Daily Bulletin Tag
AI गार्गी दैनिक बुलेटिन

पैतृक गांव में CM योगी आदित्यनाथ, अपने रिश्तेदारों से की मुलाकात

पैतृक गांव में CM योगी आदित्यनाथ, अपने रिश्तेदारों से की मुलाकात
Feb 07, 2026, 12:31 PM
|
Posted By Preeti Kumari

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने दो दिवसीय उत्तराखंड के दौरे पर हैं. इस दौरान उन्होंने बीते शुक्रवार को अपने पैतृक गांव पंचूर में रात्रि विश्राम किया और आज शनिवार को गांव के भ्रमण पर निकल पड़े. जहां उन्होंने लोगों से मुलाकात कर उनका हाल-चाल जाना, इस दौरान एक नजारे ने हर किसी का ध्यान अपनी ओर आकर्षित कर लिया. जब उन्होंने अपने भ्रमण के दौरान बच्चों को टाफी-चाकलेट देकर खूब दुलार किया और प्यार से कहा, हम भी तुम्हारे दादा हैं.


j


सीएम योगी ने खेती-बाड़ी को बढ़ावा देने की दी सलाह


अपने भ्रमण के दौरान यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ग्रामीण वासियों से वहां बसने और खेती करने के लिए काफी हद तक प्रेरित किया. सीएम के इस बाते ये साफ जाहिर कर रही थी कि, उन्होंने ग्रामीणों को अपने गांव और पुरानी यादों से हमेशा ही जुड़े रहने और खेती-बाड़ी को बढ़ावा देने की सलाह दी. जो एक सीएम का कर्तव्य होता है.


y


जिसमें की पढ़ाई उसी का सीएम योगी ने किया विकास


दरअसल, उत्तराखड़ दौरे पर आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने पहले दौरे के पहले दिन यानी बीते शुक्रवार को उस स्कूल के नवनिर्मित कक्षों का उद्घाटन किया, जहां से उन्होंने कक्षा नौ तक पढ़ाई की है. उद्घाटन का ये बड़ा कदम शिक्षा को लेकर उनकी रुचि और प्रेम दोनों को ही दर्शाता है. बहुत कम लोगों को ये मौका मिलता है कि जिस परिसर से उन्होंने पढ़ाई की वो वहां का विकास को बढ़ावा देने के लिए सुनिश्चित कर सकें.


hgfd


जी हां, अपने जन्मस्थान का प्यार पाना और वहां की जनता के लिए कुछ करना एक अलग ही सौभाग्य की बात होती है. जो योगी आदित्यनाथ के दौरे में देखने को मिला. बता दें, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का पैतृक गांव पौड़ी गढ़वाल के यमकेश्वर में पंचूर पहाड़ों पर स्थित है. जहां वो काफी समय बाद दो दिन के दौरे पर पहुंचे. एक बार फिर लोगों ने देखा कि इतने बड़े राज्य के मुखिया का परिवार कितना साधारण है, पृष्ठभूमि कितनी सामान्य है.

