हसीना और खालिदा जिया के बिना बांग्लादेश में वोटिंग, छाया सन्नाटा

बांग्लादेश में आम चुनाव के लिए सुबह से ही वोटिंग जारी हैं जो अब पुरी तरह से खत्म भी हो चुकी है. इस बार 51 राजनितिक पार्टियां सत्ता हासिल करने के लिए मैदान में हैं. बांग्लादेश में करीब 12.7 करोड़ मतदाताओं ने आज अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया है. बांग्लादेश में हो रहे चुनाव में युवाओं का इस चुनाव में युवाओं की भूमिका बेहद अहम मानी जा रही है, क्योंकि लगभग आधे मतदाता 18 से 37 साल के हैं, इनमें करीब 45.7 लाख मतदाता पहली बार वोट करने की रस्में निभाई है. इस बार के चुनाव में बड़ी संख्या में लोग बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया हैं. महिलाएं सुबह से ही मतदान के लिए अपने घरों से निकलकर लाइनों में घंटों-घंटों भर लगकर अपनी बारी का इंतजार करने को तैयार है. उसके बाद भी उनके चेहरे पर जरा भी थकान की सिकन दिखने के बजाय वोट डाने की उत्सुकता नजर आ रही है, कुछ जगहों पर तो मतदान अधिकारी वोट डालने में बुजुर्गों की मदद भी करते नजर आ रहे हैं.

पीएम चेहरा बन सकते है खालिदा के बेटे तारिक
वहीं, पूर्व पीएम खालिदा जिया की पार्टी BNP सत्ता की सबसे बड़ी दावेदार है. अंतरिम सरकार के मुखिया मोहम्मद यूनुस ढाका के एक मतदान केंद्र पर वोट डालने पहुंचे. ऐसे में माना ये जा रहा है कि, अगर BNP चुनाव जीतता है तो खालिदा जिया के बेटे तारिक रहमान को अगला पीएम बनने का सुनहरा मौका मिल सकता है. लेकिन सबसे बड़ी बात तो यह है कि जमात-ए-इस्लामी पार्टी के नेता शिफुकर रहमान और नेशनल सिटिजन्स पार्टी (NCP) के नेता नाहिद इस्लाम भी PM पद के लिस्ट में अपना नाम शामिल कर बैठे हैं. उनका दावा है जमात-NCP समेत 11 दलों का गठबंधन सरकार बनाएगा. अंतरिम सरकार के मुखिया मोहम्मद यूनुस ने अपना मतदान ढाका के एक मतदान केंद्र पर डाला.

आखिर 299 सीटों पर क्यों हो रहा मतदान
दरअसल, बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना अपने पद से इस्तीफा देने के करीब 1.5 साल बाद ये चुनाव हो रहा हैं. दशकों बाद देश में पहली बार शेख हसीना और खालिदा जिया जैसी राजनीतिक हस्तियों के बिना ये चुनाव कराया जा रहा है. जिसका महौल काफी बड़ी ही फीका सा है. इस चुनाव में तारिक रहमान राजनीतिक शून्य भर रहे हैं. बांग्लादेश की वोटिंग प्रणाली 'फर्स्ट-पास्ट-द-पोस्ट' पर आधारित है, जहाँ 300 सदस्य सीधे चुने जाते हैं और 50 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित हैं.

देश में एकसदनीय विधायिका, जतीया संसद है. साफ शब्दों में कहे तो, बांग्लादेश की संसद में 300 सीटों के लिए वोटिंग होती है, लेकिन आज जो चुनाव हो रहे है वो 299 सीटों पर ही वोट डाले जा रहे हैं, इस कम सीटों पर मतदान करने की असली वजह यह है कि, शेरपुर-3 सीट पर एक उम्मीदवार की मौत के बाद वहां मतदान रद्द कर दिया गया है. बता दें, कुल 12 करोड़ 77 लाख मतदाता ‘फर्स्ट-पास्ट-द-पोस्ट’ प्रणाली के तहत वोट में अपनी हिस्सेदारी निभा रहे है.



