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आस्था का केंद्र: काशी का प्राचीन बनकटी हनुमान मंदिर

Feb 08, 2026, 07:09 AM
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Posted By Diksha Mishra

वाराणसी: काशी के प्राचीन हनुमान मंदिरों में बनकटी हनुमान जी का मंदिर विशेष आस्था का केंद्र माना जाता है. यह मंदिर दुर्गाकुंड के पीछे स्थित है.मान्यता है कि प्राचीन काल में इस स्थान पर घना जंगल हुआ करता था, जहां चारों ओर बड़े-बड़े वृक्ष थे.इसी वन क्षेत्र के बीच से हनुमान जी की यह स्वयंभू मूर्ति प्राप्त हुई थी, इसी कारण इन्हें बनकटी हनुमान जी कहा जाता है.


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धीरे-धीरे इस स्थान पर श्रद्धालुओं की आस्था बढ़ती गई और बनकटी हनुमान जी की पूजा-अर्चना प्रारंभ हुई. काशी प्रवास के दौरान रामचरितमानस के रचयिता गोस्वामी तुलसीदास जी भी यहां नियमित रूप से दर्शन-पूजन के लिए आते थे। कहा जाता है कि तुलसीदास जी की बनकटी हनुमान जी में गहरी श्रद्धा थी और एक बार हनुमान जी ने कोढ़ी के रूप में उन्हें साक्षात दर्शन दिए थे.


HANUMAN JI BANKATI


मान्यता है कि जो श्रद्धालु लगातार 41 दिनों तक बनकटी हनुमान जी के दर्शन करते हैं, उनकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं.मंदिर के प्रधान पुजारी के अनुसार, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय की स्थापना के समय पंडित मदन मोहन मालवीय जी ने भी 41 दिनों तक यहां दर्शन-पूजन किया था.


मंदिर परिसर में हनुमान जी की मूर्ति उत्तर-पूर्व दिशा की ओर स्थापित है.मूर्ति के ठीक सामने श्रीराम-जानकी और शिवालय का छोटा मंदिर भी स्थित है, जो इस स्थल की धार्मिक महत्ता को और बढ़ाता है.


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पुजारी जी ने बताया कि बनकटी हनुमान जी की महिमा देश ही नहीं, बल्कि विदेशों तक फैली हुई है. कई विदेशी श्रद्धालु भी यहां दर्शन करने आते हैं और अपनी मनोकामनाएं पूर्ण होने की आस्था रखते हैं.


