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UGC के समर्थन में BHU के बाद काशी विद्यापीठ गरमाया, छात्र बोले - नये नियम से मिलेगा समान अवसर

UGC के समर्थन में BHU के बाद काशी विद्यापीठ गरमाया, छात्र बोले - नये नियम से मिलेगा समान अवसर
Feb 06, 2026, 07:24 AM
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Posted By Anurag Sachan

वाराणसी - विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के नए नियमों को लेकर सुप्रीम कोर्ट में चल रही सुनवाई के बीच शैक्षणिक परिसरों में सरगर्मी तेज हो गई है. शुक्रवार को महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में OBC/SC-ST एकता मंच के बैनर तले छात्रों ने एकजुट होकर यूजीसी के नए नियमों के समर्थन में आवाज बुलंद की. छात्रों ने जुलूस निकालेकर प्रदर्शन किया. इस दौरान संभावित तनाव को देखते हुए प्रशासन ने पूरे परिसर को छावनी में तब्दील कर दिया. बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा और हर गतिविधि पर नजर रखी गई.


kashi vidyapeeth


“बिरसा–फूले–अंबेडकर के विचारों को आगे बढ़ाने की लड़ाई”


प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने ‘बिरसा–फूले–अंबेडकर’ के नारों के साथ कहा कि यह आंदोलन सामाजिक न्याय और समान अवसर की दिशा में एक कदम है. छात्रों का आरोप था कि वर्षों से विश्वविद्यालयों में जातिगत वर्चस्व कायम है और योग्य होने के बावजूद वंचित वर्गों को नेतृत्व की भूमिका से दूर रखा जाता रहा है.

गौरतलब है कि काशी हिंदू विश्वविद्यालय के शोध छात्र मृत्युंजय तिवारी की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट यूजीसी के नए नियमों की वैधता पर सुनवाई कर रहा है. अदालत ने अगली सुनवाई तक नियमों के लागू होने पर रोक लगा रखी है. इससे पहले BHU में भी ओबीसी और एससी/एसटी वर्ग के छात्रों ने इन नियमों के समर्थन में मार्च निकाला था.


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छात्रों का आरोप— विश्वविद्यालयों में व्याप्त है सामंती सोच


प्रदर्शन में शामिल छात्र राज ने कहा कि यूजीसी के नए नियमों से कुछ वर्गों में डर है कि जिन्हें सदियों से हाशिये पर रखा गया, वे अब बराबरी पर आ जाएंगे. उन्होंने कहा कि जब 10 प्रतिशत EWS आरक्षण लागू हुआ, तब किसी ने विरोध नहीं किया. छात्रों का आरोप है कि कई विश्वविद्यालयों में योग्य प्रोफेसरों को दरकिनार कर एक विशेष वर्ग के शिक्षकों को विभागाध्यक्ष बनाया जाता है. उनका कहना है कि यूजीसी के नए नियम ऐसी “तानाशाही और सामंती व्यवस्था” को खत्म करने की दिशा में मददगार साबित हो सकते हैं. प्रदर्शन को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन और जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट रहा. किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए अतिरिक्त फोर्स तैनात की गई थी.

