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याद रहेगी वाराणसी में 40 साल बाद हुई 72वीं राष्ट्रीय सीनियर वॉलीबॉल चैंपियनशिप की उपलब्धि

Jan 12, 2026, 10:03 AM
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Posted By Gaandiv

वाराणसी : डॉ.संपूर्णानंद स्टेडियम सिगरा, जो अब अंतरराष्ट्रीय दर्जा प्राप्त कर चुका है, इन दिनों देश-विदेश में चर्चा का केंद्र बना हुआ है. कारण है 4 जनवरी से 72 वीं राष्ट्रीय सीनियर वॉलीबॉल चैंपियनशिप, आयोजन किया गया था. जिसका समापन 11 जनवरी को हुआ. यह प्रतियोगिता उत्तर प्रदेश में करीब 40 वर्षों बाद आयोजन किया गया.इससे पहले ऐसी चैंपियनशिप 1980-84 के दौरान कानपुर में हुई थी.

इस ऐतिहासिक आयोजन के सफल संचालन में आयोजन समिति के सचिव सर्वेश पांडेय की अहम भूमिका रही. उन्होंने बताया कि इस चैंपियनशिप की तैयारी पिछले कई महीनों से की जा रही थी. आयोजन समिति में करीब 120 सदस्य शामिल थे, जिन्हें 11 अलग-अलग समितियों में बांटा गया था. इनमें ट्रांसपोर्ट, भोजन, मेडिकल, सेरेमोनियल, आवास और व्यवस्था समिति प्रमुख रहीं.


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1500 से अधिक खिलाड़ियों और अधिकारियों की व्यवस्था


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चैंपियनशिप में देशभर से करीब 1500 से 1600 खिलाड़ी, कोच और पदाधिकारी शामिल हुए. खिलाड़ियों के ठहरने के लिए स्टेडियम परिसर के छात्रावास, धर्मसंघ, सेवा श्रम और आसपास के करीब 18 होटलों में लगभग 500 कमरे बुक किए गए. भोजन की व्यवस्था पूरी तरह केंद्रीयकृत रही, जहां खिलाड़ियों को शुद्ध शाकाहारी और हाई-प्रोटीन डाइट दी गई. भोजन में बनारसी व्यंजनों के साथ-साथ दूध, दलिया, चना, पनीर, राजमा, फल और पौष्टिक आहार शामिल रहा। खिलाड़ियों की जरूरत के अनुसार विशेष मेन्यू भी तैयार किया गया.


प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की सहभागिता


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इस आयोजन को उस समय और गौरव मिला जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअल माध्यम से उद्घाटन किया, जबकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं कार्यक्रम में शामिल हुए. कई केंद्रीय मंत्री, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय वॉलीबॉल फेडरेशन के पदाधिकारी भी वाराणसी पहुंचे.


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महापौर की भूमिका रही निर्णायक


सर्वेश पांडेय ने आयोजन की सफलता का श्रेय वाराणसी के महापौर को देते हुए कहा कि उनके सहयोग के बिना इतनी बड़ी प्रतियोगिता संभव नहीं थी. खिलाड़ियों के आवागमन, ठहराव, भोजन और सम्मानजनक विदाई तक की पूरी जिम्मेदारी नगर निगम और आयोजन समिति ने मिलकर निभाई.


टीमों की विदाई और प्रसाद वितरण


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प्रतियोगिता के समापन के बाद भी सभी टीमों की विदाई, बाबा विश्वनाथ का प्रसाद वितरण के बाद विदाई की गई.सामग्री की वापसी का कार्य जारी रहा आयोजन समिति के सदस्य सुबह से देर रात तक व्यवस्थाओं में जुटे रहे.


वाराणसी में आयोजित यह राष्ट्रीय वॉलीबॉल चैंपियनशिप न सिर्फ खेल जगत के लिए, बल्कि काशी की आयोजन क्षमता और आतिथ्य परंपरा के लिए भी एक ऐतिहासिक उपलब्धि साबित हुई.

