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अवैध गतिविधियों की सूचना देने के लिये जारी किया गया 'पुलिस सतर्क मित्र" whatsapp bot

अवैध गतिविधियों की सूचना देने के लिये जारी किया गया 'पुलिस सतर्क मित्र" whatsapp bot
Dec 21, 2025, 11:02 AM
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Posted By Monisha Rai

वाराणसी - रेंज के तीन जनपदों- जनपद जौनपुर, गाजीपुर एवं चन्दौली के किसी भी क्षेत्र में कोई भी अवैध गतिविधि होते यदि किसी नागरिक को सूचना मिले अथवा देखा जाये तो उसकी सूचना गोपनीय रुप से देने हेतु डी०आई०जी० वाराणसी रेंज द्वारा एक whatsapp bot विकसित कराया गया है जिसे पुलिस सतर्क मित्र का नाम दिया गया है। इस whatsapp bot पर कोई भी अवैध गतिविधि की सूचना whatsapp bot number 7839860411 पर whatsapp message भेजकर अथवा नीचे दिये गये QR Code को scan करके भेजी जा सकती है.


यह whatsapp bot इस प्रकार विकसित किया गया है कि सूचना देने वाले नागरिक का मोबाइल नम्बर अथवा अन्य कोई भी जानकारी पुलिस के पास नहीं आएगी अतः सूचनाकर्ता की पूर्ण गोपनीयता बनी रहेगी। साथ ही कोई भी नागरिक इस पर यदि मात्र कोई एक शब्द लिखकर भी message करेगा अथवा QR Code scan करेगा तो यह नम्बर अपने आप उस व्यक्ति से विभिन्न विकल्पों के माध्यम से पूर्ण सूचना प्राप्त कर लेगा। उदाहरणार्थ यदि इस पर Hi लिखकर भेजा जाता है तो पहले यह भाषा का विकल्प पूछेगा एवं उसके बाद जिस अवैध गतिविधि के विषय में सूचना देनी हो उसके विकल्प से सम्बन्धित समस्त सूचनाएं बारी-बारी से ले लेगा.

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जिन अवैध गतिविधियों की सूचना कोई भी नागरिक दे सकता है वह निम्नवत् हैं-


1. गौ-तस्करी/गौवध (गायों के अवैध परिवहन या वध से सम्बन्धित)


2. अवैध मादक पदार्थ (ड्रग्स, शराब, हुक्का बार)


3. अवैध हथियार (उत्पादन, वितरण या बिक्री से सम्बन्धित)


4. जुआ / सट्टा


5. वेश्यावृत्ति / महिला एवं बाल तस्करी / अवैध स्पा


6. छेड़छाड़ वाले स्थान (ऐसे स्थान जहाँ पर महिलाओं से छेड़छाड़ होती है परन्तु पुलिस की ड्यूटी नहीं पायी जाती है)


7. अवैध खनन / ओवरलोड वाहन


8. जबरन वसूली / पुलिस भ्रष्टाचार


9. जबरन धर्म परिवर्तन


10. अन्य कोई सूचना


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इस whatsapp bot पर अवैध गतिविधि की सूचना फोटो, वीडियो, आडियो मैसेज, text मैसेज के माध्यम से भेजी जा सकती है एवं इसे जारी करने का मुख्य कारण यह है कि क्षेत्र में हो रही अवैध गतिविधियों की सूचना देने में क्षेत्र के नागरिकों को अपनी गोपनीयता भंग होने का संकोच / डर न रहे एवं समाज के लोग क्षेत्र को अवैध गतिविधियों से मुक्त रखने हेतु पुलिस का सहयोग करें।


किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि यदि क्षेत्र में किसी नागरिक को होते हुये दिखाई दे तो उसका फोटो खींचकर अथवा वीडियो बनाकर भेजा जा सकता है एवं लिखकर अथवा बोलकर whatsapp message भी इस whatsapp bot पर भेजा जा सकता है.


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कई बार ऐसा देखा गया है कि जनपदों में होने वाली किसी गम्भीर घटना जैसे हत्या, लूट, चैन स्नैचिंग आदि की सीसीटीवी फुटेज अथवा इन घटनाओं की फोटो अथवा अपराधियों की फोटो नागरिकों के पास होती है परन्तु उनका नाम सार्वजनिक न हो जाये इस डर अथवा संकोच से ये फोटो/वीडियो/अन्य जानकारी पुलिस को नहीं दी जाती है अतः ऐसी किसी भी सूचना को देने का भी विकल्प इस whatsapp bot में रखा गया है।


इस whatsapp bot पर जो भी सूचनाएं दी जायेंगी वह सीधे सम्बन्धित जनपद के पुलिस अधीक्षक कार्यालय एवं डी०आई०जी० वाराणसी कार्यालय रेंज कार्यालय में प्राप्त होंगी एवं पुलिस अधीक्षक कार्यालय द्वारा इन सभी सूचनाओं पर आवश्यक कार्यवाही कराये जाने हेतु किसी अधिकारी को whatsapp के माध्यम से ही सम्बन्धित सूचना भेजी जायेगी एवं इस पर कार्यवाही किये जाने के बाद सम्बन्धित अधिकारी द्वारा कृ त कार्यवाही का विवरण फोटो / वीडियो/ मैसेज के द्वारा वापस भेजा जायेगा। प्रत्येक सूचना पर आवश्यक कार्यवाही के उपरान्त सूचना देने वाले नागरिक को भी इस whatsapp bot से automatic message चला जायेगा.


यदि जनपद जौनपुर, गाजीपुर एवं चन्दौली के किसी थाने अथवा चौकी के पुलिसकर्मी भी किसी अवैध गतिविधि जैसे गौ-तस्करी, शराब तस्करी, अवैध हथियार तस्करी अथवा अन्य किसी अवैध गतिविधि / भ्रष्टाचार में संलिप्त पाये जाते हैं तो वह सूचना भी नागरिकों के द्वारा इस whatsapp bot पर दी जा सकती है.


इस whatsapp bot के संचालन हेतु जनपदीय पुलिस अधीक्षक कार्यालय एवं डी०आई०जी० वाराणसी रेंज कार्यालय के प्रयोगार्थ backend dashboard तैयार किये गये हैं जिनमें अवैध गतिविधियों के सम्बन्ध में विभिन्न प्रकार के विश्लेषण किये जाने का विकल्प है जैसे अवैध गतिविधियों के hotspots. थानावार प्राप्त विभिन्न प्रकार की अवैध गतिविधियों से सम्बन्धित सूचनाओं का तुलनात्मक विवरण, प्राप्त सूचनाओं का साप्ताहिक/पाक्षिक/मासिक विश्लेषण, सूचनाओं में प्राप्त फोटो/वीडियो के आधार पर संवेदनशीलता का वर्गीकरण किये जाने आदि से सम्बन्धित विकल्प दिये गये हैं.


वाराणसी रेंज के जनपद-जौनपुर, जनपद-गाजीपुर एवं जनपद-चन्दौली में नागरिक इस 'पुलिस सतर्क मित्र whatsapp bot 7839860411 एवं दिये गये QR Code का अधिक से अधिक प्रयोग करें एवं अवैध गतिविधियों से मुक्त एक स्वच्छ समाज देने में पुलिस की मदद करें.

वाराणसी में आज बूथ पर मतदाता सूची पढ़ेंगे बीएलओ
वाराणसी में आज बूथ पर मतदाता सूची पढ़ेंगे बीएलओ
वाराणसी : भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार 18 जनवरी रविवार को बूथ पर मतदाता सूची पढ़े जाने की तिथि नियत की गयी है. इस तिथि पर सभी बूथ लेवल अधिकारी अपने-अपने नियत मतदेय स्थलों पर प्रातः 10.30 बजे से सायं 4.30 बजे तक ए०एस०डी०/अन कलेक्टेबल सूची के साथ उपस्थित रहकर आलेख्य मतदाता सूची पढ़ेंगे तथा फार्म-6, 6ए 7 एवं 8 प्राप्त करेंगें.अपर जिलाधिकारी (प्रशासन)/उप जिला निर्वाचन अधिकारी बिपिन कुमार ने बताया कि उक्त तिथि पर जिला निर्वाचन अधिकारी, उप जिला निर्वाचन अधिकारी, समस्त निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी एवं सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों तथा पर्यवेक्षकीय अधिकारियों द्वारा बूथों का भ्रमण किया जायेगा. भ्रमण के दौरान यदि कोई बूथ लेविल आफिसर अनुपस्थित पाया जाता है तो उसके विरूद्ध लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की सुसंगत धाराओं के अन्तर्गत विधिक कार्यवाही की जायेगी. उक्त अभियान दिवसों के दिन जनपद के समस्त शिक्षण संस्थान/कार्यालय एवं अन्य संस्थान जहाँ पर मतदेय स्थल स्थापित है, खुले रहेंगे.ALSO READ : जनसंचार बनाम सोशल मीडिया : पत्रकारिता व्यक्ति-केंद्रित होती जा रही है - प्रो. केजी सुरेशउन्होंने जनसामान्य से अपील की है कि 18 जनवरी को अपने निर्दिष्ट बूथ पर जाकर आलेख्य प्रकाशित मतदाता सूची में अपना नाम देख सकते हैं तथा 01 जनवरी, 2026 को जिनकी आयु 18 वर्ष पूर्ण हो गयी हो अथवा पूर्ण हो रही हो और उनका नाम अभी तक मतदाता सूची में दर्ज नही हो पाया है, वे उक्त तिथि को अपने मतदान केन्द्र पर उपस्थित होकर निर्वाचक नामावली में अपना नाम सम्मिलित कराने हेतु फार्म-6 मय घोषणा पत्र (अनुलग्नक-4) के साथ निर्धारित प्रपत्र (नए मतदाताओं के लिए), फार्म-7 (मतदाता सूची से नाम अपमार्जन हेतु) एवं फार्म-8 (मतदाता सूची में प्रविष्टि में संशोधन अथवा स्थानान्तरण किये जाने हेतु) में पूर्ण विवरण भरकर एवं आवश्यक दस्तावेज संलग्न कर बी.एल.ओ. को उपलब्ध करा दें. मतदाताओं द्वारा ऑनलाइन के माध्यम से आयोग के ऐप ECINET mobile app एवं वेबसाइट https://voters.eci.gov.in के माध्यम से भी फार्म-6 (घोषणा-पत्र के साथ निर्धारित प्रपत्र) फार्म-7 एवं फार्म-8 भरकर सबमिट कर सकते हैं.
BMC हार से तिलमिलाए राज ठाकरे, सामने आया रिएक्शन
BMC हार से तिलमिलाए राज ठाकरे, सामने आया रिएक्शन
बृहन्मुंबई नगर निगम यानि (BMC) के सामने आए चुनावी नतीजों ने महाराष्ट्र की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत कर दी है. ठाकरे परिवार के हाथों से मुंबई महानगरपालिका की सत्ता जो छिन्न गई है. जी हां, चुनाव में मिली करारी हार के बावजूद उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे दोनों ने ही 'मराठी मानुस' और 'क्षेत्रीय अस्मिता' के मुद्दे पर पीछे न हटने का संकल्प ले बैठे है. जहां राज ठाकरे ने चेतावनी देते हुए कहा कि, अगर मराठी लोगों के खिलाफ कुछ भी हुआ तो हम सत्ता में बैठे लोगों का ऐसा हाल करेंगे कि उन्हें घुटने टेकने पर मजबूर होना ही पड़ेगा. क्योंकि, हमारा संघर्ष मराठी लोगों के लिए, मराठी भाषा के लिए, मराठी पहचान के लिए और एक समृद्ध महाराष्ट्र के लिए है और हमेशा रहेगा.