बुद्ध पूर्णिमा: सारनाथ बौद्ध अनुयायियों से गुलजार, भगवान बुद्ध के अस्थि अवशेष के किए दर्शन
बुद्ध पूर्णिमा: सारनाथ बौद्ध अनुयायियों से गुलजार, भगवान बुद्ध के अस्थि अवशेष के किए दर्शन
Buddha Purnima: Sarnath buzzes with Buddhist followers, offering prayers to the relics of Lord Buddhaवाराणसी: वैशाख बुद्ध पूर्णिमा के मौके पर शुक्रवार को सारनाथ गुलजार है. इस अवसर पर सुबह मूलगंध कुटी बौद्ध मंदिर में हजारों बौद्ध अनुयायी भगवान बुद्ध के अस्थि अवशेष का दर्शन पूजन कर निहाल हुए. दिन भर बौद्ध भिक्षुओं की चहल पहल बनी रही. मंदिर और मठों में विशेष सजावट की गई. बौद्ध मंदिर के विहाराधिपति भिक्षु आर सुमित्ता नन्द थेरो के नेतृत्व में हीरा मोती से जड़ित फ्लास्क में रखा बुद्ध अस्थि अवशेष मन्दिर के हाल में दर्शन को रखा गया.जापानी बौद्ध मंदिर में किए दर्शन पूजन थाईलैंड, वियतनाम, श्रीलंका के साथ महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, बिहार के बोध गया, के अलावा यूपी के श्रावस्ती, कुशीनगर, गाजीपुर, जौनपुर, चंदौली,अन्य जिलों से बौद्ध अनुयायी एंव स्थानीय बौद्ध मठ के बौद्ध भिक्षुओं ने बुद्ध अस्थि अवशेष के दर्शन किये. इस दौरान भिक्षु चंदिमा, भिक्षु शीलवश, भिक्षु धम्म रत्न, भिक्षु रत्नाकर, सहित थाई, तिब्बती,जापानी, वियतनाम, कम्बोडिया बौद्ध मंदिर के बौद्ध भिक्षु शामिल रहे. इसके पूर्व मन्दिर में सुबह 6 बजे विश्व शांति के लिए बौद्ध भिक्षुओं ने पूजा की. इसके साथ यहां आए बौद्ध अनुयायियों ने सारनाथ के कम्बोडिया, थाईलैंड, वियतनाम, तिब्बती, जापानी बौद्ध मंदिर में दर्शन पूजन किए.Also Read: कमर्शियल LPG सिलेंडर के संग महंगा हुआ 5 किलो वाला 'छोटू', जानें दामों में कितनी बढ़ोतरीबुद्ध पूर्णिमा पर सारनाथ आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भोजन दान किया गया. इसके पहले पहला भोजन भिक्षु चण्डपदुम लेकर भगवान बुद्ध के चढ़ाया गया. धम्म शिक्षण केंद्र के प्रभारी भिक्षु चंदिमा ने बताया कि मूलगंध कुटी बौद्ध मंदिर परिसर में सुबह 10 बजे से रात 10 बजे तक भोजन की व्यवस्था की गई. इस दौरान सारनाथ में दुकानों पर भी भीड देखी गई. अवकाश होने और मौसम के तकाजे के कारण आम लोग भी बडी संख्‍या में लोगा पहुंचे.https://www.youtube.com/watch?v=OxmuubD2ofQ
मजदूर दिवस पर बड़ा सवाल—क्या सिर्फ भाषणों तक सीमित हैं अधिकार...
मजदूर दिवस पर बड़ा सवाल—क्या सिर्फ भाषणों तक सीमित हैं अधिकार...
वाराणसी: आज पूरे देश में अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवसयानी मजदूर दिवस उत्साह और सम्मान के साथ मनाया जा रहा है. यह दिन श्रमिकों के संघर्ष, उनके अधिकारों और समाज के निर्माण में उनके अहम योगदान को याद करने के लिए समर्पित है.मजदूर दिवस की शुरुआत 19वीं सदी में श्रमिकों के काम के घंटे तय करने की मांग को लेकर हुए आंदोलनों से जुड़ी है.भारत में पहली बार 1 मई 1923 को चेन्नई में इस दिवस को मनाया गया था, जिसकी पहल हिंदुस्तान लेबर किसान पार्टी ने की थी.आज के दिन विभिन्न श्रमिक संगठनों और सामाजिक संस्थाओं द्वारा रैलियां, संगोष्ठियां और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं.वाराणसी सहित प्रदेश के कई जिलों में मजदूरों को उनके अधिकारों, न्यूनतम वेतन, सामाजिक सुरक्षा और सुरक्षित कार्यस्थल को लेकर जागरूक किया जा रहा है.विशेषज्ञों का कहना है कि बदलते समय के साथ मजदूरों की भूमिका और चुनौतियां भी बदल रही हैं.खासकर असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिकों को आज भी रोजगार की अस्थिरता, कम वेतन और सामाजिक सुरक्षा की कमी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है.also read:कमर्शियल LPG सिलेंडर के संग महंगा हुआ 5 किलो वाला 'छोटू', जानें दामों में कितनी बढ़ोतरीसरकार द्वारा श्रमिकों के हित में कई योजनाएं चलाई जा रही हैं, लेकिन उनके प्रभावी क्रियान्वयन की आवश्यकता जमीनी स्तर पर अब भी महसूस की जा रही है.मजदूर दिवस के अवसर पर लोगों ने श्रमिकों के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए उनके बेहतर भविष्य और अधिकारों की सुरक्षा का संकल्प लिया.
