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महाशिवरात्रि पर दूल्हा स्वरूप में दर्शन देंगे बाबा काशी विश्वनाथ, असम का ‘चेलेंग-गसोमा’ करेंगे धारण

महाशिवरात्रि पर दूल्हा स्वरूप में दर्शन देंगे बाबा काशी विश्वनाथ, असम का ‘चेलेंग-गसोमा’ करेंगे धारण
Feb 08, 2026, 06:56 AM
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Posted By Diksha Mishra

वाराणसी : महाशिवरात्रि पर्व पर इस वर्ष श्री काशी विश्वनाथ धाम में श्रद्धालुओं को एक विशेष और दिव्य दृश्य देखने को मिलेगा. बाबा काशी विश्वनाथ इस बार दूल्हा स्वरूप में दर्शन देंगे और असम का पारंपरिक राजसी परिधान ‘चेलेंग’ और ‘गसोमा’ धारण करेंगे. यह विशेष वस्त्र असम के ऐतिहासिक नगर शिवसागर से मंगाया गया है.


टेढ़ीनीम स्थित पूर्व महंत आवास पर होने वाले अनुष्ठानों के दौरान बाबा की चल प्रतिमा को यह असमिया परिधान पहनाया जाएगा.इससे काशी और असम की प्राचीन आध्यात्मिक परंपराओं का सुंदर संगम देखने को मिलेगा। पूर्व महंत परिवार के प्रतिनिधि पं. वाचस्पति तिवारी ने बताया कि चेलेंग-गसोमा केवल वस्त्र नहीं, बल्कि देश की दो महान सांस्कृतिक परंपराओं को जोड़ने का प्रतीक है.


13 फरवरी को हल्दी, महाशिवरात्रि पर शिव-विवाह


परंपरा के अनुसार 13 फरवरी को बाबा की हल्दी की रस्म होगी। महाशिवरात्रि के दिन शिव-विवाह संपन्न कराया जाएगा.इसके बाद टेढ़ीनीम स्थित महंत आवास को गौरा-सदनिका के रूप में सजाया जाएगा.

रंगभरी (अमलका) एकादशी के दिन माता गौरा की गौना पालकी यात्रा निकलेगी. काशीवासी रजत पालकी में बाबा विश्वनाथ और माता गौरा को विराजमान कर विश्वनाथ मंदिर तक लाएंगे, जहां होली खेलने के साथ फागोत्सव का शुभारंभ होगा.


शिव बारात में रहेगा नया आकर्षण


महंत आवास आयोजन समिति के संयोजक संजीव रत्न मिश्र ने बताया कि इस वर्ष निकलने वाली शिव बारात में बाबा की प्रतीकात्मक प्रतिमा को काशी में तैयार मलमल और जरी से बने विशेष राजसी परिधान पहनाए जाएंगे।


45 घंटे लगातार होंगे दर्शन


महाशिवरात्रि पर मंगला आरती प्रातः 02:15 बजे से 03:15 बजे तक होगी.इसके बाद गर्भगृह की सफाई के उपरांत सामान्य दर्शन शुरू होंगे, जो लगातार 45 घंटे तक चलेंगे. मंदिर 16 फरवरी 2026 को रात्रि 11 बजे बंद होगा.


ड्रोन से निगरानी, वन-वे व्यवस्था लागू


महाशिवरात्रि के दौरान भीड़ प्रबंधन महाकुंभ-2025 के पलट प्रवाह मॉडल पर किया जाएगा. संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे, छतों से निगरानी और ड्रोन का उपयोग किया जाएगा.मैदागिन–गोदौलिया मार्ग पर वन-वे और नो-व्हीकल जोन लागू रहेगा.

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बैरिकेडिंग बढ़ाई जाएगी.साथ ही शुद्ध पेयजल, खोया-पाया केंद्र, मेडिकल हेल्पडेस्क और पब्लिक एड्रेस सिस्टम की व्यवस्था की जाएगी.


वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड का उपहार


इस वर्ष माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड की ओर से बाबा विश्वनाथ के लिए विशेष उपहार और प्रसाद भेजा गया है.मंदिर न्यास के सीईओ विश्वभूषण ने इसे शक्ति और शिव के आध्यात्मिक संबंध का प्रतीक बताया.


