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देव दीपावली - ट्रैफिक का वृहद प्लान, घर से निकलने से पहले रखें इन बातों का ध्यान

देव दीपावली  - ट्रैफिक का वृहद प्लान, घर से निकलने से पहले रखें इन बातों का ध्यान
Nov 03, 2025, 09:50 AM
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Posted By Gaandiv

वाराणसी - विगत वर्षों की भांति इस साल भी धार्मिक परम्पराओं के अनुसार कार्तिक पूर्णिमा स्नान और देव दीपावली का पवित्र त्योहार पांच नवम्बर को मनाया जायेगा. मान्यता है कि इस दिन भगवान शिव ने त्रिपुरासुर नामक राक्षस का वध किया था और विष्णु जी ने मत्स्य अवतार भी लिये थे, देव दीपावली देवों के द्वारा मनाया जाता है. पौराणिक धार्मिक तथा भगवान शिव की प्राचीन नगरी काशी में यह पवित्र त्योहार काफी धूमधाम से मनाया जाता है. इस दिन पवित्र गंगा नदी के जल से स्नान करके नदी के किनारे दीपदान किया जाता है. इस अवसर पर, दीप प्रज्वलित करने, लेजर शो और नापिंग प्रेजेटेशन को देखने के लिए अत्यधिक संख्या में श्रद्धालु एवं पर्यटक आते हैं.

इससे शहर में यातायात का दबाव काफी बढ़ सकता है, जिसके दृष्टिगत सुगम आवागमन के लिए यातायात पुलिस कमिश्नरेट- वाराणसी द्वारा निम्नानुसार ट्रैफिक एडवाइजरी जारी किया गया है.

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यातायात डायवर्जन बाह्य जनपदीय प्लान


1. गाजीपुर, मऊ से वाया वाराणसी नगर होकर जनपद चंदौली, सोनभद्र को जाने वाले वाहन- सभी बड़े एवं मालवाहक वाहन का वाराणसी नगर क्षेत्र में प्रवेश वर्जित होगा. चार पहिया वाहन संदहा से बायें रिंगरोड होकर अपने गंतव्य को जायेंगे. सभी बड़े एवं मालवाहक वाहन संदहा से दाहिने मुड़कर रिंगरोड से रखौना ओवरब्रिज से होकर अपने गंतव्य को जायेंगे.


2. आजमगढ़ से वाया वाराणसी नगर होकर जनपद चंदौली, सोनभद्र को जाने वाले वाहन- सभी बड़े एवं मालवाहक का वाराणसी नगर क्षेत्र में प्रवेश वर्जित होगा. चार पहिया वाहन आजमगढ़ अण्डरपास (बावन बीघा) से बायें रिंगरोड होकर अपने गंतव्य को जायेंगे. सभी बड़े एवं मालवाहक वाहन आजमगढ़ अण्डरपास (बावन बीघा) से दाहिने मुड़कर रिंगरोड से रखौना ओवरब्रिज से गंतव्य को जायेंगे.


3. जौनपुर से वाया वाराणसी नगर होकर जनपद चंदौली, सोनभद्र को जाने वाले वाहन- सभी बड़े एवं मालवाहक वाहन का वाराणसी नगर क्षेत्र में प्रवेश वर्जित होगा. चार पहिया वाहन रिंगरोड से बाये होकर अपने गंतव्य को जायेंगे. सभी बड़े एवं मालवाहक वाहन हरहुआ से रखौना ओवरब्रिज से होकर अपने गंतव्य को जायेंगे.


4. गाजीपुर, मऊ, आजमगढ़, जौनपुर से वाया वाराणसी नगर होकर जनपद भदोही, मिर्जापुर, प्रयागराज को जाने वाले सभी बड़े एवं मालवाहक वाहन का वाराणसी नगर क्षेत्र में प्रवेश वर्जित होगा. सभी बड़े एवं मालवाहक वाहन रिंगरोड होकर हरहुआ से बाबतपुर से अपने गंतव्य को जायेंगे.