कमर्शियल LPG सिलेंडर के संग महंगा हुआ 5 किलो वाला 'छोटू', जानें दामों में कितनी बढ़ोतरी
कमर्शियल LPG सिलेंडर के संग महंगा हुआ 5 किलो वाला 'छोटू', जानें दामों में कितनी बढ़ोतरी
5 kg 'Chhotu' becomes costlier along with commercial LPG cylinder, know how much the price has increasedअमेरिका और ईरान के बीच चल रहे महायुद्ध का असर LPG सिलिंडर पर देखने को मिला. इस युद्ध के चलते देशभर में गैस सिलेंडर को लेकर महामारी की स्थिति शुरू हो गई, जहां कड़ी मशक्कत के बाद जाकर किसी तरह गैस मिलती वो भी घंटों-घंटों भर लाइनों में लगना पड़ता, इतना ही नहीं, कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतों में आज शुक्रवार से भारी बढ़ोतरी की गई है. इससे फूड और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर के व्यवसायों के लिए लागत बढ़ जाएगी, जबकि घरेलू LPG की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है. हालांकि,किलोग्राम वाले FTL (फ्री ट्रेड LPG) सिलेंडर की कीमत में भी तत्काल प्रभाव से 261 रुपये की बढ़ोतरी की गई है.कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमत में बढ़ोतरी जानकारी के अनुसार, 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमत में 993 रुपये की बढ़ोतरी की गई है, इससे आज से दिल्ली में इसकी कीमत 3,071.50 रुपये हो गई है, वहीं, 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत में कोई बदलाव नहीं हुआ है, जिसका उपयोग देश भर में लगभग 33 करोड़ घरों द्वारा किया जाता है. यह बदलाव सिर्फ कमर्शियल और थोक LPG के लिए लागू होगा. जिनका भारत में कुल LPG खपत में बहुत कम हिस्सा है. घरेलू LPG, जो सब्सिडी वाला है और खाना पकाने के लिए बड़े पैमाने पर उपयोग किया जाता है, उसे इस बदलाव से बाहर रखा गया है.सिलेंडर की कीमत में भारी बढ़ोतरी का असर बात करें 19 किलोग्राम वाले सिलेंडर की कीमत में हुई इस भारी बढ़ोतरी का असर होटल, रेस्टोरेंट, बड़े-बड़े बेकरी और अन्य ऐसे प्रतिष्ठानों पर पड़ेगा, जो अपने रोजमर्जा के कार्यों के लिए कमर्शियल LPG पर निर्भर रहते हैं. उद्योग से जुड़े लोग अक्सर बढ़ी हुई लागत का कुछ हिस्सा उपभोक्ताओं पर डाल देते हैं, जिसका असर आने वाले हफ्तों में भोजन और डाइनिंग की कीमतों में एक बड़े इजाफे के माध्यम के तौर पर देखने को मिलेगा. दूसरी ओर गैस की किल्लत और महंगाई की वजह से बड़े होटल, रेस्टोंरेट से लेकर पुटपाथ वाले ठेले के खान-पान भी काफी महंगे हो चुके है. जिसे आम जनता का काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.घरेलू LPG के दामों में नहीं कोई बदलावकमर्शियल गैस सिलेंडर के बढ़ते दामों की तुलना में सरकार ने घरेलू LPG के लिए एक संतुलित रवैया अपनाया है, ताकि, यह परिवारों के लिए किफायती बनी रहे. 14.2 किलोग्राम वाले सिलेंडर की कीमत पिछले कई महीनों से बढ़ाए नहीं गए है, जिससे महंगाई के बढ़ते दबाव के बीच उपभोक्ताओं को राहत मिली है, वहीं, 5 किलोग्राम वाला फ्री ट्रेड LPG (FTL) सिलेंडर, जिसका इस्तेमाल मुख्य रूप से छोटे प्रतिष्ठान और सीमित व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए किया जाता है, उसमें सब्सिडी नहीं दिया जाता है. इसकी कीमत बाजार दरों के करीब होती है, जिससे यह वैश्विक उतार-चढ़ाव के प्रति अधिक संवेदनशील हो जाता है.https://www.youtube.com/watch?v=OxmuubD2ofQ