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हिन्दी सुरक्षित तो देश सुरक्षित: डॉ. नीरजा माधव

हिन्दी सुरक्षित तो देश सुरक्षित: डॉ. नीरजा माधव
Oct 27, 2025, 12:26 PM
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Posted By Gaandiv

वाराणसी। हिन्दी यदि सुरक्षित रहेगी तो देश सुरक्षित रहेगा. यहीं नहीं हिन्दी पत्रकारिता भी जीवंत बनी रहेगी. यह बात हिन्दी की सुप्रसिद्ध साहित्यकार डॉ नीरजा माधव ने कहीं. वे पराड़कर स्मृति भवन में पराड़कर जयंती पर स्वातंत्र्यपूर्व हिंदी पत्रकारिता के युगपुरुष संपादकाचार्य बाबूराव विष्णु पराड़कर जी की जयंती पर सोमवार को ’पराड़कर युग से डिजिटल युग तक: पत्रकारिता के मूल्य और बदलाव’ विषयक संगोष्ठी को सम्बोधित कर रही थीं.

उन्होंने कहा कि हिन्दी भाषा को बचाए जाने के साथ ही उसके साथ किये जा रहे खिलवाड़ के प्रति सजग रहना जरुरी है. इसके लिए आवश्यक है कि पत्रकार अपने भाषाई अधिकारों का कर्तव्यबोध के साथ प्रयोग करें, ताकि हिन्दी को बचाया जा सके. उन्होंने सचेत करते हुए कहा कि हिन्दी भाषा नहीं बची तो पत्रकारिता भी समाप्त हो जायेगी.


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हिन्दी पत्रकारिता चिंता की नहीं चिंतन का विषय


संगोष्ठी में विशिष्ट अतिथि महामना मदन मोहन मालवीय हिन्दी पत्रकारिता संस्थान, काशी विद्यापीठ के निदेशक डॉ॰ नागेन्द्र कुमार सिंह ने कहा कि मौजूदा दौर में हिन्दी पत्रकारिता चिंता की नहीं चिंतन का विषय है. हिन्दी पत्रकारिता को शीर्ष स्थान प्रदान करने वाले बाबू विष्णु राव पराड़कर के सन्दर्भ में नयी पीढ़ी को जानकारी युक्त करने की आवश्यकता है. यह अचरज भरा है कि पराड़कर जी के नाम पर काशी हिन्दू विश्वविद्यालय अथवा काशी विद्यापीठ में कोई पीठ अभी तक स्थापित नहीं है. इसके लिए पहल की आवश्यकता है.


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प्रखर समाजवादी व पत्रकार विजय नारायण सिंह ने भी हिन्दी भाषा की वकालत की। अंग्रेजी के बढ़ते वर्चस्व से सावधान रहने की आवश्यकता पर बल दिया. डॉ कवीन्द्र नारायण ने कहा कि पत्रकारिता में हो रहे क्षरण की दिशा में सकारात्मक चिंतन की जरूरत है. सम्पादकाचार्य पराड़कर का स्मरण करते हुए डा अत्रि भारद्वाज, योगेश कुमार गुप्त, राजनाथ तिवारी, डा बेनी माधव मिश्र, एके लारी ने अपने विचार व्यक्त किये. अध्यक्षता संघ के अध्यक्ष अरुण मिश्र ने की. महामंत्री जितेन्द्र कुमार श्रीवास्तव ने अतिथियों का स्वागत किया. संचालन वरिष्ठ पत्रकार हिमांशु उपाध्याय तथा धन्यवाद ज्ञापन उपाध्यक्ष सुरेन्द्र नारायण तिवारी ने किया. इस मौके पर कोषाध्यक्ष डॉ जयप्रकाश श्रीवास्तव, अखिलेश मिश्र, कैलाश यादव, सुनील शुक्ला, अश्वनी कुमार श्रीवास्तव, आलोक मालवीय, आनन्द कुमार मौर्य, एमडी जावेद, उमेश गुप्ता, विजय शंकर गुप्ता, राजेन्द्र यादव, मोहम्मद अशफाक सिद्दीकी, डा॰ जिनेश कुमार, राममिलन लाल श्रीवास्तव, मनोज कुमार राय, श्रीधर त्रिपाठी, मुन्ना लाल साहनी, आशुतोष पाण्डेय आदि मौजूद थे.