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5. चंदौली, सोनभद्र एवं मिर्जापुर से वाया वाराणसी नगर होकर जनपद गाजीपुर, मऊ, आजमगढ़, जौनपुर को जाने वाले सभी बड़े एवं मालवाहक वाहन का वाराणसी नगर क्षेत्र में प्रवेश वर्जित होगा. सभी बड़े एवं मालवाहक वाहन नेशनल हाइवे 02 से रखौना से रिंगरोड होकर अपने गंतव्य को जायेंगे.


6. प्रयागराज से वाया वाराणसी नगर होकर जनपद गाजीपुर, मऊ, आजमगढ़, जौनपुर को जाने वाले सभी बड़े एवं मालवाहक वाहन का नगर क्षेत्र में प्रवेश वर्जित होगा. सभी बड़े एवं मालवाहक वाहन नेशनल हाइवे 02 से रखौना अण्डरपास से रिंग रोड के माध्यम से अपने गंतव्य को जायेंगे.


7. भदोही से वाया वाराणसी नगर होकर जनपद गाजीपुर, मऊ, आजमगढ़, जौनपुर को जाने वाले सभी बड़े एवं मालवाहक वाहन का वाराणसी नगर क्षेत्र में प्रवेश वर्जित होगा. सभी बड़े एवं मालवाहक वाहन रिंग रोड के माध्यम से अपने गंतव्य को जायेंगे.

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शहर के अंदर ट्रैफिक रोक, बैरियर एवं डायवर्जन प्लान


1. सुजाबाद पुलिस चौकी से किसी भी प्रकार के वाहन को राजघाट की तरफ नहीं आने दिया दिया जायेगा, इन वाहनों को रामनगर की तरफ डायवर्ट कर दिया जायेगा, जो पार्किंग P-29 लंका मैदान रामनगर मे ही पार्क कराये जायेंगे.


2. भदऊ चुंगी तिराहा- भदऊ चुंगी से भैसासुर घाट की तरफ किसी भी प्रकार के वाहनों को नहीं आने दिया जायेगा. इन वाहनों को पार्किंग P-27 रेलवे कॉलोनी के मैदान में पार्क कराया जायेगा. समयानुसार पास युक्त वाहन ही नमो घाट की तरफ जा सकेगें.


3. लाट भैरव चौकी/कज्जाकपुरा ओवरब्रिज के नीच लाट भैरव चौकी/कज्जाकपुरा ओवरब्रिज की ओर से किसी भी प्रकार के वाहन भदउचुंगी की तरफ नही जाने दिया जायेगा. समयानुसार पास युक्त वाहन ही नमो घाट की तरफ जा सकेगें.


4. जलालीपुर ओवरब्रिज ढलान के पास डायवर्जन- जलालीपुर ओवरब्रिज ढलान के आगे किसी प्रकार के वाहन को भदउचुंगी की तरफ नही जाने दिया जायेगा तथा भदउचुंगी की तरफ जाने वाले दो पहिया वाहनों को P-28 जलालीपुरा ओवरब्रिज के ऊपर पार्क कराया जायेगा. समयानुसार पास युक्त वाहन ही नमो घाट की तरफ जा सकेगें.


5. गोलगड्‌डा तिराहा से किसी भी किसी प्रकार के वाहनों को विशेवरगंज की तरफ नहीं आने दिया जायेगा. इन वाहनों को यू-टर्न कराकर लकडमण्डी की तरफ डायवर्ट कर दिया जाएगा. समयानुसार पास युक्त वाहन ही नमो घाट की तरफ जा सकेगें.


6. लकड़मण्डी तिराहा से किसी भी प्रकार के वाहनों को गोलगड्‌डा, भदउचुंगी की तरफ नहीं जाने दिये जायेगा इन वाहनों को वहीं से डायवर्ट कराकर कैण्ट ओवरब्रिज होते हुए अपने गन्तव्य को भेजेंगे. समयानुसार पास युक्त वाहन ही नमो घाट की तरफ जा सकेगें.

