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पद्म विभूषण के घर वाले वार्ड में नहीं आता साफ पानी, लोगों का जीना हुआ दुश्वार

पद्म विभूषण के घर वाले वार्ड में नहीं आता साफ पानी, लोगों का जीना हुआ दुश्वार
Apr 12, 2026, 09:28 AM
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Posted By Preeti Kumari

वाराणसी: गांडीव डिजिटल की खास पेशकश ‘सभासद’ में आज हमारी टीम पहुंची वार्ड नंबर 53 सिगरा, जहां की जमीनी हकीकत ने कई सवालों को जन्म दिया। यह वही वार्ड है जहां पद्म विभूषण पंडित छन्नूलाल मिश्र का निवास है और पूर्व एमएलसी का भी घर इसी क्षेत्र में आता है, लेकिन हैरानी की बात यह है कि इस वार्ड में आज भी लोगों को पीने के लिए साफ पानी तक नसीब नहीं हो रहा है.


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पार्षद के कार्यालय पर जाने पर मिलते है उनके असिस्टेंट


स्थानीय लोगों ने बताया कि सड़कों की हालत बेहद जर्जर है, जगह-जगह गंदगी फैली रहती है और हैंडपंप होने के बावजूद उसमें पीने लायक पानी नहीं आता। तीन साल पहले हुए चुनाव के बाद से पार्षद सिंधु सोनकर को लोगों ने इलाके में बहुत कम देखा है। जनता का कहना है कि विकास कार्य नाम मात्र के हैं और जो भी काम हो रहा है, वह भी कुछ चुनिंदा कॉलोनियों तक ही सीमित है, जबकि गरीब बस्तियों में स्थिति जस की तस बनी हुई है।

स्थानीय निवासी रमेश सिंह ने बताया कि कूड़ा उठाने जैसी कुछ सेवाएं नियमित हो रही हैं, लेकिन बड़े मुद्दों पर अब भी काम की जरूरत है। वहीं राजेश कुमार तिवारी का कहना है कि जनप्रतिनिधि को हर हफ्ते जनता के बीच आकर उनकी समस्याएं सुननी चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है। लोगों को पार्षद से मिलने के लिए दफ्तर जाना पड़ता है, जहां अक्सर उनके असिस्टेंट ही मिलते हैं.


सीवर का पानी पीने से लोगों की जान को खतरा


उमेश उपाध्याय ने बताया कि सफाई व्यवस्था तो किसी हद तक ठीक है, लेकिन सीवर का पानी पीने के पानी में मिलने से लोगों की सेहत पर खतरा बना रहता है। छोटू प्रजापति ने कहा कि ट्यूबल होने के बावजूद पानी गंदा आता है और कई घरों तक पानी पहुंचता ही नहीं, जिससे पूरे इलाके में अव्यवस्था का माहौल बना हुआ है. वार्ड नंबर 53 की ये तस्वीर साफ तौर पर दिखाती है कि बुनियादी सुविधाओं को लेकर अब भी लोगों को संघर्ष करना पड़ रहा है.


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लगभग 2 घंटे तक वार्ड में घूमने के बाद जब गांडीव डिजिटल की टीम पार्षद सिंधु सोनकर से मिलने उनके आवास पर जनता की तरफ से की गई शिकायत को ले कर पहुंची तो पार्षद ने बताया कि उनके वार्ड में लगभग 19 से 20 हजार मतदाता हैं. क्षेत्र महमूरगंज से रथयात्रा, भगवान दास कॉलोनी, औरंगाबाद, सोनिया पानी टंकी, रामकुंड, जग्गू मंडी, श्रीनगर कॉलोनी होते हुए चंद्रिका नगर कॉलोनी तक फैला हुआ है, जहां नगर निगम का मुख्यालय भी आता है.


निरंतर चल रहा है विकास कार्य


इसी के आगे उन्होंने कहा कि लगभग 13.5 करोड़ रुपये की परियोजना पर काम चल रहा है। औरंगाबाद रोड पर नाली निर्माण, बायपास लाइन, जियो फाइबर की पाइपलाइन, स्टॉर्म वाटर, जलकल और सीवरेज की इंटरकनेक्टिविटी गलियों की इंटरलॉकिंग की जा रही है.


1500रुपया महीना में पार्षद जी क्या करे ?


पार्षद ने कहा कि न तो सरकार की ओर से कोई विशेष सुविधा मिलती है और न ही नगर निगम के अधिनियम में पर्याप्त प्रावधान हैं। “नगर निगम से मात्र 1500 रुपये महीना मिलता है, उसमें कोई पार्षद क्या कर पाएंगे,” उन्होंने बताया कि शहर में लगभग 40 हजार करोड़ रुपये के विकास कार्य चल रहे हैं, जो मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के कोटे से भी हो रहे हैं। पार्षद कोटे से 30 लाख रुपये वार्षिक मिलते हैं, लेकिन पिछले तीन वर्षों में उन्होंने करोड़ों के विकास कार्य कराए हैं.


