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चर्च में अपनी तस्वीर देख चौंक उठी PM मेलोनी, मचा बवाल

चर्च में अपनी तस्वीर देख चौंक उठी PM मेलोनी, मचा बवाल
Feb 04, 2026, 11:23 AM
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Posted By Preeti Kumari

इटली में एक पेंटिंग चर्चा और विवाद का मुद्दा बन बैठा है. जिसने हर किसी का ध्यान अपनी ओर आकर्षित कर लिया है. जी हां, इटली की राजधानी रोम में सेंट लॉरेंस बेसिलिका नाम के एक चर्च में देवदूत की जगह चेरुब की तस्वीर लगाई गई है. जों हूबहू इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी की तरह लग रही है. जिसे लेकर जमकर विवाद मचा हुआ है. धीरे-धीरे इस मामले ने तूल पकड़ लिया, इस गंभीरता से लेते हुए इटली के संस्कृति मंत्रालय ने जाँच के आदेश दिए हैं. इटली के लोकल न्यूजपेपर 'ला रिपब्लिका' के मुताबिक, सेंट लॉरेंस बेसिलिका चर्च में 2 देवदूत की प्रतिमा लगाए जाने का प्रस्ताव रखा गया था, जिसकी तैयारियां काफी समय से की जा रही थी, लेकिन जैसे ही इसे लगाया गया लोगों का आकर्षक बनने के बजाय ये तस्वीर विवादित बना बैठा.


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मामले की भनक लगते ही पीएम जॉर्जिया मेलोनी ने एक बड़ी प्रतिक्रिया दी हैं. जी हां, चर्च में खुद से मिलती-जुलती लगी प्रतिमा को देख मेलोनी ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'इंस्टाग्राम' पर लिखा,' नहीं,‘मैं कोई एंजेल नहीं हैं’. जो मेरी तस्वीर बनाई जाए, यह वाकई मेरी तस्वीर नहीं है. इसलिए इस मामले की जल्द से जल्द जांच कराई जाएगी, ताकि इस तस्वीर के पीछे की छिपी सच्चाई हर किसी के सामने आ सके.


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जाने क्या है मामला


दरअसल, ये पूरा मामला रोम शहर के एक पुराने चर्च सेंट लॉरेंस बेसिलिका का है. जहां दीवार पर बना एक फ्रेस्को की तस्वीर है, जिसमें दो छोटे फरिश्तों को दर्शाया गया है, यह फ्रेस्को करीब 25 साल पहले साल 2000 में बनाया गया था, लेकिन हाल ही में चर्च की दीवारों को पानी से काफी नुकसान पहुँचा था, जिसके चलते इसी फ्रेस्को की मरम्मत और रेनोवेशन का काम शुरू किया गया. मरम्मत का यह काम उसी कलाकार ब्रूनो वेलेंटिनेट्टी ने किया, जिन्होंने करीब 25 साल पहले इस फ्रेस्को को बनाया था. रेनोवेट होने के बाद जब पेंटिंग को दोबारा देखा गया, तो इस फरिश्ते का चेहरा लोगों को इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी से मिलता-जुलता लगने लगा. बस इतनी सी बात विवाद की जड़ बन बैठी है.


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मेलोनी से जुड़ा आर्टिस्ट का कनेक्शन


बड़ी बात तो यह है कि, प्रतिमा को बनाने वाला आर्टिस्ट मेलोनी की पार्टी से जुड़ा हुआ है. प्रतिमा को स्थापित करने वाले कलाकार ब्रूनो वैलेंटिनेटी ने कहा,' मैं साल 2000 से इस पर काम कर रहा था. मुझे नहीं पता कि यह तस्वीर किसकी है?' उन्होंने कहा,' वहां पर पहले से एक एंजेल थी, जिसका चेहरा पानी की वजह से खराब हो गया था. हमने वापस उसी चेहरे को बनाने की कोशिश की, लेकिन कुछ और ही बन गया.'


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शायद इसी वजह से ये तस्वीर बिलकुल पीएम मेलोनी से मिल रही है. इतना ही नहीं, ब्रूनो वैलेंटिनेटी का कहना है आज तक उनकी मेलोनी से कभी भी मुलाकात नहीं हुई हैं, तो उनकी शक्ल की तस्वीर बनाना नामुमकिन हैं. हालांकि इस मामले की जांच-पड़ताल जारी है. इस जाँच का मकसद यह है कि मरम्मत के दौरान कला संरक्षण के नियमों का पालन हुआ है या नहीं, कहीं ऐसा तो नहीं कि किसी ने जानबूझकर इस तरह की हरकत की है.

