Daily Bulletin Tag
AI गार्गी दैनिक बुलेटिन

कांग्रेस ने गिनाई बिहार सरकार की नाकामियां, बोले- अन्नदाताओं पर अत्याचार

कांग्रेस ने गिनाई बिहार सरकार की नाकामियां, बोले- अन्नदाताओं पर अत्याचार
Oct 06, 2025, 12:27 PM
|
Posted By Preeti Kumari

Bihar Politics : बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर बीते रविवार को पटना में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई थी. इसी सिलसिले में कांग्रेस नेता अभय दुबे ने बिहार की राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन यानि(राजग) सरकार पर किसानों के हितों के खिलाफ काम करने का गंभीर आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि इस राज्य की मौजूदा सरकार न केवल किसानों की आजीविका छीन रही है, बल्कि योजनाओं के नाम पर निजी कंपनियों को फायदा पहुंचाने का काम कर रही है.


ी


हालांकि, किसान अपने कठिन परिश्रम करके देश को अन्न दे रहे हैं, लेकिन केंद्र और राज्य की राजग सरकारें उनके जीवन के अवसरों को खत्म करने में लगी हुई हैं. बड़े अफसोस की बात है जो किसान देश का पेट भरते हैं, आज उनकी भलाई के बारे में सोचने के बजाय वो खुद अपने पेट की चिंता कर रहे हैं. यहीं कारण है कि सरकार की नीतियां लगातार किसानों को कमजोर करने के साथ-साथ अन्नदाताओं को उनके लाभ से वंचित रख रही हैं.


जज


एमएसपी तय करने की प्रक्रिया पर सवाल


कांग्रेस नेता ने केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में 2026-27 विपणन सत्र के लिए छह रबी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में की गई बढ़ोतरी पर भी सवाल उठाया. जहां उन्होंने बिहार सरकार पर कटाक्ष कर कहा कि एमएसपी तय करने की प्रक्रिया में राज्यों की भूमिका काफी अहम होती है. लेकिन, नीतीश कुमार ने तो अपने कार्यकाल को जिम्मेदारी समझने की बजाय उसकी धज्जियां उड़ा कर रख दी है. क्योंकि राज्य सरकार को उत्पादन लागत का मूल्यांकन कर उसका विश्लेषण केंद्र को भेजना चाहिए था, पर बिहार सीएम अपने इस फर्ज पर टाल-मटोल करने में लगे हुए हैं.


द


इसके अलावा कांग्रेस नेता ने केंद्र की प्रधानमंत्री कुसुम योजना को लेकर भी बिहार सरकार की नाकामी गिनाई. और दावा किया कि 2019 में शुरू हुई पीएम कुसुम योजना के तहत बिहार की झोली में पिछले पांच सालों में एक भी रुपया नहीं आया है. आखिर क्यों इस तरह का रवैया बिहार में देखने को मिल रहा है. जब अन्य राज्यों में यह योजना लागू हो चुकी है तो फिर यहां क्यों नहीं. कहीं ऐसा तो नहीं कि बिहार सरकार अपने सत्ता की आड़ में भ्रष्टाचार का खेल खेलने में लगी हुई है.


फसल बीमा योजना पर निशाना


अभय दुबे ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को निजी कंपनियों के मुनाफे का माध्यम बताते हुए कहा कि इस योजना से किसानों को वास्तविक राहत नहीं मिल रही. ऐसे में उन्होंने आरोप लगाया कि बीमा कंपनियां प्रीमियम के नाम पर करोड़ों रुपये का घोटाला करती हैं. इतना ही नहीं, जबकि किसानों को नुकसान होने पर उचित मुआवजा तक नहीं दिया जाता है. जिससे ये साफ जाहिर होता है कि, प्रधानमंत्री योजना का ये लाभ किसानों की जगह कंपनियों को मिल रहा है.


ज


फिलहाल, बिहार सरकार की इन नाकामियों पर चिंता जताते हुए नेता दुबे ने सरकार से यह मांग की है कि किसानों के हितों को ध्यान में रखकर उन्हें उनका हक जरूर दें. हालांकि, कांग्रेस पार्टी किसानों के साथ हमेशा से ही खड़ी है और आने वाले चुनाव में हम किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ भी जनआंदोलन छेड़ेंगे.

वाराणसी में छत से गिरकर ओडिशा की छात्रा की मौत, पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही
वाराणसी में छत से गिरकर ओडिशा की छात्रा की मौत, पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही
वाराणसी : लोहता के धन्नीपुर गांव स्थित गर्ल्स हॉस्टल में रविवार रात 12वीं की छात्रा संदिग्ध परिस्थितियों में छत से नीचे गिर गई. गंभीर रूप से घायल छात्रा को पहले कोरौता-गोपालपुर स्थित सेंट मैरिज अस्पताल ले जाया गया. हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उसे मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा रेफर कर दिया. इलाज के दौरान सोमवार दोपहर उसकी मौत हो गई. पुलिस आत्महत्या समेत अन्य पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है.मृतका की पहचान ओडिशा के राउरकेला के बिसरा थाना क्षेत्र के संतोषपुर गांव निवासी बेनीड एक्का की 18 वर्षीय बेटी अनामिका एक्का के रूप में हुई. वह धन्नीपुर स्थित गर्ल्स हॉस्टल में रहकर चांदपुर स्थित एक कॉलेज में 12वीं की पढ़ाई कर रही थी. रात वह हॉस्टल के पीछे की छत से संदिग्ध परिस्थितियों में नीचे गिर गई. घटना की जानकारी मिलने पर हॉस्टल की वार्डन उसे तत्काल अस्पताल ले गईं.हालत गंभीर होने पर उसे मंडलीय अस्पताल रेफर किया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई. अस्पताल से मिले मेमो के आधार पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए शिवपुर भेज दिया.सूचना मिलने पर छात्रा के पिता भी थाने पहुंचे. उन्होंने पुलिस से किसी तरह की कार्रवाई नहीं करने की बात कही. उन्होंने बताया कि उनकी बड़ी बेटी भी इसी हॉस्टल में रहकर पढ़ाई कर चुकी है. घटना की जानकारी पर एडीसीपी वरुणा जोन, एसीपी रोहनिया और थानाध्यक्ष मौके पर पहुंचे और जांच की. पुलिस ने छात्रा के कमरे से एक छोटा बैग और कुछ किताबें कब्जे में लेकर जांच शुरू की है. फोरेंसिक टीम और डॉग स्क्वायड ने भी मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाए.ALSO READ : मेहनत की कमाई से पढ़ाया, आबकारी विभाग में सिपाही बनते ही बदला पत्‍नी का रवैयाथानाध्यक्ष अभिजीत सिंह ने बताया कि हॉस्टल में लगे सीसीटीवी कैमरों के डीवीआर को कब्जे में लेकर फुटेज की जांच की जा रही है. हॉस्टल की वार्डन से भी पूछताछ की गई है. पुलिस छात्रा के छत से गिरने के कारणों और घटनाक्रम की जांच कर रही है.
मेहनत की कमाई से पढ़ाया, आबकारी विभाग में सिपाही बनते ही बदला पत्‍नी का रवैया
मेहनत की कमाई से पढ़ाया, आबकारी विभाग में सिपाही बनते ही बदला पत्‍नी का रवैया
वाराणसी : मेहनत की कमाई से पत्नी को पढ़ाकर प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कराने और आबकारी विभाग में महिला सिपाही बनने तक सहयोग करने वाले पति ने अब प्रताड़ना और धमकी देने का आरोप लगाया है. पति के प्रार्थना पत्र पर अदालत के आदेश के बाद शिवपुर पुलिस ने पत्नी समेत चार लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. पति का आरोप है कि सरकारी नौकरी मिलने के बाद पत्नी का व्यवहार बदल गया और वह उसे मजदूर कहकर नीचा दिखाने लगी.शिकायत में माता प्रसाद यादव ने बताया कि उनकी शादी मई 2011 में ममता यादव से हुई थी. उन्होंने अपनी मेहनत की कमाई से पत्नी की पढ़ाई कराई. ममता को बीए, एमए और बीएड की शिक्षा दिलाने के साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में भी पूरा सहयोग किया. आरोप है कि वर्ष 2022 में ममता का प्रयागराज में आबकारी विभाग में महिला सिपाही के पद पर चयन हो गया. पति का आरोप है कि नौकरी मिलने के बाद ममता के व्यवहार में बदलाव आया.वह कथित तौर पर उन्हें मजदूर कहकर अपमानित करने लगीं और पद का रौब दिखाकर झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देने लगीं. शिकायत के अनुसार जनवरी 2024 में ममता घर से 48 हजार रुपये और आभूषण लेकर चली गईं. माता प्रसाद ने इसका विरोध किया तो उन्हें और परिवार के सदस्यों को जेल भिजवाने की धमकी दी गई.माता प्रसाद का कहना है कि उन्होंने मामले की शिकायत शिवपुर थाने में की, लेकिन कार्रवाई नहीं होने पर अदालत की शरण ली. अदालत में दाखिल याचिका पर सुनवाई के बाद एसीजेएम के निर्देश पर शिवपुर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की.ALSO READ: शास्त्रीघाट पर भूख हड़ताल के तीसरे दिन बृजेश मिश्रा की बिगड़ी तबीयत, प्रदर्शनकारियों में बढ़ी चिंताशिवपुर थाना प्रभारी अजीत कुमार वर्मा ने बताया कि ममता यादव, उनके पिता नखड़ू समेत चार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है. पुलिस मामले में लगाए गए आरोपों की जांच कर रही है. जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
शास्त्रीघाट पर भूख हड़ताल के तीसरे दिन बृजेश मिश्रा की बिगड़ी तबीयत, प्रदर्शनकारियों में बढ़ी चिंता
शास्त्रीघाट पर भूख हड़ताल के तीसरे दिन बृजेश मिश्रा की बिगड़ी तबीयत, प्रदर्शनकारियों में बढ़ी चिंता
वाराणसी। यूजीसी के खिलाफ शास्त्रीघाट पर चल रहे शांतिपूर्ण प्रदर्शन के बीच भूख हड़ताल के तीसरे दिन प्रदर्शनकारी बृजेश मिश्रा की तबीयत बिगड़ने की सूचना है। लगातार भूख हड़ताल के कारण उन्हें कमजोरी महसूस होने लगी है। इसके साथ ही शरीर में दर्द की शिकायत भी बताई जा रही है। बृजेश मिश्रा की तबीयत बिगड़ने की खबर के बाद प्रदर्शन स्थल पर मौजूद प्रदर्शनकारियों में चिंता का माहौल है।बताया जा रहा है कि यूजीसी से जुड़ी मांगों को लेकर प्रदर्शनकारी शास्त्रीघाट पर शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन कर रहे हैं। इसी क्रम में बृजेश मिश्रा ने भूख हड़ताल शुरू की है। मंगलवार को भूख हड़ताल का तीसरा दिन है। लगातार तीन दिनों से अन्न ग्रहण नहीं करने के कारण उनकी तबीयत प्रभावित होने लगी है।प्रदर्शनकारियों के मुताबिक, शुरुआत में बृजेश मिश्रा सामान्य स्थिति में थे, लेकिन भूख हड़ताल के तीसरे दिन उन्हें कमजोरी और शरीर में दर्द की शिकायत होने लगी। उनकी तबीयत बिगड़ने के बाद साथी प्रदर्शनकारी उनकी स्थिति पर लगातार नजर रख रहे हैं।ALSO READ : आईएम बीएचयू में सेंट्रल बैंक के वरिष्ठ अधिकारियों के लिए सेवानिवृत्ति पूर्व प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू.प्रदर्शन स्थल पर मौजूद लोगों का कहना है कि आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से जारी रखा जाएगा। प्रदर्शनकारियों की ओर से यूजीसी के समक्ष अपनी मांगें रखी गई हैं और उनका कहना है कि जब तक इन मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।वहीं, बृजेश मिश्रा की तबीयत बिगड़ने के बाद प्रदर्शनकारियों के बीच स्वास्थ्य को लेकर चिंता बढ़ गई है। प्रदर्शन स्थल पर मौजूद साथी उनके स्वास्थ्य की निगरानी कर रहे हैं। भूख हड़ताल लंबी खिंचने की स्थिति में स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां और बढ़ने की आशंका को लेकर भी प्रदर्शनकारी चिंतित हैं।फिलहाल प्रदर्शन स्थल पर आंदोलन जारी है और बृजेश मिश्रा की तबीयत पर सभी की नजर बनी हुई है।