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योगी सरकार और अविमुक्‍तेश्‍वरानंद के बीच घमासान, धर्मयुद्ध आंदोलन के लिए किया लखनऊ प्रस्‍थान

योगी सरकार और अविमुक्‍तेश्‍वरानंद के बीच घमासान, धर्मयुद्ध आंदोलन के लिए किया लखनऊ प्रस्‍थान
Mar 07, 2026, 07:00 AM
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Posted By Preeti Kumari

वाराणसी: गौ प्रतिष्‍ठा को लेकर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने काशी से धर्मयुद्ध आंदोलन का शंखनाद किया. अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार प्रदेश सरकार को दी गई 40 दिन की अवधि समाप्त होने से पांच दिन पहले ही आंदोलन की रणनीति के तहत लखनऊ के लिए प्रस्थान किया. आज शनिवार की सुबह केदारघाट स्थित विद्या मठ आश्रम स्थित गौशाला मैं सबसे पहले गौ पूजन किया गया. इसके बाद निकलकर वह पालकी पर सवार हुए और चिंतामणि गणेश मंदिर जा पहुंचे. वहां 11 बटुकों ने मंत्रोच्चार के साथ उनका स्वागत और स्वस्तिवाचन किया. मंदिर में गणेश जी की विधिवत पूजा-अर्चना करने के बाद वह संकट मोचन हनुमान मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने हनुमान चालीसा, हनुमानाष्टक और बजरंग बाण का पाठ किया. इसके बाद जयकारों के साथ अपनी वैनिटी वैन में सवार होकर लखनऊ के लिए प्रस्थान किया.


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जिंदा हिंदू लखनऊ चलें


स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि अपने ही वोट से चुनी गई सरकार के सामने गौ रक्षा के लिए धर्म युद्ध करना पड़ रहा है. इस दौरान उनके शिष्यों ने लोगों के बीच एक पंफलेट वितरित किया, जिसमें लिखा था "जिंदा हिंदू लखनऊ चलें". "गौ माता की जय", "शंकराचार्य भगवान की जय", "हर हर महादेव" के उद्घोष के बीच लगभग 20 गाड़ियों के काफिले के साथ उन्होंने लखनऊ के लिए प्रस्थान किया. पत्रकारों द्वारा उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के बयान के संदर्भ में पूछे जाने पर कि "गौ माता को कोई खरोच नहीं पहुंचा सकता", स्वामी ने कहा कि यह सही समय है कि जो भी कहना है, वह कह दें. कोई पक्ष में बोलेगा, कोई विपक्ष में, लेकिन जो सच है, वह सभी जानते हैं. उन्होंने यह भी कहा कि जो कालनेमि हैं, वे कुछ नहीं बोलेंगे.


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संकट मोचन मंदिर में हनुमान चालीसा


संकट मोचन मंदिर में हनुमान चालीसा, बजरंग बाण आदि का पाठ कर लखनऊ के धर्म युद्ध यात्रा के लिए स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद निकले तो वाराणासी के बाबतपुर मार्ग पर पहुंचने के साथ ही रास्‍ते में जगह- जगह उनका स्वागत भी हो रहा है. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का यह आंदोलन गौ माता की रक्षा के लिए एक बड़ा कदम माना जा रहा है. उनका मानना है कि गौ माता की सुरक्षा केवल धार्मिक नहीं, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक दृष्टिकोण से भी अत्यंत आवश्यक है. बता दें कि कांग्रेस और सपा ने भी उनके आंदोलन को समर्थन किया है.


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शंकराचार्य द्वारा प्रस्तावित सभा कार्यक्रम को अभी तक नहीं मिली है अनुमति


शंकराचार्य के लखनऊ में प्रस्तावित होने वाले सभा कार्यक्रम को अभी तक किसी भी प्रकार के प्रशासनिक अनुमति नहीं मिली है. बावजूद इसके शंकराचार्य कार्यक्रम को लेकर अड़े हुए हैं. उनका मानना है कि जो भी औपचारिकताएं हैं हमने पूरी कर ली है. जो फीस है वह भी हमने जमा कर दिया है. हमें उम्मीद है कि तीन-चार दिनों के अंदर हमें अनुमति मिल जाएगी. वाराणसी प्रशासन से सहयोग के संदर्भ मे बोले शंकराचार्य प्रशासन ने हमें रोक नहीं मतलब यात्रा की अनुमति है. भीड को लेकर के बोले शंकराचार्य मुझे नहीं पता कॉल मेरे साथ है मैं यहां से अकेला निकल रहा हूं जो भी होगा साथ आएगा.