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7. विशेश्वरगंज तिराहा मछोदरी की तरफ से आने वाले समस्त प्रकार के वाहनों को विशेश्वरगज तिराहा से आगे नहीं जाने दिया जायेगा, इन वाहनों को गोलगड्‌डा की तरफ डायवर्ट कर दिया जाएगा.

8. मैदागिन चौराहे से किसी भी प्रकार के वाहनों को थाना चौक होते हुये गौदौलिया की तरफ नहीं जाने दिया जायेगा. जिनमें चार पहिया/तीन पहिया/पैडल रिक्शा शामिल है, को कबीर चौरा एवं विशेश्वरगंज तिराहा की तरफ डायवर्ट कर दिया जायेगा. चार पहिया वाहन मैदागिन स्थित टाउनहॉल पार्किंग P-10 में पार्क कराये जायेंगे.


9. काशिका तिराहा से पिपलानी, कबीर चौरा की तरफ कोई भी वाहन नही जायेगें.


10. लहुराबीर चौराहा से किसी भी प्रकार के चार/तीन पहिया वाहनों को बेनिया की तरफ नहीं जाने दिया जायेगा. इन वाहनों को मलदहिया चौराहा एवं कशिका तिराहा की तरफ डायवर्ट कर दिया जाएगा.


11. बेनिया तिराहे से किसी भी प्रकार के चार और तीन पहिया वाहनों को रामापुरा की तरफ नहीं जाने दिया जायेगा. इन वाहनों में से चार पहिया प्राइवेट वाहनों को बेनिया पार्किंग P-06 में पार्क कराया जाएगा तथा तीन पहिया वाहन को पियरी की तरफ डायवर्ट कर दिया जायेगा.


12. रामापुरा चौराहे से गोदौलिया की तरफ किसी दशा में चार पहिया वाहन को नहीं जाने दिया जायेगा, इन वाहनों को लक्सा एवं बेनिया तिराहा की तरक डायवर्ट कर दिया जायेगा.

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13.गोदौलिया चौराहा से किसी भी प्रकार के वाहन को किसी भी दशा में मैदागिन व दशाश्वमेध घाट की तरफ नहीं जाने दिया जायेगा. इन वाहनों रामापुरा एवं सोनारपुरा की तरफ डायवर्ट कर दिया जायेगा. दो पहिया वाहनों को गौदोलिया स्थित मल्टीलेवेल पार्किंग P-06 में ही पार्क कराया जायेगा.


14. लक्सा तिराहा से रामापुरा की तरफ किसी दशा में कोई भी वाहन को नहीं दिया जाने दिया जाएगा, इन वाहनों को गुरूबाग एवं औरंगाबाद की तरफ डायवर्ट कर दिया जाएगा.


15. सोनारपुरा तिराहा से गोदौलिया चौराहा की तरफ किसी प्रकार के वाहन को नहीं जाने दिया जाएगा, इन वाहनों को ब्रॉडवे तिराहा की तरफ डायवर्ट किया जाएगा.


16. ब्रॉडवे तिराहा- ब्रॉडवे तिराहा से अग्रवाल तिराहा की तरफ किसी प्रकार के वाहन को नहीं जाने दिया जाएगा, इन वाहनों को पार्किंग स्थल P-16 ब्राडवे से रविन्द्रपुरी कालोनी के सामने सड़के के दोनो तरफ वाहन को पार्क किये जायेगें.


17. पद्मश्री चौराहा- पद्मश्री चौराहा से अस्सी की तरफ किसी प्रकार के वाहन को नहीं जाने दिया जाएगा, इन वाहनों को रविन्द्रपुरी की तर जाएगा.


18 . नगवा तिराहा/ट्रामा सेन्टर तिराहा नगवा तिराहा से रविदास गेट की तरफ किसी प्रकार के वाहन को नहीं जाने दिया जाएगा, इन वाहनों को रविन्द्रपुरी की तरफ डायवर्ट कर दिया जाएगा.