वाराणसी में महायज्ञ का होगा आयोजन, 24 घंटे विष्णु सहस्रनाम पाठ और एक लाख बिल्वार्चना
वाराणसी में महायज्ञ का होगा आयोजन, 24 घंटे विष्णु सहस्रनाम पाठ और एक लाख बिल्वार्चना
वाराणसी: काशी में विश्व शांति और धर्म रक्षा के संकल्प के साथ एक भव्य धार्मिक आयोजन होने जा रहा है. श्रृंगेरी शारदा पीठम के दोनों जगद्गुरुओं के दिव्य आशीर्वाद से कल्वाकोलानु चितरंजन दास मेमोरियल सेवा संगठन, हैदराबाद (तेलंगाना) की ओर से काशी के मुमुक्षु भवन परिसर स्थित सहस्त्रलिंगेश्वर क्षेत्र में ‘शिवाय विष्णु रूपाय’ नामक विशेष आध्यात्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा. इस आयोजन का नेतृत्व ब्रह्मश्री कल्वाकोलानु रामचन्द्रमूर्ति और उनकी धर्मपत्नी श्रीमती जयलक्ष्मी रामचन्द्रमूर्ति के मार्गदर्शन में किया जा रहा है. कार्यक्रम की शुरुआत महा संकल्प और गणपति पूजन से होगी. इसके बाद पुण्य वाचन, मंडप स्थापना और यज्ञशाला प्रवेश के साथ विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान किए जाएंगे.यह भी पढ़ें: अलविदा जुमे की नमाज को लेकर पुलिस अलर्ट, शुरू हुई ड्रोन से निगरानीतीन दिनों तक चलने वाले इस आयोजन में गणपति हवन, रुद्र हवन, नवग्रह हवन, गायत्री हवन जैसे विशेष यज्ञ आयोजित किए जाएंगे. मंदिर परिसर में विष्णु सहस्रनाम का 24 घंटे अखंड पारायण किया जाएगा. इसके साथ ही एक लाख बिल्वार्चना और एक लाख रुद्राक्ष अर्चना का भी आयोजन होगा. इसके अलावा महिलाओं द्वारा हनुमान चालीसा पारायण, सौंदर्य लहरी पाठ और ललिता सहस्रनाम पारायण भी किया जाएगा. कार्यक्रम के दौरान अस्सी घाट के तट पर ब्राह्मणों द्वारा सामूहिक संध्यावंदन भी किया जाएगा. आयोजन के अंत में मंत्र पुष्प और प्रसाद वितरण के साथ अनुष्ठान का समापन होगा.देश-विदेश से आएंगे श्रद्धालुआयोजकों के अनुसार इस तीन दिवसीय कार्यक्रम में करीब 1500 से 2000 श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है. इसमें आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु, कर्नाटक सहित देश के विभिन्न राज्यों और विदेशों से भी श्रद्धालु काशी पहुंच रहे हैं. आयोजकों का कहना है कि यह आयोजन विश्व शांति और मानव कल्याण के उद्देश्य से किया जा रहा है. उनका मानना है कि मंत्र जाप और यज्ञ के माध्यम से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा और विश्व में शांति का संदेश जाएगा. संस्था के प्रतिनिधियों ने बताया कि इससे पहले भी संस्था ने अयोध्या में शतकोटि गायत्री महायज्ञ और काशी में महारुद्र यज्ञ जैसे बड़े धार्मिक आयोजनों का सफल आयोजन किया है. आयोजकों ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि जाति, लिंग और आयु के भेदभाव के बिना सभी लोग इस आध्यात्मिक उत्सव में शामिल होकर भगवान की पूजा-अर्चना करें और विश्व कल्याण के संकल्प में सहभागी बनें.
अलविदा जुमे की नमाज को लेकर पुलिस अलर्ट, शुरू हुई ड्रोन से निगरानी
अलविदा जुमे की नमाज को लेकर पुलिस अलर्ट, शुरू हुई ड्रोन से निगरानी
वाराणसी: ईद और अलविदा जुमे की नमाज को लेकर वाराणसी में पुलिस हाई अलर्ट मोड पर रही. सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई. संवेदनशील इलाकों में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस की गश्‍त बढा दी गई. इसी क्रम में पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल समेत कई वरिष्ठ अधिकारियों ने शुक्रवार को शहर के दालमंडी इलाके में पैदल गश्त कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया. पुलिस प्रशासन की ओर से शहर के संवेदनशील इलाकों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है. सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कई स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है.इसके अलावा ड्रोन कैमरों और CCTV के माध्यम से लगातार निगरानी की जा रही है, जिससे किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा सके. पुलिस कमिश्नर के नेतृत्व में अधिकारियों की टीम ने दालमंडी क्षेत्र में पैदल गश्त की. इस दौरान पुलिस टीम ज्ञानवापी क्षेत्र तक पहुंची और वहां की सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण किया.