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उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने उन्हें टिकट दिया और जनता ने भारी मतों से जिताया। “आज जो जनता शिकायत कर रही है, यही जनता सबसे ज्यादा मतों से विजय बनाकर भेजी थी,” सिंधु सोनकर ने कहा कि वे स्कूटी से जनता के बीच घूमते रहते हैं और लोगों की समस्याएं सुनते हैं। साथ ही उन्होंने बताया कि उनका एक सैलून है, जो कारीगर के भरोसे चलता है.


तुलसी घाट पर पर्यावरण कार्यशाला: महिलाओं ने सीखा कार्बन फुटप्रिंट कम करने का हुनर...
तुलसी घाट पर पर्यावरण कार्यशाला: महिलाओं ने सीखा कार्बन फुटप्रिंट कम करने का हुनर...
वाराणसी: स्थानीय तुलसी घाट पर मंगलवार को संकट मोचन फाउंडेशन और ‘मदर्स फॉर मदर’ के संयुक्त तत्वावधान में पर्यावरण संरक्षण विषयक कार्यशाला का आयोजन किया गया. इस जागरूकता कार्यक्रम में शहर के विभिन्न विद्यालयों और सामाजिक संस्थाओं से जुड़ी करीब 50 महिलाओं ने भाग लिया.कार्यशाला को संबोधित करते हुए ‘मदर्स फॉर मदर’ की अध्यक्षा आभा मिश्रा ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है. उन्होंने कहा कि यदि नई पीढ़ी को पर्यावरण के प्रति जागरूक बनाया जाए तो संरक्षण के प्रयासों को नई दिशा और मजबूती मिलेगी. उन्होंने महिलाओं से दैनिक जीवन में छोटे-छोटे बदलाव अपनाकर पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया.कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने एक विशेष प्रश्नावली के माध्यम से अपने व्यक्तिगत कार्बन फुटप्रिंट का आकलन किया. विशेषज्ञों ने उन्हें ऊर्जा की बचत, प्लास्टिक के कम उपयोग, सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने और पर्यावरण अनुकूल जीवनशैली अपनाने जैसे उपायों की जानकारी दी. साथ ही कार्बन उत्सर्जन कम करने के लिए व्यावहारिक कार्ययोजना भी तैयार कराई गई.ALSO READ:गंज शहीदा मस्जिद पर नया ट्विस्ट लगी नई नोटिस, फिर रेलवे ने हटाई बढ़ा संशय...कार्यशाला में यह भी बताया गया कि ‘मदर्स फॉर मदर’ संस्था तकनीक और कौशल विकास के माध्यम से महिलाओं को हुनरमंद बनाकर आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्य कर रही है. संस्था के प्रयासों से महिलाएं न केवल आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं, बल्कि सामाजिक और पर्यावरणीय जिम्मेदारियों के प्रति भी जागरूक बन रही हैं.इस अवसर पर अशोक पांडेय, गोपाल पांडेय, विकल्प दुबे सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे. कार्यक्रम के अंत में पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेते हुए सभी प्रतिभागियों ने अपने-अपने स्तर पर पर्यावरण के अनुकूल जीवनशैली अपनाने की प्रतिबद्धता जताई.
गंज शहीदा मस्जिद पर नया ट्विस्ट लगी नई नोटिस, फिर रेलवे ने हटाई बढ़ा संशय...
गंज शहीदा मस्जिद पर नया ट्विस्ट लगी नई नोटिस, फिर रेलवे ने हटाई बढ़ा संशय...
वाराणसी:काशी रेलवे स्टेशन के बाहर स्थित गंज शहीदा मस्जिद को लेकर मंगलवार को एक बार फिर नया विवाद खड़ा हो गया. मस्जिद के मुख्य द्वार पर अचानक एक नई नोटिस चस्पा कर दी गई. नोटिस में 13 जून को रेलवे प्रशासन की ओर से जारी नोटिस को प्रशासनिक कारणों से तत्काल प्रभाव से निरस्त करने की बात लिखी गई थी.नोटिस लगते ही इलाके में चर्चा तेज हो गई और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग व मस्जिद कमेटी के सदस्य मौके पर पहुंचने लगे. स्थानीय लोगों के मुताबिक मंगलवार दोपहर एक रेलकर्मी मस्जिद के गेट पर नई नोटिस लगाकर चला गया.नई नोटिस में कहा गया था कि काशी रेलवे स्टेशन के प्रथम प्रवेश द्वार के पास स्थित मस्जिद के संबंध में 13 जून को जारी नोटिस को रेलवे प्रशासन रद्द करता है. नोटिस पर उत्तर रेलवे वाराणसी का उल्लेख भी किया गया था.