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काशी की गुलाबी मीनाकारी का कमाल, श्रीराम मंदिर से ब्रह्मोस तक बनाई अनोखी प्रतिकृतियां

Feb 23, 2026, 01:22 PM
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Posted By Diksha Mishra

वाराणसी : धर्म और संस्कृति की नगरी काशी न केवल अपने घाटों के लिए, बल्कि अपनी बेमिसाल हस्तशिल्प कलाओं के लिए भी जानी जाती है. इन्हीं कलाओं में से एक है- गुलाबी मीनाकारी. एक समय जो कला लुप्त होने की कगार पर थी, उसे नया जीवन देने का श्रेय वाराणसी के सिद्धहस्त कलाकार कुंज बिहारी सिंह को जाता है. कुंज बिहारी सिंह ने गांडीव डिजीटल टीम से बातचीत कर बताया की गुलाबी मीनाकारी के माध्यम से अयोध्या के श्री राम मंदिर की भव्य प्रतिकृति, ब्रह्मोस मिसाइल का मॉडल तैयार कर दुनिया को हैरान कर दिया है.


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क्या है गुलाबी मीनाकारी?


गुलाबी मीनाकारी चांदी और सोने जैसी धातुओं पर की जाने वाली एक अत्यंत जटिल नक्काशी है. इसका मुख्य आकर्षण सफेद इनेमल पर किया जाने वाला गुलाबी रंग का चित्रण है, जो इसे दुनिया की अन्य मीनाकारी कलाओं से अलग बनाता है. वाराणसी को इस हुनर के लिए GI (Geographical Indication) टैग भी प्राप्त है.


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इसकी मुख्य विशेषताएँ


  1. अनूठा 'गुलाबी' रंग
  2. केवल शुद्ध धातुओं का प्रयोग
  3. पूरी तरह प्राकृतिक
  4. जटिल 'फायरिंग' प्रक्रिया
  5. भौगोलिक संकेत
  6. बारीक चित्रकारी
  7. शाही पहचान


कुंज बिहारी सिंह: कला के आधुनिक सारथी


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वाराणसी के गायघाट इलाके के रहने वाले कुंज बिहारी सिंह ने इस पुश्तैनी कला को न केवल संजोया, बल्कि इसे आधुनिक स्वरूप भी दिया. उनकी इसी मेहनत का परिणाम है कि उन्हें वर्ष 2015 के राष्ट्रीय हस्तशिल्प पुरस्कार (जो 2016 में प्रदान किया गया) से सम्मानित किया गया.

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उनकी कला की धमक सात समंदर पार भी सुनाई देती है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जब अमेरिकी उपराष्ट्रपति कमला हैरिस और अन्य विदेशी राष्ट्राध्यक्षों को उपहार भेंट किए, तो उनमें कुंज बिहारी सिंह द्वारा तैयार की गई गुलाबी मीनाकारी की कलाकृतियाँ भी शामिल थीं.


राम मंदिर से ब्रह्मोस मिसाइल तक का सफर


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कुंज बिहारी सिंह केवल पारंपरिक गहने ही नहीं बनाते, बल्कि उन्होंने गुलाबी मीनाकारी के माध्यम से अयोध्या के श्री राम मंदिर की भव्य प्रतिकृति, ब्रह्मोस मिसाइल का मॉडल और जटिल चेस बोर्ड (शतरंज) तैयार कर दुनिया को हैरान कर दिया है.

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नई पीढ़ी को संदेश


आज कुंज बिहारी सिंह कई युवाओं को इस कला का प्रशिक्षण दे रहे हैं. उनका मानना है कि 'वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट' (ODOP) योजना के तहत इस कला को वैश्विक बाजार मिला है, जिससे स्थानीय कारीगरों की आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है.

