प्रमोद तिवारी का भाजपा पर तंज, बोले- मनरेगा से नाम हटाना महात्मा गांधी की वैचारिक हत्या

वाराणसी : कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्य सभा सदस्य प्रमोद तिवारी सोमवार को वाराणसी में थे. उन्होंने भाजपा पर तंज कसा और कहा कि महात्मा गांधी की शारीरिक हत्या नाथूराम गोडसे ने की थी, लेकिन अब उनकी वैचारिक हत्या भाजपा कर रही है. उन्होंने मनरेगा से महात्मा गांधी का नाम हटाने को इसी प्रक्रिया का हिस्सा बताया. प्रमोद तिवारी ने आरोप लगाया कि सरकार महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना को समाप्त करने की दिशा में तेजी से बढ़ रही है. कहा कि अब मनरेगा में रोजगार की गारंटी समाप्त हो गई है और यह अन्य योजनाओं की तरह हो गई है.

उन्होंने कहा कि मनरेगा योजना में पहले राज्य सरकार 10 प्रतिशत का अंशदान करती थी, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 40 प्रतिशत करना होगा. उन्होंने सवाल उठाया कि कर्ज में डूबी राज्य सरकार यह काम कैसे कर पाएगी. सिगरा स्थित होटल सिद्धार्थ में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि मनरेगा योजना ने कोरोना के दौरान गरीबों को दो वक्त की रोटी मुहैया कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी. कांग्रेस इस योजना को किसी भी हाल में समाप्त नहीं होने देगी और इसके लिए संघर्ष करती रहेगी.
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उन्होंने सरकार को चेतावनी दी कि यदि निरंकुश सरकार मनरेगा को वापस नहीं लेगी, तो कांग्रेस की सरकार बनने पर 24 घंटे के भीतर इस योजना में महात्मा गांधी का नाम जोड़ा जाएगा और इसे पूर्व की तरह प्रभावी बनाया जाएगा.
तिवारी ने एसआईआर (सामाजिक पहचान रजिस्ट्रेशन) के संबंध में कहा कि उनका विरोध इस प्रक्रिया की गति को लेकर है. उन्होंने कहा कि यह कार्य दो या तीन महीने का नहीं है, इसके लिए छह महीने या एक साल का समय दिया जाना चाहिए. उन्होंने बताया कि पूरे उत्तर प्रदेश में तीन करोड़ मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से काटे गए हैं, जो लोग दूर-दराज जाकर रोजी-रोटी के लिए संघर्ष कर रहे हैं.
उन्होंने कहा कि इस कार्य को जल्दीबाजी में पूरा कराने का दबाव पूरे प्रदेश ने देखा है और कई बीएलओ इस दबाव में मर गए. कांग्रेस पार्टी अगले 100 दिनों में कई महत्वपूर्ण कार्यों को अंजाम देने की योजना बना रही है, जिसमें संविधान संवाद महापंचायत, मनरेगा बचाओ संग्राम, एसआईआर में छूटे वोटरों का नाम जुड़वाना, पंचायत चुनाव, सेवा बलिदान के 140 वर्ष, एमएलसी चुनाव और संगठन सृजन जैसे कार्यक्रम शामिल हैं.
तिवारी ने एनएसयूआइ के नेताओं पर पुलिस कार्रवाई की निंदा की और कहा कि सरकार लोकतंत्र की हत्या कर रही है और आवाज उठाने वालों की आवाज दबा रही है. उन्होंने प्रियंका गांधी का जन्मदिन मनाते हुए स्थानीय पदाधिकारियों के साथ केक काटा और उनकी दीर्घायु की कामना की। प्रमोद तिवारी ने कांग्रेस की योजनाओं और सरकार की नीतियों पर गंभीर चिंता व्यक्त की और पार्टी के आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा प्रस्तुत की.



