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ऐश्वर्या ससुराल छोड़ रहने लगी मायके, एक्ट्रेस के करीबी ने बताई सच्चाई

ऐश्वर्या ससुराल छोड़ रहने लगी मायके, एक्ट्रेस के करीबी ने बताई सच्चाई
Sep 19, 2025, 11:28 AM
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Posted By Preeti Kumari

Aishwarya Rai: कुछ महीने पहले बिग बी की बहु ऐश्वर्या राय और पति अभिषेक बच्चन के तलाक को लेकर चर्चा थी. यहां तक की ये दावा किया गया था कि, किसी बात से नाराज होकर ऐश्वर्या ने अपनी ससुराल छोड़कर अपने मां के साथ रहने लगी हैं. काफी समय तक ऐश्वर्या और अभिषेक ने तलाक की खबरों पर चुप्पी साधे रखी. लेकिन बच्चन परिवार पर हद से ज्यादा अंगुलियां उठने पर ऐड फिल्ममेकर प्रह्लाद कक्कड़ ने इसकी वजह बताई है.


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मॉडलिंग के दिनों से ऐश्वर्या को जानते हैं कक्कड़


प्रह्लाद कक्कड़ की जान-पहचान ऐश्वर्या राय से उनके मॉडलिंग के दिनों से है और हमेशा उनके लिए प्रोटेक्टिव रहे हैं. वह उसी बिल्डिंग में रहते हैं, जिसमें ऐश्वर्या रहती हैं. सबसे खास बात तो ये है कि, एक्ट्रेस ऐश्वर्या संग सलमान की लव स्टोरी से लेकर ब्रेकअप को भी उन्होंने करीब से देखा था. कुछ ऐसा ही जब अभिषेक संग तलाक की खबरें सोशल मीडिया पर छाने लगी थी. तभी एक इंटरव्यू में प्रह्लाद कक्कड़ ने उनके तलाक की खबरों को 'बकवास' बताया और कहा कि ये सब एक बड़ी अफवाह है. जो किसी के रिलेशनशिप को बर्बाद करने का काम करती है.


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प्रह्लाद कक्कड़ ने ऐश्वर्या को लेकर कही ये बात


बड़े ही भरोसे से प्रह्लाद कक्कड़ ने कहा, 'मैं ऐश्वर्या की बिल्डिंग में रहता हूं, इसलिए जितना मैं जानता हूं शायद ही उन्हें कोई बाहर वाला जानता होगा. यही कारण है कि मुझे पता है कि वह बिल्डिंग में कितना समय बिताती है, वह अपनी मां के घर इसलिए आती हैं क्योंकि उसकी मां की तबीयत ठीक नहीं रहती है. ऐश्वर्या बेटी आराध्या को स्कूल छोड़ती और फिर से उसे लेने जाती. बीच-बीच में उसे समय मिलता तो वह अपनी मां से मिलने भी आ जाती और कुछ देर बैठ कर अपनी मां के साथ समय बिताती. फिर वह अपनी बेटी को लेकर घर चली जाती.


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तलाक पर बोले प्रह्लाद कक्कड़


अभिषेक और ऐश्वर्या की तलाक को लेकर पूछे जाने पर कक्कड़ ने बताया कि, तलाक एक अफवाह भरी खबर थी. हालांकि, एक्ट्रेस को जया बच्चन और श्वेता बच्चन से परेशानी थी, जिस पर कक्कड़ ने कहा कि , 'तो क्या हुआ? वह घर की बहू है और अब भी घर चलाती है. इसका मतलब ये नहीं कि वो अपना ससुराल छोड़ देगी. ऐसा बिलकुल भी नहीं है. अपनी मां की बीमार हालत को देख वो खुद को रोक नहीं पाती है और उनसे मिलने चली जाती हैं. जो हर एक बेटी का फर्ज होता हैं. फिलहाल, मैं सभी लोगों से यहीं कहूंगा कि फर्जी की अफवाहों पर जरा भी ध्यान न दें तो ही बेहतर होगा.

BHU में छात्रसंघ बहाली की मांग तेज, 29 अक्टूबर को निकलेगा छात्र मार्च; अनिश्चितकालीन धरने का ऐलान.
BHU में छात्रसंघ बहाली की मांग तेज, 29 अक्टूबर को निकलेगा छात्र मार्च; अनिश्चितकालीन धरने का ऐलान.
वाराणसी : काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) में छात्रसंघ की बहाली की मांग को लेकर छात्र आंदोलन की तैयारी में जुट गए हैं। शनिवार को विश्वविद्यालय के कला संकाय लॉन में आयोजित छात्र महापंचायत में छात्रसंघ बहाली और लोकतांत्रिक छात्र अधिकारों को लेकर चर्चा हुई। महापंचायत में शामिल छात्र-छात्राओं ने सर्वसम्मति से 29 अक्टूबर को छात्र मार्च निकालने और इसके बाद अनिश्चितकालीन धरना शुरू करने का निर्णय लिया।छात्र महापंचायत में तय किया गया कि 29 अक्टूबर को श्री काशी विश्वनाथ मंदिर से छात्रसंघ भवन तक मार्च निकाला जाएगा। इसके बाद छात्रसंघ की बहाली की मांग को लेकर धरना शुरू किया जाएगा। छात्रों ने स्पष्ट किया कि उनकी मांग पूरी होने तक आंदोलन को संगठित और शांतिपूर्ण तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा।महापंचायत में छात्रों ने कहा कि छात्रसंघ विश्वविद्यालय की लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसके माध्यम से विद्यार्थियों की समस्याओं को विश्वविद्यालय प्रशासन तक पहुंचाने और उनके अधिकारों की आवाज उठाने के लिए एक मंच मिलता है। छात्रों के मुताबिक, लंबे समय से विश्वविद्यालय में छात्रसंघ बहाली की मांग उठाई जा रही है। अब इस मांग को लेकर आंदोलन को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया है।छात्रों ने विश्वविद्यालय के सभी विद्यार्थियों से 29 अक्टूबर को प्रस्तावित मार्च में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की। उनका कहना है कि छात्र एकजुट होकर छात्रसंघ की बहाली की मांग को प्रभावी तरीके से उठा सकते हैं।ALSO READ : वाराणसी में संदिग्ध हालात में सफाईकर्मी की मौत, घर में खून से लथपथ मिला शवछात्र महापंचायत के इस फैसले के बाद बीएचयू में छात्रसंघ बहाली का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है। अब 29 अक्टूबर को प्रस्तावित छात्र मार्च और उसके बाद शुरू होने वाले धरने पर सबकी नजर रहेगी।
वाराणसी में संदिग्ध हालात में सफाईकर्मी की मौत, घर में खून से लथपथ मिला शव
वाराणसी में संदिग्ध हालात में सफाईकर्मी की मौत, घर में खून से लथपथ मिला शव
वाराणसी : आदमपुर थाना क्षेत्र के गोलाघाट में शनिवार को नगर निगम के सफाई कर्मी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से इलाके में हड़कंप मच गया. उसके शरीर पर चोटों के निशान को देखते हुए हत्‍या की आशंका जताई जा रही है. सूचना के बाद पुलिस शव को कब्‍जे में लेने के साथ अग्रिम कार्रवाई में जुट गई है.वहीं क्षेत्र में मौत को लेकर तरह - तरह की चर्चा व्‍याप्‍त है. उसके चेहरे, सिर पर गंभीर जख्‍म के निशान मिले हैं.