गश्त के दौरान पीएसी, महिला कमांडो और भारी पुलिस बल के साथ पूरे इलाके में फ्लैग मार्च किया गया, ताकि आम लोगों में सुरक्षा का भरोसा बना रहे और किसी भी तरह की अफवाह या असामाजिक गतिविधि पर नजर रखी जा सके. पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने बताया कि जिले की सभी मस्जिदों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है और वरिष्ठ अधिकारी लगातार पेट्रोलिंग और रूट मार्च कर रहे हैं.यह भी पढ़ें: चैत्र नवरात्र पर बाबा विश्‍वनाथ धाम में भक्‍तों को होगा नया अनुभव, हर दिन अलग आयोजनउन्होंने कहा कि जिन मस्जिदों में अधिक भीड़ होने की संभावना है, वहां अधिकारियों को स्वयं मौजूद रहकर नमाज को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के निर्देश दिए गए. साथ ही धार्मिक गुरुओं से भी बातचीत की गई है और लोगों से अपील की गई है कि ऐसी जगहों पर नमाज अदा न करें जहां ट्रैफिक बाधित हो सकता हो. अगर किसी स्थान पर भीड़ अधिक हो तो नमाज दो पालियों में पढ़ने की व्यवस्था की जा सकती है. इस दौरान पुलिस के कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे. इनमें एसीपी, एडीसीपी और डीसीपी समेत अन्य पुलिस अधिकारी शामिल रहे, जिन्होंने पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया.
चैत्र नवरात्र पर बाबा विश्‍वनाथ धाम में भक्‍तों को होगा नया अनुभव, हर दिन अलग आयोजन
चैत्र नवरात्र पर बाबा विश्‍वनाथ धाम में भक्‍तों को होगा नया अनुभव, हर दिन अलग आयोजन
वाराणसी: काशी विश्वनाथ धाम में चैत्र नवरात्र पर्व के पावन अवसर पर विविध धार्मिक तथा सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा. इस बाबत मंद‍िर प्रशासन की ओर से जानकारी साझा कर बताया गया है क‍ि हर द‍िन अलग अलग आयोजनों से बाबा दरबार में भक्‍तों को नया अनुभव होगा. प्रथम दिवस पर कलश स्थापना की जाएगी.चैत्र नवरात्र पर्व की पूर्व संध्या पर माता काशी विशालाक्षी शक्तिपीठ से नौ कलश गंगाजल काशी विश्वनाथ जी को अर्पित किया जाएगा. अगले दिवस प्रातःकाल मंगला आरती के पश्चात, सर्वप्रथम प्रथम शक्तिपीठ माता काशी विशालाक्षी द्वारा प्रेषित नौ कलश गंगाजल से महादेव का जलाभिषेक किया जाएगा. चैत्र नवरात्र के नौ दिनों में प्रतिदिन भगवान विश्वेश्वर द्वारा श्रृंगार सामग्री तथा वस्त्र माता विशालाक्षी को भेंट स्वरूप प्रेषित किए जाएंगे.यह भी पढ़ें: स्वच्छता की सारथी बनीं काशी की बेटियां, 82 महिलाएं हुई सम्मानितमाता काशी विशालाक्षी शक्तिपीठ के साथ-साथ काशी में स्थित नवदुर्गा स्वरूप देवियों को भी प्रतिदिन के अनुसार काशी विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग धाम से वस्त्र एवं श्रृंगार सामग्री अर्पित की जाएगी. नौ दिनों में प्रतिदिन धाम स्थित शिवार्चनम मंच पर सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया जाएगा. प्रतिदिन काशी विश्वनाथ धाम में शक्ति आराधना के अंतर्गत दुर्गासप्तशती का शास्त्रीय विधि-विधान से पाठ संपन्न किया जाएगा.एक दिवस काशी की परंपराचैत्र नवरात्र पर्व अवधि में एक दिवस काशी की परंपरा के अनुसार माता श्रृंगार गौरी की आराधना को समर्पित रहेगा. इसी परंपरा के निर्वहन में काशी विश्वनाथ धाम में विराजमान माता श्रृंगार गौरी की आराधना काशीवासी एवं श्रद्धालुओं द्वारा की जाएगी. मंदिर न्यास द्वारा इस अवसर पर श्रद्धालुओं के लिए नारियल तथा फलाहारी प्रसाद की व्यवस्था की जाएगी और आयोजन गरिमापूर्ण रूप से संपन्न किया जाएगा. राम नवमी के पावन अवसर पर अखंड रामायण पाठ का आयोजन किया जाएगा. नवमी तिथि को नौ मातृ शक्तियों को मुख्य याजक के रूप में आमंत्रित कर नवमी यज्ञ संपन्न कराया जाएगा.श्रद्धालुओं के सम्मिलित होने की अपेक्षामंदि‍र प्रशासन की ओर से बताया गया क‍ि यह सभी आयोजन श्रद्धा, विधि और काशी की प्राचीन परंपराओं के अनुरूप संपन्न किए जाएंगे, जिनमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के सम्मिलित होने की अपेक्षा है.