19. सामने घाट पुल पूर्वी (शास्त्री चौक) सामने घाट पुल के पूर्वी (रामनगर की तरफ) से सभी प्रकार के यातयात को जिनमे दो पहिया, पैदल रिक्शा, ई-रिक्शा, ऑटो आते है पुल के रास्ते से लंका की तरफ नहीं आयेगें. इन वाहनों को पार्किंग स्थल P-29 लंका मैदान, रामनगर में पार्क किये जायेगे


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आटो एवं ई-रिक्शा के लिए प्रस्तावित वैकल्पिक मार्ग


वाराणसी एवं आस पास के विभिन्न जनपदों से आये श्रद्धालुजनों एवं दर्शनर्थियों के लिए सुगम यातायात व्यवस्था हेतु शहर में आटो एवं ई-रिक्शा के लिए निम्नलिखित मार्ग प्रस्तावित किया गया है.


1. ऑटो रूट 01- गोलगड्डा तिराहा से लकरमंडी से संपूर्णानंद से अमर उजाला तक लहुराबीर से कबीरचौरा तक मैदागिन से विशेश्वरगंज से गोलगड्डा तिराहा से चौकाघाट तक.

2. आटो रूट 02- लहुराबीर से जयसिंह चौराहा से मलदहिया चौराहा से साजन से सिगरा से रथयात्रा से महमूरगंज से मण्डुआडीह चौराहा से भिखारीपुर से सुन्दरपुर से नरिया से मालवीय चौराहा से लंका तक.

3. आटो रूट 03- लंका से नरिया से सुन्दरपुर से भिखारीपुर तिराहा से बीएलडब्लू से मण्डुवाडीह से लहरतारा से कैंट रेलवे स्टेशन तक, से वापस.

4. आटो रूट 04- लंका से नरिया से सुन्दरपुर से भिखारीपुर तिराहा से बीएलडब्लू से मण्डुवाडीह से लहरतारा से चॉदपुर से तक, से वापस.

5. आटो रूट 05- अंध्रापुल से नदेसर से मिंट हाउस तिराहा से अम्बेडकर चौराहा से जे०पी० मेहता से दैत्रावीर से भोजूबीर से गिलट बाजार तक, से वापस.

6. आटो रूट 06- चौकाघाट से ताड़ीखाना से मकबूल आलम रोड से खजुरी तिराहे से दाहिने पाण्डेयपुर तक, से वापस.


वाहन प्रतिबंधित क्षेत्र


1. सुजाबाद से राजघाट पुल / नमो घाट की तरफ.

2. भदऊचुंगी से राजघाट पुल की तरफ व भदऊ चुंगी से भैसासुर घाट की तरफ.

3. कज्जाकपुरा कूड़ाघर से गोलगड्‌डा से विशेश्वरगंज की तरफ.

4. गोलगड्‌डा से विशेश्वरगंज से मैदागिन तक.

5. मैदागिन से बुलानाला से गौदोलिया तक.

6. थाना लक्सा से रामापुरा तक.

7. अग्रवाल तिराहा से अस्सी से रविदास घाट से नगवा चौराहा तक.

8. बीओबी तिराहा (रविदास गेट) से अस्सी की तरफ.

9. पद्मश्री से अस्सी चौराहा की तरफ.

10. ब्राडवे तिराहा से अग्रवाल तिराहा से सोनारपुरा से गौदोलिया तक.

11. लहुराबीर चौराहा से काशिका से पिपलानी तिराहा से मैदागिन चौराहे तक.

12. लहुराबीर चौराहे से बेनिया तिराहे की तरफ.


कार्तिक पूर्णिमा/देव दीपावली के अवसर पर पार्किंग व्यवस्थाः-

शहर / दशाश्वमेध की तरफ से घाट हेतु


प-01- एग्लो-बंगाली इण्टर कालेज के अन्दर तथा बाउंड्री के बगल में, खोजवा रोड (चार पहिया 100)


पी-02- शंकुलधारा पोखरा के पास द्वारिकाधीश मंदिर,


(दो पहिया-200, चार पहिया- 200)


प-03- पीडीआर पार्किंग थाना लक्सा,

(दो पहिया-200, चार पहिया-200)


प-04- मजदा टाकिज थाना लक्सा,

(दो पहिया-200, चार पहिया-20)


प-05- गोदौलिया मल्टीलेवल पार्किंग, (दो पहिया-200)

समय 15.00 बजे तक.


