याद रहेगी वाराणसी में 40 साल बाद हुई 72वीं राष्ट्रीय सीनियर वॉलीबॉल चैंपियनशिप की उपलब्धि
वाराणसी : डॉ.संपूर्णानंद स्टेडियम सिगरा, जो अब अंतरराष्ट्रीय दर्जा प्राप्त कर चुका है, इन दिनों देश-विदेश में चर्चा का केंद्र बना हुआ है. कारण है 4 जनवरी से 72 वीं राष्ट्रीय सीनियर वॉलीबॉल चैंपियनशिप, आयोजन किया गया था. जिसका समापन 11 जनवरी को हुआ. यह प्रतियोगिता उत्तर प्रदेश में करीब 40 वर्षों बाद आयोजन किया गया.इससे पहले ऐसी चैंपियनशिप 1980-84 के दौरान कानपुर में हुई थी.इस ऐतिहासिक आयोजन के सफल संचालन में आयोजन समिति के सचिव सर्वेश पांडेय की अहम भूमिका रही. उन्होंने बताया कि इस चैंपियनशिप की तैयारी पिछले कई महीनों से की जा रही थी. आयोजन समिति में करीब 120 सदस्य शामिल थे, जिन्हें 11 अलग-अलग समितियों में बांटा गया था. इनमें ट्रांसपोर्ट, भोजन, मेडिकल, सेरेमोनियल, आवास और व्यवस्था समिति प्रमुख रहीं.1500 से अधिक खिलाड़ियों और अधिकारियों की व्यवस्थाचैंपियनशिप में देशभर से करीब 1500 से 1600 खिलाड़ी, कोच और पदाधिकारी शामिल हुए. खिलाड़ियों के ठहरने के लिए स्टेडियम परिसर के छात्रावास, धर्मसंघ, सेवा श्रम और आसपास के करीब 18 होटलों में लगभग 500 कमरे बुक किए गए. भोजन की व्यवस्था पूरी तरह केंद्रीयकृत रही, जहां खिलाड़ियों को शुद्ध शाकाहारी और हाई-प्रोटीन डाइट दी गई. भोजन में बनारसी व्यंजनों के साथ-साथ दूध, दलिया, चना, पनीर, राजमा, फल और पौष्टिक आहार शामिल रहा। खिलाड़ियों की जरूरत के अनुसार विशेष मेन्यू भी तैयार किया गया.प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की सहभागिताइस आयोजन को उस समय और गौरव मिला जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअल माध्यम से उद्घाटन किया, जबकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं कार्यक्रम में शामिल हुए. कई केंद्रीय मंत्री, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय वॉलीबॉल फेडरेशन के पदाधिकारी भी वाराणसी पहुंचे.ALSO READ : प्रमोद तिवारी का भाजपा पर तंज, बोले- मनरेगा से नाम हटाना महात्मा गांधी की वैचारिक हत्यामहापौर की भूमिका रही निर्णायकसर्वेश पांडेय ने आयोजन की सफलता का श्रेय वाराणसी के महापौर को देते हुए कहा कि उनके सहयोग के बिना इतनी बड़ी प्रतियोगिता संभव नहीं थी. खिलाड़ियों के आवागमन, ठहराव, भोजन और सम्मानजनक विदाई तक की पूरी जिम्मेदारी नगर निगम और आयोजन समिति ने मिलकर निभाई.टीमों की विदाई और प्रसाद वितरणप्रतियोगिता के समापन के बाद भी सभी टीमों की विदाई, बाबा विश्वनाथ का प्रसाद वितरण के बाद विदाई की गई.सामग्री की वापसी का कार्य जारी रहा आयोजन समिति के सदस्य सुबह से देर रात तक व्यवस्थाओं में जुटे रहे.वाराणसी में आयोजित यह राष्ट्रीय वॉलीबॉल चैंपियनशिप न सिर्फ खेल जगत के लिए, बल्कि काशी की आयोजन क्षमता और आतिथ्य परंपरा के लिए भी एक ऐतिहासिक उपलब्धि साबित हुई.