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आईआईटी बीएचयू में परिचय कार्यक्रम, 7 दिनों तक छात्रों की हर समस्या का विशेषज्ञ करेंगे हल...

आईआईटी बीएचयू में परिचय कार्यक्रम, 7 दिनों तक छात्रों की हर समस्या का विशेषज्ञ करेंगे हल...
Jul 29, 2026, 10:33 AM
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Posted By Diksha Mishra

वाराणसी : आईआईटी बीएचयू में नव प्रवेशी स्‍नातक छात्रों के लिए परिचय कार्यक्रम - 2026 की शुरूआत बुधवार को स्वतंत्रता भवन में की गई. कार्यक्रम के पहले दिन संस्थान के निदेशक प्रो. अमित पात्रा ने नए विद्यार्थियों के अभिभावकों से संवाद करते हुए उनका संस्थान परिवार में स्वागत किया, उनकी जिज्ञासाओं और शंकाओं का विस्तारपूर्वक समाधान किया. अपने संबोधन में प्रो. अमित पात्रा ने कहा कि आईआईटी (बीएचयू) केवल उत्कृष्ट तकनीकी शिक्षा प्रदान करने वाला संस्थान ही नहीं, बल्कि नवाचार, अनुसंधान, नेतृत्व क्षमता, सामाजिक उत्तरदायित्व एवं मानवीय मूल्यों के विकास के लिए भी प्रतिबद्ध है.



BHU

उन्होंने कहा कि संस्थान छात्रों को विश्वस्तरीय शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने के साथ-साथ उनके सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर प्रयासरत है. उन्होंने अभिभावकों को आश्वस्त किया कि छात्रों की शैक्षणिक प्रगति, सुरक्षा, मानसिक स्वास्थ्य और व्यक्तिगत विकास के लिए संस्थान में सुदृढ़ एवं संवेदनशील व्यवस्था उपलब्ध है. संवाद सत्र के दौरान अभिभावकों ने शैक्षणिक व्यवस्था, छात्रावास, सुरक्षा, मेंटरशिप, अनुसंधान, प्लेसमेंट, छात्र कल्याण तथा परिसर जीवन से जुड़े विभिन्न प्रश्न पूछे. निदेशक ने सभी प्रश्नों का विस्तार से उत्तर देते हुए अभिभावकों को आश्वस्त किया कि संस्थान प्रत्येक विद्यार्थी को सुरक्षित, सकारात्मक एवं प्रेरणादायी वातावरण उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है.


ओरिएंटेशन एवं इंडक्शन प्रोग्राम के अंतर्गत आगामी दिनों में विद्यार्थियों को संस्थान की शैक्षणिक प्रणाली, अनुसंधान संस्कृति, छात्र सहायता सेवाओं, खेल, संस्कृति, नवाचार तथा सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों से परिचित कराया जाएगा. 30 जुलाई को नवप्रवेशी छात्रों का पंजीकरण होगा. इसके बाद स्वतंत्रता भवन में चेयरमैन-जेईई, डीन (अकादमिक अफेयर्स), प्रोफेसर इंचार्ज (ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट) तथा डीन (रिसोर्स एंड एलुमनाई) विद्यार्थियों को संबोधित करेंगे. इस दौरान उन्हें संस्थान की शैक्षणिक व्यवस्था, प्रशिक्षण एवं प्लेसमेंट की संभावनाओं तथा पूर्व छात्रों के नेटवर्क से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान की जाएंगी.


31 जुलाई को विभिन्न विभागों एवं स्कूलों में विभागीय ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जहां विभागाध्यक्ष एवं संकाय सदस्य विद्यार्थियों और अभिभावकों को संबंधित विषयों की शैक्षणिक एवं अनुसंधान गतिविधियों से अवगत कराएंगे. इसके अतिरिक्त विद्यार्थियों को डीन (स्टूडेंट्स अफेयर्स), चेयरमैन-सीओडब्ल्यू, डीन (रिसर्च एंड डेवलपमेंट) तथा मुख्य प्रॉक्टर द्वारा संस्थान की विभिन्न व्यवस्थाओं एवं छात्र जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी जाएगी. कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों का डायग्नोस्टिक टेस्ट भी आयोजित होगा.


1 अगस्त को विद्यार्थियों के लिए प्रातःकालीन कैंपस वॉक आयोजित होगी. इसके बाद वे अपने-अपने विभागों में अनुसंधान प्रयोगशालाओं एवं अन्य सुविधाओं का भ्रमण करेंगे. शाम को स्वतंत्रता भवन में कमांडर वीरेंद्र कुमार जेटली का प्रेरक व्याख्यान आयोजित किया जाएगा, जो विद्यार्थियों को जीवन, अनुशासन और नेतृत्व से जुड़े महत्वपूर्ण संदेश देंगे.

2 अगस्त को विद्यार्थियों के लिए शारीरिक एवं टीम-बिल्डिंग गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा. इसके पश्चात काउंसलिंग प्रोफेशनल्स (CP), पीयर मेंटर्स के साथ संवाद सत्र आयोजित होंगे, जिनका उद्देश्य विद्यार्थियों को नए शैक्षणिक एवं सामाजिक वातावरण में सहजता से स्वयं को स्थापित करने में सहायता प्रदान करना है.

