुए आरोपित को खुद के हवाले करने की मांग करते रहे. वहीं ग्रमीण नारेबाजी करते रहे.थाना प्रभारी रोहनिया राजू कुमार ने मौके पर पहुंचकर लोगों को समझाने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि कानून अपने हाथ में न लें और स्कूल से बाहर निकल जाएं. एसडीएम सदर और खंड शिक्षा अधिकारी भी मौके पर मौजूद हैं और लोगों को समझाने का प्रयास करते नजर आए.ALSO READ : सीएम ग्रिड्स योजना से चमकेगी शहर की सड़कें, नगर आयुक्त ने परखी प्रगतिकैंट थाना प्रभारी शिवाकांत मिश्रा ने माइक पर लोगों को संयम और धैर्य रखने का आश्वासन दिया. उन्होंने कहा कि पुलिस कड़ी से कड़ी कार्रवाई करेगी और आरोपित के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी.इस घटना ने स्थानीय समुदाय में आक्रोश पैदा कर दिया है. ग्रामीणों का कहना है कि ऐसी घटनाओं को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और वे न्याय की मांग कर रहे हैं. पुलिस प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन दिया है. इस घटना के बाद से विद्यालय में तनाव का माहौल बना हुआ है और सभी की निगाहें प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं.आरोपित प्रिंसिपल को आक्रोशित ग्रामीणों से बचाकर बाहर निकाला और पुलिस हेलमेट पहनाकर दौड़ाते हुए हिरासत में लेकर जीप से थाने ले गई है.

वाराणसी में ऑटो चालक रहस्यमय हालात में लापता, 10 दिन बाद हत्या की आशंका

वाराणसी में ऑटो चालक रहस्यमय हालात में लापता, 10 दिन बाद हत्या की आशंका

वाराणसी: आदमपुर थाना क्षेत्र के कोनिया सट्टी इलाके से एक 22 वर्षीय ऑटो चालक के रहस्यमय ढंग से लापता होने का मामला सामने आया है.युवक बीते दस दिनों से घर नहीं लौटा है.परिजनों ने अब उसकी हत्या की आशंका जताते हुए पुलिस को लिखित तहरीर दी है.लापता युवक की पहचान सन्नी सोनकर (22) निवासी कोनिया सट्टी, आदमपुर के रूप में हुई है.सन्नी पेशे से ऑटो चालक था.दोस्तों के साथ निकला था युवक...परिजनों के अनुसार, 28 जनवरी को सन्नी के कुछ दोस्त उसके घर आए थे.उन्होंने बताया कि बिहार की ओर एक भाड़ा मिला है, जिसके बाद सन्नी उनके साथ चला गया. इसके बाद से वह घर वापस नहीं लौटा.पहले दर्ज कराई गई थी गुमशुदगी कई दिनों तक इंतजार करने के बाद परिजनों ने आदमपुर थाने में सन्नी की गुमशुदगी दर्ज कराई थी.शनिवार को किसी परिचित के माध्यम से जानकारी मिली कि सन्नी के साथ मारपीट की गई और उसकी हत्या कर दी गई है. इस सूचना के बाद परिजन थाने पहुंचे और हत्या की आशंका जताते हुए लिखित शिकायत दी.ALSO READ : सीएम ग्रिड्स योजना से चमकेगी शहर की सड़कें, नगर आयुक्त ने परखी प्रगतिCCTV खंगाल रही पुलिस...मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी विमल मिश्रा जांच में जुट गए हैं.पुलिस ने कथित मारपीट स्थल का निरीक्षण किया और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है.साथ ही परिजनों द्वारा बताए गए संदिग्ध युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है.हर पहलू से जांच पुलिस का कहना है कि मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है.जल्द ही पूरे घटनाक्रम का खुलासा किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी.

वाराणसी एयरपोर्ट रनवे हो रहा अपग्रेड, आज रात से रोज आठ घंटे विमान का संचालन ठप

वाराणसी एयरपोर्ट रनवे हो रहा अपग्रेड, आज रात से रोज आठ घंटे विमान का संचालन ठप

वाराणसी : लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के रनवे को इंटरनेशनल विमानन मानकों के अनुरूप विकसित करने के लिए बड़ा तकनीकी कार्य शुरू किया जा रहा है. इसी परिप्रेक्ष्‍य में सोमवार रात 11:30 बजे से प्रतिदिन आठ घंटे तक विमान संचालन पूरी तरह बंद रहेगा. यह सिलसिला लगभग एक वर्ष तक लागू रहेगी. हालांकि एक महीने बाद समय में वृद्धि की जाएगी ताकि कार्य और जल्दी पूरा किया जा सके. एयरपोर्ट अधिकारियों के अनुसार रनवे के स्ट्रेंथनिंग और एक्सटेंशन का कार्य कराया जाएगा.इस परियोजना के अंतर्गत रनवे की लोड बियरिंग कैपेसिटी में वृद्धि की जाएगी, जिससे भविष्य में वाइड बॉडी और हैवी कैटेगरी के विमानों की सुरक्षित लैंडिंग और टेकऑफ संभव हो सकेगा. रनवे पर सतह की मजबूती, एक्सटेंशन, एयरफील्ड ग्राउंड लाइटिंग सिस्टम का आधुनिकीकरण, कैट वन इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम को अपग्रेड कर कैट थ्री किया जाएगा और टैक्सीवे-रनवे मार्किंग का नवीनीकरण किया जाएगा.इन सभी कार्यों का उद्देश्य रात्रिकालीन और कम दृश्यता के दौरान उड़ानों की सुरक्षा, क्षमता और परिचालन विश्वसनीयता बढ़ाना है. वहीं, दिल्ली से आने वाले एक विमान को रिशेड्यूल किया गया है. इस अवधि में सुबह 6:05 बजे दिल्ली से आने वाली इंडिगो की एक उड़ान को री-शेड्यूल कर 6:45 बजे कर दिया गया है.ALSO READ : सीएम ग्रिड्स योजना से चमकेगी शहर की सड़कें, नगर आयुक्त ने परखी प्रगतिएयरपोर्ट निदेशक पुनीत गुप्ता ने बताया कि रनवे से जुड़े महत्वपूर्ण संरचनात्मक और अत्याधुनिक तकनीकी कार्य प्रस्तावित हैं. इन्हें सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करने के लिए रात 11:30 बजे से सुबह तक उड़ान संचालन पर अस्थायी रोक लगाने का निर्णय लिया गया है. यह फैसला यात्रियों की सुरक्षा और एयरपोर्ट के दीर्घकालिक विकास को ध्यान में रखकर लिया गया है.

बीएचयू के प्रोफेसर पर हत्‍या और साक्ष्‍य मिटाने का केस दर्ज, यह बताई जा रही वजह

बीएचयू के प्रोफेसर पर हत्‍या और साक्ष्‍य मिटाने का केस दर्ज, यह बताई जा रही वजह

वाराणसी : हाईवे हास्पिटल के आपरेशन थिएटर सहायक जितेंद्र यादव का शव वर्ष 2019 में 30 जुलाई को मिर्जापुर के अहरौरा स्थित डैम में बरामद होने के मामले में रोहनिया पुलिस ने बीएचयू के एनेस्थिसिया विभाग के प्रोफेसर डा. राजेश मीना के खिलाफ हत्या करने, धमकी और साक्ष्य छिपाने का केस दर्ज किया है। कोर्ट के आदेश पर दर्ज इस मुकदमे की जांच अब शुरू हो गई है. दिवंगत जितेंद्र के भाई ने कानूनी कार्रवाई की मांग को लेकर कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था.दिवंगत जितेंद्र यादव के भाई धर्मेंद्र यादव ने बीते 28 जनवरी को कोर्ट में गुहार लगाई थी. उन्होंने आरोप लगाया कि आदेश के बावजूद पुलिस ने केस दर्ज नहीं किया. इसके बाद धर्मेंद्र यादव ने न्यायालय में दुबारा आवेदन किया, जिसके फलस्वरूप मुख्‍य न्‍यायिक मजिस्‍ट्रेट के आदेश पर छह फरवरी को रोहनिया थाना प्रभारी ने केस दर्ज किया. धर्मेंद्र के अनुसार, जितेंद्र यादव रोहनिया थाना क्षेत्र के अमरा स्थित हाईवे हास्पिटल में कार्यरत थे. आरोप है कि डाक्टर राजेश मीना एनेस्थीसिया विशेषज्ञ के रूप में वहां अपनी सेवाएं देने आते थे, जिससे जितेंद्र और डाक्टर राजेश के बीच अच्छे संबंध बन गए थे.धर्मेंद्र ने बताया कि जितेंद्र के हाथ में प्रोफेसर डा. राजेश मीना के कुछ आपत्तिजनक वीडियो लगे थे. आरोप है कि डाक्टर राजेश ने उन वीडियो को प्राप्त करने और नष्ट करने के लिए जितेंद्र पर दबाव बनाया. इसी नाराजगी के चलते प्रो. डा. राजेश ने जितेंद्र यादव की हत्या की साजिश रची. आरोप है कि उन्होंने पहले जितेंद्र को शराब पिलाई और फिर अहरौरा ले जाकर डैम में डाल दिया. आरोप है क‍ि इस वीड‍ियो का संबंध एक नर्स से जुड़ा था.इस मामले में पुलिस ने अब तक की जांच में कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित किया है. पुलिस ने बताया कि जितेंद्र के शव को बरामद करने के बाद प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ था कि यह मामला संदिग्ध है. प्रारंभिक रिपोर्ट में यह भी सामने आया था कि जितेंद्र की हत्या की गई थी, जिसके बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच को आगे बढ़ाया.ALSO READ : वाराणसी एयरपोर्ट रनवे हो रहा अपग्रेड, आज रात से रोज आठ घंटे विमान का संचालन ठपधर्मेंद्र यादव ने न्यायालय में प्रस्तुत किए गए अपने आवेदन में यह भी उल्लेख किया कि जितेंद्र की हत्या के पीछे की सच्चाई को उजागर करने के लिए पुलिस को उचित कार्रवाई करनी चाहिए. उन्होंने न्यायालय से यह भी अनुरोध किया कि मामले की जांच को तेजी से आगे बढ़ाया जाए ताकि सच सामने आ सके. इस मामले में अब रोहनिया पुलिस ने प्रोफेसर डा. राजेश मीना के खिलाफ हत्या और साक्ष्य छिपाने का मामला दर्ज कर लिया है. पुलिस ने मामले की जांच के लिए विशेष टीम का गठन किया है, जो सभी पहलुओं की गहनता से जांच करेगी.

महाशिवरात्रि - मथुरा से आई बाबा विश्‍वनाथ के लिए शगुन समाग्री, सीईओ ने किया स्‍वागत

महाशिवरात्रि - मथुरा से आई बाबा विश्‍वनाथ के लिए शगुन समाग्री, सीईओ ने किया स्‍वागत

वाराणसी : श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर में महाशिवरात्रि की तैयारी जोरशोर से चल रही है. इसी क्रम में सोमवार को मथुरा स्थित कृष्‍ण जन्‍मभूमि से भेजी गई शगुन सामग्री का आगमन हुआ. मथुरा से बाबा के लिए श्रृंगार सामग्री के साथ-साथ पूजन और प्रसाद की काफी मात्रा में सामग्री भेजी गई थी, जिसका स्वागत मुख्य कार्यपालक ने किया. महाशिवरात्रि के अवसर पर विभिन्न धार्मिक स्थलों से बाबा के लिए श्रृंगार और भोग प्रसाद की सामग्री भेजी जा रही है.हाल ही में वैष्णो देवी धाम से भी बाबा के लिए सामग्री पहुंची थी. रविवार को मथुरा से विधि-विधान पूर्वक पूजन और श्रृंगार सामग्री पारंपरिक तरीके से मथुरा से काशी के ल‍िए रवाना की गई. यह सामग्री सोमवार की सुबह बाबा दरबार में पहुंची, जिसे मंदिर प्रशासन ने स्वीकार किया. इस भेंट को महाशिवरात्रि के आयोजन में बाबा और गौरा को अर्पित किया जाएगा.विशेष प्रसाद और भोग की व्यवस्थामंदिर प्रशासन ने इस अवसर पर कहा कि यह सामग्री भक्तों की श्रद्धा और आस्था का प्रतीक है. मथुरा से भेजी गई सामग्री में विशेष रूप से फूल, फल, मिठाइयाँ और अन्य पूजन सामग्री शामिल है. यह सामग्री न केवल बाबा के श्रृंगार के लिए उपयोग की जाएगी, बल्कि भक्तों के लिए प्रसाद के रूप में भी वितरित की जाएगी.मंदिर प्रशासन ने बताया कि इस बार महाशिवरात्रि के अवसर पर विशेष तैयारियाँ की गई हैं. भक्तों की सुविधा के लिए मंदिर परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है. इसके अलावा, भक्तों के लिए विशेष प्रसाद और भोग की व्यवस्था भी की गई है.बाबा विश्‍वनाथ धारण करेंगे असमिया वैभवमहादेव की नगरी काशी में महाशिवरात्रि पर शिव–गौरा पहली बार असमिया वैभव में दिखेंगे. बाबा विश्वनाथ धारण करेंगे ‘चेलेंग–गसोमा’, तो माता गौरा रेशमी मेखेला साड़ी और जूनबीरी आभूषणों से अलंकृत होंगी. भक्त बराती बनकर उत्सव का हिस्सा बनेंगे. महाशिवरात्रि में छह दिन बचे हैं. शिव-विवाह की सदियों पुरानी परंपराओं को लेकर तैयारियां चरम पर हैं. टेढ़ीनीम स्थित विश्वनाथ मंदिर के पूर्व महंत आवास पर बाबा विश्वनाथ की हल्दी, शिव-विवाह, शिव बारात और गौना की रस्मों को लेकर माहौल भक्तिमय हो उठा है. महाशिवरात्रि पर बाबा विश्वनाथ और माता गौरा का शृंगार आकर्षण का केंद्र होगा.ALSO READ : बीएचयू के प्रोफेसर पर हत्‍या और साक्ष्‍य मिटाने का केस दर्ज, यह बताई जा रही वजहआध्‍यात्मिक परंपराओं को दिखेगा संगमपहली बार शिव–गौरा की चल प्रतिमा असमिया पारंपरिक परिधान और आभूषणों में सजेगी. पूर्व महंत के पुत्र वाचस्पति तिवारी ने बताया कि महाशिवरात्रि पर बाबा विश्वनाथ और माता गौरा के परिधान असम के शिवसागर से मंगाए गए हैं. यह शृंगार न केवल परिधान की दृष्टि से बल्कि सांस्कृतिक संदेश के रूप में भी महत्वपूर्ण है. इससे काशी और असम की प्राचीन आध्यात्मिक परंपराओं का सुंदर संगम देखने को मिलेगा.

दालंमंडी में ध्‍वस्‍तीकरण के बीच मकान मालिक ने लगा दी आग, मौके पर अफरा तफरी

दालंमंडी में ध्‍वस्‍तीकरण के बीच मकान मालिक ने लगा दी आग, मौके पर अफरा तफरी

वाराणसी : दालमंडी में सोमवार की दोपहर उस समय लोग हतप्रभ रह गए जब ध्‍वस्‍तीकरण के बीच एक मकान मालिक ने आग लगा दी. प्रत्‍यक्षदर्शियों के मुताबिक ध्वस्तीकरण के दौरान प्रशासन के दबाव बनाने पर यह घटना सामने आई. इसके बाद मौके पर काफी देर तक हड़कंप मचा रहा. तनावपूर्ण स्थिति के बीच प्रशासनिक और पुलिस प्रशासन ने भवन स्वामी को समझाने बुझाने की कोशिश की, लेकिन भवन स्वामी द्वारा आग लगाने के कारण स्थिति और भी बिगड़ गई. आनन-फानन पुलिस प्रशासन को सारी कार्रवाई कुछ देर के लिए रोकनी पड़ी. मशक्‍कत के बाद आग बुझाई गई.घटना के अनुसार, दालमंडी क्षेत्र में एक भवन का ध्वस्तीकरण किया जा रहा था. प्रशासन ने जब भवन स्वामी को ध्वस्तीकरण के लिए तैयार होने के लिए कहा, तो दबाव बनाने के बीच मकान माल‍िक ने अचानक आग लगाने का निर्णय ले लिया. उसने पेट्रोल छिडका और आग लगा दी. आग लगने के कारण धुएं का गुबार उठने लगा, जिससे लोगों में दहशत फैल गई. स्थानीय लोगों ने बताया कि आग लगने के बाद वहां अफरातफरी का माहौल बन गया. लोग इधर-उधर भागने लगे और कुछ लोग तो अपने-अपने घरों से बाहर निकल आए. पुलिस और प्रशासन ने तुरंत मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया. इस घटना ने वाराणसी में ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया को लेकर एक बार फिर से चर्चा को जन्म दिया है.दालमंडी चौड़ीकरण को लेकर सोमवार को एक बार फिर फारी फोर्स दालमंडी में भवनों पर कार्रवाई करने के लिए पहुंची. इस कार्रवाई को लेकर भवन स्वामी और फोर्स के बीच भवन संख्या सीके 43/113 ए को लेकर तक-झक देर तक चलती रही. प्रशासन ने सुरक्षा कारणों से मौके पर भारी पुलिस बल को भी इस दौरान बुला लिया.ALSO READ : महाशिवरात्रि - मथुरा से आई बाबा विश्‍वनाथ के लिए शगुन समाग्री, सीईओ ने किया स्‍वागतहाल ही में संकरे रास्ते पर ध्वस्तीकरण के बाद पहली बार बुल्डोजर पहुंचा और ध्वस्तीकरण का काम तेजी से शुरू हुआ है. माना जा रहा है कि अब रास्ता चौड़ा होने के बाद भीतर तक बुल्डोजर की पहुंच होने के कारण कार्रवाई में तेजी आई है. इस कार्रवाई के दौरान, फारी फोर्स ने भवन स्वामियों को चेतावनी दी कि यदि वे अपने भवनों को स्वयं नहीं हटाते हैं, तो प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी. इस दौरान कई भवन स्वामियों ने अपनी संपत्तियों को बचाने के लिए फारी फोर्स के सामने अपनी बात रखी, लेकिन प्रशासन ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई आवश्यक है और इसे रोका नहीं जा सकता. उधर, नगर निगम ने 21 भवनों को जर्जर घोषित किया है जिसे ध्वस्त किया जाना है. कार्रवाई से पहले एसीपी दशाश्वमेध अतुल अंजान त्रिपाठी ने फोर्स को गाइड किया.

रजिस्‍ट्री में आधार और पैन कार्ड अनिवार्य, ब्लैक मनी की एंट्री पर लगेगा विराम

रजिस्‍ट्री में आधार और पैन कार्ड अनिवार्य, ब्लैक मनी की एंट्री पर लगेगा विराम

वाराणसी : जमीन की खरीद फरोख्‍त में धांधली नहीं चलेगी. इससे जमीन सुरक्षित रहेगी और कोई भी व्यक्ति आसानी से आपकी संपत्ति को नहीं बेच सकेगा. यदि ऐसा किया गया, तो जेल जाना लगभग तय है. क्योंकि अब जमीन-जायदाद की रजिस्ट्री में क्रेता और विक्रेता को आधार और पैन कार्ड देना अनिवार्य होगा. इसके साथ ही, गवाहों का मोबाइल नंबर भी आधार से लिंक होना आवश्यक है, अन्यथा रजिस्ट्री नहीं होगी. निबंधन विभाग ने यह नियम प्रभावी कर दिया है. आधार और पैन की अनिवार्यता से संपत्ति के क्रेता और विक्रेता की पहचान स्पष्ट होगी.रजिस्ट्री दस्तावेज के साथ मूल व्यक्ति का एक पहचान पत्र साक्ष्य के रूप में हमेशा रहेगा. यदि कोई फ्रॉड करता है, तो उसकी धरपकड़ करना आसान होगा. पैन की अनिवार्यता गृह विभाग के निर्देशों के अनुसार की गई है. सूत्रों की माने तो भारत-नेपाल के सीमावर्ती क्षेत्रों में अचल संपत्ति के पंजीकरण के अंतर्गत वित्तीय अपराधों को रोकने और राष्ट्रीय सुरक्षा की दृष्टि से स्थायी खाता संख्या (पैन) को अनिवार्य रूप से लिंक कराने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं.इसी संदर्भ में महानिरीक्षक निबंधन नेहा शर्मा ने प्रदेश के सभी उप निबंधक कार्यालयों को निर्देशित किया है कि रजिस्ट्री में पैन और आधार को अनिवार्य किया जाए. सीमावर्ती क्षेत्रों में बेनामी संपत्ति का खेल काफी बढ़ गया है. जमीन का असली मालिक न होने के बावजूद स्थानीय लोगों को खड़ा कर दस्तावेजों में छेड़छाड़ कर संपत्ति का क्रय-विक्रय किया गया है, जिससे कई लोग लाभान्वित हुए हैं.ब्लैक मनी की एंट्री पर विराम लगाने के लिए, बहुत से लोग दूसरे के नाम पर जमीन खरीदते थे और ब्लैक मनी का उपयोग करते थे. अब यह प्रक्रिया आसान नहीं होगी. विक्रेता को अपनी पहचान उजागर करनी होगी और पैन कार्ड देना होगा. इस नए नियम के लागू होने से संपत्ति की रजिस्ट्री में फर्जीवाड़ा रुकेगा, जिससे मुकदमों की संख्या में कमी आएगी. वर्तमान में, जमीन-जायदाद से संबंधित फर्जी क्रय-विक्रय के मामले कोर्ट में सबसे अधिक हैं. संपूर्ण समाधान दिवस पर अक्सर यह शिकायतें आती हैं कि मेरी जमीन को किसी ने रजिस्ट्री कर दी.ALSO READ : दालंमंडी में ध्‍वस्‍तीकरण के बीच मकान मालिक ने लगा दी आग, मौके पर अफरा तफरीकई क्रेता भी ऐसे मामलों में फंस जाते हैं, जहां दस्तावेजों में छेड़छाड़ कर मूल काश्तकार को हटाकर किसी और को मालिक बना दिया जाता है. अब यह प्रक्रिया आसान नहीं होगी. नए नियमों के माध्यम से न केवल संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी, बल्कि बेनामी संपत्तियों के निर्माण पर भी रोक लगेगी. रजिस्ट्री में आधार और पैन कार्ड की अनिवार्यता से संपत्ति के लेन-देन में पारदर्शिता आएगी और वित्तीय अपराधों पर नियंत्रण पाया जा सकेगा.

वाराणसी में जाम से मिलेगी मुक्ति, मंडुआडीह फ्लाइओवर से जुडेगा ककरमत्‍ता आरओबी

वाराणसी में जाम से मिलेगी मुक्ति, मंडुआडीह फ्लाइओवर से जुडेगा ककरमत्‍ता आरओबी

वाराणसी : शहर को जाम से मुक्ति दिलाने के लिए प्रस्‍ताव तैयार है. इसके तहत मंडुवाडीह फ्लाईओवर को ककरमत्ता आरओबी से जोड़ा जाएगा. इससे एफसीआई गोदाम जाने वाली ट्रेन और बनारस स्टेशन जाने में लगने वाले जाम से मुक्ति मिल जाएगी. पहले इसे एफसीआई गोदाम के पहले ही उतारा जा रहा था, जिसके बाद भी जाम की समस्या बनी रहती थी. इसे देखते हुए पीडब्ल्यूडी ने शासन को डिजाइन भेजकर मंजूरी मांगी है. इसकी लागत लगभग 250 करोड़ रुपये है और लंबाई दो चरणों में 2200 मीटर होगी. अधिकारियों के अनुसार पहले यह फ्लाईओवर 700 मीटर तक बनना था, लेकिन अब इसे 400 मीटर और बढ़ाकर ककरमत्ता आरओबी से जोड़ा जाएगा.इससे मंडुवाडीह पेट्रोल पंप से लेकर चौराहा पार करते हुए एफसीआई गोदाम तक लगने वाले जाम से मुक्ति मिलेगी. ऊपर से ही वाहन बीएचयू और भिखारीपुर के लिए निकल जाएंगे. जिन लोगों को एफसीआई गोदाम और बनारस स्टेशन जाना होगा, वे मंडुवाडीह फ्लाईओवर के सर्विस रोड से होकर जाएंगे.फुलवरिया से मंडुवाडीह होते हुए लंका जाने वाले मार्ग पर दिनभर में हजारों वाहनों का आवागमन होता है. शहर के सर्वाधिक जाम वाले क्षेत्रों में शुमार मंडुवाडीह चौराहे का लुक बदल जाएगा. इस चौराहे पर 24 में से 12 घंटे जाम लगा रहता है. वहीं, दूसरे चरण में मंडुवाडीह चौराहे से कलेक्ट्री फार्म चौराहे तक सड़क चौड़ीकरण कराया जाएगा. चौड़ीकरण के जद में आने वाले मकानों की गिनती जारी है.पीडब्ल्यूडी ने सर्विस रोड के लिए छोड़ी जगहपीडब्ल्यूडी की ओर से लहरतारा से रवींद्रपुरी तक चौड़ी की जा रही है. पूरी सड़क फोरलेन बनाई जा रही है जिसकी चौड़ाई 26 मीटर होगी. मंडुवाडीह और भिखारीपुर के पास फ्लाईओवर के निर्माण के लिए जहां-जहां पिलर बनने हैं, वहां पाइलिंग का काम चल रहा है. सर्विस रोड के लिए जगह छोड़ी जा रही है.ALSO READ : रजिस्‍ट्री में आधार और पैन कार्ड अनिवार्य, ब्लैक मनी की एंट्री पर लगेगा विरामलहरतारा से बीएचयू जाने के लिए एंबुलेंस को फिलहाल 40 मिनट से लेकर एक घंटे तक का सफर तय करना होता है. जाम के कारण कभी-कभी इंतजार करने की अवधि और बढ़ जाती है. इनके अलावा, आम लोगों को भी समस्या होती है. दोनों फ्लाईओवरों के निर्माण के बाद, 10 किलोमीटर की इस दूरी को पूरा करने में अधिकतम 20 मिनट ही लगेंगे.