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भाई और बहन अलग-अलग मनाएंगे पंडित छन्नूलाल मिश्र की तेरहवीं, जाने विवाद

भाई और बहन अलग-अलग मनाएंगे पंडित छन्नूलाल मिश्र की तेरहवीं, जाने विवाद
Oct 10, 2025, 10:53 AM
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Posted By Gaandiv

वाराणसी – प्रख्यात शास्त्रीय गायक पद्मविभूषण पं. छन्नूलाल मिश्र की तेरहवीं को लेकर भी विवाद पैदा हो गया है. उनके पुत्र व तबला वादक पं. रामकुमार मिश्रा पिता की तेरहवीं 14 अक्टूबर को दुर्गाकुंड स्थित हनुमान प्रसाद पोद्दार महाविद्यालय में करेंगे. वहीं, छोटी बेटी नम्रता मिश्र रोहनिया में तेरहवीं का आयोजन करेंगी. इससे काशी के प्रबुद्धजन, पं.छन्नूलाल के शिष्य, प्रियजन व संगीत जगत के लोग स्तब्ध हैं. पं. छन्नूलाल मिश्र का निधन दो अक्टूबर को हुआ था, उनका दसवां 11 अक्टूबर को तथा तेरहवीं 14 अक्टूबर को होना है. इस विवाद में पद्मविभूषण के पुत्र व मझली बेटी ममता मिश्र एक साथ हैं तो एक तरफ सबसे छोटी बहन डा. नम्रता है.


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पंडितजी का निधन उनकी बेटी डा. नम्रता मिश्रा के ही आवास पर मीरजापुर में हुआ था. परिवार में विवाद तभी सामने आ गया था, जब कोविड काल में पंडितजी की पत्नी और एक बेटी के निधन के बाद से वह स्वयं बीमार रहने लगे थे. सुपुत्र पं. रामकुमार मिश्र बताते हैं कि वह ज्यादातर बाहर रहते हैं, ऐसे में उनकी देखभाल व सेवा के लिए तब उनके पुत्र यानी पं. छन्नूलाल के पौत्र पं. राहुल मिश्रा व उनके भांजे आदित्य उनके साथ थे. बाद में छोटी बेटी नम्रता उन्हें मीरजापुर ले गईं.


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इसी बीच लगभग दो वर्ष पूर्व मझली बहन ममता ने संपत्ति के लिए छोटी बहन नम्रता पर मारपीट का भी आरोप लगाया था. आरोप था कि छोटी बहन नम्रता ने पिताजी द्वारा बनवाया गैबी स्थित उनके सपनों का घर बेच दिया है.


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अंतिम संस्कार के बाद मात्र तीन दिनों में रामकुमार ने तेरहवीं का कार्यक्रम कर दिया. बताया ये गया कि पंडित जी की यह आख़िरी इच्छा थी, लेकिन मामला विवाद में उस वक्त आया जब बेटी नम्रता ने पिता छन्नूलाल का तेरहवीं करने का ऐलान किया और इसके लिए आमंत्रण पत्र बाटने शुरू कर दिए. ऐसे में त्रिरात्रि कर चुके बेटे ने भी अलग से तेरहवीं करने का एलान कर दिया. यानी छन्नूलाल मिश्र के त्रयोदशा का पूरा आयोजन दो स्थानों पर होगा.

इस पूरे मामले पर उनकी बेटी नम्रता ने बातचीत में बताया कि पिता जी का छोटी गैबी का आवास पहले ही रामकुमार के कारण बेंच दिया गया है. रामकुमार बेटे का फर्ज भूल गए और जबरदस्ती तीन दिनों में उनका अंतिम संस्कार कर दिल्ली वापस चले गए. जब मैंने अपने पिता का फर्ज पूरा करने का एलान किया और पिता जी के तेहरवीं का एलान करते हुए कार्ड बाटने शुरू कर दिया तो रामकुमार अब सामने आए हैं और वो भी तेहरवीं करने की बात करने लगे. इस पूरे आयोजन पर काशी का विद्वत समाज ने आपत्ति जाहिर की है , एक ही व्यक्ति का दो स्थानों पर तेरहवीं शास्त्र सम्मत नहीं है.