3 अगस्त को विद्यार्थियों का परिचय संस्थान की विभिन्न छात्र परिषदों एवं गतिविधियों से कराया जाएगा। इस दौरान स्टूडेंट काउंसलिंग सर्विसेज (SAKHA), स्टूडेंट्स पार्लियामेंट, फिल्म एवं मीडिया काउंसिल, सांस्कृतिक परिषद तथा सोशल सर्विस काउंसिल अपनी गतिविधियों से विद्यार्थियों को अवगत कराएंगी. कार्यक्रम के अंत में विभिन्न छात्र संगठनों एवं क्लबों की प्रदर्शनी भी आयोजित की जाएगी.

4 अगस्त को साइंस एंड टेक्नोलॉजी काउंसिल, गेम्स एंड स्पोर्ट्स काउंसिल, ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट सेल, स्टूडेंट एलुमनाई इंटरैक्शन सेल (SAIC), पीआर सेल, ई-सेल, रिसर्च सेल तथा संस्थान के काउंसलर्स विद्यार्थियों को उपलब्ध अवसरों, सुविधाओं एवं छात्र सहायता तंत्र की जानकारी देंगे, दिन का समापन छात्र गतिविधियों से संबंधित स्टॉल प्रदर्शनी के साथ होगा.

5 अगस्त को विद्यार्थियों के लिए संस्थान का व्यापक कैंपस विजिट आयोजित किया जाएगा. इस दौरान उन्हें आईआईटी (बीएचयू) के प्रमुख शैक्षणिक विभागों, केंद्रीय अनुसंधान सुविधाओं, पुस्तकालय, छात्र गतिविधि केंद्र, नवाचार एवं उद्यमिता केंद्र सहित संस्थान के विभिन्न महत्वपूर्ण स्थलों का भ्रमण कराया जाएगा। इसके पश्चात विभागों में फैकल्टी मेंटर्स द्वारा फीडबैक सत्र आयोजित किए जाएंगे, ताकि विद्यार्थी अपने अनुभव साझा कर सकें.

8 अगस्त को ओरिएंटेशन एवं इंडक्शन प्रोग्राम का समापन "डिनर विद फ्रेशर्स" के साथ होगा, जिसमें संस्थान के वरिष्ठ अधिकारी एवं नवप्रवेशित विद्यार्थी एक साथ सहभागिता करेंगे.



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यह आयोजन विद्यार्थियों और संस्थान प्रशासन के बीच आत्मीय संवाद स्थापित करने तथा संस्थान परिवार के साथ उनके जुड़ाव को और मजबूत बनाने का अवसर प्रदान करेगा. सप्ताहभर चलने वाला यह ओरिएंटेशन एवं इंडक्शन प्रोग्राम नवप्रवेशित विद्यार्थियों को आईआईटी (बीएचयू) की शैक्षणिक उत्कृष्टता, अनुसंधान परंपरा, नवाचार संस्कृति, छात्र सहायता प्रणाली, खेल, सांस्कृतिक एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों तथा जीवंत परिसर जीवन से परिचित कराएगा. कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में आत्मविश्वास का संचार करते हुए उन्हें एक सफल, संतुलित एवं प्रेरणादायी शैक्षणिक यात्रा के लिए तैयार करना है.

