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देव दीपावली - न्यूयार्क, लन्दन और दुबई से भी महंगे बनारस के होटल, गंगा किनारे कमरे की मारामारी

देव दीपावली - न्यूयार्क, लन्दन और दुबई से भी महंगे बनारस के होटल, गंगा किनारे कमरे की मारामारी
Nov 04, 2025, 08:29 AM
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Posted By Gaandiv

वाराणसी - महादेव की नगरी काशी इन दिनों अंतर्राष्ट्रीय शहरों को भी पीछे छोड़ दी है. देव दीपावली के चलते होटल के कमरों के रेट आसमान छू रहे हैं. यहाँ होटलों के कमरों के दाम न्यूयार्क, दुबई और लंदन जैसे शहरों से भी महंगे चल रहे हैं. ऑनलाइन बुकिंग साइटों के मुताबिक दुबई, लंदन, अमेरिका और चीन के कई बड़े शहरों में जहां फाइव स्टार होटलों के कमरों की प्रतदिन 25-30 हजार में आसानी से बुकिंग हो रही है. बनारस में गंगा किनारे के कई होटलों के कमरों के दाम डेढ़ लाख से ऊपर चल रहे हैं. इसके अलावा वरुणा पार क्षेत्र में भी कई होटलों में बुकिंग 80 प्रतिशत तक होने के कारण कमरों के रेट बढ़ा दिए गए हैं. बनारस में देव दीपावली की रात रुकने के लिए होटल कमरा 30 हजार से लेकर डेढ़ लाख रुपये तक में बुक हो रहा है, जबकि यही सुविधा दुबई या लंदन जैसे अंतरराष्ट्रीय शहरों में इससे कम कीमत पर मिल रही है.

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किस क्षेत्र में कितना रेट


ऑनलाइन वेबसाइट से प्राप्त जानकारी के मुताबिक, 5 नवंबर के लिए बनारस के गंगा घाट से 8 किमी दूर छावनी क्षेत्र स्थित होटलों में कमरे 72 हजार से शुरू हो रहे हैं. नदेसर पर स्थित फाइव स्टार होटल में 5 नवंबर की रात के लिए बुकिंग 1.5 लाख तक हो रही है. पांडेयपुर क्षेत्र में कमरों का किराया 35 से 55 हजार रुपये चल रहा है. कई छोटे होटलों का किराया 90 हजार तक पहुंच चुका है. जबकि दुबई मॉल से 3 किमी दूर होटल के कमरे का रेट 15-25 हजार, दुबई में फाइव स्टार होटल 20-45 हजार में मिल रहा है.


सात समुंदर पार से आए अतिथि


काशी की देव दीपावली अब बनारस का ब्रांड बन चुकी है. अयोध्या में दीपावली के बाद बनारस में देव दीपावली देखने के लिए इस बार दुनिया भर से पर्यटक आए हुए हैं. एक दिन के इस आयोजन के लिए इन पर्यटकों ने एक माह पहले ही कमरे बुक करा लिए थे, जिसके कारण कीमत में बढ़ोतरी हुई है.

वाराणसी होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष गोकुल शर्मा देव दीपावली होटल इंडस्ट्री के लिए बूस्टर साबित हुई है. इस बार बड़ी संख्या में विदेश से भी श्रद्धालु काशी आए हैं. जिन्होंने पहले से ही होटलों की बुकिंग करा ली थी, उन्हें कमरे मिलने में कोई परेशानी नहीं हुई है.

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10 हजार के नीचे कोई नाव नहीं, बजड़ा और डबल डेकर की बुकिंग लाख पार


देव दीपावली पर इस बार काशी के घाटों पर 25 लाख दीप जलेंगे. इस अद्भुत नजारे को निहारने के लिए करीब 10 लाख पर्यटक काशी पहुंचेंगे. घाटों के अद्भुत नजारे को देखने के लिए नावों की खास मांग है. हाल ये है कि देव दीपावली से पहले ही बनारस के 95 फीसदी से ज्यादा नाव बुक हैं. इसमें 10 हजार रुपये के नीचे कोई नाव नहीं है. बड़े बजड़े या डबल डेकर नाव क बुकिंग रेट 50 हजार से 3 लाख रुपये तक है.

हर साल देव दीपावली के अवसर पर नावें मनमाने रेट पर बुक रहती हैं. इसका अंदाजा इसी के लगाया जा सकता है कि 10 से 15 हजार वाला बजड़ा भी 80 हजार में बुक किया जा रहा है. इसके अलावा छोटे, बड़े और मझले नाव की बुकिंग भी 20 से 50 हजार रुपये में हो रही है. नाविक तत्काल बुकिंग के लिए भी तैयार हैं. तत्काल बुकिंग के लिए भी बड़ी नाव में 8000 रुपये प्रति व्यक्ति खर्च करना होगा. कुल मिला कर छोटी नावें भी कम से कम 10 हजार रुपये में बुक हो रही हैं.


