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वाराणसी में उत्‍तरप्रदेश दिवस पर दिखी इतिहास, समृद्ध संस्कृति और विकास की झलक

वाराणसी में उत्‍तरप्रदेश दिवस पर दिखी इतिहास, समृद्ध संस्कृति और विकास की झलक
Jan 24, 2026, 11:20 AM
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Posted By Diksha Mishra

वाराणसी : पिंडरा तहसील परिसर में शनिवार को पहली बार उत्तर प्रदेश दिवस का ऐतिहासिक और भव्य आयोजन किया गया. सुबह 11 बजे शुरू हुए कार्यक्रम में क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, कर्मचारियों तथा आम नागरिकों की बड़ी सहभागिता रही. पूरे तहसील परिसर में उत्साह और उल्लास का माहौल देखने को मिला.


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कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पिंडरा के विधायक डॉ. अवधेश सिंह रहे. उन्होंने दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया. अपने संबोधन में उन्होंने उत्तर प्रदेश के गौरवशाली इतिहास, समृद्ध संस्कृति और प्रदेश में हो रहे विकास कार्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला.


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विधायक ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने विकास की नई ऊंचाइयों को छुआ है. आज प्रदेश में माफियाराज और गुंडा टैक्स समाप्त हो चुका है, व्यापारी सुरक्षित हैं और कानून का राज स्थापित हुआ है. केंद्र सरकार और प्रदेश सरकार के नेतृत्व में पिंडरा विधानसभा क्षेत्र में मेडिकल कॉलेज, होम्योपैथिक कॉलेज, पॉलिटेक्निक कॉलेज ,फ्लाईआओभर सहित क्षेत्र के महत्वपूर्ण कार्य हुआ. केंद्र और प्रदेश सरकार ने मिलकर जो इतिहास रचा है वह बेमिसाल है.


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कार्यक्रम के दौरान विश्वकर्मा श्रम योजना के तहत लाभार्थियों को सिलाई मशीनों का वितरण किया गया. सिलाई मशीन पाकर महिलाओं के चेहरे खुशी से खिल उठे. विधायक ने कहा कि यह योजना श्रमिकों और कारीगरों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. कार्यक्रम में कथक नृत्य, योगा प्रदर्शन सहित आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां हुईं. साथ ही शिक्षा विभाग, बिजली विभाग, कृषि विभाग, बाल विकास परियोजना, पोषण सहित विभिन्न विभागों द्वारा सरकारी योजनाओं की जानकारी देने के लिए स्टॉल लगाए गए.

इस दौरान 6 माह के बच्चों का अन्नप्राशन तथा गर्भवती महिलाओं की गोद भराई का कार्यक्रम भी संपन्न हुआ. कार्यक्रम में मतदाता दिवस के अवसर पर शपथ भी दिलाई गई. अपने संबोधन में विधायक डॉ. अवधेश सिंह ने बताया कि पिंडरा तहसील 23 बार प्रथम स्थान प्राप्त कर चुकी है. वहीं बसनी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को प्रथम तथा पिंडरा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को द्वितीय स्थान प्राप्त हुआ है. उन्होंने कहा कि अब स्वास्थ्य सेवाएं 24 घंटे ऑनलाइन उपलब्ध हैं.

कार्यक्रम में एसडीएम पिंडरा प्रतिभा मिश्रा, एवीएसए विनोद मिश्रा, नायब राधेश्याम यादव , तहसीलदार,एसडी अग्रवाल, पूर्व ब्लॉक प्रमुख सत्येंद्र सिंह, डॉ. जयप्रकाश दुबे, पवन सिंह, अभिषेक राजपूत, एसीपी प्रतीक कुमार चौहान, संतोष सिंह मंगारी, सुनील दत्त वर्मा अवधेश मिश्रा, विकाश राय, अमर सिंह गुड्डू, , दिनेश सिंह डॉ. दिनेश मिश्रा, सरिता सिंह, भाजपा कार्यकर्ता सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे.


