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यूजीसी के नये नियमों के समर्थन में बीएचयू में एससी, एसटी और ओबीसी छात्रों ने भरी हुंकार, प्रदर्शन

Feb 03, 2026, 11:46 AM
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Posted By Diksha Mishra

वाराणसी - यूजीसी के नए नियमों के समर्थन में मंगलवार को बनारस हिंदू विश्‍वविद्यालय में एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग के छात्रों ने प्रदर्शन किया. छात्रों ने यूजीसी बिल को लागू करवाने की मांग की. इस दौरान विश्‍वविद्यालय परिसर में पुल‍िस और सुरक्षाकर्मियों ने मोर्चा संभाल रखा था.

इस प्रदर्शन का आयोजन विश्वविद्यालय स्थित विश्वनाथ मंदिर के पास किया गया, जहां छात्रों ने अपनी आवाज उठाई और सरकार से इस बिल को शीघ्र लागू करने की अपील की. छात्रों का कहना है कि यूजीसी बिल के लागू होने से उच्च शिक्षा में समानता और अवसरों की वृद्धि होगी. उन्होंने यह भी बताया कि इस बिल के माध्यम से शिक्षा के क्षेत्र में सामाजिक न्याय को सुनिश्चित किया जा सकेगा. प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने नारेबाजी की और अपने अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुटता दिखाई.

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छात्रों ने इस बात पर जोर दिया कि यूजीसी बिल के लागू होने से न केवल उनके अधिकारों की रक्षा होगी, बल्कि यह शिक्षा के क्षेत्र में एक सकारात्मक बदलाव भी लाएगा. उन्होंने सरकार से अपील की कि वह इस बिल को जल्द से जल्द पारित करे ताकि सभी छात्रों को समान अवसर मिल सके. इस प्रदर्शन ने विश्वविद्यालय परिसर में सतर्कता बढ़ा दी गई है. छात्रों का मानना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, वे अपने आंदोलन को जारी रखेंगे. उन्होंने कहा कि यह केवल उनके अधिकारों की बात नहीं है, बल्कि यह सभी छात्रों के भविष्य से जुड़ा हुआ है. बीएचयू में हुए इस प्रदर्शन के दौरान छात्रों की एकजुटता के बीच सुरक्षा कर्म‍ियों की भी मौके पर तैनाती की गई है.

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छात्र छात्राओं का प्रदर्शन दोपहर में शुरू हुआ तो काफी देर तक पर‍िसर में नारेबाजी चलती रही. जबक‍ि बीएचयू प्रशासन ने छात्र छात्राओं को समझाने की कोश‍िश भी की लेकि‍न वह अपनी मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन करते रहे. प्रदर्शन को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर सुरक्षाकर्मियों को सडक पर उतार दिया. वहीं भारी पुलिस बल को तैनात किया गया. पुलिस ने छात्रों को शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करने की अनुमति दी, लेकिन किसी भी प्रकार की अव्यवस्था को रोकने के लिए सतर्कता बरती गई. जुलूस के आगे और पीछे पुलिस की सक्रियता देखी गई.

30 जुलाई से शुरू होगा बीएचयू विश्वनाथ मंदिर का श्रावण महोत्सव, दर्शन के लिए विशेष व्यवस्था
30 जुलाई से शुरू होगा बीएचयू विश्वनाथ मंदिर का श्रावण महोत्सव, दर्शन के लिए विशेष व्यवस्था
वाराणसी : काशी हिन्दू विश्वविद्यालय स्थित श्री विश्वनाथ मंदिर में श्रावण महोत्सव-2026 का आयोजन 30 जुलाई से 28 अगस्त तक किया जाएगा। महोत्सव को लेकर मंदिर प्रशासन ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुगम दर्शन के लिए महिला एवं पुरुष श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग कतारों की व्यवस्था की गई है। वहीं, विश्वविद्यालय के कर्मचारियों और विद्यार्थियों के लिए भी अलग लाइन बनाई गई है।मंदिर प्रशासन के अनुसार श्रावण मास में रविवार, सोमवार तथा प्रदोष जैसी विशेष तिथियों पर श्रद्धालुओं की अत्यधिक भीड़ रहने की संभावना को देखते हुए 30 जुलाई से 28 अगस्त के बीच इन दिनों गर्भगृह में यजमानों का रुद्राभिषेक पूजन प्रतिबंधित रहेगा। हालांकि, सोमवार को छोड़कर अन्य विशेष तिथियों पर भीड़ की स्थिति का आकलन करने के बाद रुद्राभिषेक की अनुमति दी जा सकती है। इसके लिए श्रद्धालुओं को उसी दिन मंदिर कार्यालय से अनुमति प्राप्त करनी होगी।ALSO READ: वाराणसी में कूड़े में मिले सोने के सिक्के, कूड़ा बीनने वाले ने 60 हजार में बेचा एक सिक्काश्रद्धालुओं की सुविधा के लिए दिव्यांगजनों हेतु व्हीलचेयर, प्राथमिक उपचार (फर्स्ट एड) और शीतल पेयजल की विशेष व्यवस्था की गई है। मंदिर प्रतिदिन प्रातः 4 बजे से दोपहर 12 बजे तक तथा दोपहर 1 बजे से रात्रि 9 बजे तक दर्शन के लिए खुला रहेगा।मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे निर्धारित व्यवस्थाओं का पालन करते हुए दर्शन करें, ताकि श्रावण महोत्सव के दौरान सभी को सुगमता और सुरक्षित वातावरण में भगवान विश्वनाथ के दर्शन का लाभ मिल सके।
वाराणसी में कूड़े में मिले सोने के सिक्के, कूड़ा बीनने वाले ने 60 हजार में बेचा एक सिक्का
वाराणसी में कूड़े में मिले सोने के सिक्के, कूड़ा बीनने वाले ने 60 हजार में बेचा एक सिक्का
वाराणसी : शिवपुर थाना क्षेत्र में कूड़ा बीनने वाले एक युवक को कचरे के ढेर में सोने के सिक्के मिलने का मामला सामने आया है. युवक ने इनमें से एक सिक्का 60 हजार रुपये में बेच दिया. सूचना के बाद पुलिस ने छह सिक्के और 45 हजार रुपये नकद जब्त कर लिए. यह घटना क्षेत्र के दुधईया पोखरी इलाके की है, जहां सुरेश का परिवार कूड़ा बीनने का काम करता है.सुरेश के बेटे बबलू ने बताया कि दो दिन पहले वह शिवपुर क्षेत्र की यमुना नगर कॉलोनी के पास कूड़ा बीन रहा था. उसे कचरे के ढेर में एक पॉलिथीन मिली, जिसमें कुछ सिक्के थे. बबलू सिक्कों को घर ले आया, जहां परिवार के सदस्यों ने उन्हें सोने का बताया. इसके बाद बबलू एक ज्वैलर्स के पास गया और उसने एक सिक्का 60 हजार रुपये में बेच दिया. परिजनों को बाद में पता चला कि ये सिक्के काफी कीमती हैं. इसी बीच, बस्ती के पास क्लीनिक चलाने वाले एक डॉक्टर ने भी दो सिक्के ले लिए और बाद में पैसे देने की बात कही.ALSO READ: आईआईटी बीएचयू में परिचय कार्यक्रम, 7 दिनों तक छात्रों की हर समस्या का विशेषज्ञ करेंगे हल...धीरे-धीरे यह बात पूरे इलाके में फैल गई और पुलिस तक पहुंच गई. बबलू के भाई राजकुमार ने बताया कि कुल सात सिक्के मिले थे. इनमें से एक बेचा जा चुका था और दो डॉक्टर के पास थे. बुधवार को पुलिस बस्ती में पहुंची और घर से चार सिक्के, डॉक्टर से दो सिक्के और 45 हजार रुपये नकद कब्जे में ले लिए. राजकुमार ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उन्हें चोरी के मुकदमे में जेल भेजने की धमकी भी दी. वहीं, इस मामले में शिवपुर थाना प्रभारी अजीत कुमार वर्मा ने बताया कि चार सोने के सिक्के मिले हैं और मामले की जांच की जा रही है. नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.
आईआईटी बीएचयू में परिचय कार्यक्रम, 7 दिनों तक छात्रों की हर समस्या का विशेषज्ञ करेंगे हल...