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श्रद्धालुओं से अपील


मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे खाली पेट दर्शन के लिए न आएं, प्रतिबंधित वस्तुएं साथ न लाएं और विशेष या स्पर्श दर्शन का अनुरोध न करें.

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वाराणसी : सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय में “नारी शक्ति वंदन अधिनियम–प्रचार अभियान” के अंतर्गत आयोजित स्कूटी रैली को कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. इस अवसर पर कुलपति प्रो. शर्मा ने कहा कि “नारी शक्ति वंदन अधिनियम केवल एक कानूनी प्रावधान नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति के उस शाश्वत आदर्श का पुनर्स्थापन है, जिसमें नारी को ‘शक्ति’, ‘सृजन’ और ‘संस्कार’ का मूल स्रोत माना गया है.” उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में यह अधिनियम महिलाओं को निर्णय प्रक्रिया में सहभागी बनाकर लोकतंत्र को अधिक समावेशी, सुदृढ़ और संवेदनशील बना रहा है.रैली के उद्देश्य को स्पष्ट करते हुए उन्होंने कहा कि “इस स्कूटी रैली का प्रमुख उद्देश्य नारी सम्मान और अधिकारों के प्रति व्यापक जन-जागरण करना है, ताकि समाज के प्रत्येक वर्ग में महिलाओं के प्रति समानता, सुरक्षा और सम्मान की भावना विकसित हो. यह अभियान केवल जागरूकता तक सीमित नहीं, बल्कि महिलाओं में आत्मविश्वास, स्वावलंबन और नेतृत्व क्षमता के विकास का भी सशक्त माध्यम है.भाजपा की जिला महिला मोर्चा की कार्यालय प्रभारी सोनिया जैन बतौर मुख्य अतिथि ने कहा कि “इस प्रकार की रैलियाँ समाज में सकारात्मक सोच का संचार करती हैं, रूढ़ियों को तोड़ती हैं और युवतियों एवं महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति सजग होकर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करती हैं. जब नारी शिक्षित, सशक्त और आत्मनिर्भर बनती है, तभी सशक्त समाज और समृद्ध राष्ट्र का निर्माण संभव होता है.Also Read :दवा कारोबार के नाम पर 60.54 लाख की धोखाधड़ी, दंपती समेत तीन पर मुकदमा...रैली विश्वविद्यालय के मुख्य भवन से प्रारंभ होकर राजकीय आयुर्वेद महाविद्यालय, चौकाघाट होते हुए पुनः मुख्य परिसर में सम्पन्न हुई. इस अवसर पर प्रो जितेन्द्र कुमार,आयुर्वेद महाविद्यालय की प्रचार्या डॉ. नीलम गुप्ता,प्रो विधु द्विवेदी, प्रो दिनेश कुमार गर्ग,नोडल अधिकारी प्रो. विद्या कुमारी चंद्रा सहित अनेक महिलाओं एवं छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर कार्यक्रम को सफल बनाया. यह आयोजन नारी सशक्तिकरण, सामाजिक जागरूकता और समानता के संदेश को जन-जन तक पहुँचाने का प्रेरणादायी प्रयास रहा.
दवा कारोबार के नाम पर 60.54 लाख की धोखाधड़ी, दंपती समेत तीन पर मुकदमा...
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वाराणसी : पूर्वांचल की सबसे बड़ी दवा मंडी सप्तसागर से जुड़े दस कारोबारियों के साथ 60.54 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है. आरोप है कि एक दंपती ने क्रेडिट पर दवाएं खरीदने के बाद भुगतान नहीं किया और दबाव बनाने पर फर्जी हस्ताक्षर वाला चेक दे दिया. कोतवाली पुलिस ने सम्मिलित तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. कारोबारियों के अनुसार बड़ा गणेश क्षेत्र स्थित ‘प्रथम फार्मा’ के प्रोप्राइटर मोना मद्धेशिया, उनके पति मनीष मद्धेशिया और बेटे प्रथम मद्धेशिया ने अलग-अलग फर्मों से दवाएं उधार पर लीं, लेकिन दिसंबर 2025 से भुगतान पूरी तरह बंद कर दिया. इस दौरान दुकान खुली रही और दवाओं की बिक्री जारी रही.