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गुरु पूर्णिमा से पहले शंकराचार्य की चरण पादुका का पूजन, काशीवासियों से किया गौरक्षा का संकल्प लेने का आह्वान.
गुरु पूर्णिमा से पहले शंकराचार्य की चरण पादुका का पूजन, काशीवासियों से किया गौरक्षा का संकल्प लेने का आह्वान.
वाराणसी : गुरु पूर्णिमा से पूर्व काशी के श्रद्धालुओं ने सोमवार को शंकराचार्य घाट स्थित श्रीविद्यामठ में ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की चरण पादुका का वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधिवत पूजन किया। इस अवसर पर शंकराचार्य ने काशीवासियों और देशभर के श्रद्धालुओं से गुरु पूर्णिमा पर गौरक्षा का संकल्प लेने का आह्वान किया।बताया गया कि इस वर्ष शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती गुरु पूर्णिमा के अवसर पर काशी में उपस्थित नहीं रहेंगे। वे छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले स्थित सपाद लक्षेश्वर धाम में चातुर्मास्य व्रत एवं धार्मिक अनुष्ठान संपन्न करेंगे। इसी कारण श्रद्धालुओं ने गुरु पूर्णिमा से पहले ही उनकी चरण पादुका के पूजन की अनुमति मांगी थी, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया।पूजन के दौरान श्रद्धालुओं ने गौमाता की रक्षा के लिए 81 दिवसीय 'गविष्ठी यात्रा' पूर्ण करने पर शंकराचार्य का अभिनंदन भी किया। अपने संदेश में शंकराचार्य ने कहा कि गौमाता सनातन धर्म की आस्था का केंद्र हैं और शास्त्रों के अनुसार 33 कोटि देवी-देवताओं का निवास उनमें माना गया है। उन्होंने कहा कि हर सनातनी को गुरु पूर्णिमा के अवसर पर गौरक्षा का संकल्प लेकर इस अभियान से जुड़ना चाहिए।शंकराचार्य के मीडिया प्रभारी संजय पाण्डेय ने बताया कि चातुर्मास के दौरान सपाद लक्षेश्वर धाम में विभिन्न आध्यात्मिक अनुष्ठान आयोजित होंगे। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश की 403 विधानसभा क्षेत्रों के प्रतिनिधियों की तीन दिवसीय कार्यशाला भी आयोजित की जाएगी, जिसमें उन्हें गौरक्षा आंदोलन और शंकराचार्य की गौरक्षा नीति को जन-जन तक पहुंचाने के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा।ALSO READ: बीएचयू में 'एक वृक्ष माँ के नाम' अभियान के तहत 111 पौधों का रोपण.उन्होंने बताया कि शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती मंगलवार, 28 जुलाई को काशी से छत्तीसगढ़ के लिए प्रस्थान करेंगे।कार्यक्रम में साध्वी पूर्णांबा दीदी, ब्रह्मचारी परमात्मानंद, स्वामी निधिरव्यानंद, गिरीश चंद्र तिवारी, अविनाश मिश्रा, रवि त्रिवेदी, रमेश उपाध्याय, अभय शंकर तिवारी, विमल तिवारी, हजारी कीर्ति शुक्ला, मनीष पाण्डेय, मयंक दोषी, शाश्वत मिश्रा, लता पाण्डेय, मंजरी पाण्डेय, चांदनी चौबे, नीलम दुबे सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
बीएचयू में 'एक वृक्ष माँ के नाम' अभियान के तहत 111 पौधों का रोपण.
बीएचयू में 'एक वृक्ष माँ के नाम' अभियान के तहत 111 पौधों का रोपण.
