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कफ सिरप कांड के मुख्‍य आरोपित शुभम के घर पर धमकी ईडी, नोटिस चस्‍पा

कफ सिरप कांड के मुख्‍य आरोपित शुभम के घर पर धमकी ईडी, नोटिस चस्‍पा
Dec 03, 2025, 09:07 AM
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Posted By Gaandiv

वाराणसी - प्रतिबंधित कोडीन युक्‍त कफ सिरप कांड में ईडी की एंट्री हो चुकी है.अरबों रुपये के इस अवैध कारोबार के सरगना और मुख्‍य आरोपित शुभम जायसवाल और उसके पिता भोला जायसवाल की सम्पति की जांच प्रवर्तन निदेशालय की टीम ने तेज कर दी है. मनी लांड्रिंग मामले में प्राथमिकी दर्ज किए जाने के बाद ईडी की दो टीम बुधवार को एक साथ शुभम जायसवाल के मकान पर धमकी. वाराणसी के आदमपुर थाना क्षेत्र के प्रहलाद घाट स्थित कायस्थ टोला मकान में बाहर से ताला बंद होने के कारण टीम ने नोटिस चस्पा की कार्रवाई की. वहीं दूसरी टीम ने सिगरा थाना क्षेत्र के बादशाह बाग स्थित मकान पर छापेमारी की. ईडी आरोपित शुभम जायसवाल और उसके माता, पिता समेत रिश्तेदारों की संपत्ति का भी ब्योरा खंगाल रही है. बादशाह बाग कॉलोनी वाले घर पर टीम को शुभम की मां मिलीं, जिन्हें पूछताछ के बाद नोटिस थमाया गया. ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू करते हुए पैन, आधार, बैंक अकाउंट और कंपनियों की डिटेल मांगी है.

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इन जिलों में शुभम के खिलाफ दर्ज है प्राथमिकी


शुभजायसवाल के तस्‍करी का नेटवर्क प्रदेश में ही नहीं आपितु दूसरे राज्‍यों में भी रहा है. सोनभद्र, जौनपुर, वाराणसी, गाजियाबाद, चंदौली समेत अन्य जनपदों में भी शुभम जायसवाल के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज है. पिता भोला प्रसाद को सोनभद्र पुलिस ने कोलकाता के दमदम एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया था. ट्रांजिट रिमांड पर लेकर एसआईटी भोला से पूछताछ करेगी. भोला भी दुबई भागने के फिराक में एयरपोर्ट पर पहुंचा था. गिरफ्तारी के दौरान भोला ने पुलिस को बताया कि शुभम दुबई में है. शुभम के खिलाफ प्रत्‍यर्पण को लेकर कार्रवाई चल रही है.


अजय राय बोले - कफ सिरप के आरोपित की वीवीआईपी खातिरदारी

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कफ सीरप प्रकरण के चर्चा में आने के बाद से ही इससे जुड़ी कड़‍ियों को लेकर पुल‍िस सक्र‍िय है. प्रदेश और प्रदेश से बाहर तक कार्रवाई कर अरबों के इस कफ सीरप कांड को लेकर रोज हो रही कार्रवाई सुर्खियों में है. वहीं इसी मामले में आरोपित बर्खास्त सिपाही आलोक सिंह को लेकर पुल‍िस और सरकार पर कांग्रेस प्रदेश अध्‍यक्ष ने बड़ा हमला बोला हैं. अपने सोशल मीड‍िया हैंडल एक्‍स पर पोस्‍ट कर उन्‍होंने सरकार और पुल‍िस पर कटाक्ष क‍िया है. उन्‍होंने ल‍िखा है क‍ि - "कफ सिरप कांड के मास्टरमाइंड बर्खास्त सिपाही आलोक सिंह को एसटीएफ गिरफ्तारी के बाद “दामाद” जैसी VVIP ट्रीटमेंट…! बाइक चोरी जैसी मामूली घटनाओं पर यूपी पुलिस तुरंत लंगड़ा कर देती है, लेकिन हज़ारों ज़िंदगियाँ बर्बाद करने वाले को ऐसा सम्मान क्यों? स्पष्ट है, भाजपा से जुड़े होने का फायदा उसे खुलकर मिल रहा है, तभी इतनी शर्मनाक मेहमाननवाजी हो रही है. जनता मरती रहे, और सत्ता के संरक्षण वाले अपराधी रिमांड में भी फूलों की सेज पर! ये न्याय नहीं, योगी का संरक्षण मॉडल हैं."

