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350 रुपए के पार पहुचा पेट्रोल, इस देश में मचा हाहाकार

350 रुपए के पार पहुचा पेट्रोल, इस देश में मचा हाहाकार
Mar 07, 2026, 01:01 PM
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Posted By Preeti Kumari

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव की वजह से पाकिस्तान ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में करीब 20% की बढ़ोतरी की है. मतलब साफ है कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 55 रुपए (पाकिस्तानी रुपया) प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी की गई है. इन बढ़ते दामों की वजह कुछ और नहीं बल्कि अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग के साथ-साथ मिडिल ईस्ट का बढ़ता तनाव है. जिसकी वजह से पाकिस्तान में पेट्रोल- डीजल के तेलों की कीमतों में आग लग गई है. इन दामों को देख सबसे ज्यादा कोई परेशान है तो वो है पेट्रोल-डीजल खरीदने वाले ग्राहक जिनकी जेब पर अब हद से ज्यादा बोझ पड़ने लगा है. यहीं कारण है कि ईरान-इजरायल युद्ध से चिंतित लोगों को अब इस बात की चिंता सताने लगी है कि आखिर कब तक इस बढ़ती महंगाई का दिन देखना पड़ेगा.


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फ्यूल खरीदने वालों को डराने लगे पेट्रोल-डीजल के दाम


दरअसल, पाकिस्तान में बढ़ते पेट्रोल और डीजल के दाम अब रिटेल फ्यूल खरीदने वाले लोगों को डराने लगे है. इन बढ़ते दामों से पहले पाकिस्तान में पेट्रोल की कीमत 266 (दो सौ छियासठ).17 रुपये थी, जो अब बढ़कर 321.17 रुपये (105.62) प्रति लीटर हो गई है. वहीं हाई स्पीड वाला डीजल जो अब लोगों के लिए लो होने का एहसास कराने लगा है, इसके दाम पहले 280.86 रुपये बेचा जा रहा था, जो अब बढ़कर 335.86 (छियासी) (110) रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है. इन दामों को देख रिटेल फ्यूल खरीदने वाले लोग इसलिए टेंशन में आ गये है क्योंकि भारत की तुलना में अब ये कीमतें तीन गुना से ज्यादा रफ्तार पकड़ चुकी हैं. दिल्ली में पेट्रोल 94 चौरानबे.72 बहत्तर रुपये और डीजल 87सत्तासी.62 बासठ रुपये बेचा जा रहा है. ऐसे में अब आलम ये है कि, खरीदने से पहले लोग ये तक सोचने लगे है कि अगर इतने का पेट्रोल और डीजल खरीदेंगे तो खाएंगे क्या.


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पाक पीएम ने लोगों को दी चेतावनी


अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग का आज आठवां दिन है. जहां ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल के युद्ध की वजह से तेल की इन बढ़ती कीमतों ने लोगों के रातों की नींद उड़ा दी है. पाक पेट्रोलियम मंत्री अली परवेज़ मलिक ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर रिटेल फ्यूल कीमतों में ऐतिहासिक बढ़ोतरी की जानकारी दी है, जहां उन्होंने बताया कि, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को इस तरह का फैसला मजबूरी में लेना पड़ा है, क्योंकि, वैश्विक स्तर पर पेट्रोलियम की कीमतों में हुई भारी बढ़ोतरी का असर पाकिस्तान पर भी पड़ा है. हालांकि, पहले से ही महंगाई की मार झेल रहे पाकिस्तान को मिडिल ईस्ट ने और भी मुश्किलों बढ़ा दी है. जिससे गरीब आवाम को सबसे ज्यादा जूझना पड़ेगा. मगर हमारी पाकिस्तान सरकार के पास इसके सिवा और कोई चारा नहीं बचा है.


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गजब की बात तो यह रही कि, पाक सरकार की तरफ से फ्यूल के रेट बढ़ाए जाने के ऐलान से पहले लाहौर और कराची जैसे बड़े शहरों में पेट्रोल पंपों पर लोगों की लंबी कतारें देखी गईं. इस स्थिति को देखते हुए पीएम शहबाज शरीफ ने लोगों को फ्यूल की जमाखोरी के खिलाफ पहले ही चेतावनी दे दी है. उन्होंने साफ तौर पर कह दिया है कि जमाखोरी करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. हालांकि, सरकार कह रही है कि उनके पास पर्याप्त पेट्रोल है. लेकिन वह चाहती है कि फ्यूल का इस्तेमाल ज्यादा समय तक किया जा सके. क्योंकि मिडिल ईस्ट का संकट कब तक चलेगा, ये किसी को भी नहीं पता.

व्‍यवसायी हत्‍याकांड : कार्रवाई के लिए विधायक के नेतृत्‍व में प्रतिनधिमंडल ने की CP से मुलाकात...
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वाराणसी : रोहनिया के व्‍यवसायी जितेंद्र पटेल की गोली मारकर हुई हत्‍या को लेकर विधायक सुनील पटेल के नेतृत्‍व में एक प्रतिनधिमंडल ने शनिवार को पुलिस आयुक्‍त मोहित अग्रवाल से मुलाकात की. इस मुलाकात का मुख्य उद्देश्य अवलेशपुर में हुई हालिया घटना पर चर्चा करना था. प्रतिनिधिमंडल में वाराणसी के पूर्व महापौर, ब्लॉक प्रमुख, पार्षद सहित कई अन्य लोग भी शामिल थे.मुलाकात के मुख्य बिंदु पुलिस प्रशासन का आश्वासन: बैठक के दौरान पुलिस आयुक्त ने सभी को आश्वस्त किया कि पुलिस इस मामले पर पूरी गंभीरता और तत्परता से काम कर रही है. उन्होंने कहा कि जल्द ही दोषियों को पकड़ लिया जाएगा और उन्हें कड़ी सजा मिलेगी.दोषियों पर सख्त कार्रवाई: प्रतिनिधियों ने इस बात पर जोर दिया कि घटना में शामिल दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वे कहीं के भी हों. मामले की तह तक जाकर दोषियों को सजा दिलाने का आश्वासन दिया गया है.जांच का दायरा: मामले की जांच को लेकर यह जानकारी दी गई है कि इस घटना के लिए दो टीमें गठित की गई हैं, जो लखनऊ तक जांच करेंगी. इसके अलावा, चंदौली, बिहार और गुजरात के लिए भी टीमें लगाई गई हैं ताकि दोषियों को जल्द पकड़ा जा सके.ALSO READ : वाराणसी का स्‍वाद म‍िलेगा स्विगी के साथ, नगर निगम ने की साझेदारी...जनता से सहयोग की अपील: प्रतिनिधिमंडल ने जनता और सभी संबंधित लोगों से धैर्य बनाए रखने की अपील की है. उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग अपना काम पूरी मजबूती से कर रहा है और अपराधियों को किसी भी हाल में भागने नहीं दिया जाएगा. प्रतिनिधिमंडल ने उम्मीद जताई है कि आने वाले दिनों में मामले का पूरा खुलासा हो जाएगा और पीड़ित पक्ष को न्याय मिलेगा. बता दें कि पिछले दिनों दुकान बंद कर घर लौट रहे व्‍यवसायी की गोली मारकर हत्‍या कर दी गई थी.
वाराणसी का स्‍वाद म‍िलेगा स्विगी के साथ, नगर निगम ने की साझेदारी...
वाराणसी का स्‍वाद म‍िलेगा स्विगी के साथ, नगर निगम ने की साझेदारी...
वाराणसी : खानपान की विरासत को लेकर नगर निगम ने भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय और स्विगी के साथ मिलकर "वाराणसी का स्वाद, स्विगी के साथ" नामक एक नई पहल की शुरुआत की है. इस पहल का उद्देश्य वाराणसी की समृद्ध खाद्य विरासत का जश्न मनाना और शहर के लाखों पर्यटकों तथा निवासियों को यहां के प्रसिद्ध स्थानीय व्यंजनों तक सुविधाजनक पहुंच प्रदान करना है. इस पहल का उद्घाटन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया है.इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे उत्तर प्रदेश के स्टाम्प, न्यायालय शुल्क और पंजीकरण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) एवं विधायक (वाराणसी उत्तर) रवींद्र जायसवाल ने 12 प्रतिष्ठित स्थानीय खाद्य आउटलेट्स के प्रतिनिधियों को सम्मानित किया, जिनमें काशी चाट भंडार, चाची की प्रसिद्ध कचौरी, लक्ष्मी चाय, पहलवान लस्सी, गामा पान भंडार, नीलू कचौरी, टेस्ट किंग, पाठक जी ठंडाई वाला, नेताजी पान भंडार, गौरी शंकर कचौरी वाला और बनारसी पान मंदिर (लक्सा) शामिल हैं. इन सभी आउटलेट्स को एक औपचारिक प्रमाणन प्रदान किया गया, जो उनकी विरासत, गौरव और गुणवत्ता का प्रतीक है.जानकारी के अनुसार इस पहल के अंतर्गत वाराणसी के कुछ प्रमुख घाटों, जैसे नमो घाट, अस्सी घाट और दशाश्वमेध घाट पर पारंपरिक ठेले स्थापित किए जाएंगे. इन ठेलों पर आने वाले आगंतुक इन प्रसिद्ध स्थानीय भोजनालयों के लोकप्रिय व्यंजनों का आनंद ले सकेंगे. भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय के सचिव भुवनेश कुमार ने इस पहल पर टिप्पणी करते हुए कहा, "वाराणसी की खाद्य परंपराएं इसके इतिहास, संस्कृति और यहां के लोगों की रचनात्मकता का प्रतिबिंब हैं.बताया क‍ि स्थानीय विक्रेताओं द्वारा पीढ़ियों से तैयार किए जा रहे ये व्यंजन शहर के पर्यटन आकर्षण का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं. स्विगी की इस पहल के माध्यम से स्थानीय विक्रेताओं को एक ऐसा मंच मिलेगा, जिससे वे शहर का दौरा करने वाले पर्यटकों सहित एक बड़े दर्शक वर्ग तक पहुंच सकेंगे. इस तरह के सहयोग से हमारे खाद्य उद्यमियों के लिए स्थायी अवसर पैदा होंगे और स्थानीय खाद्य विरासत को संरक्षित करने में मदद मिलेगी."जिलाधिकारी सत्येन्द्र कुमार ने कहा, "काशी को एक विश्व स्तरीय पर्यटन स्थल में बदलना हमारे प्रधानमंत्री का दृष्टिकोण है. उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा हाल ही में घोषित 'एक जिला, एक व्यंजन' (ओडीओसी) पहल का उद्देश्य वाराणसी की पाक विरासत को भारत और वैश्विक स्तर पर बढ़ावा देना है. स्विगी की इस पहल से शहर की पारंपरिक खाद्य संस्कृति को पर्यटकों और स्थानीय लोगों के बीच और अधिक दृश्यता मिलेगी, जिससे उनकी पहचान मजबूत होगी."ALSO READ : दालमंडी चौड़ीकरण परियोजना को झटका, अगली सुनवाई तक लगी रोक...स्विगी फूड मार्केटप्लेस के सीईओ रोहित कपूर ने कहा, "भोजन किसी भी शहर की सांस्कृतिक विरासत का एक अभिन्न अंग होता है. हमें विश्वास है कि यह पहल पवित्र शहर का दौरा करने वाले लाखों पर्यटकों के बीच यहां के स्थानीय और प्रतिष्ठित व्यंजनों को बढ़ावा देने में मदद करेगी. स्विगी सुविधाजनक पहुंच के लिए जानी जाती है और इस साझेदारी के साथ, हम इस खूबसूरत शहर की पाक विरासत को तलाशने के लिए और अधिक ग्राहकों को जोड़ने के लिए उत्साहित हैं. मैं भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय और वाराणसी नगर निगम का इस विज़न को धरातल पर उतारने में उनके सहयोग के लिए आभार जताता हूं."
दालमंडी चौड़ीकरण परियोजना को झटका, अगली सुनवाई तक लगी रोक...
दालमंडी चौड़ीकरण परियोजना को झटका, अगली सुनवाई तक लगी रोक...
वाराणसी : दालमंडी मार्ग चौड़ीकरण योजना के तहत प्रस्तावित भवन ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फिलहाल रोक लगा दी है.अदालत ने अगली सुनवाई तक संबंधित संपत्ति पर यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया है, जिससे प्रभावित पक्ष को बड़ी राहत मिली है.जानकारी के अनुसार, इलाहाबाद हाईकोर्ट की खंडपीठ न्यायमूर्ति सलिल कुमार राय और न्यायमूर्ति स्वरूपमा चतुर्वेदी ने अलिमुन्निशा द्वारा दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश पारित किया. याचिका में नगर निगम वाराणसी के जोनल अधिकारी एवं सहायक नगर आयुक्त द्वारा 26 मई 2026 को उत्तर प्रदेश नगर निगम अधिनियम, 1959 की धारा 331 के तहत जारी नोटिस को चुनौती दी गई थी.याचिकाकर्ता की ओर से अदालत में दलील दी गई कि नोटिस जारी करने और ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया में प्रक्रियागत अनियमितताएं बरती गई हैं तथा बिना पर्याप्त सुनवाई का अवसर दिए कार्रवाई शुरू कर दी गई.पक्षकार ने इसे प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के विरुद्ध बताया.मामले की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट ने फिलहाल विवादित संपत्ति पर यथास्थिति बनाए रखने का निर्देश दिया है.अदालत ने स्पष्ट किया है कि अगली सुनवाई तक किसी भी प्रकार की ध्वस्तीकरण कार्रवाई नहीं की जाएगी.ALSO READ : बीएचयू के शिक्षा संकाय में संशोधित सिलेबस को मिली मंजूरी, बैठक में हुआ अनुमोदन...गौरतलब है कि दालमंडी मार्ग चौड़ीकरण परियोजना को लेकर पिछले कुछ समय से क्षेत्र में विवाद बना हुआ है.ऐसे में हाईकोर्ट का यह आदेश परियोजना से प्रभावित लोगों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है.अब सभी की निगाहें मामले की अगली सुनवाई पर टिकी हैं, जहां पक्षकार अपनी विस्तृत दलीलें अदालत के समक्ष प्रस्तुत करेंगे.