वाराणसी : काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में पर्यावरण संरक्षण और हरित परिसर के विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सोमवार को 'एक वृक्ष माँ के नाम' अभियान के अंतर्गत केंद्रीय कार्यालय परिसर में विशेष पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। अभियान का शुभारंभ कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी और कुलसचिव राजन श्रीवास्तव ने केंद्रीय कार्यालय के सामने नीलमोहर का पौधा लगाकर किया।अभियान के तहत विश्वविद्यालय परिसर के विभिन्न स्थानों पर कुल 111 पौधों का रोपण किया गया। इनमें 100 रक्तमंजरी और 11 नीलमोहर के पौधे शामिल हैं। खास बात यह रही कि बीएचयू परिसर में पहली बार नीलमोहर के पौधे लगाए गए हैं। आकर्षक नीले-बैंगनी फूलों वाला नीलमोहर (जैकारैंडा मिमोसिफोलिया) अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है। विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि इन पौधों के रोपण से परिसर की जैव विविधता समृद्ध होगी और हरित वातावरण को बढ़ावा मिलेगा।ALSO READ: सावन में कांवड़ मार्गों पर बंद रहेंगी मांस-मछली की दुकानें, उल्लंघन करने पर होगी कानूनी कार्रवाई.कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने कहा कि यह अभियान पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी निभाने का संदेश देता है। वहीं, रक्तमंजरी के पौधे भी परिसर की हरित आभा और सौंदर्य को और आकर्षक बनाएंगे।पौधरोपण कार्यक्रम का आयोजन उद्यान विशेषज्ञ इकाई के आचार्य प्रभारी प्रो. सरफराज आलम के नेतृत्व में किया गया। इस अवसर पर प्रो. अनुराग दवे, प्रो. राकेश कुमार सिंह, डॉ. संजीव सर्राफ, अश्विनी देशवाल, भरत पांडे सहित उद्यान इकाई एवं केंद्रीय कार्यालय के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
सावन में कांवड़ मार्गों पर बंद रहेंगी मांस-मछली की दुकानें, उल्लंघन करने पर होगी कानूनी कार्रवाई.
सावन में कांवड़ मार्गों पर बंद रहेंगी मांस-मछली की दुकानें, उल्लंघन करने पर होगी कानूनी कार्रवाई.
वाराणसी : सावन माह में कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं और कांवड़ियों की धार्मिक भावनाओं का सम्मान सुनिश्चित करने के लिए नगर निगम ने बड़ा निर्णय लिया है। निगम प्रशासन ने शहरी सीमा के अंतर्गत आने वाले सभी कांवड़ मार्गों पर अवैध रूप से संचालित मांस, मछली और मुर्गा विक्रेताओं की दुकानों को तत्काल प्रभाव से बंद रखने के निर्देश जारी किए हैं।नगर निगम के पशु चिकित्सा कल्याण अधिकारी डॉ. विजय अमृतराज ने बताया कि कांवड़ यात्रा के दौरान मार्गों पर मांस-मछली की दुकानों का संचालन श्रद्धालुओं की आस्था को प्रभावित कर सकता है। इसे देखते हुए सभी जोनों में विशेष अभियान चलाने का निर्णय लिया गया है। नगर निगम की टीमों को अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित निरीक्षण कर अवैध रूप से संचालित दुकानों को बंद कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आदेश का सख्ती से पालन कराया जाएगा। यदि कोई दुकानदार निर्देशों की अनदेखी करते हुए मांस, मीट या मछली की बिक्री करता पाया गया, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कड़ी दंडात्मक और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।ALSO READ: बीएचयू के डॉ. राघवेंद्र रमन मिश्र विश्व के शीर्ष 5% वैज्ञानिकों में शामिल.उत्कृष्ट शोध और वैज्ञानिक योगदान के लिए मिला सम्माननगर निगम ने सभी संबंधित विक्रेताओं से अपील की है कि वे सावन माह के दौरान जारी निर्देशों का पालन करें और कांवड़ यात्रा की पवित्रता बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें।