कई गुना रफ्तार के संग हाइड्रोजन ट्रेन दौड़ने को तैयार, जानें क्या है सुविधाएं

भारतीय रेलवे ने एक नया इतिहास रचने का बड़ा फैसला लिया है. जहां हरियाणा पहली हाइड्रोजन ट्रेन के ट्रायल को लेकर तैयारियां जोरों पर है. लखनऊ से एक स्पेशल कोच इस ट्रेन के संचालन में इस्तेमाल होने वाला सामान भी लेकर पहुंचा है. ऐसे में ये उम्मीद जताई जा रही है कि बहुत जल्द ये ट्रेन रफ्तार भरते हुए सरपट पटरियों पर दौड़ेगी. इस हाइड्रोजन टेन को कड़ी सुरक्षा के बीच जींद के हाइड्रोजन प्लांट में सुरक्षित रखा गया है, जिसके आगामी 26 जनवरी को रेलवे ट्रैक पर आने की संभावना है. यह जींद और सोनीपत के बीच चलेगी.

इस ट्रेन की खासियत यह है कि, शून्य शोर और शून्य प्रदूषण की इस ट्रेन में हवाई जहाज जैसा अनुभव होगा. जींद-सोनीपत सेक्शन के बीच जल्द अपनी 140 किमी प्रति घंटा की रफ्तार भरेगी. इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (आइसीएफ) चेन्नई में तैयार हाइड्रोजन ट्रेन एक बार में 2600 से अधिक यात्रियों को ले जाने की क्षमता रखती है. प्रतिदिन दो फेरे लगाते हुए कुल 356 किलोमीटर की दूरी तय करने की दम रखती है.

कोच में यह सुविधाएं
इस हाइड्रोजन ट्रेन की कोच में तापमान सेंसर, आधुनिक शौचालय और वाशबेसिन लगाए गए हैं. नीले रंग के आरामदायक गद्दे, छत पर आधुनिक पंखे और एलईडी लाइट पैनल हैं. सिर्फ बैठने ही नहीं, बल्कि खड़े होकर सफर करने वाले यात्रियों के पकड़ने के लिए नीले रंग के मजबूत हैंडग्रिप्स भी लगाए गए हैं. बीचों बीच में स्लाइडिंग दरवाजे भी लगाए गए हैं. आधुनिक बायो टायलेट बनाए गए हैं, फर्श पर मेटालिक शीट का उपयोग किया गया है. दरवाजों के पास स्टील की रेलिंग और ग्रिल्स दी गई हैं, ट्रेन को गहरे नीले और सफेद रंग के काम्बिनेशन में रंगा गया है, ट्रेन के आगे के हिस्से पर एच-टू पावर्ड और क्लीन मोबिलिटी लिखा गया है.

इस तरह होगा ड्राइवर का कैबिन
इस ट्रेन में लोको पायलट का कैबिन बड़ा ही शानदार है, जो एक डिजिटल स्क्रीन के साथ हाइड्रोजन स्तर पर हैं, जो ट्रेन की गति की सटीक जानकारी देती है. पुश-बटन स्वचलित ब्रेकर पैनल लगाए गए हैं, रेड इमरजेंसी हैंडल और पुश-बटन कंट्रोलर दिए गए हैं. बायीं ओर स्विच और सर्किट ब्रेकर इलेक्ट्रिक सिस्टम को नियंत्रित करता है.

हाइड्रोजन प्लांट को 24 घंटे मिलेगी बिजली
हाइड्रोजन प्लांट को स्थिर और निर्बाध 11 केवी बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने चंडीगढ़ में बिजली निगम के अधिकारियों के साथ बैठक की, इस बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने निर्देश दिए है कि बिजली आपूर्ति प्रणाली की नियमित समीक्षा की जाए और वैकल्पिक व्यवस्था को भी सुदृढ़ रखा जाए.



