काशी-विद्यापीठ के छात्रों ने फूंकी पीएम -सीएम की होर्डिंग, यूजीसी गो-बैक के लगे नारे, परीक्षाएं रद
वाराणसी : यूजीसी के नये नियमों को लेकर वाराणसी में छात्रों का विरोध बढता जा रहा है. महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के छात्रों ने बुधवार को यूजीसी के नए नियमों के खिलाफ सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया. पीएम मोदी और सीएम योगी की हार्डिंग में आग लगा दी. कक्षाओं में ताले जड दिए. छात्रों के विरोध के चलते परिक्षाएं रद कर दी गईं. छात्रों का यह आंदोलन विशेष रूप से सवर्ण वर्ग के छात्रों के बीच में भारी रोष का परिणाम है. प्रदर्शनकारी छात्र जुलूस निकालकर पंत प्रशासनिक भवन के सामने धरने पर बैठे और नारेबाजी करते रहे. इस स्थिति को देखते हुए विश्वविद्यालय परिसर में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है.

छात्रों की मुख्य मांग यूजीसी द्वारा जारी किए गए विवादित 'इक्विटी रेगुलेशन 2026' को वापस लेना है. छात्रों का आरोप है कि ये नए नियम परिसरों में जातिवाद को बढ़ावा देंगे और सामान्य वर्ग के मेधावी छात्रों के अधिकारों का हनन करेंगे. हाथों में तख्तियां लिए हुए छात्रों ने केंद्र सरकार और यूजीसी के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की. छात्र नेताओं ने इस नियम को 'काला कानून' करार देते हुए इसे तुरंत वापस लेने की मांग की है.

प्रदर्शन के दौरान, छात्र नेताओं ने कहा कि यूजीसी के नए नियमों से शिक्षा का स्तर गिर जाएगा और यह सामान्य वर्ग के छात्रों के लिए अन्यायपूर्ण है. उनका कहना है कि इस प्रकार के नियमों से समाज में विभाजन बढ़ेगा और छात्रों के बीच असमानता को बढ़ावा मिलेगा.
ALSO READ : मरीजों के मसीहा पद्मश्री डाॅ. टीके लहरी 15 दिन से बिस्तर पर, बीएचयू को नहीं लगी भनक
छात्रों ने यह भी कहा कि वे अपने अधिकारों के लिए लड़ाई जारी रखेंगे और किसी भी प्रकार के दमन को सहन नहीं करेंगे. पुलिस अधिकारियों ने छात्रों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन छात्र अपनी मांगों पर अड़े रहे. प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने एकजुटता का प्रदर्शन करते हुए एकजुटता के नारे लगाए.
इस आंदोलन में बड़ी संख्या में छात्र शामिल हुए, जो अपनी आवाज उठाने के लिए दृढ़ संकल्पित थे. छात्रों का यह प्रदर्शन न केवल काशी विद्यापीठ के परिसर में, बल्कि पूरे वाराणसी में चर्चा का विषय बन गया है. छात्रों का कहना है कि वे अपनी मांगों को लेकर आगे भी प्रदर्शन करते रहेंगे और जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक वे शांत नहीं बैठेंगे. उधर जिला मुख्यालय पर सवर्ण समाज के लोगों का धरना दूसरे दिन भी जारी है.