सफाईकर्मी के चचेरे भाई ने बताया कि बीती रात खाना खाकर वह अपने घर गोलाघाट चला गया था. इस बीच शनिवार की सुबह नमो घाट पर एयर शो के समय सफाई कर्मियों ने उसके न आने पर तलाश शुरू की. कुछ लोग उसके घर पहुंचे तो युवक का शव घर के अंदर खून से लथपथ हालत में मिला. फर्श पर खून फैला था. मृतक के शरीर के कई हिस्सों पर चोट के निशान होने की बात सामने आई है.ALSO READ : वाराणसी के इस गांव में एक महीने में चार मौतों से दहशत, तेज बुखार एवं जोड़ों में दर्द से परेशान लोगघटना की जानकारी मिलने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई. युवक की मौत किन परिस्थितियों में हुई, यह अभी स्पष्ट नहीं है. मामले में हत्या या दुर्घटना समेत किसी भी आशंका की पुष्टि नहीं हुई है. मृतक की पहचान विनोद कुमार के रूप में हुई है. घटना के कारणों का पता जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगा.
वाराणसी के इस गांव में एक महीने में चार मौतों से दहशत, तेज बुखार एवं जोड़ों में दर्द से परेशान लोग
वाराणसी के इस गांव में एक महीने में चार मौतों से दहशत, तेज बुखार एवं जोड़ों में दर्द से परेशान लोग
वाराणसी : काशी विद्यापीठ ब्लॉक के मंगलपुर गांव में लोग तेज बुखार, जोड़ों में दर्द और प्लेटलेटस गिरने से परेशान हैं. एक महीने में गांव के 4 लोगों की मौत होने के बाद ग्रामीणों को डेंगू, मलेरिया जैसी गंभीर बीमारी का भय सता रहा है. सूचना के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में पहुंची. लोगों की जांच हुई तो 10 लोगों में बुखार जैसे लक्षण मिले हैं. जिन लोगों की मौत हुई है, उसके पीछे परिजन डेंगू से मौत की बात कह रहे हैं जबकि स्वास्थ्य विभाग ने इन्कार किया है.जिला मलेरिया अधिकारी के अनुसार, टीम भेजकर जांच करने के साथ ही लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है. मंगलपुर गांव में अधिकांश लोगों को बुखार है. प्लेटलेटस भी कम होता जा रहा है. जमालूद्दीन (35), गुलाम रब्बानी (66), आयशा बेगम (52) और मद्दर बेगम (48) की मौत हुई है. परिजनों ने मौत की वजह डेंगू और अन्य संक्रामक बीमारियां बताई है. उनका कहना है कि जोड़ों में तेज दर्द, बुखार के साथ ही कई दिनों से प्लेटलेटस भी कम हो रहा था. नुरैन, तौफीक, सलाउद्दीन , जरदार, रामसुंदर पटेल बीमार हैं.परिजनों ने एएनएम को नहीं दी कोई जांच रिपोर्टजिला मलेरिया अधिकारी एससी पांडेय का कहना है कि मंगलपुर गांव में कुछ लोगों के एक महीने के भीतर 4 मौत की जानकारी मिलते ही स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जांच कराई. 10 लोगों में बुखार और मौसमी बीमारी के लक्षण मिले हैं. जरूरी दवाइयां देने के साथ ही उन्हें जागरूक किया जा रहा है. जिन लोगों के मौत की सूचना मिली, उनके घर आशा, एएनएम को भेजकर जांच रिपोर्ट मांगी गई तो परिजनों ने रिपोर्ट देने से मना कर दिया. डेंगू से मौत हुई है तो परिजन रिपोर्ट क्यों नहीं दे रहे हैं. यह समझ नहीं आ रहा है. एक बार फिर विभागीय टीम गांव में जाएगी.ALSO READ : वाराणसी में पीएम के दौरे को लेकर ट्रैफिक एडवाइजरी जारी, देखें पूरी लिस्टमंगलपुर गांव में टीम भेजकर जांच करवाई गई. परिजनों ने स्वास्थ्य विभाग की टीम को कोई रिपोर्ट नहीं दी है, जिससे लोगों के बीमार होने और मौत की वजह की सही जानकारी मिल सके. दो दिन का विशेष अभियान चलाकर लोगों के सेहत की जांच कराई जाएगी।.- डॉ. एनपी सिंह, सीएमओ