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दालमंडी सडक चौड़ीकरण के लिए दस्तावेज की जांच शुरू, पीडब्लूडी के पास पहुंचने लगे लोग

दालमंडी सडक चौड़ीकरण के लिए दस्तावेज की जांच शुरू, पीडब्लूडी के पास पहुंचने लगे लोग
Oct 14, 2025, 12:23 PM
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Posted By Gaandiv

वाराणसी: दालमंडी क्षेत्र में सडक चौड़ीकरण की प्रक्रिया के तहत हाल ही में नोटिस चस्पा किए गए हैं. इसके बाद, चौक थाने में पीडब्ल्यूडी का कैम्प कार्यालय खोला गया. पहले दिन, कोई भी भवन स्वामी या दुकानदार अपने दस्‍तावेज लेकर नहीं पहुंचे. हालांकि, दूसरे दिन कुछ लोग कैम्प कार्यालय पहुंचे. अब तक लगभग दस लोग आ चुके हैं, जिनमें से अधिकांश की समस्याएं दालमंडी में दुकानदारों और किरायेदारों से संबंधित हैं.


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कई लोगों के पास आवश्यक दस्तावेज भी पूरे नहीं हैं. चस्पा नोटिस पर आराजी नंबर कुछ और है, जबकि मालिक के पास मौजूद कागजात में भिन्नता है. इस प्रकार की समस्याओं को उच्च अधिकारियों द्वारा सुलझाया जाएगा. लोगों का कहना है कि सभी दस्तावेज सही होने के बाद ही आगे की प्रक्रिया शुरू होगी.

मंगलववार को कैम्प कार्यालय में मौजूद अधिकारियों ने बताया कि अभी तक केवल एक व्यक्ति ने अपने पेपर जमा किया है, जबकि अन्य लोग जानकारी लेने आए हैं.

इस दौरान काली चरण, सुपरवाइजर और काशी सहायक बेलदार डब्लू डी के कर्मचारी भी उपस्थित थे. दालमंडी चौड़ीकरण की इस प्रक्रिया से संबंधित समस्याओं का समाधान करने के लिए अधिकारियों ने सभी भवन स्वामियों और दुकानदारों से अपील की है कि वे अपने कागजात लेकर आएं, ताकि आवश्यक कार्रवाई की जा सके. इस प्रक्रिया के सफल कार्यान्वयन के लिए सभी पक्षों का सहयोग आवश्यक है.