वाराणसी की इस परियोजना की डेडलाइन 15 अगस्‍त, यातायात और पर्यटन को मिलेगा लाभ
वाराणसी की इस परियोजना की डेडलाइन 15 अगस्‍त, यातायात और पर्यटन को मिलेगा लाभ
वाराणसी : शहर की राेपवे परियोजना को जल्‍द ही पंख लगने वाले हैं. सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के सचिव वी. उमाशंकर ने शुक्रवार को सर्किट हाउस में इस संबंध में बैठक कर इस बात के संकेत दिए. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट्स से जुड़ी योजनाओं की प्रगति पर चर्चा की. उन्होंने कहा कि सब कुछ ठीक रहा तो 15 अगस्त तक काशीवासियों को रोपवे की सौगात मिल सकती है. वहीं, सिग्नेचर ब्रिज का काम भी जल्द शुरू होगा. वी. उमाशंकर ने बताया कि काशी में बन रहा रोपवे प्रोजेक्ट देश की सबसे अनूठी परियोजनाओं में से एक है और अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है. उन्होंने कहा कि इस परियोजना में शुरुआत में कुछ तकनीकी और संरचनात्मक चुनौतियां आई थीं, लेकिन अब अधिकांश कार्य पूरा हो चुका है. रोपवे के तीनों स्टेशनों का निर्माण लगभग पूर्ण हो गया है.उन्होंने जानकारी दी कि गोदौलिया और गिरजाघर स्टेशन के बीच रोप पुलिंग का कार्य 10 मई से शुरू किया जाएगा, जिसे पूरा होने में लगभग 15 से 20 दिन का समय लगेगा. इसके बाद जुलाई माह से टेस्टिंग का काम शुरू होगा और यदि सब कुछ योजना के अनुसार रहा, तो 15 अगस्त तक काशीवासियों को रोपवे की सौगात मिल जाएगी.also read:वाराणसी में जबलपुर क्रूज हादसे को लेकर अलर्ट, गंगा में किए जा रहे सुरक्षा उपायसिग्नेचर ब्रिज के बारे में उन्होंने बताया कि बाढ़ के पानी के कारण कुछ तकनीकी दिक्कतें आ रही थीं, लेकिन दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) की नई तकनीक और उत्तर प्रदेश सरकार के सहयोग से इन समस्याओं का समाधान कर लिया गया है.उन्होंने उम्मीद जताई कि सिग्नेचर ब्रिज का निर्माण कार्य सितंबर से अक्टूबर के बीच शुरू हो जाएगा. इसके अलावा गंगा रिवर रोड को पर्यटन के लिहाज से विकसित करने की योजना पर भी काम किया जा रहा है. साथ ही वरुणा नदी के किनारे सड़क निर्माण की परियोजना भी प्रस्तावित है, जिससे शहर के यातायात और पर्यटन दोनों को लाभ मिलेगा.
वाराणसी में जबलपुर क्रूज हादसे को लेकर अलर्ट, गंगा में किए जा रहे सुरक्षा उपाय
वाराणसी में जबलपुर क्रूज हादसे को लेकर अलर्ट, गंगा में किए जा रहे सुरक्षा उपाय
वाराणसी : जबलपुर क्रूज हादसे को लेकर गंगा घाटों पर हाई अलर्ट जारी किया गया है. साथ ही सुरक्षा उपाय किए जा रहे हैं ताकि असमय हादसों में लोगों की जान बचाई जा सके. इसके लिए खतरनाक 19 घाटों पर फ्लोटिंग बैरिकेडिंग के साथ ही सेफ्टी नेट की व्यवस्था की जा रही है. 11 घाटों पर जाल और फ्लोटिंग बैरिकेडिंग स्थापित हो चुके हैं, जबकि 7 अन्य घाटों पर सुरक्षा संबंधी तैयारियां अंतिम चरण में हैं. नौ घाटों पर वॉच टावर और आठ घाटों पर फ्लोटिंग जेटी लगाने की तैयारियां भी चल रही हैं. मई से जुलाई तक गंगा घाटों पर डूबकर मरने वालों की संख्या काफी बढ़ जाती है.देश भर से काशी दर्शन और गंगा घाट पर घूमने आने वाले पर्यटकों के नहाने के दौरान डूबने की घटनाएं सामने आती रहती हैं. इन घटनाओं पर लगाम लगाने की दिशा में जल पुलिस काम कर रही है. खतरनाक घाटों को चिन्हित किया गया है. साइनेज, फ्लोटिंग बैरिकेडिंग, जाल, वॉच टावर समेत अन्य सुरक्षा उपाय किए जा रहे हैं. नमो घाट से रविदास घाट तक लगभग नौ किलोमीटर के दायरे में हर महीने डूबने की घटनाएं होती हैं. नया स्पॉट डोमरी गांव के सामने चिन्हित हुआ है, जहां दो माह में चार लोगों की मौत हो चुकी है.