जैसे ही इसकी जानकारी फैली मस्जिद के बाहर लोगों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई. दोपहर से शाम तक स्थानीय नागरिक, मस्जिद कमेटी के सदस्य और आसपास के लोग पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए रहे. सबसे बड़ा सवाल यही रहा कि आखिर रेलवे प्रशासन ने अपना पुराना फैसला वापस क्यों लिया.हालांकि शाम करीब 5:50 बजे मामले ने नया मोड़ ले लिया. रेलवे अधिकारी आरपीएफ जवानों के साथ मौके पर पहुंचे और मस्जिद के गेट पर लगी नई नोटिस को हटवा दिया.मौके पर मौजूद रेलवे के आईडब्ल्यू काशी विनय सिंह ने बताया कि यह नई नोटिस रेलवे प्रशासन की ओर से जारी नहीं की गई थी. किसने इसे चस्पा किया इसकी जानकारी नहीं है. जानकारी मिलते ही आरपीएफ की मौजूदगी में उसे फाड़ दिया गया. उन्होंने साफ कहा कि रेलवे की ओर से पहले जारी नोटिस ही मान्य है.वहीं इस पूरे घटनाक्रम में नया दावा तब सामने आया जब नोटिस चस्पा करने वाले रेलकर्मी सुनील ने बताया कि उसने यह नई नोटिस रेलवे अधिकारियों के कहने पर लगाई थी. बाद में उन्हीं के निर्देश पर उसे फाड़कर हटा दिया गया.अब इस पूरे मामले में सवाल और संशय दोनों गहराते जा रहे हैं. आखिर नई नोटिस किसने जारी की किसके आदेश पर लगाई गई और फिर क्यों हटाई गई. देर शाम तक रेलवे प्रशासन की ओर से इस पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था. जिससे पूरे घटनाक्रम को लेकर असमंजस की स्थिति बनी रही.
 री-नीट फर्जी परीक्षा देते हुए, बीएचयू की नर्सिंग छात्रा गिरफ्तार...
री-नीट फर्जी परीक्षा देते हुए, बीएचयू की नर्सिंग छात्रा गिरफ्तार...
वाराणसी : आईएमएस-बीएचयू (IMS BHU) की बीएससी नर्सिंग द्वितीय वर्ष की छात्रा पूनम कुमारी को बिहार के लखीसराय जिले में री-नीट परीक्षा में दूसरी अभ्यर्थी की जगह फर्जी परीक्षा देते हुए पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया हैयह मामला बड़े सॉल्वर गिरोह का हिस्सा है, जिसमें कुल 30 लोगों को पकड़ा गया है.गिरोह में मेडिकल-नर्सिंग के 12 छात्र-छात्राएं शामिल है.पुलिस के अनुसार पूनम कुमारी झारखंड के गिरिडीह जिले के बरमसिया गांव की निवासी है. वह 2025 बैच की बीएससी नर्सिंग छात्रा है.लखीसराय के एक परीक्षा केंद्र पर मूल अभ्यर्थी मधु प्रिया की जगह फर्जी आधार कार्ड का इस्तेमाल कर वह परीक्षा देने बैठी थी.गिरोह ने इस फर्जीवाड़े के लिए पूनम से 10 लाख रुपये की डील की थी, जिसमें 50 हजार रुपये एडवांस में दिए जा चुके थे. बाकी रकम रिजल्ट और कॉलेज एलॉटमेंट के बाद देने की बात हुई था. गिरोह में विभिन्न मेडिकल कॉलेजों के छात्र-छात्राएं शामिल हैं, जिनमें एम्स के छात्र भी बताए जा रहे हैं।इस घटना से बीएचयू परिसर में हड़कंप मच गया है. आईएमएस-बीएचयू के निदेशक ब्रिगेडियर एसएन संखवार ने कहा, “अभी हमें पूरी जानकारी नहीं मिली है.लखीसराय पुलिस से संपर्क नहीं हुआ है. यदि हमारी छात्रा इसमें शामिल पाई गई तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.छात्रा पर पहले भी था केसजानकारी के अनुसार पूनम कुमारी पर यह पहला मामला नहीं है. वर्ष 2021 में भी बीएचयू के दंत संकाय (Dental Faculty) की एक छात्रा को नीट परीक्षा में फर्जीवाड़े के आरोप में सारनाथ के सेंट फ्रांसिस जेवियर स्कूल से गिरफ्तार किया गया था.उस समय भी अभ्यर्थी की मां को भी पकड़ा गया था.ALSO READ : लखनऊ अग्निकांड के बाद वीडीए का एक्शन, नियमों के उल्लंघन पर कई कोचिंग सेंटर सील...पुलिस जांच में जुटीलखीसराय पुलिस की टीम सभी गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है. प्रेरणा कुमार (पुलिस अधिकारी) ने कहा, “हम पूरे गिरोह की जांच कर रहे हैं. बायोमेट्रिक कर्मियों की मिली भगत की भी छानबीन की जा रही है.