अपने पोस्‍ट के ज‍र‍िए उन्‍होंने सरकार को भी कठघरे में में खड़ा करते हुए आरोप‍ितों पर सत्‍ता पक्ष के संरक्षण का आरोप लगाया है. उनके पोस्‍ट पर तमाम लोगों ने ट‍ि‍प्‍पण‍ियां दर्ज कर इस प्रकरण को लेकर अपनी बात रखी है. हालांक‍ि आरोपों को लेकर इस पोस्‍ट से संबंध‍ित पुल‍िस की ओर से कोई बयान नहीं आया है। इस संबंध में आरोप‍ित का वीड‍ियो भी उन्‍होंने पोस्‍ट क‍िया है


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नगर निगम की बड़ी ध्वस्तीकरण कार्रवाई: जर्जर मकानों पर चला बुलडोज़र
नगर निगम की बड़ी ध्वस्तीकरण कार्रवाई: जर्जर मकानों पर चला बुलडोज़र
वाराणसी : दालमंडी में नगर निगम द्वारा जर्जर और असुरक्षित मकानों के खिलाफ चलाए जा रहे ध्वस्तीकरण अभियान के तहत आज एक बार फिर बड़ी कार्रवाई की गई। नगर निगम की ध्वस्तीकरण टीम ने तय सूची के अनुसार कुल 20 मकानों पर तोड़फोड़ की कार्रवाई की, जबकि एक मकान पर नोटिस तामील न हो पाने के कारण कोई कार्रवाई नहीं की जा सकी।कार्रवाई के दौरान जिन मकानों की स्थिति अत्यधिक जर्जर पाई गई, उनमें से कुछ को जेसीबी मशीन की मदद से तोड़ा गया, जबकि शेष मकानों को श्रमिकों द्वारा ध्वस्त किया गया। नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, यह पूरी कार्रवाई जनहित और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए की जा रही है, ताकि किसी भी संभावित दुर्घटना से बचा जा सके।नगर निगम की सूची में कुल 21 मकान चिह्नित थे, लेकिन एक मकान पर विधिक प्रक्रिया पूरी न होने के कारण आज की कार्रवाई से उसे अलग रखा गया। अधिकारियों ने बताया कि जिन 20 मकानों पर आज ध्वस्तीकरण किया गया है, उन्हीं मकानों पर कल भी कार्रवाई जारी रहेगी।अधिकारियों के मुताबिक अब तक कुल 50 मकानों पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जा चुकी है। इसके साथ ही पुनर्विकास और मुआवज़े से जुड़ी प्रक्रिया भी समानांतर रूप से आगे बढ़ रही है। आज तक करीब 29 मकानों की रजिस्ट्री पूरी हो चुकी है, जबकि लगभग 15 मकानों की रजिस्ट्री की प्रक्रिया प्रगति पर है।आज की कार्रवाई के दौरान विरोध अपेक्षाकृत कम देखने को मिला। हालांकि, एक घटना में एक व्यक्ति ने अपने ही घर पर ज्वलनशील पदार्थ फैलाकर अराजकता फैलाने की कोशिश की, लेकिन मौके पर मौजूद प्रशासन और पुलिस बल ने समय रहते स्थिति पर नियंत्रण पा लिया और संबंधित व्यक्ति को हिरासत में ले लिया गया।ALSO READ:Teddy Day 2026: टेडी डे को ऐसे करें सेलिब्रेट, जाने इसके पीछे की छिपी कहानीकार्रवाई के दौरान कुछ महिलाओं ने ध्वस्तीकरण का विरोध भी किया, लेकिन प्रशासन की समझाइश और सुरक्षा व्यवस्था के चलते स्थिति शांतिपूर्ण बनी रही। नगर निगम अधिकारियों ने साफ किया कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और सभी जर्जर मकानों पर नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी।नगर निगम का कहना है कि इस कार्रवाई का उद्देश्य किसी को परेशान करना नहीं, बल्कि शहरवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। जर्जर मकान किसी भी समय हादसे का कारण बन सकते हैं, ऐसे में समय रहते कार्रवाई आवश्यक है।
Teddy Day 2026: टेडी डे को ऐसे करें सेलिब्रेट, जाने इसके पीछे की छिपी कहानी
Teddy Day 2026: टेडी डे को ऐसे करें सेलिब्रेट, जाने इसके पीछे की छिपी कहानी
