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बनारसी खानपान की अपनी होगी पहचान, ओडीओसी के तहत ब्रांडिंग की कवायद

बनारसी खानपान की अपनी होगी पहचान, ओडीओसी के तहत ब्रांडिंग की कवायद
Jan 21, 2026, 09:02 AM
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Posted By Gaandiv

वाराणसी : धर्म और शिक्षा की नगरी काशी यूं तो किसी पहचान की मोहताज नहीं है. चाहे बात यहां की गलियों घाट, रहन सहन, शिल्‍पकारी, साडी या अन्‍य उत्‍पादों की हो, इनकी प्रसिद्धी जगजाहिर है. इसी दिशा में बनारस अब अपने पारंपरिक खानपान में भी पुख्ता पहचान बनाएगा. यहां के प्रसिद्ध व्यंजनों को वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ओडीओपी) की तर्ज पर वन डिस्ट्रिक्ट वन कुजीन (ओडीओसी) के तहत ब्रांड रूप में विकसित करने की कवायद शुरू हो गई है.


बनारसी खानपान की अपनी होगी पहचान, ओडीओसी के तहत ब्रांडिंग की कवायद


इससे पारंपरिक हलवाइयों, कारीगरों और लघु उद्यमियों को स्थायी आजीविका और उनके व्यंजन को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलेगी. उत्तर प्रदेश दिवस पर लखनऊ में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में बनारस के विशिष्ट पारंपरिक व्यंजनों का विशेष स्टाल सजाया जाएगा.


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जिला उद्योग प्रोत्साहन एवं उद्यमिता विकास केंद्र के सहायक आयुक्त विनोद वर्मा के अनुसार स्टाल पर बनारस की पहचान से जुड़े व्यंजन तिरंगा बर्फी, बनारसी पान, ठंडाई, बनारसी पूड़ी-कचौड़ी, लौंगलता और हींग की कचौड़ी को सजाया जाएगा ताकि लोग इन व्यंजनों का स्वाद ले सकें.


माना जा रहा है कि यहां ही वन डिस्ट्रिक्ट वन कुजीन का चयन कर लिया जाएगा. बनारस की समृद्ध पाक परंपरा और विशिष्ट स्वाद को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंच दिया जाएगा.


इन पारंपरिक व्यंजनों की ब्रांडिंग, आधुनिक तकनीक, आकर्षक पैकेजिंग और प्रभावी मार्केटिंग के लिए विक्रेताओं को प्रोत्साहित किया जाएगा. गुणवत्ता, स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होगी. उत्पादों को खाद्य सुरक्षा मानक अनुरूप प्रमाणित किया जाएगा ताकि उपभोक्ता सुरक्षित और उच्च गुणवत्ता वाला स्वाद पाएं.


इस योजना के तहत जीआइ टैगिंग को भी बढ़ावा दिया जाएगा ताकि स्थानीय व्यंजनों की मौलिक पहचान सुरक्षित रखी जा सके. प्रत्येक व्यंजन के साथ उसकी संस्कृति, इतिहास और पारंपरिक विधि को दर्शाने वाले प्रोडक्ट स्टोरी और पहचान टैग में शामिल किए जाएंगे.


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इससे उपभोक्ता केवल स्वाद ही नहीं, बल्कि बनारस की सांस्कृतिक विरासत का अनुभव कर पाएंगे। वन डिस्ट्रिक्ट वन कुजीन काशी की पारंपरिक पाककला को नई उड़ान देने के साथ-साथ स्थानीय कारीगरों और उद्यमियों के लिए आर्थिक सशक्तीकरण का मजबूत माध्यम बनने जा रही है.

नशामुक्त भारत के संदेश के साथ BHU में निकली ‘संडे ऑन साइकिल’ रैली.
नशामुक्त भारत के संदेश के साथ BHU में निकली ‘संडे ऑन साइकिल’ रैली.
वाराणसी: नशामुक्त भारत अभियान के तहत रविवार को काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) में राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के तत्वावधान में ‘संडे ऑन साइकिल’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के जरिए युवाओं को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने और नशामुक्त भारत का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया गया।मालवीय भवन प्रांगण से कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने हरी झंडी दिखाकर साइकिल रैली को रवाना किया। इस दौरान विश्वविद्यालय के कुलसचिव राजन श्रीवास्तव, वरिष्ठ अधिकारी, शिक्षक, NSS स्वयंसेवक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।कार्यक्रम के दौरान कुलपति ने युवाओं से नशे से दूर रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवा न केवल स्वयं नशे से बचें, बल्कि अपने आसपास के लोगों और समाज को भी इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करें। उन्होंने नशामुक्त समाज के निर्माण में युवाओं की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।also read: विश्व आदिवासी दिवस पर बरेका में निकली भव्य शोभायात्रा, पारंपरिक वेशभूषा में दिखी संस्कृति की झलकसाइकिल रैली में शामिल प्रतिभागियों ने नशामुक्त भारत का संदेश लोगों तक पहुंचाया और युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित किया। रैली के माध्यम से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और समाज में नशे के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने का संदेश दिया गया।कार्यक्रम का समन्वयन काशी हिंदू विश्वविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना की कार्यक्रम समन्वयक डॉ. स्वप्ना मीना ने किया। आयोजन में विश्वविद्यालय परिवार के साथ बड़ी संख्या में विद्यार्थियों की भागीदारी रही।
विश्व आदिवासी दिवस पर बरेका में निकली भव्य शोभायात्रा, पारंपरिक वेशभूषा में दिखी संस्कृति की झलक
विश्व आदिवासी दिवस पर बरेका में निकली भव्य शोभायात्रा, पारंपरिक वेशभूषा में दिखी संस्कृति की झलक
वाराणसी: विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर रविवार को बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) में आदिवासी परिवार, बरेका के तत्वावधान में भव्य शोभायात्रा और सांस्कृतिक समारोह का आयोजन किया गया। आयोजन में आदिवासी समाज की समृद्ध संस्कृति, लोक परंपराओं और सामाजिक एकता की आकर्षक झलक देखने को मिली।शाम चार बजे बरेका सेंट जॉन स्कूल, गेट संख्या-2 से शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा कुंदन तिराहा और सूर्य सरोवर मार्ग होते हुए इंटर कॉलेज चौराहे पहुंची। यहां भगवान गौतम बुद्ध, जननायक बिरसा मुंडा और भारत रत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इसके बाद शोभायात्रा पश्चिमी संस्थान, जलालीपट्टी पहुंचकर संपन्न हुई।शोभायात्रा में बड़ी संख्या में महिला, पुरुष, युवा और बच्चे पारंपरिक आदिवासी वेशभूषा में शामिल हुए। रंग-बिरंगे परिधानों के साथ पारंपरिक गीत-संगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने माहौल को उत्साह और उल्लास से भर दिया। रास्ते में स्थानीय लोगों ने भी शोभायात्रा का उत्साहपूर्वक स्वागत किया।पश्चिमी संस्थान, जलालीपट्टी में आयोजित सांस्कृतिक समारोह में आदिवासी समाज की विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आकर्षण का केंद्र रहीं। वक्ताओं ने आदिवासी समुदाय की समृद्ध परंपराओं और प्रकृति के साथ उनके गहरे जुड़ाव को रेखांकित किया। उन्होंने सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने और उसे नई पीढ़ी तक पहुंचाने की जरूरत पर भी जोर दिया।also read: श्रावण में भास्करा पोखरा पर पुलिस अलर्ट, गहरे पानी में जाने से बचने की अपीलकार्यक्रम के दौरान सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक विविधता और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने का संदेश दिया गया। आयोजन में बरेका के अधिकारी, कर्मचारी, उनके परिजन, आदिवासी महिला समिति के सदस्य और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।इस अवसर पर सहायक कार्मिक अधिकारी (कर्मशाला) पीयूष मिंज, जनसंपर्क अधिकारी राजेश कुमार, आरपीएफ इंस्पेक्टर प्रमोद लकड़ा, पूर्व संयुक्त सचिव बरेका अमर सिंह, कालू मांझी सहित आदिवासी परिवार बरेका के सुदर्शन उरांव, दिलीप तिर्की, सुचित कुजूर, अजय कुमार तिर्की, संजीवन तिर्की और अजय तिग्गा मौजूद रहे। वहीं आदिवासी महिला समिति की सपना टोप्पो, तारा मैरी मिंज, प्रेमा लिली टोप्पो, अनुपमा और बंदना बारला सहित बड़ी संख्या में महिलाओं ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की।
श्रावण में भास्करा पोखरा पर पुलिस अलर्ट, गहरे पानी में जाने से बचने की अपील
श्रावण में भास्करा पोखरा पर पुलिस अलर्ट, गहरे पानी में जाने से बचने की अपील
वाराणसी: श्रावण माह में रोहनिया क्षेत्र स्थित भास्करा पोखरा में श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है। श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की अनहोनी से बचाने के लिए पुलिस की ओर से लगातार जागरूक किया जा रहा है।एसीपी रोहनिया अवधेश विश्वकर्मा ने भास्करा पोखरा पहुंचने वाले श्रद्धालुओं से अपील की कि वे निर्धारित और सुरक्षित स्थान पर ही स्नान करें। उन्होंने कहा कि श्रद्धालु किसी भी स्थिति में गहरे पानी में न जाएं और सुरक्षा मानकों की अनदेखी न करें।also read: आँसुओं, आक्रोश के बाद खुले आसमान के नीचे दालमंडीएसीपी ने खासतौर पर बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावकों से सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि बच्चों को अकेले पानी के पास न जाने दें और स्नान के दौरान उन पर लगातार नजर बनाए रखें। थोड़ी सी लापरवाही गंभीर हादसे का कारण बन सकती है।पुलिस प्रशासन की ओर से श्रावण माह के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक सतर्कता बरती जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे पुलिस के निर्देशों का पालन करें और धार्मिक आस्था के साथ अपनी सुरक्षा का भी विशेष ध्यान रखें। अधिकारियों का कहना है कि सामूहिक सहयोग और सतर्कता से ही श्रावण माह के आयोजनों को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाया जा सकता है।