यही संघर्ष हमारा अस्तित्व है. इसलिए इन मराठियों के हक के लिए हम हमेशा ही लड़ेगा, जरूरी नहीं कि ये हक की लड़ाई सत्ता में रहकर ही लड़ी जाए, बिना सत्ता के भी इस संघर्ष को जीता जा सकता है. इन बातों का मतलब साफ है, अक्सर सत्ताधारी ताकतें और उनके संरक्षण में रहने वाले लोग मराठियों का शोषण करने का कोई भी मौका नहीं छोड़ेंगे. इसलिए, हमें अपने मराठी लोगों के साथ मजबूती से खड़ा रहना चाहिए, चुनाव तो आते-जाते रहेंगे, लेकिन हमें यह कभी नहीं भूलना चाहिए कि हमारी सांसों में मराठी बसी है. वहीं, शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) ने एक पोस्ट में दिवंगत बालासाहेब ठाकरे की तस्वीर साझा करते हुए लिखा, 'यह लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है', यह तब तक जारी रहेगी जब तक मराठी लोगों को वह सम्मान नहीं मिल जाता जिसके वे हकदार हैं.मराठियों के लिए संघर्ष का संकल्प जानकारी के मुताबिक, उद्धव ठाकरे की पार्टी ने 227 वार्डों में से 65 में जीत हासिल की है, अपने चाचा बाल ठाकरे के नक्शेकदम पर चलने वाले राज ठाकरे ने कहा कि इस हार का मतलब यह नहीं है कि हिम्मत हार जाएंगे और हार मान लेंगे. उन्होंने अपने राज्य और मराठियों के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया है.मराठी लोगों के साथ मजबूती से खड़ावहीं, राज ठाकरे ने आगे कहा कि चाहे एमएमआर क्षेत्र हो या पूरा राज्य, सत्ताधारी ताकतें मराठी लोगों को परेशान करने और उनका शोषण करने का कोई मौका नहीं छोड़ेंगे. इसलिए, हमें अपने मराठी लोगों के साथ मजबूती से खड़ा रहना चाहिए. मुंबई चुनाव में मिली हार के बाद राज ठाकरे ने कहा कि हम उन सभी चीजों का विश्लेषण करेंगी और जो गलती हुई है, उसमें सुधार करेंगे। उन्होंने पार्टी को बिल्कुल नए सिरे से खड़ा करने का संकल्प लिया.
जनसंचार बनाम सोशल मीडिया : पत्रकारिता व्यक्ति-केंद्रित होती जा रही है - प्रो. केजी सुरेश
जनसंचार बनाम सोशल मीडिया : पत्रकारिता व्यक्ति-केंद्रित होती जा रही है - प्रो. केजी सुरेश
वाराणसी : बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग द्वारा आयोजित “सोशल मीडिया के युग में पत्रकारिता और जनसंचार में बदलते रुझान” विषयक तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी के दूसरे दिन शनिवार को “जनसंचार बनाम सोशल मीडिया” विषय पर एक विचारोत्तेजक पैनल चर्चा का आयोजन किया गया. इस सत्र के मुख्य वक्ता इंडिया हैबिटेट सेंटर, नई दिल्ली के निदेशक प्रो. के. जी. सुरेश ने स्वयं को सोशल मीडिया का समर्थक बताते हुए कहा कि सोशल मीडिया ने जनसंचार को नई दिशा दी है और मीडिया के लोकतंत्रीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया के कारण ऐसे कई मुद्दे सामने आए हैं जो अब तक मुख्यधारा मीडिया की दृष्टि से ओझल थे. इससे पत्रकारिता में नए आयाम स्थापित हुए हैं.हालांकि, प्रो. सुरेश ने सोशल मीडिया से जुड़ी चुनौतियों की ओर भी ध्यान आकर्षित किया. उन्होंने कहा कि रील्स संस्कृति के कारण कंटेंट में सतहीपन बढ़ा है. एक मिनट में सब कुछ देखने की लालसा ने गुणवत्ता से समझौता कराया है. आज कंटेंट क्रिएशन का उद्देश्य केवल यूज़र को कुछ सेकंड के लिए स्क्रीन पर रोकना बन गया है. उन्होंने चिंता जताई कि आज का युवा वर्ग गंभीर समाचार पत्रों से कटकर रील्स संस्कृति में उलझ गया है, जिससे ट्रिवियलाइजेशन बढ़ रहा है.उन्होंने कहा कि आज पॉडकास्ट और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर कंटेंट की गुणवत्ता से अधिक व्यूज़ और मोनेटाइजेशन पर ध्यान दिया जा रहा है, जिससे पत्रकारिता व्यक्ति-केंद्रित होती जा रही है. विषयों के बजाय व्यक्तियों को महत्व देना लोकतंत्र के लिए खतरनाक संकेत है. पत्रकारिता को बचाने के लिए व्यक्तित्व-प्रधान दृष्टिकोण से हटकर मुद्दा-प्रधान पत्रकारिता को पुनः स्थापित करना आवश्यक है.यूट्यूब पत्रकारिता में जिम्मेदारी और जवाबदेही का अभावसत्र के विशिष्ट वक्ता देश के प्रख्यात वरिष्ठ शिक्षाविद पूर्व कुलपति प्रो. के. वी. नागराज ने अपने वक्तव्य में कहा कि सोशल मीडिया आज मोबोक्रेसी का रूप लेता जा रहा है. उन्होंने कहा कि बड़े कारोबारी और कॉरपोरेट घराने विज्ञापनों के माध्यम से मीडिया को नियंत्रित कर रहे हैं. यूट्यूब पत्रकारिता पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि इसमें जिम्मेदारी और जवाबदेही का अभाव है.प्रो. नागराज ने कहा कि विकास के नाम पर समाज को पुनर्परिभाषित किया जा रहा है. तकनीक आज एक राक्षस बनती जा रही है, जिसे नियंत्रित करने के बजाय हम उसे स्वयं पर शासन करने दे रहे हैं. उन्होंने महात्मा गांधी का उल्लेख करते हुए कहा- “समाज से जो श्रेष्ठ है, उसे निकालिए; विचारधारा अत्यंत आवश्यक है.” उनके अनुसार, बिना विचारधारा के संचार का कोई अर्थ नहीं है.उन्होंने यह भी कहा कि सोशल मीडिया हमें एक प्रकार के कोकून में बंद कर रहा है, जहां सक्रिय सामाजिक हस्तक्षेप कम होता जा रहा है. शक्ति और असमानता के संबंध पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि जहां शक्ति है, वहां समानता नहीं हो सकती. उन्होंने माना कि मीडिया में सकारात्मक और नकारात्मक- दोनों पहलू मौजूद हैं, लेकिन सामाजिक उत्तरदायित्व और जवाबदेही के बिना पत्रकारिता अपने उद्देश्य से भटक जाती है.विशेषज्ञों के वक्तव्य, कुल 180 शोध पत्रों का वाचनविभिन्न देशों से आए विषय विशेषज्ञों ने अपने विचार साझा किए। संगोष्ठी के विभिन्न सत्रों में कुल 180 शोध पत्रों का वाचन किया गया, जिनमें डिजिटल मीडिया, सोशल मीडिया और समकालीन पत्रकारिता से जुड़े विविध पहलुओं पर गंभीर विमर्श हुआ. अंतरराष्ट्रीय वक्ताओं के सत्र में बॉयसी यूनिवर्सिटी, अमेरिका की डॉ. इरीना बाबिक ने कहा कि डिजिटल मीडिया ने संचार को अधिक सहभागी और त्वरित बनाया है, किंतु विश्वसनीयता और तथ्यात्मकता बनाए रखना आज की सबसे बड़ी चुनौती बन गई है. उन्होंने मीडिया साक्षरता को समय की अनिवार्य आवश्यकता बताया.लोमोनोसोव मॉस्को स्टेट यूनिवर्सिटी, रूस की डॉ. अन्ना ग्लैडकोवा ने कहा कि सोशल मीडिया ने वैश्विक संवाद को नई गति प्रदान की है, लेकिन एल्गोरिद्म आधारित कंटेंट के कारण समाज में ध्रुवीकरण भी बढ़ रहा है. उन्होंने संतुलित और जिम्मेदार पत्रकारिता की आवश्यकता पर बल दिया.ALSO READ : मणिकर्णिका विवाद - कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन, राघवेंद्र चौबे समेत कई हिरासत मेंत्रिभुवन विश्वविद्यालय, काठमांडू (नेपाल) के डॉ. कुंदन आर्याल ने कहा कि विकासशील देशों में सोशल मीडिया ने जनभागीदारी को बढ़ावा दिया है, परंतु नैतिक पत्रकारिता और सामाजिक उत्तरदायित्व के अभाव में यह माध्यम भ्रामक सूचनाओं का कारण भी बन सकता है. यूनिवर्सिटी ऑफ लिबरल आर्ट्स, बांग्लादेश के प्रो-वाइस चांसलर डॉ. जूड विलियम जेनिलो ने कहा कि संचार का उद्देश्य केवल सूचना देना नहीं, बल्कि समाज में संवेदनशीलता और समावेशिता का विकास करना भी है.इस दौरान प्रमुख रूप से प्रोफेसर ओपी सिंह, प्रोफेसर अंबरीश सक्सेना, प्रोफेसर अनिल उपाध्याय, डॉ रउमाशंकर पांडेय, डॉ शोभना नेरलीकर, डॉ नेहा पांडेय, डॉ धीरेंद्र राय, डॉ संतोष शाह, डॉ स्मिति पाढ़ी सहित सभी प्रतिभागी उपस्थित रहे.