महाप्रबंधक आशुतोष पंत ने किया बरेका इंटर कॉलेज का व्यापक निरीक्षण, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर दिया जोर
महाप्रबंधक आशुतोष पंत ने किया बरेका इंटर कॉलेज का व्यापक निरीक्षण, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर दिया जोर
वाराणसी : बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) के महाप्रबंधक श्री आशुतोष पंत ने बुधवार को बरेका इंटर कॉलेज का व्यापक निरीक्षण कर विद्यालय की शैक्षणिक, खेल एवं आधारभूत सुविधाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों को बेहतर, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने पर विशेष बल दिया।निरीक्षण के दौरान महाप्रबंधक ने विज्ञान प्रयोगशालाओं, कक्षाओं, कंप्यूटर लैब, पुस्तकालय, शौचालय तथा बास्केटबॉल कोर्ट सहित विद्यालय परिसर का विस्तृत निरीक्षण किया। उन्होंने विभिन्न सुविधाओं की गुणवत्ता, रखरखाव और स्वच्छता की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक सुधारात्मक कार्य शीघ्र पूरा करने तथा सभी संसाधनों का नियमित रखरखाव सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।ALSO READ: 30 जुलाई से शुरू होगा बीएचयू विश्वनाथ मंदिर का श्रावण महोत्सव, दर्शन के लिए विशेष व्यवस्थाइस अवसर पर प्रमुख मुख्य इंजीनियर श्री शैलेंद्र कुमार सिंह, प्रमुख मुख्य कार्मिक अधिकारी श्री लालजी चौधरी, उप महाप्रबंधक श्री सागर, उप मुख्य इंजीनियर श्री साकेत, बरेका इंटर कॉलेज के प्राचार्य श्री ए.के. माहेश्वरी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
30 जुलाई से शुरू होगा बीएचयू विश्वनाथ मंदिर का श्रावण महोत्सव, दर्शन के लिए विशेष व्यवस्था
30 जुलाई से शुरू होगा बीएचयू विश्वनाथ मंदिर का श्रावण महोत्सव, दर्शन के लिए विशेष व्यवस्था
वाराणसी : काशी हिन्दू विश्वविद्यालय स्थित श्री विश्वनाथ मंदिर में श्रावण महोत्सव-2026 का आयोजन 30 जुलाई से 28 अगस्त तक किया जाएगा। महोत्सव को लेकर मंदिर प्रशासन ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुगम दर्शन के लिए महिला एवं पुरुष श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग कतारों की व्यवस्था की गई है। वहीं, विश्वविद्यालय के कर्मचारियों और विद्यार्थियों के लिए भी अलग लाइन बनाई गई है।मंदिर प्रशासन के अनुसार श्रावण मास में रविवार, सोमवार तथा प्रदोष जैसी विशेष तिथियों पर श्रद्धालुओं की अत्यधिक भीड़ रहने की संभावना को देखते हुए 30 जुलाई से 28 अगस्त के बीच इन दिनों गर्भगृह में यजमानों का रुद्राभिषेक पूजन प्रतिबंधित रहेगा। हालांकि, सोमवार को छोड़कर अन्य विशेष तिथियों पर भीड़ की स्थिति का आकलन करने के बाद रुद्राभिषेक की अनुमति दी जा सकती है। इसके लिए श्रद्धालुओं को उसी दिन मंदिर कार्यालय से अनुमति प्राप्त करनी होगी।ALSO READ: वाराणसी में कूड़े में मिले सोने के सिक्के, कूड़ा बीनने वाले ने 60 हजार में बेचा एक सिक्काश्रद्धालुओं की सुविधा के लिए दिव्यांगजनों हेतु व्हीलचेयर, प्राथमिक उपचार (फर्स्ट एड) और शीतल पेयजल की विशेष व्यवस्था की गई है। मंदिर प्रतिदिन प्रातः 4 बजे से दोपहर 12 बजे तक तथा दोपहर 1 बजे से रात्रि 9 बजे तक दर्शन के लिए खुला रहेगा।मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे निर्धारित व्यवस्थाओं का पालन करते हुए दर्शन करें, ताकि श्रावण महोत्सव के दौरान सभी को सुगमता और सुरक्षित वातावरण में भगवान विश्वनाथ के दर्शन का लाभ मिल सके।
वाराणसी में कूड़े में मिले सोने के सिक्के, कूड़ा बीनने वाले ने 60 हजार में बेचा एक सिक्का
वाराणसी में कूड़े में मिले सोने के सिक्के, कूड़ा बीनने वाले ने 60 हजार में बेचा एक सिक्का
वाराणसी : शिवपुर थाना क्षेत्र में कूड़ा बीनने वाले एक युवक को कचरे के ढेर में सोने के सिक्के मिलने का मामला सामने आया है. युवक ने इनमें से एक सिक्का 60 हजार रुपये में बेच दिया. सूचना के बाद पुलिस ने छह सिक्के और 45 हजार रुपये नकद जब्त कर लिए. यह घटना क्षेत्र के दुधईया पोखरी इलाके की है, जहां सुरेश का परिवार कूड़ा बीनने का काम करता है.सुरेश के बेटे बबलू ने बताया कि दो दिन पहले वह शिवपुर क्षेत्र की यमुना नगर कॉलोनी के पास कूड़ा बीन रहा था. उसे कचरे के ढेर में एक पॉलिथीन मिली, जिसमें कुछ सिक्के थे. बबलू सिक्कों को घर ले आया, जहां परिवार के सदस्यों ने उन्हें सोने का बताया. इसके बाद बबलू एक ज्वैलर्स के पास गया और उसने एक सिक्का 60 हजार रुपये में बेच दिया. परिजनों को बाद में पता चला कि ये सिक्के काफी कीमती हैं. इसी बीच, बस्ती के पास क्लीनिक चलाने वाले एक डॉक्टर ने भी दो सिक्के ले लिए और बाद में पैसे देने की बात कही.ALSO READ: आईआईटी बीएचयू में परिचय कार्यक्रम, 7 दिनों तक छात्रों की हर समस्या का विशेषज्ञ करेंगे हल...धीरे-धीरे यह बात पूरे इलाके में फैल गई और पुलिस तक पहुंच गई. बबलू के भाई राजकुमार ने बताया कि कुल सात सिक्के मिले थे. इनमें से एक बेचा जा चुका था और दो डॉक्टर के पास थे. बुधवार को पुलिस बस्ती में पहुंची और घर से चार सिक्के, डॉक्टर से दो सिक्के और 45 हजार रुपये नकद कब्जे में ले लिए. राजकुमार ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उन्हें चोरी के मुकदमे में जेल भेजने की धमकी भी दी. वहीं, इस मामले में शिवपुर थाना प्रभारी अजीत कुमार वर्मा ने बताया कि चार सोने के सिक्के मिले हैं और मामले की जांच की जा रही है. नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.