Teddy Day 2026: वैलेंटाइन वीक आते ही माहौल में अपने-आप एक अलग ही मिठास घुल जाती है. चारों तरफ प्यार, अपनापन और रिश्तों की गर्माहट महसूस होने लगती है. यह हफ्ता सिर्फ रोमांटिक रिश्तों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि उन भावनाओं को भी जगह देता है, जिन्हें हम रोजमर्रा की जिंदगी में शब्दों में बयां नहीं कर पाते. छोटे-छोटे इशारों, तोहफों और एहसासों के जरिए प्यार जताने का यह सिलसिला 7 फरवरी को रोज डे से शुरू होकर 14 फरवरी के प्यार के इजहार होने तक चलता है.इसी वैलेंटाइन वीक का एक बेहद खास और सबसे क्यूट दिन होता है टेडी डे. यह दिन सिर्फ एक सॉफ्ट टॉय गिफ्ट करने का नहीं, बल्कि उस सुकून, सुरक्षा और भावनात्मक सहारे का प्रतीक है, जो हम अपने किसी खास इंसान को देना चाहते हैं. टेडी डे हमें याद दिलाता है कि प्यार हमेशा बड़े शब्दों या महंगे तोहफों का मोहताज नहीं, कभी-कभी एक मुलायम सा टेडी भी अपने प्यार के दिल की बात कह जाता है.जाने टेडी डेहर साल टेडी डे 10 फरवरी को मनाया जाता है. 2026 का टेडी डे आज मंगलवार को हर प्रेमी जोड़ा सेलिब्रेट कर रहा है. यह वैलेंटाइन वीक का चौथा दिन होता है, जो चॉकलेट डे के बाद और प्रॉमिस डे से ठीक पहले आता है. यही वजह है कि इसे भावनात्मक नजदीकियों को जताने का सबसे सही मौका माना जाता है.टेडी डे का इतिहासटेडी डे की जड़ें असल में टेडी बियर के इतिहास से जुड़ी होती हैं. टेडी बियर का नाम अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति थियोडोर रूजवेल्ट से जुड़ा है, जिन्हें प्यार से टेडी कहा जाता था. साल 1902 में राष्ट्रपति रूजवेल्ट एक शिकार यात्रा पर गए थे. इस दौरान एक घायल भालू को पकड़कर उनके सामने लाया गया, लेकिन उन्होंने उसे मारने से इनकार कर दिया और कहा कि यह खेल भावना के खिलाफ है. उनकी इस करुणा भरी घटना को एक राजनीतिक कार्टूनिस्ट क्लिफोर्ड बेरीमैन ने चित्र के रूप में दिखाया, जो काफी लोकप्रिय हुआ. इस कार्टून से प्रेरित होकर खिलौना निर्माता मॉरिस मिचटॉम ने एक मुलायम भालू का खिलौना बनाया और उसे टेडी बियर नाम दिया. धीरे-धीरे यह टेडी बियर प्यार, सुरक्षा और भावनात्मक सुकून का प्रतीक बन गया. बाद में जब वैलेंटाइन वीक की परंपरा शुरू हुई, तो टेडी बियर को समर्पित एक खास दिन टेडी डे भी इसमें शामिल हो गया.टेडी डे एक एहसासटेडी डे सिर्फ सॉफ्ट टॉय गिफ्ट करने का दिन नहीं होता है. टेडी बियर उन भावनाओं का प्रतीक है, जो रिश्तों की नींव मजबूत करती हैं, जैसे अपनापन, भरोसा, मासूमियत और बिना शर्त साथ. जब कोई अपने पार्टनर को टेडी गिफ्ट करता है, तो वह यह जताता है कि मैं तुम्हारे साथ हूं, तुम सुरक्षित हो, तुम्हें अकेला महसूस नहीं होने दूंगा. टेडी बियर ठीक वैसे ही सुकून देता है, जैसे किसी मुश्किल वक्त में किसी अपने का साथ होना महसूस कराता है. टेडी डे हमें यह याद दिलाता है कि प्यार हमेशा दिखावे का नहीं होता. कभी-कभी सबसे गहरा एहसास सबसे नरम और शांत इशारों में छुपा होता है. एक टेडी बियर की तरह जो बिना कुछ कहे भी बहुत कुछ कर जाता है.ऐसे बनाए टेडी डे को खासटेडी के साथ एक हाथ से लिखा नोट जोड़ें.घर पर कोज़ी डिनर डेट प्लान करें.टेडी थीम पर छोटा-सा सरप्राइज़ दें.लॉन्ग-डिस्टेंस रिलेशनशिप में वीडियो कॉल पर टेडी भेजें.छोटी-छोटी चीजें इस दिन को यादगार बना देती हैं.
जनगणना–2027 के ल‍िए दो चरणों में बनी रूपरेखा, मंडलीय समीक्षा बैठक में दी जानकारी
जनगणना–2027 के ल‍िए दो चरणों में बनी रूपरेखा, मंडलीय समीक्षा बैठक में दी जानकारी