प्रोफेसर विजयनाथ मिश्र ने ने किया ओपन-स्पेस ग्रुप प्रदर्शनी का उद्घाटन
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वाराणसी : ललित कला काशी 'वर्थ एंड वरशिप' (Worth and Worship) प्रदर्शनी पेश कर रहा है।ललित कला काशी 15 से 17 जुलाई, 2026 तक वाराणसी के ऐतिहासिक घाटों पर "वर्थ एंड वरशिप" नाम की एक ओपन-स्पेस ग्रुप प्रदर्शनी आयोजित की गई है। डॉ. प्रियंका चंद्रा द्वारा क्यूरेट की गई इस अनोखी आउटडोर प्रदर्शनी में दस अवॉर्ड-प्राप्त कलाकार शामिल हैं: सिद्धार्थ, रामकुमार माहेश्वरी, आशिमा मेहरोत्रा, अनिल कुमार पटेल, स्वाति रंजन, दीपशिखा वर्मा, स्वाति झा, शालिनी सिंह, रितेक राज और सूरज वर्मा।इसका भव्य उद्घाटन आज 15 जुलाई को शाम 6 बजे सुबह-ए-बनारस घाट पर मुख्य अतिथि प्रो. विजय नाथ मिश्रा ने की। इसके बाद यह प्रदर्शनी लोगों तक पहुँचने के लिए तुलसी, आदिनाथ, चेत सिंह और अस्सी घाटों पर जाएगी।ALSO READ: चाय की दुकान पर बिक रही थी अवैध शराब और बीयर, सिगरा पुलिस के छापे में भंडाफोड़पवित्र गंगा के किनारे, यह एग्ज़िबिशन दस आर्टिस्ट को दुनियावी लालच ("वर्थ") और भगवान की भक्ति ("वर्शिप") के बीच की पतली लाइन को समझने के लिए एक साथ लाती है, जो कुछ समय के लिए और हमेशा रहने वाले के बीच इंसानी संघर्ष को दिखाती है।
चाय की दुकान पर बिक रही थी अवैध शराब और बीयर, सिगरा पुलिस के छापे में भंडाफोड़
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वाराणसी: सिगरा थाना क्षेत्र के विजयनगरम मार्केट में संचालित एक चाय की दुकान पर अवैध रूप से शराब और बीयर की बिक्री किए जाने का मामला सामने आया है। सूचना मिलने पर सिगरा पुलिस ने छापेमारी कर दुकान से बड़ी मात्रा में शराब और बीयर बरामद की तथा अवैध कारोबार का भंडाफोड़ कर दिया।पुलिस के अनुसार, लंबे समय से शिकायत मिल रही थी कि चाय की दुकान की आड़ में चोरी-छिपे शराब और बीयर बेची जा रही है। इसके बाद पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर छापा मारा। कार्रवाई के दौरान दुकान से विभिन्न ब्रांड की शराब और बीयर की बोतलें बरामद हुईं।ALSO READ: बरेका में नराकास की छमाही बैठक, हिंदी के प्रभावी क्रियान्वयन और नवाचार पर मंथनपुलिस ने मौके से दुकान संचालक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। बरामद शराब और बीयर को जब्त कर लिया गया है। मामले में आबकारी अधिनियम समेत अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।सिगरा पुलिस का कहना है कि क्षेत्र में अवैध शराब की बिक्री किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ऐसे अवैध कारोबार के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बरेका में नराकास की छमाही बैठक, हिंदी के प्रभावी क्रियान्वयन और नवाचार पर मंथन
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वाराणसी: बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) में बुधवार को भारत सरकार के गृह मंत्रालय के राजभाषा विभाग के तत्वावधान में नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (नराकास), वाराणसी की छमाही बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता नराकास के अध्यक्ष एवं बरेका के महाप्रबंधक आशुतोष पंत ने की, जिसमें नगर के 60 से अधिक केंद्रीय कार्यालयों के प्रमुखों और प्रतिनिधियों ने भाग लेकर राजभाषा हिंदी के प्रभावी क्रियान्वयन, नवाचार और डिजिटल माध्यमों में इसके बढ़ते उपयोग पर व्यापक चर्चा की।बैठक में महाप्रबंधक आशुतोष पंत ने कहा कि राजभाषा हिंदी केवल कार्यालयी भाषा नहीं, बल्कि प्रशासन और आमजन के बीच संवाद का सबसे सशक्त माध्यम है। उन्होंने सदस्य कार्यालयों से हिंदी को सरल, प्रभावी और तकनीक-सम्मत बनाकर अधिकाधिक प्रयोग करने का आह्वान किया। उन्होंने भारतेंदु हरिश्चंद्र के प्रसिद्ध कथन "निज भाषा उन्नति अहै" का उल्लेख करते हुए प्रशासनिक कार्यों में हिंदी के व्यापक उपयोग की आवश्यकता पर बल दिया।इस दौरान नराकास, वाराणसी की पत्रिका 'बनारस दर्पण' तथा आईआईटी-बीएचयू की राजभाषा पत्रिका 'अभ्युदय' का लोकार्पण भी किया गया। बैठक में पिछली कार्यवृत्त की पुष्टि, निर्णयों के अनुपालन की समीक्षा तथा विभिन्न सदस्य कार्यालयों की राजभाषा संबंधी प्रगति और उपलब्धियों पर विस्तार से चर्चा हुई। प्रतिनिधियों ने अपने संस्थानों में हिंदी के प्रचार-प्रसार और नवाचारों से जुड़े अनुभव भी साझा किए।ALSO READ: पूर्व एमएलसी बृजेश सिंह एक और मामले में बरी, 36 साल पुराने प्रकरण का पटाक्षेपपूर्वोत्तर रेलवे, वाराणसी के मंडल रेल प्रबंधक आशीष जैन ने कहा कि किसी भी संगठन की सफलता जनता से उसके जुड़ाव पर निर्भर करती है और हिंदी इस जुड़ाव का सबसे प्रभावी माध्यम है। वहीं गृह मंत्रालय के राजभाषा विभाग के सहायक निदेशक (कार्यान्वयन) अजय कुमार चौधरी ने राजभाषा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन, डिजिटल प्लेटफॉर्म पर हिंदी के बढ़ते उपयोग तथा सदस्य कार्यालयों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर जोर दिया।बैठक में बरेका के उप महाप्रबंधक सागर, प्राचार्य प्राविधिक प्रशिक्षण केंद्र सुभाष चंद्र यादव सहित अनेक अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन नराकास के सदस्य सचिव एवं वरिष्ठ राजभाषा अधिकारी यथार्थ पाण्डेय ने किया तथा अंत में उन्होंने सभी प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।