समीक्षा बैठक : सीपी बोले - साइबर ठगों के केवल प्यादों तक सीमित न रहें, उनके पूरे नेटवर्क को जड़ से ध्वस्त किया जाए
समीक्षा बैठक : सीपी बोले - साइबर ठगों के केवल प्यादों तक सीमित न रहें, उनके पूरे नेटवर्क को जड़ से ध्वस्त किया जाए
वाराणसी : साइबर अपराध के नित-नए तरीकों और आधुनिक ठगी के तौर-तरीकों पर नकेल कसने के लिए वाराणसी कमिश्‍नरेट पुलिस अब पूरी तरह एक्शन मोड में आ गई है. सोमवार की देर शाम कैम्प कार्यालय में आयोजित साइबर क्राइम समीक्षा गोष्ठी में पुलिस कमिश्‍नर मोहित अग्रवाल ने मातहतों को दो टूक निर्देश देते हुए कहा कि वाराणसी की पुलिसिंग में समयानुकूल बदलाव बेहद जरूरी है. साइबर ठगों के केवल प्यादों तक न सीमित रहकर, उनके पूरे नेटवर्क को जड़ से ध्वस्त किया जाए. प्रत्येक जोन साइबर प्रभारी को 15 दिन में प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए. पुलिस आयुक्त ने स्पष्ट किया कि केवल तकनीकी संसाधनों और इंटेलिजेंस को मजबूत करना ही काफी नहीं है, बल्कि शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई और समयबद्ध निस्तारण से ही जनता का विश्वास और मजबूत होगा.पुलिस आयुक्त ने पुलिस अधिकारियों को साइबर अपराध के इकोसिस्टम को तोड़ने के लिए निर्देश दिए. म्यूल एकाउंट खुलवाने और संचालित करने वालों को चिन्हित कर जेल भेजा जाए. अवैध रूप से सिम जारी करने वाली एजेंसियों व डीलरों और फर्जी कॉल सेंटरों पर शिकंजा कसा जाए. एटीएम से पैसे निकालने वाले गिरोहों की पहचान कर वित्तीय फ्रॉड की रकम को तुरंत होल्ड कराने की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए. पुलिस आयुक्त ने उत्कृष्ट कार्य करने वाली टीमों की सराहना करते हुए कार्रवाई को और परिणामपरक बनाने पर जोर दिया. समीक्षा बैठक में पुलिस उपायुक्त (अपराध) नीतू, पुलिस उपायुक्त राजेश कुमार पांडेय, अपर पुलिस उपायुक्त (अपराध) नृपेन्द्र समेत सभी जोनों के साइबर प्रभारी और थानों के साइबर नोडल अधिकारी रहे.एक साल में साइबर पर ताबड़तोड़ प्रहारपुलिस आयुक्त ने मोहित अग्रवाल ने बताया कि एक साल में साइबर अपराधियों पर लगातार वार किया गया. संगठित ठगी करने वाले 58 गिरोहों का भंडाफोड़ कर 277 अपराधियों को जेल भेजा गया. 'डिजिटल अरेस्ट' के 5 मामलों में 36 आरोपी गिरफ्तार किए गए. इनसे 1.20 करोड़ नकदी, वाहन और डिजिटल उपकरण बरामद हुए. फर्जी नौकरी, निवेश और विदेशी नागरिकों को ठगने वाले 15 अवैध कॉल सेंटरों का पर्दाफाश कर 175 आरोपी दबोचे गए. नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल की लगभग 17 हजार शिकायतों का समाधान, पीड़ितों के 25 करोड़ खाते में होल्ड कराए गए और प्रक्रिया पूरी कर 4.5 करोड़ पीड़ितों को वापस दिलवाए गए. ठगी में उपयोग 10 हजार से अधिक मोबाइल नंबर और 8262 आईएमईआई नंबरों को हमेशा के लिए ब्लॉक कराया गया.संगठित साइबर नेटवर्क चलाने वाले 21 मुख्य आरोपियों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई. ठगों के झांसे व प्रलोभन में फंसे 550 नागरिकों को सुरक्षित बचाया गया और 17 चार-पहिया वाहन जब्त किए गए. वहीं, स्कूल-कॉलेजों और चौराहों पर अभियान चलाकर 25 हजार से अधिक लोगों को साइबर सुरक्षा के उपाय बताए गए.ALSO READ:मृतक की करोड़ों की संपत्ति हड़पी, पूर्व वायुसेना अधिकारी के भाई ने दर्ज कराया केस
