163 शौचालय फिर भी परेशानी काशी में गंदगी से लोग परेशान
वाराणसी: धर्म नगरी काशी में दर्शन की सुविधा तो मिल जाती है लेकिन जरूरत के समय शौचालय ढूंढना लोगों के लिए बड़ी परेशानी बन जाता है . वाराणसी में हर दिन लाखों श्रद्धालु पर्यटक और स्थानीय लोग दर्शन इलाज खरीदारी और काम के सिलसिले में शहर पहुंचते हैं. बढ़ती भीड़ के बीच अब शहर की बुनियादी सुविधाओं पर सवाल खड़े होने लगे हैं.
आंकड़ों के मुताबिक शहर में कुल 163 शौचालय हैं जिनमें 61 सार्वजनिक शौचालय 94 सामुदायिक शौचालय महिलाओं के लिए केवल 8 पिंक टॉयलेट और एक किन्नर शौचालय शामिल है. हैरानी की बात यह है कि इतने शौचालय होने के बावजूद कई जगहों पर गंदगी का अंबार दिखाई देता है. कई टॉयलेट बदहाल हालत में हैं और कई जगहों पर साफ-सफाई का समुचित इंतजाम भी नहीं दिखता.
नगर निगम का कहना है कि सभी सार्वजनिक शौचालयों की सफाई की जिम्मेदारी संबंधित संचालकों को दी गई है और नियमित सफाई के निर्देश भी जारी किए गए हैं. अगर कहीं गंदगी या लापरवाही पाई जाती है तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी. नगर निगम के अनुसार फिलहाल शहर में महिलाओं के लिए 8 पिंक टॉयलेट हैं और 36 नए पिंक टॉयलेट बनाने की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है जो आने वाले कुछ महीनों में तैयार हो सकते हैं.
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हालांकि शहर के लोगों का कहना है कि कई पब्लिक टॉयलेट में साफ-सफाई की स्थिति ठीक नहीं है. महिलाओं का कहना है कि कई जगहों पर हैंडवॉश नैपकिन और सेनेटरी पैड जैसी सुविधाएं उपलब्ध नहीं होतीं जिससे उन्हें काफी परेशानी होती है. कई बार मजबूरी में लोगों को रेस्टोरेंट या अन्य जगहों का सहारा लेना पड़ता है.
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लोगों का कहना है कि सिर्फ शौचालय बनाना ही काफी नहीं है बल्कि उनकी नियमित सफाई और बेहतर हाइजीन व्यवस्था भी जरूरी है. क्योंकि गंदगी और खराब सफाई के कारण बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है.ऐसे में शहर आने वाले पर्यटकों आम नागरिकों और खासकर महिलाओं को वॉशरूम की समस्या से जूझना पड़ रहा है.