अलकनंदा और अन्य क्रूज में प्रति व्यक्ति की 15 हजार में बुकिंग


देव दीपावली पर सामान्य नावों के अलावा गंगा में पहले से चल रहे अलकनंदा, मानिकशॉ, विवेकानंद और भागीरथी क्रूज की बुकिंग फुल है. अलकनंदा क्रूज की बुकिंग फुल हो चुकी है. 15 हजार रुपये प्रति व्यक्ति के हिसाब बुकिंग हुई है.

वाराणसी: ग्राम चौपाल में डीएम ने सुनी ग्रामीणों की समस्याएं, एसआईआर पर दी जानकारी
वाराणसी: ग्राम चौपाल में डीएम ने सुनी ग्रामीणों की समस्याएं, एसआईआर पर दी जानकारी
वाराणसी : जिलाधिकारी सत्येन्द्र कुमार की अध्यक्षता में विकास खंड आराजी लाइन के अंतर्गत ग्राम पंचायत नागेपुर में ग्राम चौपाल–गांव की समस्या गांव में समाधान कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीणों को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ते हुए उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान करना रहा.ग्राम चौपाल के दौरान जिलाधिकारी ने ग्रामीणों से सीधे संवाद कर केंद्र एवंप्रदेश सरकार की विभिन्न योजनाओं की जानकारी ली और उनके क्रियान्वयन की समीक्षा की.उन्होंने एक-एक कर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और मौके पर मौजूद संबंधित विभागों के अधिकारियों को शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए.ग्रामीणों ने बताया कि उन्हें सरकारी योजनाओं की जानकारी मिल रही है और वे उनका लाभ भी प्राप्त कर रहे हैं। इस पर जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि कोई भी पात्र व्यक्ति योजनाओं से वंचित न रहे, यह सुनिश्चित किया जाए.जिलाधिकारी ने आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत अधिक से अधिक पात्र लोगों का आयुष्मान कार्ड बनवाने पर जोर दिया और बताया कि इसके माध्यम से पांच लाख रुपये तक का निःशुल्क इलाज संभव है.उन्होंने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, किसान सम्मान निधि, तथा वृद्धा, विधवा और दिव्यांग पेंशन से जुड़ी समस्याओं का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही महिला सशक्तिकरण योजनाओं के माध्यम से स्वरोजगार को बढ़ावा देने की बात कही.एसआईआर कार्यों को लेकर किया गया संवादचौपाल के बाद जिलाधिकारी ने एसआईआर (Special Intensive Revision) कार्यों को लेकर ग्रामीणों से संवाद किया। उन्होंने एएसडी/अनकलेक्टेबल/अनमैप्ड मतदाताओं, फार्म-6, 6ए, 7 एवं 8 (घोषणा-पत्र सहित) की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि निर्वाचन आयोग द्वारा एसआईआर कार्यों की समय-सीमा एक माह बढ़ा दी गई है.जिलाधिकारी ने लोगों से अपीलजिलाधिकारी ने लोगों से अपील की कि वे निर्धारित तिथियों के भीतर मतदाता सूची का अवलोकन कर अपने नाम का सत्यापन अवश्य करें तथा आवश्यकता होने पर दावा/आपत्ति दर्ज कराएं। उन्होंने बताया कि 18 वर्ष पूर्ण कर चुके नागरिक फार्म-6 भरकर बीएलओ के पास जमा कर सकते हैं या https://voters.eci.gov.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं.ALSO READ : काशी में संविधान संवाद सम्मेलन: कांग्रेस सांसदों ने लोकतंत्र और काशी की अस्मिता की रक्षा का लिया संकल्पइस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी प्रखर कुमार सिंह, डीसी मनरेगा पवन कुमार सिंह, अन्य जनपद स्तरीय अधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे.
काशी में संविधान संवाद सम्मेलन: कांग्रेस सांसदों ने लोकतंत्र और काशी की अस्मिता की रक्षा का लिया संकल्प
काशी में संविधान संवाद सम्मेलन: कांग्रेस सांसदों ने लोकतंत्र और काशी की अस्मिता की रक्षा का लिया संकल्प