काशी में अमित शाह का दौरा, 7 अक्टूबर को सेवा संकल्प यात्रा का स्वागत
काशी में अमित शाह का दौरा, 7 अक्टूबर को सेवा संकल्प यात्रा का स्वागत
वाराणसी :केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 7 अक्टूबर को काशी आ सकते हैं। इस दौरान वह गुजरात के वडनगर से काशी पहुंचने वाली सेवा संकल्प यात्रा का स्वागत करेंगे। यात्रा में शामिल लोग गुजरात की नदियों का जल लेकर आएंगे, जिससे बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक किया जाएगा।यह यात्रा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन, 17 सितंबर से शुरू हुए सेवा संकल्प अभियान का हिस्सा है। यह अभियान 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलेगा। इसके तहत देशभर में सेवा, स्वच्छता, पौधरोपण और जनकल्याण से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।सेवा संकल्प यात्रा वडनगर से काशी तक पहुंच रही है। वडनगर प्रधानमंत्री मोदी का जन्मस्थान है, जबकि काशी उनका संसदीय क्षेत्र है। यात्रा के दौरान कई राज्यों और जिलों से गुजरते हुए लोगों को सेवा और जनभागीदारी का संदेश दिया जा रहा है।काशी पहुंचने पर यात्रा का स्वागत किया जाएगा और बाबा विश्वनाथ के दरबार में विशेष पूजा-अर्चना व जलाभिषेक का कार्यक्रम होगा। इस मौके पर कई जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं के शामिल होने की संभावना है।ALSO READ :पूर्व मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र ने संस्कृत विश्वविद्यालय के विकास कार्यों का किया निरीक्षण
पूर्व मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र ने संस्कृत विश्वविद्यालय के विकास कार्यों का किया निरीक्षण
पूर्व मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र ने संस्कृत विश्वविद्यालय के विकास कार्यों का किया निरीक्षण
वाराणसी: उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्य सचिव एवं सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी दुर्गा शंकर मिश्र ने रविवार को सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी पहुंचकर परिसर में चल रहे विकास एवं निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने संग्रहालय, लालभवन, पाणिनी भवन, शताब्दी भवन अतिथि गृह, श्रमण विद्या संकाय, श्री श्री आनंदमयी महिला छात्रावास और ऑनलाइन संस्कृत प्रशिक्षण केंद्र का जायजा लिया।निरीक्षण के दौरान दुर्गा शंकर मिश्र ने संबंधित अधिकारियों और कार्यदायी संस्थाओं से निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने कार्यों को गुणवत्तापूर्ण तरीके से निर्धारित समय सीमा में पूरा करने और जरूरत के अनुसार कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।ऑनलाइन संस्कृत शिक्षा व्यवस्था का लिया जायजाऑनलाइन संस्कृत प्रशिक्षण केंद्र में उन्होंने संचालित ऑनलाइन डिप्लोमा कक्षाओं का भौतिक अवलोकन किया। उन्होंने तकनीकी और शिक्षण व्यवस्था की जानकारी लेते हुए इसे और प्रभावी एवं गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन दिया। साथ ही आधुनिक तकनीक के माध्यम से संस्कृत शिक्षा को देश-विदेश तक पहुंचाने की संभावनाओं पर जोर दिया।पांडुलिपियों को बताया भारतीय ज्ञान परंपरा की अमूल्य निधिदुर्लभ पांडुलिपियों के संरक्षण और डिजिटलीकरण कार्यों का भी उन्होंने निरीक्षण किया। ‘उत्कृष्ट ज्ञान भारतम्’ द्वारा किए जा रहे वैज्ञानिक ट्रीटमेंट और डिजिटलीकरण की जानकारी लेते हुए उन्होंने कहा कि ये पांडुलिपियां भारतीय मनीषा की अमूल्य ज्ञान-संपदा हैं। इनका वैज्ञानिक संरक्षण और डिजिटलीकरण आने वाली पीढ़ियों, विद्यार्थियों और शोधार्थियों के लिए महत्वपूर्ण है।संग्रहालय के निरीक्षण के दौरान उन्होंने ऐतिहासिक एवं ज्ञानपरक सामग्री को देखा और इसके संरक्षण, संवर्धन तथा प्रभावी प्रस्तुतीकरण पर जोर दिया।