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एक सप्‍ताह में कज्‍जाकपुरा फ्लाईओवर का काम हो जाएगा पूरा, मंगलायुक्‍त ने की विकास कार्यों की समीक्षा

Nov 14, 2025, 11:11 AM
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Posted By Gaandiv

वाराणसी - मंडलायुक्त एस राजलिंगम की अध्यक्षता में शुक्रवार को विकास कार्यों की मंडलीय समीक्षा बैठक हुई. समीक्षा बैठक में वाराणसी मंडल के चारों जिले वाराणसी, जौनपुर, गाजीपुर तथा चंदौली के विभिन्न विभागों की परियोजनाओं की प्रगति जांची गयी. गाजीपुर तथा जौनपुर में सेतुओं के निर्माण में देरी पर अधीक्षण अभियन्ता लोकनिर्माण को मौके पर जाकर देखने तथा रिपोर्ट देने हेतु मंडलायुक्त ने निर्देशित किया. सेतु निगम वाराणसी द्वारा बताया गया कि अगले एक सप्ताह में कज्जाकपुरा फ्लाइओवर का काम पूरा कर लिया जाएगा. मंडलायुक्त ने पुल के नीचे पानी जमा का स्थायी समाधान के लिए निर्देश दिए. लोकनिर्माण विभाग की समीक्षा में गाजीपुर, चंदौली तथा वाराणसी में निर्माणाधीन सड़कों तथा लघु सेतु की समीक्षा की गयी जिसमें मंडलायुक्त ने तेजी से कार्य कराए जाने के निर्देश दिए जिससे की अनावश्यक जनपद व मंडल की रैंक प्रभावित नहीं होने पाये. बैठक में विभिन्न सरकारी योजनाओं की प्रगति, कानून-व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा, और बुनियादी ढाँचे से जुड़ी परियोजनाओं की समीक्षा की गई. मंडलायुक्त ने निर्देश दिए कि जनकल्याणकारी योजनाओं को समयबद्ध ढंग से पूर्ण किया जाए तथा आमजन को बेहतर सेवाएँ उपलब्ध कराई जाएँ.

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सूर्यघर योजना में नहीं मिली अपेक्षित प्रगति


पीएम सूर्यघर योजना की समीक्षा की गयी, जिसमें गाजीपुर तथा जौनपुर में अपेक्षित प्रगति नहीं पाये जाने पर मंडलायुक्त ने नाराजगी जताते हुए कार्ययोजना बनाकर इंस्टालेशन की प्रक्रिया में तेजी लाने को कहा. उन्होंने सभी सीडीओ को इसको देखने तथा योजना में बिजली विभाग को सक्रिय रोल में रखने हेतु निर्देशित किया. सीडीओ गाजीपुर द्वारा बताया गया कि इस महीने लक्ष्य का 80% प्राप्त किया जायेगा. मंडलायुक्त ने सभी जिलाधिकारियों को भी अपने स्तर से भी समीक्षा कर तेजी लाने को कहा.

मुख्यमन्त्री आवास योजना में चंदौली, गाजीपुर में जियो टैग होने के बाद भी स्वीकृति में बड़े गैप पाये जाने पर वहाँ के सीडीओ द्वारा उचित कारण नहीं बताने पर कड़ी नाराजगी जताते हुए नियन्त्रण और समीक्षा करने को निर्देशित किया. डे-एनआरएलएम योजना में चंदौली को सी-ग्रेड मिलने पर जिलाधिकारी चंदौली द्वारा बताया गया कि शासन से पैसा स्वीकृत होते ही योजना में तेजी लायी जायेगी.

प्राथमिक शिक्षा की समीक्षा में सहायक निदेशक बेसिक को विभाग के कार्यों की समुचित जानकारी रखने तथा निपुण परीक्षा हेतु एसेसमेंट मेकैनिजम बनाने को कहा गया. आईसीडीएस पोषण अभियान में सैम मैम बच्चों को बाहर करने हेतु एडी चिकित्सा को उचित रोडमैप बनाकर डॉक्टर, स्टाफ नर्स को ट्रेनिंग देने तथा सीएचसी केंद्रों पर दो-तीन बेड का मिनी एनआरसी बनाने को कहा गया.

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सभी अधिकारी पूरी तैयारी के साथ बैठक में आएं


मंडलायुक्त ने मंडल के सभी अधिकारियों को पूरी तैयारी के साथ बैठक में आने को कहा. उन्होंने कहा कि जो भी मुद्दे हों उनके जवाब के साथ उपस्थित होंगे. संभावना पर कोई बात नहीं होगी. उन्होंने सभी मंडलीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि मंडलीय समीक्षा बैठक से पूर्व जिले के अधिकारियों के साथ बैठक करते हुए उसकी कार्यवृत्ति प्रस्तुत करें ताकि बैठक को ज्यादे उपयोगी बनाया जा सके.

मंडलायुक्त ने विभिन्न योजनाओं में टोल फ्री नंबरों पर आने वाली शिकायतों की उचित समीक्षा करने तथा उसके निस्तारण हेतु भी निर्देशित किया. जिलाधिकारी जौनपुर द्वारा जल जीवन मिशन के कार्यों की गुणवत्ता, रोड कटिंग, कम संख्या में मजदूर तथा तैयार ओवरहेड टैंक इंस्टाल करने की शिकायत की गयी जिसको मंडलायुक्त ने जल जीवन मिशन के अधिकारियों को देखने हेतु निर्देशित किया. फैमिली आईडी के कार्यों में तेजी हेतु गाजीपुर, चंदौली को कैंप लगाकर तेजी लाने के निर्देश दिए गए ताकि लक्षित लक्ष्यों को जल्द प्राप्त किया जा सके.

मंडलायुक्त ने गाजीपुर, चंदौली में उर्वरकों का वितरण में तेजी लाने को कहा, अनावश्यक रूप से उर्वरकों को मुख्यालय पर रोककर न रखें, समितियों को आवंटित करते रहें. धान खरीद हेतु किसानों के तहसील स्तर पर सत्यापन में भी तेजी लाने तथा क्रय केंद्रों की संख्या बढ़ाकर खरीद में तेजी लाने को निर्देशित किया गया. फार्मर रजिस्ट्री पर भी विशेष ध्यान देने हेतु निर्देशित किया गया.


डाल्फिन मॉडल विलेज के रूप में ढकवाँ चयनित


वन संरक्षक वाराणसी डॉ रवि कुमार सिंह द्वारा बैठक में वृक्षारोपण अभियान में जिलों की स्थिति को बताते हुए जियो टैगिंग के कार्यों में तेजी लाकर पूरा करने को कहा गया. उन्होंने बताया कि वाराणसी स्थित ढकवाँ को डाल्फिन मॉडल विलेज के रूप में चयनित किया गया है.

मंडलायुक्त द्वारा जिला सुरक्षा समिति की बैठक में एंटी-भू-माफिया टास्क फोर्स तथा कानून व्यवस्था की भी समीक्षा की गयी जिसमें उन्होंने सभी को एक टीम भावना के साथ मिलकर कार्य करने हेतु कहा ताकि कानून व्यवस्था पर उचित नियंत्रण रहे. उन्होंने महिला उत्पीड़न, पॉस्को एक्ट, गिरोहबंद अपराध, गैंगस्टर करवाई, गो-तस्करी पर विशेष ध्यान देने को कहा. बैठक में जिलाधिकारी वाराणसी सत्येंद्र कुमार समेत विभिन्न विभागों के मंडलीय अधिकारी उपस्थित रहे तथा जिलाधिकारी जौनपुर दिनेश चंद्र, जिलाधिकारी चंदौली चंद्रमोहन गर्ग व सीडीओ गाजीपुर वर्चुअल माध्यम से जुड़े थे.

व्‍यवसायी हत्‍याकांड : कार्रवाई के लिए विधायक के नेतृत्‍व में प्रतिनधिमंडल ने की CP से मुलाकात...
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वाराणसी : रोहनिया के व्‍यवसायी जितेंद्र पटेल की गोली मारकर हुई हत्‍या को लेकर विधायक सुनील पटेल के नेतृत्‍व में एक प्रतिनधिमंडल ने शनिवार को पुलिस आयुक्‍त मोहित अग्रवाल से मुलाकात की. इस मुलाकात का मुख्य उद्देश्य अवलेशपुर में हुई हालिया घटना पर चर्चा करना था. प्रतिनिधिमंडल में वाराणसी के पूर्व महापौर, ब्लॉक प्रमुख, पार्षद सहित कई अन्य लोग भी शामिल थे.मुलाकात के मुख्य बिंदु पुलिस प्रशासन का आश्वासन: बैठक के दौरान पुलिस आयुक्त ने सभी को आश्वस्त किया कि पुलिस इस मामले पर पूरी गंभीरता और तत्परता से काम कर रही है. उन्होंने कहा कि जल्द ही दोषियों को पकड़ लिया जाएगा और उन्हें कड़ी सजा मिलेगी.दोषियों पर सख्त कार्रवाई: प्रतिनिधियों ने इस बात पर जोर दिया कि घटना में शामिल दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वे कहीं के भी हों. मामले की तह तक जाकर दोषियों को सजा दिलाने का आश्वासन दिया गया है.जांच का दायरा: मामले की जांच को लेकर यह जानकारी दी गई है कि इस घटना के लिए दो टीमें गठित की गई हैं, जो लखनऊ तक जांच करेंगी. इसके अलावा, चंदौली, बिहार और गुजरात के लिए भी टीमें लगाई गई हैं ताकि दोषियों को जल्द पकड़ा जा सके.ALSO READ : वाराणसी का स्‍वाद म‍िलेगा स्विगी के साथ, नगर निगम ने की साझेदारी...जनता से सहयोग की अपील: प्रतिनिधिमंडल ने जनता और सभी संबंधित लोगों से धैर्य बनाए रखने की अपील की है. उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग अपना काम पूरी मजबूती से कर रहा है और अपराधियों को किसी भी हाल में भागने नहीं दिया जाएगा. प्रतिनिधिमंडल ने उम्मीद जताई है कि आने वाले दिनों में मामले का पूरा खुलासा हो जाएगा और पीड़ित पक्ष को न्याय मिलेगा. बता दें कि पिछले दिनों दुकान बंद कर घर लौट रहे व्‍यवसायी की गोली मारकर हत्‍या कर दी गई थी.
वाराणसी का स्‍वाद म‍िलेगा स्विगी के साथ, नगर निगम ने की साझेदारी...
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वाराणसी : खानपान की विरासत को लेकर नगर निगम ने भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय और स्विगी के साथ मिलकर "वाराणसी का स्वाद, स्विगी के साथ" नामक एक नई पहल की शुरुआत की है. इस पहल का उद्देश्य वाराणसी की समृद्ध खाद्य विरासत का जश्न मनाना और शहर के लाखों पर्यटकों तथा निवासियों को यहां के प्रसिद्ध स्थानीय व्यंजनों तक सुविधाजनक पहुंच प्रदान करना है. इस पहल का उद्घाटन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया है.इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे उत्तर प्रदेश के स्टाम्प, न्यायालय शुल्क और पंजीकरण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) एवं विधायक (वाराणसी उत्तर) रवींद्र जायसवाल ने 12 प्रतिष्ठित स्थानीय खाद्य आउटलेट्स के प्रतिनिधियों को सम्मानित किया, जिनमें काशी चाट भंडार, चाची की प्रसिद्ध कचौरी, लक्ष्मी चाय, पहलवान लस्सी, गामा पान भंडार, नीलू कचौरी, टेस्ट किंग, पाठक जी ठंडाई वाला, नेताजी पान भंडार, गौरी शंकर कचौरी वाला और बनारसी पान मंदिर (लक्सा) शामिल हैं. इन सभी आउटलेट्स को एक औपचारिक प्रमाणन प्रदान किया गया, जो उनकी विरासत, गौरव और गुणवत्ता का प्रतीक है.जानकारी के अनुसार इस पहल के अंतर्गत वाराणसी के कुछ प्रमुख घाटों, जैसे नमो घाट, अस्सी घाट और दशाश्वमेध घाट पर पारंपरिक ठेले स्थापित किए जाएंगे. इन ठेलों पर आने वाले आगंतुक इन प्रसिद्ध स्थानीय भोजनालयों के लोकप्रिय व्यंजनों का आनंद ले सकेंगे. भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय के सचिव भुवनेश कुमार ने इस पहल पर टिप्पणी करते हुए कहा, "वाराणसी की खाद्य परंपराएं इसके इतिहास, संस्कृति और यहां के लोगों की रचनात्मकता का प्रतिबिंब हैं.बताया क‍ि स्थानीय विक्रेताओं द्वारा पीढ़ियों से तैयार किए जा रहे ये व्यंजन शहर के पर्यटन आकर्षण का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं. स्विगी की इस पहल के माध्यम से स्थानीय विक्रेताओं को एक ऐसा मंच मिलेगा, जिससे वे शहर का दौरा करने वाले पर्यटकों सहित एक बड़े दर्शक वर्ग तक पहुंच सकेंगे. इस तरह के सहयोग से हमारे खाद्य उद्यमियों के लिए स्थायी अवसर पैदा होंगे और स्थानीय खाद्य विरासत को संरक्षित करने में मदद मिलेगी."जिलाधिकारी सत्येन्द्र कुमार ने कहा, "काशी को एक विश्व स्तरीय पर्यटन स्थल में बदलना हमारे प्रधानमंत्री का दृष्टिकोण है. उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा हाल ही में घोषित 'एक जिला, एक व्यंजन' (ओडीओसी) पहल का उद्देश्य वाराणसी की पाक विरासत को भारत और वैश्विक स्तर पर बढ़ावा देना है. स्विगी की इस पहल से शहर की पारंपरिक खाद्य संस्कृति को पर्यटकों और स्थानीय लोगों के बीच और अधिक दृश्यता मिलेगी, जिससे उनकी पहचान मजबूत होगी."ALSO READ : दालमंडी चौड़ीकरण परियोजना को झटका, अगली सुनवाई तक लगी रोक...स्विगी फूड मार्केटप्लेस के सीईओ रोहित कपूर ने कहा, "भोजन किसी भी शहर की सांस्कृतिक विरासत का एक अभिन्न अंग होता है. हमें विश्वास है कि यह पहल पवित्र शहर का दौरा करने वाले लाखों पर्यटकों के बीच यहां के स्थानीय और प्रतिष्ठित व्यंजनों को बढ़ावा देने में मदद करेगी. स्विगी सुविधाजनक पहुंच के लिए जानी जाती है और इस साझेदारी के साथ, हम इस खूबसूरत शहर की पाक विरासत को तलाशने के लिए और अधिक ग्राहकों को जोड़ने के लिए उत्साहित हैं. मैं भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय और वाराणसी नगर निगम का इस विज़न को धरातल पर उतारने में उनके सहयोग के लिए आभार जताता हूं."
दालमंडी चौड़ीकरण परियोजना को झटका, अगली सुनवाई तक लगी रोक...
दालमंडी चौड़ीकरण परियोजना को झटका, अगली सुनवाई तक लगी रोक...
वाराणसी : दालमंडी मार्ग चौड़ीकरण योजना के तहत प्रस्तावित भवन ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फिलहाल रोक लगा दी है.अदालत ने अगली सुनवाई तक संबंधित संपत्ति पर यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया है, जिससे प्रभावित पक्ष को बड़ी राहत मिली है.जानकारी के अनुसार, इलाहाबाद हाईकोर्ट की खंडपीठ न्यायमूर्ति सलिल कुमार राय और न्यायमूर्ति स्वरूपमा चतुर्वेदी ने अलिमुन्निशा द्वारा दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश पारित किया. याचिका में नगर निगम वाराणसी के जोनल अधिकारी एवं सहायक नगर आयुक्त द्वारा 26 मई 2026 को उत्तर प्रदेश नगर निगम अधिनियम, 1959 की धारा 331 के तहत जारी नोटिस को चुनौती दी गई थी.याचिकाकर्ता की ओर से अदालत में दलील दी गई कि नोटिस जारी करने और ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया में प्रक्रियागत अनियमितताएं बरती गई हैं तथा बिना पर्याप्त सुनवाई का अवसर दिए कार्रवाई शुरू कर दी गई.पक्षकार ने इसे प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के विरुद्ध बताया.मामले की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट ने फिलहाल विवादित संपत्ति पर यथास्थिति बनाए रखने का निर्देश दिया है.अदालत ने स्पष्ट किया है कि अगली सुनवाई तक किसी भी प्रकार की ध्वस्तीकरण कार्रवाई नहीं की जाएगी.ALSO READ : बीएचयू के शिक्षा संकाय में संशोधित सिलेबस को मिली मंजूरी, बैठक में हुआ अनुमोदन...गौरतलब है कि दालमंडी मार्ग चौड़ीकरण परियोजना को लेकर पिछले कुछ समय से क्षेत्र में विवाद बना हुआ है.ऐसे में हाईकोर्ट का यह आदेश परियोजना से प्रभावित लोगों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है.अब सभी की निगाहें मामले की अगली सुनवाई पर टिकी हैं, जहां पक्षकार अपनी विस्तृत दलीलें अदालत के समक्ष प्रस्तुत करेंगे.