वाराणसी में मंत्री ने 'वोट जिहाद' का लगाया आरोप, कहा - हजारों लोगों के फर्जी नाम जोड़े गए

वाराणसी : यूपी के स्टांप राज्य मंत्री रविंद्र जायसवाल ने वोट जिहाद का गंभीरआरोप लगाते हुए कहा है कि उनके विधानसभा क्षेत्र वाराणसी उत्तरी में हजारों ऐसे मतदाताओं का नाम चिन्हित किया गया है, जिन्होंने दो से लेकर पांच स्थानों पर अपना नाम दर्ज कराया है. मंत्री ने इस संबंध में जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार को एक सूची सौंपते हुए मांग की है कि इन मतदाताओं की आधार से जांच कर उनके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए.

रविंद्र जायसवाल ने गुरुवार को सर्किट हाउस में मीडिया से बातचीत के दौरान इस सूची और अनियमितताओं काे उजागर किया. उन्होंने बताया कि यह 9000 लोग वे हैं, जिनका नाम एसआईआर की फाइनल लिस्ट जारी होने के बाद भारतीय जनता पार्टी के बीएलए द्वारा गहन जांच के दौरान सामने आया है. मंत्री ने कई महिलाओं के नाम भी बताए, जो 30 से 40 वर्ष की आयु पार कर चुकी हैं और अपने पिता के नाम से वोटर बनी हुई हैं. उन्होंने यह भी कहा कि इन महिलाओं के नाम मायके और ससुराल दोनों जगह पाए गए हैं.

जायसवाल ने इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र में इस प्रकार की गतिविधियाँ लोकतंत्र और चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने की साजिश है. उन्होंने स्पष्ट किया कि यह मामला केवल वोटिंग के नियमों का उल्लंघन नहीं है, बल्कि यह एक संगठित प्रयास है, जिसका उद्देश्य चुनावी प्रक्रिया को कमजोर करना है.
ALSO READ : वाराणसी में डंपर ने ली बाइक सवार व्यक्ति की जान, पत्नी गंभीर रूप से घायल
मंत्री ने यह भी कहा कि इस प्रकार की अनियमितताओं को रोकने के लिए सख्त कदम उठाने की आवश्यकता है. उन्होंने जिलाधिकारी से अनुरोध किया कि इस मामले की जांच की जाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए. जायसवाल ने कहा कि यह केवल एक राजनीतिक मुद्दा नहीं है, बल्कि यह हमारे लोकतंत्र की नींव को कमजोर करने का प्रयास है. मंत्री ने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि वे इस मुद्दे को गंभीरता से लें और चुनावी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए मिलकर काम करें. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए सभी को मिलकर काम करना होगा और किसी भी प्रकार की अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. वाराणसी में चुनावी माहौल को लेकर यह मुद्दा चर्चा का विषय बना हुआ है.