पेट्रोलियम मंत्री ने कहा- भारत में LPG गैस की कमी नहीं...
पेट्रोलियम मंत्री ने कहा- भारत में LPG गैस की कमी नहीं...
अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी जंग के चलते देशभर में गैस सिलेंडर को लेकर काफी किल्लते देखने को मिल रही है. जी हां, एलपीजी गैस संकट पर लोकसभा में केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने एक बड़ा बयान दिया और कहा भारत 40 देशों से क्रूड ऑयल ले रहा है, ऐसे में गैस सिलेंडर पर पैनिक होने की कोई बात नहीं है. इतना ही नहीं हरदीप सिंह पुरी ने वेस्ट एशिया संकट पर ये भी कहा कि एनर्जी के इतिहास में दुनिया ने ऐसा दिन पहले कभी नहीं देखा था, होर्मुज स्ट्रेट को इतिहास में पहली बार कमर्शियल शिपिंग के लिए बंद कर दिया गया है. संघर्ष पैदा करने में कोई भी भूमिका नहीं है, इसलिए भारत को किसी भी हाल में इसके सभी नतीजों से निपटना ही होगा.यह भी पढ़ें: गैस संकट को लेकर उठने वाले सवालों पर मंदिर प्रशासन ने लगाया विराम, कही ये बात"भारत की क्रूड ऑयल सप्लाई की स्थिति सुरक्षित"मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने अपने बयानों में ये बताया कि, भारत की क्रूड ऑयल सप्लाई की स्थिति सुरक्षित है. पिछले पांच दिनों में, रिफाइनरी के निर्देशों के जरिए LPG का प्रोडक्शन 28% बढ़ा दिया गया है और असल में आगे की खरीद चल रही है. इस संकट में मोदी सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता यह है कि भारत के 33 करोड़ परिवारों, खासकर गरीबों और जरूरतमंदों की रसोई में किसी भी तरह के संकट से जूझना ना पड़े. घरेलू सप्लाई पूरी तरह से सुरक्षित है और डिलीवरी साइकिल में कोई बदलाव नहीं हुआ है.हरदीप सिंह ने कहा- इंडस्ट्री के लिए बिजली का प्रोडक्शन सुरक्षितहरदीप सिंह पुरी ने कहा कि, बड़े LNG कार्गो लगभग रोज दूसरे सप्लाई रास्तों से आ रहे हैं. भारत के पास गैस प्रोडक्शन और सप्लाई के इतने इंतजाम हैं कि लंबे समय तक लड़ाई चलने पर भी यह स्थिति बनी रहेगी. हर घर और इंडस्ट्री के लिए बिजली का प्रोडक्शन पूरी तरह से सुरक्षित है. अब प्रोक्योरमेंट को एक्टिवली डायवर्सिफाई किया गया है और कार्गो को यूनाइटेड स्टेट्स, नॉर्वे, कनाडा, अल्जीरिया और रूस से मंगाया जा रहा है.
गैस संकट को लेकर उठने वाले सवालों पर मंदिर प्रशासन ने लगाया विराम, कही ये बात
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वाराणसी: काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास द्वारा संचालित अन्नक्षेत्र में कार्यरत एक कर्मचारी रवि द्वारा मीडिया के समक्ष एलपीजी संकट को लेकर जारी बयान पर मचे रार के बीच मंद‍िर प्रशासन सामने आया है. मंद‍िर प्रशासन द्वारा स्‍पष्‍ट किया गया क‍ि रवि केवल हमारे संगठन में एक सामान्य कार्यकर्ता है. उनका काशी विश्वनाथ मंदिर अन्नक्षेत्र की ओर से कोई वेतन संबंध, आधिकारिक दायित्व या अधिकृत प्रतिनिधित्व नहीं है.मीडिया से बातचीत के दौरान रवि ने कहा था कि एलपीजी की कमी के कारण अन्नक्षेत्र में समस्या उत्पन्न हो रही है और भक्तों के लिए भोजन की मात्रा कम की जा रही है. यह स्पष्ट रूप से बताया जाता है कि इस प्रकार का कोई भी कथन न तो उन्हें देने का अधिकार था और न ही उन्हें वास्तविक स्थिति की सही जानकारी थी. उनका यह वक्तव्य पूर्णतः असत्य और निराधार है. संभवतः उन्होंने यह बयान कैमरे के सामने बोलने के उत्साह या असावधानी में दिया है. रसोई व्यवस्था और अन्नक्षेत्र के संचालन के विषय में काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के मुख्य कार्यपालक अधिकारी पहले ही आधिकारिक स्थिति स्पष्ट कर चुके हैं.अन्नक्षेत्र की रसोई व्यवस्थाइस संदर्भ में, सभी मीडिया संस्थानों तथा जनसाधारण से विनम्र अनुरोध किया गया है कि किसी भी अनधिकृत व्यक्ति के हास्यास्पद और असत्य वक्तव्यों के आधार पर अनावश्यक सनसनी या भ्रम की स्थिति उत्पन्न न करें. काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास ने यह भी स्पष्ट किया है कि अन्नक्षेत्र की रसोई व्यवस्था में कोई कमी नहीं है और भक्तों को भोजन की सेवा निरंतर जारी है. अन्नक्षेत्र में कार्यरत सभी कर्मचारी अपनी जिम्मेदारियों को पूरी निष्ठा से निभा रहे हैं.बताया गया क‍ि इस प्रकार की भ्रामक सूचनाओं से बचना आवश्यक है, ताकि भक्तों में कोई गलतफहमी न हो. काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास का उद्देश्य हमेशा से ही भक्तों की सेवा करना रहा है और इस दिशा में सभी प्रयास किए जा रहे हैं. मंद‍िर प्रशासन की ओर से अनुरोध क‍िया गया है कि इस प्रकार के असत्य बयानों को गंभीरता से न लें और केवल आधिकारिक जानकारी पर ही ध्यान दें.यह भी पढ़ें: नगर निगम ने निजी पार्किंग संचालकों से मांगा ब्यौरा, ई-रिक्शा के लिए बनेंगे 'पिक एंड ड्रॉप प्वांइटकाशी विश्वनाथ मंदिर न्यास की ओर से सभी भक्तों को आश्वस्त किया जाता है कि अन्नक्षेत्र में भोजन की सेवा में कोई कमी नहीं आएगी और सभी व्यवस्थाएं सुचारू रूप से चल रही हैं. यह भी कहा गया है कि किसी भी प्रकार की अफवाहों से बचना चाहिए और सभी को संयमित रहना चाहिए. मंदिर न्यास ने अपने अन्नक्षेत्र की स्थिति को स्पष्ट करते हुए वर्तमान एलपीजी संकट को खार‍िज क‍िया है.
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