इन घाटों पर लग रहे हैं वॉच टावरतुलसी घाट, अस्सी घाट के बीच, शीतला घाट-अहिल्याबाई घाट के बीच, हनुमान घाट-शिवाला घाट के बीच, जानकी घाट, केदार घाट, मीर घाट, ललिता घाट, सिंधिया घाट, गाय घाट.ALSO READ : महिला से मंगलसूत्र छीनने के मामले का खुलासा, आरोपी माल समेत गिरफ्तार...फ्लोटिंग बैरिकेडिंग व जाल की व्यवस्थाअस्सी घाट, तुलसी घाट, जानकी घाट, केदार घाट, हनुमान घाट, प्रह्लाद घाट, चौसट्ठी घाट, अहिल्याबाई घाट, शीतला घाट, प्रयाग घाट, दशाश्वमेध घाट, मीर घाट, सिंधिया घाट, पंचगंगा घाट, गाय घाट, त्रिलोचन घाट, रानी घाट, राजघाट व रामनगर बलुआ घाट.इन घाटों पर लग रही फ्लोटिंग जेटी : तुलसी घाट, जानकी घाट, शिवाला घाट-हनुमान घाट, चौसट्ठी घाट, मीर घाट, अहिल्याबाई घाट, प्रयाग घाट, राजघाट.एक नजर इन घटनाओं परवर्ष 2022 में 37 लोगों की मौतवर्ष 2023 में 46 लोगों की मौतवर्ष 2024 में 37 लोगों की मौतवर्ष 2025 में 32 लोगों की मौतसुरक्षा मानकों की लापरवाही पर कई नावें सीजगंगा घाटों पर सुरक्षा और बचाव को लेकर इंतजाम किए जा रहे हैं. शुक्रवार को गंगा में अभियान चलाकर नावों की जांच की गई. इस दौरान सुरक्षा मानकों समेत अन्‍य अनियमितताओं को लेकर दर्जन भर नावों को सीज किया गया है. एसीपी अतुल अंजान त्रिपाठी ने बताया कि फ्लोटिंग बैरिकेडिंग, सेफ्टी नेट, वॉच टावर, साइनेज समेत अन्य सुरक्षा तैयारियां की जा रही हैं.
महिला से मंगलसूत्र छीनने के मामले का खुलासा, आरोपी माल समेत गिरफ्तार...
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वाराणसी : शिवपुर थाना क्षेत्र में महिला के गले से मंगलसूत्र छीनने की घटना का पुलिस ने एक सप्‍ताह बाद खुलासा किया है. स्नेचिंग करने वाले की पहचान अरविंद पाल (24) निवासी होलापुर, शिवपुर के तौर पर हुई. आरोपी को पुलिस ने शुक्रवार की शाम काशीराम आवास के आगे पुलिया के पास से गिरफ्तार किया. उसके पास से मंगलसूत्र बरामद हुआ है. 24 अप्रैल को छतरीपुर की गायत्री धाम कॉलोनी फेज-1 निवासी चंदगीराम यादव ने थाना शिवपुर में तहरीर दी थी.बताया कि उनकी पत्नी आशा यादव बाजार से सब्जी लेकर घर लौट रही थीं, तभी घर के पास पीछे से बाइक सवार एक बदमाश ने झपट्टा मारकर गले से मंगलसूत्र छीन लिया. पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने 24 अप्रैल की शाम महिला को रोककर मंगलसूत्र छीना था.विरोध करने पर उसने महिला को धमकाया और फिर मंगलसूत्र लेकर भाग गया. वह लूटे गए मंगलसूत्र को बेचने की फिराक में था, तभी पुलिस ने उसे दबोच लिया. थाना प्रभारी अजीत वर्मा ने बताया कि आरोपी को कोर्ट में पेश कर जेल भेजा गया.ALSO READ : कफ सिरप प्रकरण में शुभम समेत नौ आरोपियों पर गैंगस्‍टर, भोला प्रसाद गैंग लीडर घोषित...दरवाजे पर बैठी महिला से चेन छीनने की कोशिशवाराणसी मिर्जामुराद क्षेत्र के कल्लीपुर गांव में शुक्रवार शाम मंजू देवी घर के बाहर बैठी थीं तभी उनके गले से उचक्के ने चेन छीनने की कोशिश की. छीनाझपटी के दौरान चेन टूट कर जमीन पर गिर गई, जबकि आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकला. मलाड ईस्ट मुंबई निवासी मंजू देवी (55) एक सप्ताह पहले अपने मायके कल्लीपुर आई थीं. वह घर के दरवाजे पर बैठी थीं. इस दौरान घटना हुई. सूचना के बाद डायल 112 पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की निशानदेही पर एक संदिग्ध को पकड़ लिया. थाना प्रभारी प्रमोद कुमार पांडेय ने बताया कि संदिग्ध को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है.