महाशिवरात्रि पर दूल्हा स्वरूप में दर्शन देंगे बाबा काशी विश्वनाथ, असम का ‘चेलेंग-गसोमा’ करेंगे धारण

वाराणसी : महाशिवरात्रि पर्व पर इस वर्ष श्री काशी विश्वनाथ धाम में श्रद्धालुओं को एक विशेष और दिव्य दृश्य देखने को मिलेगा. बाबा काशी विश्वनाथ इस बार दूल्हा स्वरूप में दर्शन देंगे और असम का पारंपरिक राजसी परिधान ‘चेलेंग’ और ‘गसोमा’ धारण करेंगे. यह विशेष वस्त्र असम के ऐतिहासिक नगर शिवसागर से मंगाया गया है.
टेढ़ीनीम स्थित पूर्व महंत आवास पर होने वाले अनुष्ठानों के दौरान बाबा की चल प्रतिमा को यह असमिया परिधान पहनाया जाएगा.इससे काशी और असम की प्राचीन आध्यात्मिक परंपराओं का सुंदर संगम देखने को मिलेगा। पूर्व महंत परिवार के प्रतिनिधि पं. वाचस्पति तिवारी ने बताया कि चेलेंग-गसोमा केवल वस्त्र नहीं, बल्कि देश की दो महान सांस्कृतिक परंपराओं को जोड़ने का प्रतीक है.
13 फरवरी को हल्दी, महाशिवरात्रि पर शिव-विवाह
परंपरा के अनुसार 13 फरवरी को बाबा की हल्दी की रस्म होगी। महाशिवरात्रि के दिन शिव-विवाह संपन्न कराया जाएगा.इसके बाद टेढ़ीनीम स्थित महंत आवास को गौरा-सदनिका के रूप में सजाया जाएगा.
रंगभरी (अमलका) एकादशी के दिन माता गौरा की गौना पालकी यात्रा निकलेगी. काशीवासी रजत पालकी में बाबा विश्वनाथ और माता गौरा को विराजमान कर विश्वनाथ मंदिर तक लाएंगे, जहां होली खेलने के साथ फागोत्सव का शुभारंभ होगा.
शिव बारात में रहेगा नया आकर्षण
महंत आवास आयोजन समिति के संयोजक संजीव रत्न मिश्र ने बताया कि इस वर्ष निकलने वाली शिव बारात में बाबा की प्रतीकात्मक प्रतिमा को काशी में तैयार मलमल और जरी से बने विशेष राजसी परिधान पहनाए जाएंगे।
45 घंटे लगातार होंगे दर्शन
महाशिवरात्रि पर मंगला आरती प्रातः 02:15 बजे से 03:15 बजे तक होगी.इसके बाद गर्भगृह की सफाई के उपरांत सामान्य दर्शन शुरू होंगे, जो लगातार 45 घंटे तक चलेंगे. मंदिर 16 फरवरी 2026 को रात्रि 11 बजे बंद होगा.
ड्रोन से निगरानी, वन-वे व्यवस्था लागू
महाशिवरात्रि के दौरान भीड़ प्रबंधन महाकुंभ-2025 के पलट प्रवाह मॉडल पर किया जाएगा. संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे, छतों से निगरानी और ड्रोन का उपयोग किया जाएगा.मैदागिन–गोदौलिया मार्ग पर वन-वे और नो-व्हीकल जोन लागू रहेगा.
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बैरिकेडिंग बढ़ाई जाएगी.साथ ही शुद्ध पेयजल, खोया-पाया केंद्र, मेडिकल हेल्पडेस्क और पब्लिक एड्रेस सिस्टम की व्यवस्था की जाएगी.
वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड का उपहार
इस वर्ष माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड की ओर से बाबा विश्वनाथ के लिए विशेष उपहार और प्रसाद भेजा गया है.मंदिर न्यास के सीईओ विश्वभूषण ने इसे शक्ति और शिव के आध्यात्मिक संबंध का प्रतीक बताया.
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श्रद्धालुओं से अपील
मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे खाली पेट दर्शन के लिए न आएं, प्रतिबंधित वस्तुएं साथ न लाएं और विशेष या स्पर्श दर्शन का अनुरोध न करें.