प-06- बेनियाबाग पार्किंग, (दो पहिया-100/चार पहिया-500)

(समय 15.00 बजे तक)


प-07- जय नारायण इण्टर कालेज मैदान पार्किंग,

(दो पहिया/चार पहिया-100)

प-08- सनातन धर्म इण्टर कालेज मैदान पार्किंग,


(दो पहिया-200)


प-09- सीएचएस स्कूल मैदान तथा कमच्छा एवं खोजवा रोड किनारे (दो पहिया-100/चार पहिया-25)


मैदागिन चौराहा की तरफ से घाट हेतु


प-10- टाउनहाल पार्किंग मैदान। (चार पहिया-200)


प-11- हरिश्वन्द्र कालेज के सामने बायें हाथ। (वीवीआईपी चार पहिया वाहन-50)


प-12- शव वाहनों की पार्किंग हरिश्चन्द्र डिग्री कालेज के सामने दाहिने तरफ। (दो पहिया-300)

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प-13- सम्पूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय वीसी कार्यालय गेट के पास। (चार पहिया-200)


प-14- राजकीय इति कॉलेज वीसी आवास के पास (दो पहिया- 500/चार पहिया-50)


प-15- क्वीन्स इण्टर कालेज का मैदान। (दो पहिया-500)


प-16- चित्रकूट रामलीला मैदान, लकडमण्डी (आयुर्वेदिक अस्पताल के सामने) (चार पहिया- 50 वाहन)

अस्सी एवं सामने घाट पुल की तरफ से घाट हेतु


प-17- नरिया से हैदराबाद रोड पार्किंग.


प-18- ब्राडवे से रविन्द्रपुरी कालोनी के सामने सड़के के दोनो तरफ। (दो पहिया-500/चार पहिया-250)


प-19- हाइकोर्ट जजेज कंपाउण्ड के बगल में सामने घाट पुल के नीचे पार्किंग। (चार पहिया-50)


प-20- कृष्णा वाटिका शिवपूजन का प्लाट सनबीम से आगें पार्किंग। (चार पहिया-100)


प-21- सुरेन्द्र पटेल का प्लाट (सामने घाट के सामनें) पार्किंग। (चार पहिया-60)


प-22 - वीआईपी पार्किंग रविदास पार्क। (दो पहिया-100/चार पहिया-50)


जनपद वाराणसी में वीवीआईपी पार्किंग स्थल


प-23- सर्व सेवा संघ का खाली मैदान। (दो पहिया-300/चार पहिया-200)

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प-24- पानी टंकी के नीचे रेलवे का खाली मैदान। (अधिकारी/विधायकगण एव पुलिस स्कार्ट वाहन)


प-25- वीवीआईपी फ्लीट एवं वीवीआईपी पास धारक हेतु हेलीपैड पार्किंग। (चार पहिया-70)


प-26- वीआईपी पास धारक वाहनों की पार्किंग ढाल के नीचे। (चार पहिया-60)


प-27- भदुऊ चुगी के दाहिने के तरफ रेलवे विभाग का मैदान। (दो पहिया-100/चार पहिया-20)


प-28- जलालीपुरा रेलवे ओवरब्रिज के ऊपर (दो पहिया-1000)


जनपद चंदौली से राजघाट आने वाले हेतु (पड़ाव से शूजाबाद पार्किंग स्थल को जा सकेंगें)


प-29 लंका मैदान, रामनगर (दो पहिया वाहन 500)


प-30 अघोर आश्रम के सामने मैदान (चार पहिया 500, दो पहिया 500)




मैदागिन से गोदौलिया के बीच कोई वाहन नही चलेगा


वीवीआईपी,मंत्री, न्यायाधीश उनके स्कोर्ट वाहन की पार्किंग व्यवस्था प-11 मैदागिन पर ही की गयी है, गोल्फ कार्ट के जरिये काशी विश्वनाथ हेतु दर्शन करने जा सकेंगें.

मैदागिन चौराहे से गोदौलिया चौराहा से पाण्डेय हवेली से सोनारपुरा से अस्सी मार्ग से अस्सी तक वाहन शाम 02.00 बजे से रात्रि 10.00 बजे तक बंद रहेंगें.

भदऊ चुंगी से नमो घाट / राजघाट से शूजाबाद चौकी तक 13.00 बजे से वाहनों का संचालन बन्द रहेगा. चार पहिया, दो पहिया वाहन नही जायेगें, केवल पैदल यात्री ही राजघाट की तरफ आयेगें.


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169 साल पहले 282 सैनिकों के साथ हुई बर्बरता को 12 साल पहले जान सकी दुनिया...
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वाराणसी: 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के दौरान अंग्रेजों की बर्बरता का शिकार बने 282 भारतीय सैनिकों का अंतिम संस्कार अब काशी में किया जाएगा. उनकी अस्थियों को मोक्ष दिलाने के उद्देश्य से उनके संभावित वंशज भी इस ऐतिहासिक प्रक्रिया का हिस्सा बनेंगे. 169 वर्ष पहले हुई इस घटना की जानकारी दुनिया को करीब 12 वर्ष पहले मिली, जबकि वैज्ञानिक शोध और डीएनए परीक्षण के जरिए इन शहीदों की पहचान संभव हो सकी.पंजाब के अमृतसर जिले के अजनाला में वर्ष 2014 में एक कुएं से 282 मानव कंकाल मिले थे. शुरुआत में माना गया कि ये 1947 के विभाजन के दौरान मारे गए लोगों के अवशेष हैं. लेकिन काशी हिंदू विश्वविद्यालय, बीरबल साहनी इंस्टीट्यूट, सीसीएमबी हैदराबाद समेत देश-विदेश के वैज्ञानिकों की टीम ने डीएनए और आइसोटोप अध्ययन के बाद निष्कर्ष निकाला कि ये 1857 में शहीद हुए बंगाल नेटिव इन्फैंट्री के सैनिक थे, जिनकी जड़ें गंगा घाटी यानी उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल से जुड़ी थीं.एक किताब से खुला इतिहास का राज.पंजाब के इतिहासकार एवं शोधकर्ता सुरिंदर कोचर को अंग्रेज अधिकारी फ्रेडरिक हेनरी कूपर की पुस्तक "क्राइसिस इन पंजाब: फ्रॉम 10 मई अनटिल फॉल ऑफ दिल्ली" मिली. इसमें लिखा था कि मियां मीर में तैनात बंगाल नेटिव इन्फैंट्री की 26वीं रेजीमेंट के सैनिकों ने 1857 में विद्रोह कर दिया था. अंग्रेजों ने 218 सैनिकों को रावी नदी के किनारे गोली मार दी, जबकि 282 सैनिकों को अजनाला लाकर 237 को गोली मारने के बाद 45 सैनिकों को जिंदा कुएं में फेंक दिया और मिट्टी-चूने से कुएं को बंद कर दिया. बाद में उस स्थान पर गुरुद्वारा बना दिया गया. वर्ष 2014 में उसी कुएं की खुदाई के दौरान ये कंकाल मिले.डीएनए जांच से मिली पहचानपंजाब विश्वविद्यालय के एंथ्रोपोलॉजी विभाग के डॉ. जे.एस. सहरावत के नेतृत्व में बीएचयू, बीरबल साहनी संस्थान और सीसीएमबी के वैज्ञानिकों ने डीएनए और आइसोटोप अध्ययन किया. दोनों अध्ययनों ने पुष्टि की कि ये सैनिक पंजाब के नहीं बल्कि गंगा घाटी क्षेत्र के निवासी थे. इस घटना को दुनिया की सबसे जघन्य ऐतिहासिक घटनाओं में भी गिना जाता है.दक्षिण भारत से आए संभावित वंशजडीएनए सैंपल देने वाराणसी पहुंचे कृतेश तिवारी, जो वर्तमान में दक्षिण भारत के संथूर कस्बे में रहते हैं, बताते हैं कि उनके पूर्वजों का मानना रहा है कि उनका परिवार अजनाला में शहीद हुए सैनिकों का वंशज है. इसी दावे की पुष्टि के लिए उन्होंने qअपना डीएनए सैंपल दिया है. उनका कहना है कि यदि वैज्ञानिक जांच में यह साबित होता है कि उनका परिवार उन्हीं सैनिकों का वंशज है, तो यह उनके लिए गर्व और भावनात्मक संतोष का विषय होगा.2022 से जारी है शोधडॉ. ज्ञानेश्वर चौबे बताते हैं कि वर्ष 2022 से उनकी टीम अजनाला के 282 शहीद सैनिकों पर शोध कर रही है. उन्होंने बताया कि वर्ष 2014 में कुएं से मिले कंकालों के अध्ययन से पता चला कि इनमें बड़ी संख्या में गंगा घाटी के लोग थे, जिनमें कई कान्यकुब्ज ब्राह्मण भी शामिल थे। समय के साथ इनके कई परिवार दक्षिण भारत के संथूर क्षेत्र में जाकर बस गए.ALSO READ: रथयात्रा मेला प्लास्टिक मुक्त घोषित, पॉलीथिन इस्तेमाल करने वालों पर नगर निगम की कार्रवाईडॉ. ज्ञानेश्वर चौबे ने बताया कि जब इस शोध को प्रकाशित किया गया तो कनाडा से समीर पांडेय नामक व्यक्ति का फोन आया। उन्होंने बताया कि उनके परिवार में लगभग सात पीढ़ी पहले एक सदस्य लापता हो गए थे, जो 1857 में उसी बटालियन में कार्यरत थे और संभवतः अजनाला नरसंहार के शिकार हुए. इसके बाद संभावित वंशजों की तलाश शुरू की गई.उन्होंने कहा कि डीएनए परीक्षण के जरिए वंशजों की पहचान सुनिश्चित करने की कोशिश की जा रही है. शोध पूरा होने के बाद अजनाला से मिले सभी शहीद सैनिकों की अस्थियों का काशी में पूरे धार्मिक विधि-विधान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा, ताकि 169 साल बाद उन्हें सम्मानपूर्वक अंतिम विदाई मिल सके.
रथयात्रा मेला प्लास्टिक मुक्त घोषित, पॉलीथिन इस्तेमाल करने वालों पर नगर निगम की कार्रवाई
रथयात्रा मेला प्लास्टिक मुक्त घोषित, पॉलीथिन इस्तेमाल करने वालों पर नगर निगम की कार्रवाई
वाराणसी: ऐतिहासिक तीन दिवसीय रथयात्रा मेले को नगर निगम ने प्लास्टिक (पॉलीथिन) मुक्त क्षेत्र घोषित कर दिया है। मेले में स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए नगर निगम ने व्यापक तैयारियां की हैं। साथ ही प्रतिबंधित पॉलीथिन का उपयोग करने वाले दुकानदारों के खिलाफ अभियान चलाकर चालान और जुर्माने की कार्रवाई भी की जा रही है।नगर निगम के अनुसार पूरे मेला क्षेत्र में 24 घंटे तीन शिफ्टों में विशेष सफाई व्यवस्था लागू की गई है, ताकि श्रद्धालुओं को स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण मिल सके। निगम की टीमें स्थायी और अस्थायी दुकानदारों से संपर्क कर उन्हें दुकान के सामने डस्टबिन रखना, प्रतिबंधित प्लास्टिक का उपयोग न करना और ग्राहकों को केवल कपड़े के थैले उपलब्ध कराने के निर्देश दे रही हैं।नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले दुकानदारों के खिलाफ मौके पर चालान कर जुर्माना वसूला जा रहा है। वहीं, जोनल स्वास्थ्य अधिकारी के नेतृत्व में आईसी एक्टिविटी टीम लाउडस्पीकर के जरिए दुकानदारों और श्रद्धालुओं को सिंगल यूज प्लास्टिक का इस्तेमाल न करने के लिए जागरूक कर रही है।ALSO READ: वाराणसी की 30 महिलाएं बनी 'सोलर दीदी', नियुक्ति पत्र पाकर खिले चेहरेइसके अलावा मेला क्षेत्र में "स्वच्छ काशी, सुंदर काशी" और "थैला अपना साथ लाएं, प्लास्टिक को दूर भगाएं" जैसे संदेशों वाले पोस्टर भी लगाए गए हैं। नगर निगम ने सभी श्रद्धालुओं और व्यापारियों से प्लास्टिक मुक्त रथयात्रा मेला बनाने में सहयोग की अपील की है।