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वाराणसी : पूर्व वायुसेना अधिकारी के मृत भाई की करीब 40 करोड़ रुपये की संपत्ति धोखे से हड़पने और जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है. इस संबंध में सोमवार को मंडुवाडीह थाने में दंपती समेत छह नामजद और छह अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई. पुलिस ने तहरीर के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है. लहरतारा निवासी सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट कमांडर राय अजय कुमार ने पुलिस को बताया कि उनके मंझले भाई राय विमल कुमार अमेरिका में डॉक्टर थे. वर्ष 2017 में वह भारत लौटे और वाराणसी स्थित पैतृक निवास के अलावा एंबी वैली में रहने लगे. आरोप है कि कैलाश दामू मालखेड़े और उनकी पत्नी नीता ने देखभाल करने के बहाने राय विमल कुमार के घर में प्रवेश किया.तहरीर के अनुसार, दंपती ने राय विमल कुमार को शराब में नशीली दवाएं मिलाकर दीं, जिससे उनकी तबीयत खराब हो गई. इसके बाद आरोपियों ने उनके बैंक खातों, डेबिट कार्ड, जमीन के दस्तावेज, लैपटॉप और मोबाइल फोन पर कब्जा कर लिया. आरोप है कि फर्जी दस्तावेज तैयार कर खुद को कोटक महिंद्रा बैंक के खातों में नॉमिनी भी बनवा लिया. राय अजय कुमार ने आरोप लगाया कि राय विमल कुमार के जीवित रहते और उनकी मृत्यु के बाद करीब 40 करोड़ रुपये की राशि आरोपियों ने अपने खातों में स्थानांतरित कर ली.तहरीर में यह भी आरोप लगाया गया कि आरोपियों ने 28 अगस्त 2025 और 30 मई 2026 को घर में घुसकर धमकी दी और मारपीट की. मंडुवाडीह थाना प्रभारी दिगंबर उपाध्याय ने बताया कि कैलाश दाम मालखेड़े, नीता मालखेड़े, चंद्रमोहन रामस्वरूप बग्गा, सुयश भीमरव सीताफले, सिमरन चंद्र मोहन बग्गा और वैभव देवीदास घुगरे समेत छह अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है. पुलिस का कहना है कि मामले से जुड़े आरोपों और दस्तावेजों की जांच की जा रही है. जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.ALSO READ :ज्ञानवापी सुरक्षा में तैनात महिला पुलिसकर्मी से मारपीट, नेम प्लेट खींचा, पहचान पत्र छीना, मां-बेटी पर केस
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वाराणसी: ज्ञानवापी परिसर की सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात एक महिला पुलिसकर्मी से मारपीट और पहचान पत्र छीनने का प्रयास किए जाने की घटना से अफरा तफरी मच गई. घटना रविवार दोपहर पश्चिमी डी गेट पर हुई. महिला आरक्षी की तहरीर पर सोमवार को चौक थाने में मिर्जापुर के राजगढ़ थाना क्षेत्र के बंगालीपुर निवासी प्रियंका और उनकी बेटी कृतिका के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई. पुलिस मामले की जांच कर रही है.महिला सिपाही चांदनी ने पुलिस को बताया कि वह ज्ञानवापी परिसर की सुरक्षा व्यवस्था के तहत पश्चिमी डी गेट पर ड्यूटी कर रही थीं. दोपहर करीब 12:45 बजे चेकिंग के दौरान दो महिलाएं गेट पर पहुंचीं. जांच में उनके पास मोबाइल फोन और अन्य प्रतिबंधित सामान मिला. इस पर उन्हें प्रतिबंधित सामान बाहर जमा करके दोबारा आने की हिदायत दी गई. महिला आरक्षी के अनुसार, दोनों महिलाएं सामान जमा करने के बाद दोबारा गेट पर पहुंचीं. इस दौरान आरोपी महिला की बेटी कृतिका ने चेकिंग को लेकर बहस शुरू कर दी. कहासुनी के दौरान चांदनी ने बीच-बचाव करते हुए दोनों को शांत रहने और व्यवस्था का पालन करते हुए दर्शन करने की सलाह दी. आरोप है कि इसके बाद दोनों मां-बेटी उग्र हो गईं और महिला आरक्षी के साथ हाथापाई करने लगीं.तहरीर के मुताबिक, आरोपी महिलाओं ने महिला सिपाही की नेम प्लेट का पट्टा खींचकर तोड़ दिया. इसके बाद पहचान पत्र लेकर भागने का प्रयास किया गया. चांदनी ने जब अपना पहचान पत्र वापस लेने की कोशिश की तो आरोपियों ने उनके बाल खींचे और मारपीट की. घटना में महिला आरक्षी के शरीर के कई हिस्सों में चोटें आईं. मामले की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने तहरीर के आधार पर दोनों आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया. चौक इंस्पेक्टर विजय कुमार शुक्ला ने बताया कि प्रियंका और कृतिका के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है. पुलिस घटना से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है और आवश्यक कार्रवाई की जा रही है.ALSO READ :एलआईसी में निवेश के नाम पर 39 लाख रुपये की धोखाधड़ी, पैसा मांगने पर कहा - 'कंपनी भाग गई है'