वाराणसी : कांग्रेस ने रविवार को वाराणसी के शास्त्रीघाट पर ‘संविधान संवाद सम्मेलन’ का आयोजन किया. इस सम्मेलन में प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर के कई नेता और सांसद शामिल हुए, सम्मेलन का उद्देश्य लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वायत्तता, नागरिक अधिकारों की रक्षा, धर्मनिरपेक्षता और संघीय ढांचे की सुरक्षा करना था. इसके साथ ही सम्मेलन में काशी की अस्मिता और सांस्कृतिक-धार्मिक पहचान पर उठाए जा रहे खतरे पर भी चर्चा हुई.कांग्रेस नेताओं ने इस अवसर पर कहा कि वर्तमान सरकार के कार्यों से लोकतांत्रिक मूल्यों और नागरिक अधिकारों को खतरा उत्पन्न हुआ है. उन्होंने जनता से लोकतंत्र की रक्षा और एकजुट होकर संघर्ष करने का आह्वान किया.सम्मेलन में उठाए गए प्रमुख मुद्दे:• मणिकर्णिका घाट के पुनर्विकास के नाम पर रानी अहिल्याबाई की मूर्ति तोड़ने का विरोध• प्रयागराज में संत अविमुक्तेश्वरानंद के साथ दुर्व्यवहार• काशी की आस्था और सांस्कृतिक धरोहर की सुरक्षा• धार्मिक असहिष्णुता और सामाजिक न्याय के मुद्देकांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि यह रैली केवल राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि काशीवासियों की अपनी आवाज़ सरकार तक पहुँचाने का माध्यम है.उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपने क्षेत्र से हटाना चाहते हैं, तो धूप में बैठकर संघर्ष करना होगा.पवन खेड़ा और अन्य वरिष्ठ नेताओं ने इस अवसर पर जोर दिया कि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए जनता को एकजुट होना होगा. उन्होंने यह भी कहा कि काशी की सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान की सुरक्षा पार्टी की प्राथमिकताओं में शामिल है.ALSO READ : BHU और ICPS का एआई-साइबर सुरक्षा कोर्स, फीस 5000 रुपये, मिलेंगे दो क्रेडिट अंकइस सम्मेलन में प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर के कई नेता और सांसद शामिल हुए.जिनमें किशोरी लाल शर्मा, पवन खेड़ा, तनुज पुनिया, राकेश राठौर, इमरान मसूद, कुंवर उज्जवल रमण सिंह, सुप्रिया श्रीनेत आदि प्रमुख रहे.कांग्रेस का यह प्रयास है कि जनता के बीच जाकर उनकी समस्याओं को समझा जाए और उनके समाधान के लिए कदम उठाए जाएँ.
BHU और ICPS का एआई-साइबर सुरक्षा कोर्स, फीस 5000 रुपये, मिलेंगे दो क्रेडिट अंक
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वाराणसी : काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) ने इंस्टीट्यूट ऑफ कॉन्स्टिट्यूशनल एंड पार्लियामेंट्री स्टडीज (ICPS) के साथ मिलकर एआई और साइबर सुरक्षा पर शॉर्ट टर्म क्रेडिट बेस्ड सर्टिफिकेट कोर्स शुरू किया है. इस कोर्स के तहत छात्रों को दो क्रेडिट अंक भी मिलेंगे.कोर्स की मुख्य बातें:• अवधि: 23 फरवरी से 27 फरवरी, 5 दिन• कुल कक्षा समय: 30 घंटे• स्थान: नई दिल्ली स्थित संसद भवन की लाइब्रेरी (ऑफलाइन)• ऑफलाइन फीस: 5000 रुपये (छात्र/रिसर्च स्कॉलर), 7000 रुपये (प्रोफेशनल)• ऑनलाइन फीस: 4000 रुपये (छात्र/रिसर्च स्कॉलर), 8000 रुपये (प्रोफेशनल)• अंतिम आवेदन तिथि: 16 फरवरी 2026इस कोर्स में पूर्व न्यायाधीश, वरिष्ठ अधिवक्ता, एकेडमिशियन और सरकार के वरिष्ठ अधिकारी पढ़ाएंगे.छात्रों को एआई और साइबर सुरक्षा के कानूनी, नैतिक और संवैधानिक पहलुओं के व्यावहारिक ज्ञान के साथ-साथ डिजिटल प्लेटफॉर्म पर नीतिगत और गवर्नेंस से जुड़ी चुनौतियों से निपटने का प्रशिक्षण मिलेगा.कैसे करें आवेदन:छात्र और पेशेवर ICPS की वेबसाइट पर जाकर QR कोड स्कैन करके आवेदन कर सकते हैं. फॉर्म भरने और फीस जमा करने के बाद पंजीकरण पूरा होगा.ALSO READ : वाराणसी में कोडीन युक्त न्यू फेंसाडिल कफ सीरप की तस्करी, पुलिस ने 5 वांछित अभियुक्तों को गिरफ्तार कियाइस कोर्स की शुरुआत BHU और ICPS के बीच हुए समझौते के तहत की गई है. यह पहल छात्रों और रिसर्च स्कॉलर्स के लिए कानून व्यवस्था में एआई और तकनीक के इस्तेमाल को समझने का अनूठा अवसर साबित होगी.