बीएचयू की सख्ती - एसएसएच अस्पताल के पास पुतला दहन मामले में 5 छात्रों पर कार्रवाई, 3 निलंबित

वाराणसी : बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में अप्रिय घटना में शामिल छात्रों पर सख्त रवैया अपनाया गया है. विश्वविद्यालय प्रशासन ने सिंह शताब्दी अस्पताल (SSH) परिसर के पास 24 मई 2025 को पुतला दहन की घटना को गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए पाँच छात्रों के विरुद्ध कठारे कार्रवाई की है. यह कार्रवाई कुलपति के अनुमोदन एवं स्टैंडिंग कमेटी ऑन डिसिप्लिनरी एक्शन ऑन स्टूडेंट्स की सिफारिशों के आधार पर की गई.
चीफ प्रॉक्टर कार्यालय द्वारा गठित प्रारंभिक जांच समिति ने प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के तहत संबंधित छात्रों को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया. जांच रिपोर्ट, लिखित शिकायतें, बयान, फोटोग्राफ्स, दस्तावेज़ और छात्रों का पूर्व अनुशासनिक रिकॉर्ड समिति के समक्ष रखा गया. इसके बाद स्टैंडिंग कमेटी ने घटना को सिद्ध और पुष्ट मानते हुए अनुशासनात्मक कार्रवाई की संस्तुति की.
3 छात्रों पर निलंबन सहित कड़ी कार्रवाई
पल्लव सुमन, सत्यनारायण सिंह और श्यामल कुमार नामक छात्रों के खिलाफ कार्रवाई की गई है. इन पर निम्न दंड लगाए गए
1. निलंबन: वर्तमान पाठ्यक्रम से 15 दिनों का निलंबन, इस अवधि में सभी शैक्षणिक सुविधाएं निलंबित.
2. सुविधाओं की वापसी: 15 दिनों के लिए हॉस्टल और लाइब्रेरी सुविधा तत्काल प्रभाव से समाप्त। उल्लंघन पर भविष्य में हॉस्टल पात्रता स्थायी रूप से समाप्त की जाएगी.
3. कड़ी चेतावनी: शेष शैक्षणिक अवधि में किसी भी प्रकार के धरणा/प्रदर्शन या अनुशासनहीनता से दूर रहने का निर्देश.
4. सामुदायिक सेवा व काउंसलिंग: निलंबन के बाद 10 घंटे की अनिवार्य सामुदायिक सेवा और अधिकतम 5 काउंसलिंग सत्र.
5. रिपोर्टिंग: पूर्णता रिपोर्ट डिप्टी रजिस्ट्रार (अकादमिक) को डीन ऑफ स्टूडेंट्स के माध्यम से जमा करनी होगी.
6. सूचना: आदेश की प्रति अभिभावकों/गार्जियन और पीएचडी सुपरवाइजर को भेजी जाएगी.
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2 छात्रों को सख्त चेतावनी
पूनीत कुमार मिश्रा और शिवम सोनकर को कड़ी चेतावनी दी गई है कि भविष्य में किसी भी प्रकार की अनुशासनहीनता पर कड़ी कार्रवाई होगी. 10 घंटे की सामुदायिक सेवा और अधिकतम 5 काउंसलिंग सत्र अनिवार्य. रिपोर्टिंग और अभिभावकों को सूचना का प्रावधान लागू रहेगा.
बीएचयू प्रशासन ने दोहराया कि कैंपस अनुशासन, शांति और संस्थागत मर्यादा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा. किसी भी प्रकार का उग्र प्रदर्शन या नियमों का उल्लंघन कड़ी कार्रवाई को आमंत्रित करेगा.



