पद्म विभूषण के घर वाले वार्ड में नहीं आता साफ पानी, लोगों का जीना हुआ दुश्वार
वाराणसी: गांडीव डिजिटल की खास पेशकश ‘सभासद’ में आज हमारी टीम पहुंची वार्ड नंबर 53 सिगरा, जहां की जमीनी हकीकत ने कई सवालों को जन्म दिया। यह वही वार्ड है जहां पद्म विभूषण पंडित छन्नूलाल मिश्र का निवास है और पूर्व एमएलसी का भी घर इसी क्षेत्र में आता है, लेकिन हैरानी की बात यह है कि इस वार्ड में आज भी लोगों को पीने के लिए साफ पानी तक नसीब नहीं हो रहा है.

पार्षद के कार्यालय पर जाने पर मिलते है उनके असिस्टेंट
स्थानीय लोगों ने बताया कि सड़कों की हालत बेहद जर्जर है, जगह-जगह गंदगी फैली रहती है और हैंडपंप होने के बावजूद उसमें पीने लायक पानी नहीं आता। तीन साल पहले हुए चुनाव के बाद से पार्षद सिंधु सोनकर को लोगों ने इलाके में बहुत कम देखा है। जनता का कहना है कि विकास कार्य नाम मात्र के हैं और जो भी काम हो रहा है, वह भी कुछ चुनिंदा कॉलोनियों तक ही सीमित है, जबकि गरीब बस्तियों में स्थिति जस की तस बनी हुई है।
स्थानीय निवासी रमेश सिंह ने बताया कि कूड़ा उठाने जैसी कुछ सेवाएं नियमित हो रही हैं, लेकिन बड़े मुद्दों पर अब भी काम की जरूरत है। वहीं राजेश कुमार तिवारी का कहना है कि जनप्रतिनिधि को हर हफ्ते जनता के बीच आकर उनकी समस्याएं सुननी चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है। लोगों को पार्षद से मिलने के लिए दफ्तर जाना पड़ता है, जहां अक्सर उनके असिस्टेंट ही मिलते हैं.
सीवर का पानी पीने से लोगों की जान को खतरा
उमेश उपाध्याय ने बताया कि सफाई व्यवस्था तो किसी हद तक ठीक है, लेकिन सीवर का पानी पीने के पानी में मिलने से लोगों की सेहत पर खतरा बना रहता है। छोटू प्रजापति ने कहा कि ट्यूबल होने के बावजूद पानी गंदा आता है और कई घरों तक पानी पहुंचता ही नहीं, जिससे पूरे इलाके में अव्यवस्था का माहौल बना हुआ है. वार्ड नंबर 53 की ये तस्वीर साफ तौर पर दिखाती है कि बुनियादी सुविधाओं को लेकर अब भी लोगों को संघर्ष करना पड़ रहा है.
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लगभग 2 घंटे तक वार्ड में घूमने के बाद जब गांडीव डिजिटल की टीम पार्षद सिंधु सोनकर से मिलने उनके आवास पर जनता की तरफ से की गई शिकायत को ले कर पहुंची तो पार्षद ने बताया कि उनके वार्ड में लगभग 19 से 20 हजार मतदाता हैं. क्षेत्र महमूरगंज से रथयात्रा, भगवान दास कॉलोनी, औरंगाबाद, सोनिया पानी टंकी, रामकुंड, जग्गू मंडी, श्रीनगर कॉलोनी होते हुए चंद्रिका नगर कॉलोनी तक फैला हुआ है, जहां नगर निगम का मुख्यालय भी आता है.
निरंतर चल रहा है विकास कार्य
इसी के आगे उन्होंने कहा कि लगभग 13.5 करोड़ रुपये की परियोजना पर काम चल रहा है। औरंगाबाद रोड पर नाली निर्माण, बायपास लाइन, जियो फाइबर की पाइपलाइन, स्टॉर्म वाटर, जलकल और सीवरेज की इंटरकनेक्टिविटी गलियों की इंटरलॉकिंग की जा रही है.
1500रुपया महीना में पार्षद जी क्या करे ?
पार्षद ने कहा कि न तो सरकार की ओर से कोई विशेष सुविधा मिलती है और न ही नगर निगम के अधिनियम में पर्याप्त प्रावधान हैं। “नगर निगम से मात्र 1500 रुपये महीना मिलता है, उसमें कोई पार्षद क्या कर पाएंगे,” उन्होंने बताया कि शहर में लगभग 40 हजार करोड़ रुपये के विकास कार्य चल रहे हैं, जो मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के कोटे से भी हो रहे हैं। पार्षद कोटे से 30 लाख रुपये वार्षिक मिलते हैं, लेकिन पिछले तीन वर्षों में उन्होंने करोड़ों के विकास कार्य कराए हैं.
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उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने उन्हें टिकट दिया और जनता ने भारी मतों से जिताया। “आज जो जनता शिकायत कर रही है, यही जनता सबसे ज्यादा मतों से विजय बनाकर भेजी थी,” सिंधु सोनकर ने कहा कि वे स्कूटी से जनता के बीच घूमते रहते हैं और लोगों की समस्याएं सुनते हैं। साथ ही उन्होंने बताया कि उनका एक सैलून है, जो कारीगर के भरोसे चलता है.



