चर्च में अपनी तस्वीर देख चौंक उठी PM मेलोनी, मचा बवाल

इटली में एक पेंटिंग चर्चा और विवाद का मुद्दा बन बैठा है. जिसने हर किसी का ध्यान अपनी ओर आकर्षित कर लिया है. जी हां, इटली की राजधानी रोम में सेंट लॉरेंस बेसिलिका नाम के एक चर्च में देवदूत की जगह चेरुब की तस्वीर लगाई गई है. जों हूबहू इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी की तरह लग रही है. जिसे लेकर जमकर विवाद मचा हुआ है. धीरे-धीरे इस मामले ने तूल पकड़ लिया, इस गंभीरता से लेते हुए इटली के संस्कृति मंत्रालय ने जाँच के आदेश दिए हैं. इटली के लोकल न्यूजपेपर 'ला रिपब्लिका' के मुताबिक, सेंट लॉरेंस बेसिलिका चर्च में 2 देवदूत की प्रतिमा लगाए जाने का प्रस्ताव रखा गया था, जिसकी तैयारियां काफी समय से की जा रही थी, लेकिन जैसे ही इसे लगाया गया लोगों का आकर्षक बनने के बजाय ये तस्वीर विवादित बना बैठा.

मामले की भनक लगते ही पीएम जॉर्जिया मेलोनी ने एक बड़ी प्रतिक्रिया दी हैं. जी हां, चर्च में खुद से मिलती-जुलती लगी प्रतिमा को देख मेलोनी ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'इंस्टाग्राम' पर लिखा,' नहीं,‘मैं कोई एंजेल नहीं हैं’. जो मेरी तस्वीर बनाई जाए, यह वाकई मेरी तस्वीर नहीं है. इसलिए इस मामले की जल्द से जल्द जांच कराई जाएगी, ताकि इस तस्वीर के पीछे की छिपी सच्चाई हर किसी के सामने आ सके.

जाने क्या है मामला
दरअसल, ये पूरा मामला रोम शहर के एक पुराने चर्च सेंट लॉरेंस बेसिलिका का है. जहां दीवार पर बना एक फ्रेस्को की तस्वीर है, जिसमें दो छोटे फरिश्तों को दर्शाया गया है, यह फ्रेस्को करीब 25 साल पहले साल 2000 में बनाया गया था, लेकिन हाल ही में चर्च की दीवारों को पानी से काफी नुकसान पहुँचा था, जिसके चलते इसी फ्रेस्को की मरम्मत और रेनोवेशन का काम शुरू किया गया. मरम्मत का यह काम उसी कलाकार ब्रूनो वेलेंटिनेट्टी ने किया, जिन्होंने करीब 25 साल पहले इस फ्रेस्को को बनाया था. रेनोवेट होने के बाद जब पेंटिंग को दोबारा देखा गया, तो इस फरिश्ते का चेहरा लोगों को इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी से मिलता-जुलता लगने लगा. बस इतनी सी बात विवाद की जड़ बन बैठी है.

मेलोनी से जुड़ा आर्टिस्ट का कनेक्शन
बड़ी बात तो यह है कि, प्रतिमा को बनाने वाला आर्टिस्ट मेलोनी की पार्टी से जुड़ा हुआ है. प्रतिमा को स्थापित करने वाले कलाकार ब्रूनो वैलेंटिनेटी ने कहा,' मैं साल 2000 से इस पर काम कर रहा था. मुझे नहीं पता कि यह तस्वीर किसकी है?' उन्होंने कहा,' वहां पर पहले से एक एंजेल थी, जिसका चेहरा पानी की वजह से खराब हो गया था. हमने वापस उसी चेहरे को बनाने की कोशिश की, लेकिन कुछ और ही बन गया.'

शायद इसी वजह से ये तस्वीर बिलकुल पीएम मेलोनी से मिल रही है. इतना ही नहीं, ब्रूनो वैलेंटिनेटी का कहना है आज तक उनकी मेलोनी से कभी भी मुलाकात नहीं हुई हैं, तो उनकी शक्ल की तस्वीर बनाना नामुमकिन हैं. हालांकि इस मामले की जांच-पड़ताल जारी है. इस जाँच का मकसद यह है कि मरम्मत के दौरान कला संरक्षण के नियमों का पालन हुआ है या नहीं, कहीं ऐसा तो नहीं कि किसी ने जानबूझकर इस तरह की हरकत की है.