सीएसआर से हो रहे विकास कार्यों की सराहनादुर्गा शंकर मिश्र ने विश्वविद्यालय में चल रहे विकास कार्यों पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि सीएसआर फंड के माध्यम से परिसर में विकास कार्य कराए जा रहे हैं और विद्यार्थियों को शुद्ध पेयजल सहित बेहतर संसाधन उपलब्ध कराने की दिशा में काम हुआ है। उन्होंने विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा के प्रयासों की सराहना की।इस अवसर पर कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा ने दुर्गा शंकर मिश्र का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय की ऐतिहासिक और ज्ञानपरक विरासत को सुरक्षित रखते हुए उसे आधुनिक तकनीक से जोड़ना समय की आवश्यकता है। पांडुलिपियों का संरक्षण, संग्रहालय का संवर्धन और ऑनलाइन संस्कृत शिक्षा का विस्तार इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।ALSO READ: जम्मू-कटरा के लिए 29 सितंबर को रवाना होंगी यूपी और पूर्वांचल की टीमें...निरीक्षण के दौरान कुलानुशासक, वैज्ञानिक प्रो. जितेन्द्र कुमार अधिकारी, प्रो. दिनेश कुमार गर्ग, डॉ. विशाखा शुक्ला, डॉ. विजेन्द्र आर्य, डॉ. विमल कुमार त्रिपाठी सहित संबंधित कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
जम्मू-कटरा के लिए 29 सितंबर को रवाना होंगी यूपी और पूर्वांचल की टीमें...
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वाराणसी:T10 टेनिस बॉल क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ इंडिया के तत्वावधान में आयोजित होने वाली राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने के लिए उत्तर प्रदेश और पूर्वांचल की टीमें 29 सितंबर को जम्मू-कटरा के लिए रवाना होंगी। प्रतियोगिता को लेकर खिलाड़ियों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। राष्ट्रीय स्तर के इस आयोजन में प्रदेश और पूर्वांचल का प्रतिनिधित्व करने जा रहे खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाने के लिए *रमना ग्राम प्रधान अमित कुमार पटेल* और *BHU चौकी इंचार्ज सौरभ तिवारी* बिरला ग्राउंड पहुंचे।इस दौरान दोनों ने खिलाड़ियों से मुलाकात कर उनका हौसला बढ़ाया और आगामी प्रतियोगिता के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने खिलाड़ियों से कहा कि राष्ट्रीय स्तर के मंच पर खेलते समय जीत हासिल करना महत्वपूर्ण है, लेकिन इसके साथ अनुशासन, टीम भावना और खेल भावना का पालन करना भी उतना ही जरूरी है। उन्होंने खिलाड़ियों से मैदान पर एकजुट होकर पूरी मेहनत, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच के साथ खेलने का आह्वान किया।उन्होंने कहा कि खिलाड़ी जब राष्ट्रीय प्रतियोगिता में उत्तर प्रदेश और पूर्वांचल का प्रतिनिधित्व करते हैं तो उनके प्रदर्शन के साथ-साथ उनका व्यवहार और अनुशासन भी क्षेत्र की पहचान बनता है। ऐसे में सभी खिलाड़ी आपसी तालमेल बनाए रखते हुए बेहतर प्रदर्शन करें और खेल के नियमों का सम्मान करें।उत्तर प्रदेश की टीम में कप्तान कार्तिक गुप्ता के साथ विनायक जायसवाल, हर्षित विश्वकर्मा, सूरज यादव, उज्जवल, अंकित, रोहित, सिद्धार्थ, मिलित, ऋषभ, हिमांशु, रौनक और हर्ष शामिल हैं।वहीं पूर्वांचल की टीम की कमान कृष्णा जायसवाल संभालेंगे। टीम में प्रथम जायसवाल, आर्यन चौबे, बादल, आयुष चौबे, प्रीतम, सौरभ, वैभव, अनवर, सार्थक, यश सिंह, मयंक और पृथ्वी शामिल हैं।खिलाड़ियों ने भी आगामी राष्ट्रीय प्रतियोगिता को लेकर उत्साह व्यक्त किया। खिलाड़ियों ने कहा कि वे पूरी तैयारी और आत्मविश्वास के साथ जम्मू-कटरा पहुंचेंगे तथा मैदान पर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने का प्रयास करेंगे। खिलाड़ियों ने उत्तर प्रदेश और पूर्वांचल की टीम की गरिमा बनाए रखने तथा खेल भावना के साथ प्रतियोगिता में हिस्सा लेने का संकल्प लिया।ALSO READ: देह व्यापार की सूचना पर पुलिस ने गेस्ट हाउस में मारा छापादेह व्यापार की सूचना पर पुलिस ने गेस्ट हाउस में मारा छापा29 सितंबर को दोनों टीमें जम्मू-कटरा के लिए रवाना होंगी, जहां राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में देश के विभिन्न हिस्सों से पहुंचने वाली टीमों के साथ मुकाबला होगा।