महाप्रबंधक आशुतोष पंत ने किया बरेका इंटर कॉलेज का व्यापक निरीक्षण, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर दिया जोर
महाप्रबंधक आशुतोष पंत ने किया बरेका इंटर कॉलेज का व्यापक निरीक्षण, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर दिया जोर
वाराणसी : बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) के महाप्रबंधक श्री आशुतोष पंत ने बुधवार को बरेका इंटर कॉलेज का व्यापक निरीक्षण कर विद्यालय की शैक्षणिक, खेल एवं आधारभूत सुविधाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों को बेहतर, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने पर विशेष बल दिया।निरीक्षण के दौरान महाप्रबंधक ने विज्ञान प्रयोगशालाओं, कक्षाओं, कंप्यूटर लैब, पुस्तकालय, शौचालय तथा बास्केटबॉल कोर्ट सहित विद्यालय परिसर का विस्तृत निरीक्षण किया। उन्होंने विभिन्न सुविधाओं की गुणवत्ता, रखरखाव और स्वच्छता की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक सुधारात्मक कार्य शीघ्र पूरा करने तथा सभी संसाधनों का नियमित रखरखाव सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।ALSO READ: 30 जुलाई से शुरू होगा बीएचयू विश्वनाथ मंदिर का श्रावण महोत्सव, दर्शन के लिए विशेष व्यवस्थाइस अवसर पर प्रमुख मुख्य इंजीनियर श्री शैलेंद्र कुमार सिंह, प्रमुख मुख्य कार्मिक अधिकारी श्री लालजी चौधरी, उप महाप्रबंधक श्री सागर, उप मुख्य इंजीनियर श्री साकेत, बरेका इंटर कॉलेज के प्राचार्य श्री ए.के. माहेश्वरी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
30 जुलाई से शुरू होगा बीएचयू विश्वनाथ मंदिर का श्रावण महोत्सव, दर्शन के लिए विशेष व्यवस्था
30 जुलाई से शुरू होगा बीएचयू विश्वनाथ मंदिर का श्रावण महोत्सव, दर्शन के लिए विशेष व्यवस्था
वाराणसी : काशी हिन्दू विश्वविद्यालय स्थित श्री विश्वनाथ मंदिर में श्रावण महोत्सव-2026 का आयोजन 30 जुलाई से 28 अगस्त तक किया जाएगा। महोत्सव को लेकर मंदिर प्रशासन ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुगम दर्शन के लिए महिला एवं पुरुष श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग कतारों की व्यवस्था की गई है। वहीं, विश्वविद्यालय के कर्मचारियों और विद्यार्थियों के लिए भी अलग लाइन बनाई गई है।मंदिर प्रशासन के अनुसार श्रावण मास में रविवार, सोमवार तथा प्रदोष जैसी विशेष तिथियों पर श्रद्धालुओं की अत्यधिक भीड़ रहने की संभावना को देखते हुए 30 जुलाई से 28 अगस्त के बीच इन दिनों गर्भगृह में यजमानों का रुद्राभिषेक पूजन प्रतिबंधित रहेगा। हालांकि, सोमवार को छोड़कर अन्य विशेष तिथियों पर भीड़ की स्थिति का आकलन करने के बाद रुद्राभिषेक की अनुमति दी जा सकती है। इसके लिए श्रद्धालुओं को उसी दिन मंदिर कार्यालय से अनुमति प्राप्त करनी होगी।ALSO READ: वाराणसी में कूड़े में मिले सोने के सिक्के, कूड़ा बीनने वाले ने 60 हजार में बेचा एक सिक्काश्रद्धालुओं की सुविधा के लिए दिव्यांगजनों हेतु व्हीलचेयर, प्राथमिक उपचार (फर्स्ट एड) और शीतल पेयजल की विशेष व्यवस्था की गई है। मंदिर प्रतिदिन प्रातः 4 बजे से दोपहर 12 बजे तक तथा दोपहर 1 बजे से रात्रि 9 बजे तक दर्शन के लिए खुला रहेगा।मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे निर्धारित व्यवस्थाओं का पालन करते हुए दर्शन करें, ताकि श्रावण महोत्सव के दौरान सभी को सुगमता और सुरक्षित वातावरण में भगवान विश्वनाथ के दर्शन का लाभ मिल सके।
वाराणसी में कूड़े में मिले सोने के सिक्के, कूड़ा बीनने वाले ने 60 हजार में बेचा एक सिक्का
वाराणसी में कूड़े में मिले सोने के सिक्के, कूड़ा बीनने वाले ने 60 हजार में बेचा एक सिक्का
वाराणसी : शिवपुर थाना क्षेत्र में कूड़ा बीनने वाले एक युवक को कचरे के ढेर में सोने के सिक्के मिलने का मामला सामने आया है. युवक ने इनमें से एक सिक्का 60 हजार रुपये में बेच दिया. सूचना के बाद पुलिस ने छह सिक्के और 45 हजार रुपये नकद जब्त कर लिए. यह घटना क्षेत्र के दुधईया पोखरी इलाके की है, जहां सुरेश का परिवार कूड़ा बीनने का काम करता है.सुरेश के बेटे बबलू ने बताया कि दो दिन पहले वह शिवपुर क्षेत्र की यमुना नगर कॉलोनी के पास कूड़ा बीन रहा था. उसे कचरे के ढेर में एक पॉलिथीन मिली, जिसमें कुछ सिक्के थे. बबलू सिक्कों को घर ले आया, जहां परिवार के सदस्यों ने उन्हें सोने का बताया. इसके बाद बबलू एक ज्वैलर्स के पास गया और उसने एक सिक्का 60 हजार रुपये में बेच दिया. परिजनों को बाद में पता चला कि ये सिक्के काफी कीमती हैं. इसी बीच, बस्ती के पास क्लीनिक चलाने वाले एक डॉक्टर ने भी दो सिक्के ले लिए और बाद में पैसे देने की बात कही.ALSO READ: आईआईटी बीएचयू में परिचय कार्यक्रम, 7 दिनों तक छात्रों की हर समस्या का विशेषज्ञ करेंगे हल...धीरे-धीरे यह बात पूरे इलाके में फैल गई और पुलिस तक पहुंच गई. बबलू के भाई राजकुमार ने बताया कि कुल सात सिक्के मिले थे. इनमें से एक बेचा जा चुका था और दो डॉक्टर के पास थे. बुधवार को पुलिस बस्ती में पहुंची और घर से चार सिक्के, डॉक्टर से दो सिक्के और 45 हजार रुपये नकद कब्जे में ले लिए. राजकुमार ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उन्हें चोरी के मुकदमे में जेल भेजने की धमकी भी दी. वहीं, इस मामले में शिवपुर थाना प्रभारी अजीत कुमार वर्मा ने बताया कि चार सोने के सिक्के मिले हैं और मामले की जांच की जा रही है. नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.