पीड़ितों का कहना है कि जब उन्होंने भुगतान के लिए दबाव बनाया तो मनीष ने अपनी पत्नी मोना के नाम से एक चेक दिया, जो बैंक में जमा करने पर बाउंस हो गया. इसके बाद 26 जनवरी 2026 को हुई पंचायत में फरवरी तक भुगतान करने का आश्वासन दिया गया, लेकिन अप्रैल तक भी कोई रकम वापस नहीं की गई. एसीपी कोतवाली विजय प्रताप सिंह ने बताया कि कारोबारियों की शिकायत पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है. मामले की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.Also Read: झंडा विवाद को लेकर हिंसा के बाद एक्‍शन में पुलिस, गंभीर आरोपों में मुकदमा दर्जइस मामले में सौरभ अग्रवाल की फर्म अग्रवाल एंड अग्रवाल के 2,55,099 रुपये, विष्णु कुमार गुप्ता की विष्णु एजेंसी के 8,39,349 रुपये और देवानंद कुकरेजा की नारायण एंटरप्राइजेज के 7,16,365 रुपये फंसे हैं. अन्य पीड़ितों को मिलाकर कुल ठगी की रकम 60 लाख 54 हजार रुपये बताई गई है. पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपियों की भूमिका स्पष्ट कर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
झंडा विवाद को लेकर हिंसा के बाद एक्‍शन में पुलिस, गंभीर आरोपों में मुकदमा दर्ज
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वाराणसी : चोलापुर थाना क्षेत्र के नेहिया गांव में झंडा और पोस्टर विवाद को लेकर हिंसा के बाद पुलिस एक्‍शन में आ गई है. बता दें कि पुलिस ने जब भीड़ को नियंत्रित करने की कोशिश की, तो गांव के अंदर की ओर से अचानक पथराव शुरू हो गया. हालात बिगड़ते देख पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ी, जिसके बाद भीड़ को तितर-बितर किया गया. पुलिस ने इस मामले में सख्त कार्रवाई करते हुए 11 नामजद और करीब 50 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है. आरोपियों पर हत्या के प्रयास, दंगा, सरकारी कार्य में बाधा समेत 12 गंभीर धाराएं लगाई गई हैं.फिलहाल पुलिस ने 6 संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है. गांव में अभी भी तनावपूर्ण शांति बनी हुई है और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं.बता दें कि अंबेडकर जयंती के बाद झंडा हटाने और लगाने को लेकर दो पक्ष आमने-सामने आ गए, जिससे हालात बेकाबू हो गए. प्रदर्शन कर रहे दलित समाज के लोगों ने बाबतपुर-चौबेपुर मार्ग पर जाम लगा दिया. स्थिति तब और बिगड़ गई जब पुलिस टीम मौके पर पहुंची और प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश की. इसी दौरान उग्र भीड़ ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया. इस पथराव में विदुष सक्सेना (एसीपी सारनाथ) गंभीर रूप से घायल हो गए, उनके सिर में चोट आई. इसके अलावा चोलापुर थाने के दो दरोगा भी जख्मी हो गए। सभी घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया.Also Read: हीट वेव के खतरे को देखते हुए जिला अस्‍पताल में खास इंतजाम, नहीं लगानी पड़ेगी कतार ...मामले की शुरुआत गांव के मुख्य द्वार पर झंडा लगाने को लेकर हुई. जानकारी के मुताबिक, रामनवमी के दिन यहां भगवा झंडा लगाया गया था. इसके बाद अंबेडकर जयंती पर भीम आर्मी और बसपा समर्थकों ने भगवा झंडा हटाकर नीला झंडा लगा दिया. पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दोनों झंडे हटवा दिए थे, लेकिन शुक्रवार को फिर से भगवा झंडा लगाए जाने पर विवाद भड़क गया. इसे लेकर एक पक्ष ने विरोध शुरू कर दिया, जो धीरे-धीरे उग्र प्रदर्शन में बदल गया. घटना की सूचना मिलते ही चोलापुर, चौबेपुर, फूलपुर और बड़ागांव समेत कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची. साथ ही पीएसी और आरआरएफ की टीमें भी तैनात कर दी गईं, ताकि हालात को काबू में रखा जा सके.