वाराणसी की 30 महिलाएं बनी 'सोलर दीदी', नियुक्ति पत्र पाकर खिले चेहरे
वाराणसी की 30 महिलाएं बनी 'सोलर दीदी', नियुक्ति पत्र पाकर खिले चेहरे
वाराणसी : भारत सरकार की प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत संचालित 'सोलर दीदी' अभियान के तहत वाराणसी में 30 महिलाओं को रोजगार प्रदान किया गया. आर्क सूर्य शक्ति प्राइवेट लिमिटेड की ओर से आयोजित चयन एवं नियुक्ति कार्यक्रम में चयनित महिलाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे गए. साथ ही उन्हें सौर ऊर्जा से संबंधित तकनीकी प्रशिक्षण, कार्य प्रणाली और जनजागरूकता अभियान से जुड़ी जिम्मेदारियों की जानकारी दी गई.कार्यक्रम में आर्क सूर्य शक्ति प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक (सीएमडी) अभिषेक सिंह 'चंचल' ने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना भारत को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है. उन्होंने उत्तर प्रदेश नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विकास अभिकरण (यूपीनेडा) की भूमिका की भी सराहना करते हुए कहा कि इस योजना के माध्यम से स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के साथ रोजगार के नए अवसर भी सृजित हो रहे हैं. उन्होंने कहा कि महिला सशक्तीकरण किसी भी विकसित राष्ट्र की सबसे बड़ी ताकत है. 'सोलर दीदी' अभियान महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ उन्हें स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में नेतृत्व की भूमिका भी प्रदान कर रहा है. चयनित महिलाएं अब लोगों को योजना की जानकारी देंगी और सोलर संयंत्र लगाने के लिए प्रेरित करेंगी.अभिषेक सिंह ने बताया कि आर्क परिवार फाउंडेशन समाज सेवा के अपने संकल्प के तहत सौर ऊर्जा के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने का कार्य लगातार कर रहा है. संस्था ऐसे परिवारों तक पहुंच रही है, जो जानकारी के अभाव या आर्थिक कारणों से सोलर संयंत्र नहीं लगवा पा रहे हैं. फाउंडेशन उन्हें प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना, सरकारी सब्सिडी, बैंक ऋण और आवेदन प्रक्रिया की पूरी जानकारी देने के साथ आवश्यक मार्गदर्शन भी उपलब्ध कराता है. जरूरतमंद परिवारों को संस्था अपनी क्षमता के अनुसार आर्थिक सहयोग भी प्रदान करती है.ALSO READ: कैंट स्टेशन के बाहर महिलाओं से अश्लील हरकत, एंटी रोमियो टीम ने दो युवकों को किया गिरफ्तारउन्होंने कहा कि फाउंडेशन कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) के माध्यम से उद्योग जगत को भी स्वच्छ ऊर्जा अभियान से जोड़ने का प्रयास कर रहा है. उनका मानना है कि सरकार, उद्योग, सामाजिक संस्थाओं और आम नागरिकों के संयुक्त प्रयास से ही भारत ऊर्जा आत्मनिर्भर और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार राष्ट्र बन सकता है. उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा अपनाना केवल बिजली बिल कम करने का माध्यम नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के प्रति हमारी सामूहिक जिम्मेदारी भी है.