वाराणसी : देश की पहली पूर्णतः डिजिटल जनगणना–2027 की तैयारियाँ शुरू हो चुकी हैं. कमिश्नरी सभागार में वाराणसी मंडल की जनगणना–2027 तैयारियों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई. बैठक की अध्यक्षता मुख्य प्रधान जनगणना अधिकारी एवं निदेशक, जनगणना कार्य निदेशालय उत्तर प्रदेश, शीतल वर्मा (आईएएस) ने की.बैठक में मंडलायुक्त वाराणसी तथा मंडल के चारों जनपदों के जिलाधिकारी उपस्थित रहे.शीतल वर्मा ने बताया कि जनगणना–2027 देश की 16वीं जनगणना और स्वतंत्रता के बाद की आठवीं जनगणना होगी, जो गांव, शहर एवं वार्ड स्तर पर प्राथमिक आंकड़ों का सबसे बड़ा और विश्वसनीय स्रोत मानी जाती है. उन्होंने कहा कि जनगणना से प्राप्त आंकड़े भविष्य की विकास योजनाओं और नीति निर्माण का मजबूत आधार बनेंगे.दो चरणों में होगी जनगणनाजनगणना–2027 का आयोजन दो चरणों में किया जाएगा.प्रथम चरण: मकान सूचीकरण एवं मकान गणना का कार्य पूरे उत्तर प्रदेश में एक साथ 22 मई से 20 जून 2026 तक कराया जाएगा.द्वितीय चरण: जनसंख्या गणना का कार्य पूरे देश में फरवरी 2027 में संपन्न होगा.डिजिटल माध्यम से होगी पूरी प्रक्रियाइस बार जनगणना का संचालन पूरी तरह डिजिटल माध्यम से किया जाएगा.पहली बार नागरिकों को स्व-गणना (Self Enumeration) का विकल्प दिया गया है. इसके अंतर्गत 7 मई से 21 मई 2026 तक नागरिक सेल्फ एन्युमरेशन पोर्टल और मोबाइल ऐप के माध्यम से ऑनलाइन प्रश्नावली भरकर स्वयं अपनी जनगणना कर सकेंगे.संपूर्ण कवरेज सुनिश्चित करने के लिए जीआईएस आधारित मानचित्रों और डिजिटल ऐप्स के माध्यम से सभी नगर निकायों एवं ग्रामों के गणना ब्लॉक तैयार किए जाएंगे.33 प्रकार की जानकारियों का होगा संग्रहमकान सूचीकरण के दौरान प्रगणक द्वारा भवन के उपयोग, निर्माण में प्रयुक्त सामग्री, कमरों की संख्या, स्वामित्व की स्थिति, शौचालय की उपलब्धता, प्रकाश का मुख्य स्रोत, खाना पकाने में प्रयुक्त ईंधन, एलपीजी/पीएनजी कनेक्शन, परिवार द्वारा उपभोग किए जाने वाले मुख्य अनाज, फोन, वाहन, टेलीविजन एवं इंटरनेट सुविधा सहित कुल 33 प्रकार की सूचनाओं का संग्रह किया जाएगा.अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जनगणना के दौरान दी गई सभी जानकारियाँ पूर्णतः गोपनीय रहेंगी.हजारों कार्मिकों की लगेगी ड्यूटीजनगणना–2027 के सफल संचालन के लिए बड़ी संख्या में कार्मिकों की ड्यूटी लगाई जाएगी। अनुमान के अनुसार—वाराणसी: लगभग 10 हजारजौनपुर: 11 हजारगाजीपुर: लगभग 9 हजारचंदौली: लगभग 5 हजार कार्मिकों को 15 फरवरी से चरणबद्ध प्रशिक्षण दिया जाएगा.ALSO READ : वाराणसी में एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने वरुणा नदी में की सफाईमंडलायुक्त ने दिए निर्देशमंडलायुक्त एस. राजलिंगम ने प्रशिक्षण की महत्ता को रेखांकित करते हुए सभी जिलाधिकारियों को प्रभावी प्रशिक्षण व्यवस्था सुनिश्चित करने और उपयुक्त प्रशिक्षकों के चयन के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि जनगणना कार्य को समयबद्ध, पारदर्शी और त्रुटिरहित ढंग से संपन्न कराने के लिए सभी आवश्यक तैयारियाँ समय रहते पूरी कर ली जाएँ.बैठक का समन्वय डॉ. एस.एस. शर्मा, संयुक्त निदेशक (जनगणना), भारत सरकार द्वारा किया गया.बैठक में चारों जिलों के जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी, नगर आयुक्त वाराणसी, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व), जिला सूचना विज्ञान अधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे.