यूजीसी के नये नियमों के समर्थन में बीएचयू में एससी, एसटी और ओबीसी छात्रों ने भरी हुंकार, प्रदर्शन
वाराणसी - यूजीसी के नए नियमों के समर्थन में मंगलवार को बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग के छात्रों ने प्रदर्शन किया. छात्रों ने यूजीसी बिल को लागू करवाने की मांग की. इस दौरान विश्वविद्यालय परिसर में पुलिस और सुरक्षाकर्मियों ने मोर्चा संभाल रखा था.
इस प्रदर्शन का आयोजन विश्वविद्यालय स्थित विश्वनाथ मंदिर के पास किया गया, जहां छात्रों ने अपनी आवाज उठाई और सरकार से इस बिल को शीघ्र लागू करने की अपील की. छात्रों का कहना है कि यूजीसी बिल के लागू होने से उच्च शिक्षा में समानता और अवसरों की वृद्धि होगी. उन्होंने यह भी बताया कि इस बिल के माध्यम से शिक्षा के क्षेत्र में सामाजिक न्याय को सुनिश्चित किया जा सकेगा. प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने नारेबाजी की और अपने अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुटता दिखाई.

छात्रों ने इस बात पर जोर दिया कि यूजीसी बिल के लागू होने से न केवल उनके अधिकारों की रक्षा होगी, बल्कि यह शिक्षा के क्षेत्र में एक सकारात्मक बदलाव भी लाएगा. उन्होंने सरकार से अपील की कि वह इस बिल को जल्द से जल्द पारित करे ताकि सभी छात्रों को समान अवसर मिल सके. इस प्रदर्शन ने विश्वविद्यालय परिसर में सतर्कता बढ़ा दी गई है. छात्रों का मानना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, वे अपने आंदोलन को जारी रखेंगे. उन्होंने कहा कि यह केवल उनके अधिकारों की बात नहीं है, बल्कि यह सभी छात्रों के भविष्य से जुड़ा हुआ है. बीएचयू में हुए इस प्रदर्शन के दौरान छात्रों की एकजुटता के बीच सुरक्षा कर्मियों की भी मौके पर तैनाती की गई है.

छात्र छात्राओं का प्रदर्शन दोपहर में शुरू हुआ तो काफी देर तक परिसर में नारेबाजी चलती रही. जबकि बीएचयू प्रशासन ने छात्र छात्राओं को समझाने की कोशिश भी की लेकिन वह अपनी मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन करते रहे. प्रदर्शन को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर सुरक्षाकर्मियों को सडक पर उतार दिया. वहीं भारी पुलिस बल को तैनात किया गया. पुलिस ने छात्रों को शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करने की अनुमति दी, लेकिन किसी भी प्रकार की अव्यवस्था को रोकने के लिए सतर्कता बरती गई. जुलूस के आगे और पीछे पुलिस की सक्रियता देखी गई.