आईआईटी बीएचयू में परिचय कार्यक्रम, 7 दिनों तक छात्रों की हर समस्या का विशेषज्ञ करेंगे हल...
वाराणसी : आईआईटी बीएचयू में नव प्रवेशी स्‍नातक छात्रों के लिए परिचय कार्यक्रम - 2026 की शुरूआत बुधवार को स्वतंत्रता भवन में की गई. कार्यक्रम के पहले दिन संस्थान के निदेशक प्रो. अमित पात्रा ने नए विद्यार्थियों के अभिभावकों से संवाद करते हुए उनका संस्थान परिवार में स्वागत किया, उनकी जिज्ञासाओं और शंकाओं का विस्तारपूर्वक समाधान किया. अपने संबोधन में प्रो. अमित पात्रा ने कहा कि आईआईटी (बीएचयू) केवल उत्कृष्ट तकनीकी शिक्षा प्रदान करने वाला संस्थान ही नहीं, बल्कि नवाचार, अनुसंधान, नेतृत्व क्षमता, सामाजिक उत्तरदायित्व एवं मानवीय मूल्यों के विकास के लिए भी प्रतिबद्ध है.उन्होंने कहा कि संस्थान छात्रों को विश्वस्तरीय शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने के साथ-साथ उनके सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर प्रयासरत है. उन्होंने अभिभावकों को आश्वस्त किया कि छात्रों की शैक्षणिक प्रगति, सुरक्षा, मानसिक स्वास्थ्य और व्यक्तिगत विकास के लिए संस्थान में सुदृढ़ एवं संवेदनशील व्यवस्था उपलब्ध है. संवाद सत्र के दौरान अभिभावकों ने शैक्षणिक व्यवस्था, छात्रावास, सुरक्षा, मेंटरशिप, अनुसंधान, प्लेसमेंट, छात्र कल्याण तथा परिसर जीवन से जुड़े विभिन्न प्रश्न पूछे. निदेशक ने सभी प्रश्नों का विस्तार से उत्तर देते हुए अभिभावकों को आश्वस्त किया कि संस्थान प्रत्येक विद्यार्थी को सुरक्षित, सकारात्मक एवं प्रेरणादायी वातावरण उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है.ओरिएंटेशन एवं इंडक्शन प्रोग्राम के अंतर्गत आगामी दिनों में विद्यार्थियों को संस्थान की शैक्षणिक प्रणाली, अनुसंधान संस्कृति, छात्र सहायता सेवाओं, खेल, संस्कृति, नवाचार तथा सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों से परिचित कराया जाएगा. 30 जुलाई को नवप्रवेशी छात्रों का पंजीकरण होगा. इसके बाद स्वतंत्रता भवन में चेयरमैन-जेईई, डीन (अकादमिक अफेयर्स), प्रोफेसर इंचार्ज (ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट) तथा डीन (रिसोर्स एंड एलुमनाई) विद्यार्थियों को संबोधित करेंगे. इस दौरान उन्हें संस्थान की शैक्षणिक व्यवस्था, प्रशिक्षण एवं प्लेसमेंट की संभावनाओं तथा पूर्व छात्रों के नेटवर्क से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान की जाएंगी.31 जुलाई को विभिन्न विभागों एवं स्कूलों में विभागीय ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जहां विभागाध्यक्ष एवं संकाय सदस्य विद्यार्थियों और अभिभावकों को संबंधित विषयों की शैक्षणिक एवं अनुसंधान गतिविधियों से अवगत कराएंगे. इसके अतिरिक्त विद्यार्थियों को डीन (स्टूडेंट्स अफेयर्स), चेयरमैन-सीओडब्ल्यू, डीन (रिसर्च एंड डेवलपमेंट) तथा मुख्य प्रॉक्टर द्वारा संस्थान की विभिन्न व्यवस्थाओं एवं छात्र जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी जाएगी. कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों का डायग्नोस्टिक टेस्ट भी आयोजित होगा.1 अगस्त को विद्यार्थियों के लिए प्रातःकालीन कैंपस वॉक आयोजित होगी. इसके बाद वे अपने-अपने विभागों में अनुसंधान प्रयोगशालाओं एवं अन्य सुविधाओं का भ्रमण करेंगे. शाम को स्वतंत्रता भवन में कमांडर वीरेंद्र कुमार जेटली का प्रेरक व्याख्यान आयोजित किया जाएगा, जो विद्यार्थियों को जीवन, अनुशासन और नेतृत्व से जुड़े महत्वपूर्ण संदेश देंगे.2 अगस्त को विद्यार्थियों के लिए शारीरिक एवं टीम-बिल्डिंग गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा. इसके पश्चात काउंसलिंग प्रोफेशनल्स (CP), पीयर मेंटर्स के साथ संवाद सत्र आयोजित होंगे, जिनका उद्देश्य विद्यार्थियों को नए शैक्षणिक एवं सामाजिक वातावरण में सहजता से स्वयं को स्थापित करने में सहायता प्रदान करना है.3 अगस्त को विद्यार्थियों का परिचय संस्थान की विभिन्न छात्र परिषदों एवं गतिविधियों से कराया जाएगा। इस दौरान स्टूडेंट काउंसलिंग सर्विसेज (SAKHA), स्टूडेंट्स पार्लियामेंट, फिल्म एवं मीडिया काउंसिल, सांस्कृतिक परिषद तथा सोशल सर्विस काउंसिल अपनी गतिविधियों से विद्यार्थियों को अवगत कराएंगी. कार्यक्रम के अंत में विभिन्न छात्र संगठनों एवं क्लबों की प्रदर्शनी भी आयोजित की जाएगी.4 अगस्त को साइंस एंड टेक्नोलॉजी काउंसिल, गेम्स एंड स्पोर्ट्स काउंसिल, ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट सेल, स्टूडेंट एलुमनाई इंटरैक्शन सेल (SAIC), पीआर सेल, ई-सेल, रिसर्च सेल तथा संस्थान के काउंसलर्स विद्यार्थियों को उपलब्ध अवसरों, सुविधाओं एवं छात्र सहायता तंत्र की जानकारी देंगे, दिन का समापन छात्र गतिविधियों से संबंधित स्टॉल प्रदर्शनी के साथ होगा.5 अगस्त को विद्यार्थियों के लिए संस्थान का व्यापक कैंपस विजिट आयोजित किया जाएगा. इस दौरान उन्हें आईआईटी (बीएचयू) के प्रमुख शैक्षणिक विभागों, केंद्रीय अनुसंधान सुविधाओं, पुस्तकालय, छात्र गतिविधि केंद्र, नवाचार एवं उद्यमिता केंद्र सहित संस्थान के विभिन्न महत्वपूर्ण स्थलों का भ्रमण कराया जाएगा। इसके पश्चात विभागों में फैकल्टी मेंटर्स द्वारा फीडबैक सत्र आयोजित किए जाएंगे, ताकि विद्यार्थी अपने अनुभव साझा कर सकें.8 अगस्त को ओरिएंटेशन एवं इंडक्शन प्रोग्राम का समापन "डिनर विद फ्रेशर्स" के साथ होगा, जिसमें संस्थान के वरिष्ठ अधिकारी एवं नवप्रवेशित विद्यार्थी एक साथ सहभागिता करेंगे.ALSO READ:पुलिस का बड़ा एक्शन अंतरराज्यीय साइबर गिरोह का भंडाफोड़ 5 आरोपी गिरफ्तार...यह आयोजन विद्यार्थियों और संस्थान प्रशासन के बीच आत्मीय संवाद स्थापित करने तथा संस्थान परिवार के साथ उनके जुड़ाव को और मजबूत बनाने का अवसर प्रदान करेगा. सप्ताहभर चलने वाला यह ओरिएंटेशन एवं इंडक्शन प्रोग्राम नवप्रवेशित विद्यार्थियों को आईआईटी (बीएचयू) की शैक्षणिक उत्कृष्टता, अनुसंधान परंपरा, नवाचार संस्कृति, छात्र सहायता प्रणाली, खेल, सांस्कृतिक एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों तथा जीवंत परिसर जीवन से परिचित कराएगा. कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में आत्मविश्वास का संचार करते हुए उन्हें एक सफल, संतुलित एवं प्रेरणादायी शैक्षणिक यात्रा के लिए तैयार करना है.