नशामुक्त भारत के संदेश के साथ BHU में निकली ‘संडे ऑन साइकिल’ रैली.
नशामुक्त भारत के संदेश के साथ BHU में निकली ‘संडे ऑन साइकिल’ रैली.
वाराणसी: नशामुक्त भारत अभियान के तहत रविवार को काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) में राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के तत्वावधान में ‘संडे ऑन साइकिल’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के जरिए युवाओं को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने और नशामुक्त भारत का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया गया।मालवीय भवन प्रांगण से कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने हरी झंडी दिखाकर साइकिल रैली को रवाना किया। इस दौरान विश्वविद्यालय के कुलसचिव राजन श्रीवास्तव, वरिष्ठ अधिकारी, शिक्षक, NSS स्वयंसेवक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।कार्यक्रम के दौरान कुलपति ने युवाओं से नशे से दूर रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवा न केवल स्वयं नशे से बचें, बल्कि अपने आसपास के लोगों और समाज को भी इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करें। उन्होंने नशामुक्त समाज के निर्माण में युवाओं की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।also read: विश्व आदिवासी दिवस पर बरेका में निकली भव्य शोभायात्रा, पारंपरिक वेशभूषा में दिखी संस्कृति की झलकसाइकिल रैली में शामिल प्रतिभागियों ने नशामुक्त भारत का संदेश लोगों तक पहुंचाया और युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित किया। रैली के माध्यम से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और समाज में नशे के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने का संदेश दिया गया।कार्यक्रम का समन्वयन काशी हिंदू विश्वविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना की कार्यक्रम समन्वयक डॉ. स्वप्ना मीना ने किया। आयोजन में विश्वविद्यालय परिवार के साथ बड़ी संख्या में विद्यार्थियों की भागीदारी रही।
विश्व आदिवासी दिवस पर बरेका में निकली भव्य शोभायात्रा, पारंपरिक वेशभूषा में दिखी संस्कृति की झलक
विश्व आदिवासी दिवस पर बरेका में निकली भव्य शोभायात्रा, पारंपरिक वेशभूषा में दिखी संस्कृति की झलक
वाराणसी: विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर रविवार को बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) में आदिवासी परिवार, बरेका के तत्वावधान में भव्य शोभायात्रा और सांस्कृतिक समारोह का आयोजन किया गया। आयोजन में आदिवासी समाज की समृद्ध संस्कृति, लोक परंपराओं और सामाजिक एकता की आकर्षक झलक देखने को मिली।शाम चार बजे बरेका सेंट जॉन स्कूल, गेट संख्या-2 से शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा कुंदन तिराहा और सूर्य सरोवर मार्ग होते हुए इंटर कॉलेज चौराहे पहुंची। यहां भगवान गौतम बुद्ध, जननायक बिरसा मुंडा और भारत रत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इसके बाद शोभायात्रा पश्चिमी संस्थान, जलालीपट्टी पहुंचकर संपन्न हुई।शोभायात्रा में बड़ी संख्या में महिला, पुरुष, युवा और बच्चे पारंपरिक आदिवासी वेशभूषा में शामिल हुए। रंग-बिरंगे परिधानों के साथ पारंपरिक गीत-संगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने माहौल को उत्साह और उल्लास से भर दिया। रास्ते में स्थानीय लोगों ने भी शोभायात्रा का उत्साहपूर्वक स्वागत किया।पश्चिमी संस्थान, जलालीपट्टी में आयोजित सांस्कृतिक समारोह में आदिवासी समाज की विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आकर्षण का केंद्र रहीं। वक्ताओं ने आदिवासी समुदाय की समृद्ध परंपराओं और प्रकृति के साथ उनके गहरे जुड़ाव को रेखांकित किया। उन्होंने सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने और उसे नई पीढ़ी तक पहुंचाने की जरूरत पर भी जोर दिया।also read: श्रावण में भास्करा पोखरा पर पुलिस अलर्ट, गहरे पानी में जाने से बचने की अपीलकार्यक्रम के दौरान सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक विविधता और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने का संदेश दिया गया। आयोजन में बरेका के अधिकारी, कर्मचारी, उनके परिजन, आदिवासी महिला समिति के सदस्य और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।इस अवसर पर सहायक कार्मिक अधिकारी (कर्मशाला) पीयूष मिंज, जनसंपर्क अधिकारी राजेश कुमार, आरपीएफ इंस्पेक्टर प्रमोद लकड़ा, पूर्व संयुक्त सचिव बरेका अमर सिंह, कालू मांझी सहित आदिवासी परिवार बरेका के सुदर्शन उरांव, दिलीप तिर्की, सुचित कुजूर, अजय कुमार तिर्की, संजीवन तिर्की और अजय तिग्गा मौजूद रहे। वहीं आदिवासी महिला समिति की सपना टोप्पो, तारा मैरी मिंज, प्रेमा लिली टोप्पो, अनुपमा और बंदना बारला सहित बड़ी संख्या में महिलाओं ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की।
श्रावण में भास्करा पोखरा पर पुलिस अलर्ट, गहरे पानी में जाने से बचने की अपील
श्रावण में भास्करा पोखरा पर पुलिस अलर्ट, गहरे पानी में जाने से बचने की अपील
वाराणसी: श्रावण माह में रोहनिया क्षेत्र स्थित भास्करा पोखरा में श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है। श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की अनहोनी से बचाने के लिए पुलिस की ओर से लगातार जागरूक किया जा रहा है।एसीपी रोहनिया अवधेश विश्वकर्मा ने भास्करा पोखरा पहुंचने वाले श्रद्धालुओं से अपील की कि वे निर्धारित और सुरक्षित स्थान पर ही स्नान करें। उन्होंने कहा कि श्रद्धालु किसी भी स्थिति में गहरे पानी में न जाएं और सुरक्षा मानकों की अनदेखी न करें।also read: आँसुओं, आक्रोश के बाद खुले आसमान के नीचे दालमंडीएसीपी ने खासतौर पर बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावकों से सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि बच्चों को अकेले पानी के पास न जाने दें और स्नान के दौरान उन पर लगातार नजर बनाए रखें। थोड़ी सी लापरवाही गंभीर हादसे का कारण बन सकती है।पुलिस प्रशासन की ओर से श्रावण माह के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक सतर्कता बरती जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे पुलिस के निर्देशों का पालन करें और धार्मिक आस्था के साथ अपनी सुरक्षा का भी विशेष ध्यान रखें। अधिकारियों का कहना है कि सामूहिक सहयोग और सतर्कता से ही श्रावण माह के आयोजनों को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाया जा सकता है।