वाराणसी में एयरशो को सफल बनाने वाले पुलिस अफसर होंगे सम्मानित, 100 इंस्पेक्टरों को प्रशस्ति पत्र...
वाराणसी में एयरशो को सफल बनाने वाले पुलिस अफसर होंगे सम्मानित, 100 इंस्पेक्टरों को प्रशस्ति पत्र...
वाराणसी : गंगा किनारे काशी में तीन दिन तक एयर शो को सफल बनाने वाले पुलिस अधिकारियों और पुलिसकर्मियों का सम्मान होगा. 50 राजपत्रित अधिकारियों को डीजीपी की ओर से प्रशस्ति पत्र और विशेष योगदान देने वाले 10 वरिष्ठ अधिकारियों को प्रतिष्ठित डीजी कमेंडेशन डिस्क से सम्मानित किया जाएगा. मुस्तैदी से ड्यूटी निभाने वाले 100 इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारियों को पुलिस आयुक्त स्तर से प्रशस्ति पत्र देकर उनका हौसला बढ़ाया जाएगा. आयोजन में दिन-रात तैनात रहे अन्य सभी शेष पुलिस कर्मचारियों के योगदान को भी रेखांकित किया गया है.डीसीपी स्तर से इन सभी पुलिसकर्मियों के कैरेक्टर रोल में गुड एंट्री दर्ज की जाएगी. 22, 24 और 25 अक्‍टूबर को एयरशो और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत अन्य वीवीआईपी आगमन के दौरान भीड़ प्रबंधन, यातायात और सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाया गया. पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल के अनुसार एयरशो में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले और सराहनीय कार्य करने वाले पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को सम्मानित किया जाएगा. पुलिस महानिदेशक ने बेहतरीन व्यवस्था और सुरक्षा करने वाले अधिकारियों को प्रशस्ति पत्र व डीजी कमेंडेशन डिस्क देने की सहमति दी है.पुलिस आयुक्‍त मोहित अग्रवाल के अनुसार, एयर शो को सफलतापूर्वक संपन्न कराने वाले कमिश्नरेट के पुलिस अधिकारियों और विभिन्न जिलों से आए पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र व डीजी कमेंडेशन डिस्क से नवाजा जाएगा. डीजीपी ने इस पर सहमति दी है. इस सम्मान से अधिकारियों और कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा.ALSO READ : आईआईटी बीएचयू के दीक्षांत में कुमार मंगलम मुख्‍य अतिथि, हरजस कौर को प्रेसिडेंट मेडल...वाराणसी कमिश्नरेट पुलिस और चंदौली पुलिस ने एयरशो की सफलता को लेकर एक माह पहले से लगातार तैयारियों की समीक्षा और व्यवस्थाओं की निगरानी हो रही थी. पुलिस आयुक्त के निर्देशन में पुलिस कर्मियों के प्रशिक्षण और नो टच पॉलिसी ने कार्यक्रम को सफल बनाया. पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल, वाराणसी एडीजी जोन नवीन अरोरा, अपर पुलिस आयुक्त कानून व्यवस्था शिवहरी मीणा, वाराणसी परिक्षेत्र डीआईजी रेंज वैभव कृष्ण, चंदौली एसपी आकाश पटेल, डीसीपी वरुणा राजेश कुमार पांडेय, डीसीपी काशी गौरव बंशवाल, एडीसीपी यातायात अंशुमान मिश्रा समेत सभी काशी, वरुणा जोन के एडीसीपी, एसीपी स्तर के अधिकारियों ने योजना के तहत काम किया. घाटों पर भीड़ को सेक्टर में बांटकर 1600 से अधिक एनसीसी कैडेट और स्काउट गाइड को जिम्मेदारी साैंपी गई थी.
आईआईटी बीएचयू के दीक्षांत में कुमार मंगलम मुख्‍य अतिथि, हरजस कौर को प्रेसिडेंट मेडल...
आईआईटी बीएचयू के दीक्षांत में कुमार मंगलम मुख्‍य अतिथि, हरजस कौर को प्रेसिडेंट मेडल...
वाराणसी: आईआईटी बीएचयू का 15वां दीक्षांत समारोह 31 अक्‍टूबर को स्‍वतंत्रता भवन में आयोजित होने जा रहा है. समारोह में आदित्य बिरला समूह के चेयरमैन कुमार मंगलम बिरला मुख्य अतिथि होंगे. इसमें बीटेक इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग की छात्रा हरजस कौर को उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन के लिए प्रेसिडेंट गोल्ड मेडल प्रदान किया जाएगा. वह संस्थान के मेडल एवं पुरस्कार विजेताओं में सबसे आगे हैं. उनके खाते में 15 सम्मान दर्ज हैं.वहीं, बीटेक केमिकल इंजीनियरिंग की तनिषा अग्रवाल ने छह गोल्ड मेडल सहित नौ पुरस्कार हासिल किए हैं. सिविल इंजीनियरिंग की रेशमा खातून और इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की श्रेया श्रीवास्तव को सात-सात, जबकि मैकेनिकल इंजीनियरिंग के जतिन अग्रवाल को छह पुरस्कारों के लिए चुना गया है.हरजस कौर को बीटेक की सभी शाखाओं में उत्कृष्ट अकादमिक प्रदर्शन के लिए प्रेसिडेंट गोल्ड मेडल मिलेगा. उनके नाम सूची में 15 सम्मान दर्ज हैं, जिनमें 10 गोल्ड मेडल और एक सिल्वर मेडल शामिल हैं. उन्हें इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में प्रथम स्थान और बीटेक की सभी शाखाओं में सर्वाधिक अंक हासिल करने सहित विभिन्न उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया जाएगा.तनिषा को छह गोल्ड मेडलबीटेक केमिकल इंजीनियरिंग की तनिषा अग्रवाल को नौ पुरस्कारों के लिए चुना गया है. इनमें छह गोल्ड मेडल शामिल हैं. उन्हें विभाग में प्रथम स्थान, सर्वाधिक सीपीआइ और छात्राओं में सर्वाधिक सीपीआइ सहित विभिन्न उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया जाएगा. सिविल इंजीनियरिंग की रेशमा खातून को सात पुरस्कार मिलेंगे. इनमें शैक्षणिक प्रदर्शन के साथ आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के मेधावी विद्यार्थी के लिए निर्धारित सम्मान भी शामिल हैं. इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की श्रेया श्रीवास्तव को भी सात पुरस्कारों के लिए चुना गया है.प्रतीक और लखदीव को डायरेक्टर्स गोल्ड मेडलबीटेक के विद्यार्थियों में सर्वांगीण प्रदर्शन, संगठनात्मक क्षमता और नेतृत्व कौशल के लिए प्रतीक त्रिपाठी को डायरेक्टर्स गोल्ड मेडल प्रदान किया जाएगा. बीआर्क और इंटीग्रेटेड डुअल डिग्री के विद्यार्थियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए लखदीव मेहुलकुमार राजकुमार को यह सम्मान मिलेगा.ALSO READ: दीपावली पर वाराणसी के लाखों उज्ज्वला लाभार्थियों को मिलेगा मुफ्त गैस सिलेंडर, करना होगा यह काममैकेनिकल इंजीनियरिंग के जतिन अग्रवाल को छह पुरस्कारों के लिए चुना गया है, जबकि मेटलर्जिकल इंजीनियरिंग की अपूर्वा कशिश को चार मेडल के साथ एक लाख रुपये का आदित्य कुमार अवस्थी एंडोमेंट पुरस्कार दिया जाएगा. दीक्षांत समारोह में विभिन्न स्नातक, परास्नातक और शोध कार्यक्रमों के 2048 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की जाएंगी.
दीपावली पर वाराणसी के लाखों उज्ज्वला लाभार्थियों को मिलेगा मुफ्त गैस सिलेंडर, करना होगा यह काम
दीपावली पर वाराणसी के लाखों उज्ज्वला लाभार्थियों को मिलेगा मुफ्त गैस सिलेंडर, करना होगा यह काम
वाराणसी: दीपावली पर प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को मुफ्त गैस सिलेंडर रिफिल की सुविधा मिलेगी. वाराणसी जिले में इस बार 2,69,923 परिवारों को योजना का लाभ देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. इसके तहत केंद्र और प्रदेश सरकार मिलकर प्रति सिलेंडर रिफिल पर 1,005.50 रुपये की सहायता देंगी. इससे त्योहार के दौरान गरीब परिवारों को रसोई गैस के खर्च में राहत मिलेगी.पिछले साल से 1.04 लाख अधिक परिवारों को लाभजिला पूर्ति अधिकारी केबी सिंह के अनुसार, पिछले साल दीपावली पर जिले में 1,65,855 उज्ज्वला लाभार्थियों ने मुफ्त सिलेंडर रिफिल का लाभ लिया था. इस बार लाभार्थियों की संख्या बढ़ाकर 2,69,923 करने का लक्ष्य रखा गया है. इस तरह पिछले वर्ष की तुलना में 1,04,068 अधिक परिवारों तक योजना का लाभ पहुंचाने की तैयारी है. इससे अधिक संख्या में पात्र परिवारों को त्योहार के दौरान रसोई गैस की सुविधा मिल सकेगी.दो चरणों में संचालित होगी योजनाउज्ज्वला लाभार्थियों को सिलेंडर रिफिल पर सहायता देने की योजना दो चरणों में संचालित की जाएगी. पहला चरण अक्टूबर से दिसंबर 2026 तक चलेगा, जबकि दूसरा चरण जनवरी से मार्च 2027 तक निर्धारित है. प्रति सिलेंडर रिफिल पर केंद्र सरकार की ओर से 359.52 रुपये और प्रदेश सरकार की ओर से 645.98 रुपये की सहायता दी जाएगी. दोनों सरकारों की सहायता मिलाकर कुल राशि 1,005.50 रुपये होगी.आधार से बैंक खाता लिंक कराना अनिवार्यजिला पूर्ति अधिकारी ने उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों से अपने बैंक खातों की स्थिति जांचने की अपील की है. उन्होंने कहा कि जिन लाभार्थियों के बैंक खाते आधार से लिंक नहीं हैं या जिनका आधार सत्यापन पूरा नहीं हुआ है, वे संबंधित बैंक से संपर्क कर आवश्यक प्रक्रिया जल्द पूरी करा लें. इससे योजना के तहत सहायता राशि प्राप्त करने में आने वाली संभावित परेशानियों से बचा जा सकेगा.ALSO READ: जनगणना के ल‍िए वाराणसी नगर में 3105 प्रगणक घर-घर जाकर संकलित करेंगे परिवारों का ब्योराप्रशासन का जोर है कि पात्र लाभार्थी समय रहते बैंक खाते और आधार सत्यापन से जुड़ी औपचारिकताएं पूरी कर लें, ताकि योजना का लाभ लेने में किसी तरह की दिक्कत न हो.