भारत-अमेरिका जल्द होंगे एक-दूजे के करीब, डोभाल ने कही ये बात

भारत और अमेरिका के बीच काफी समय से रिश्तों में खटास देखने को मिल रही है. जिससे दोनों देश अब इस कड़वाहट को खत्म करने का विचार करने लगे है. जी हां, अब भारत ने अमेरिका के साथ बिगड़ते रिश्तों को संभालने की कोशिशोंमें लगे हुए है. इसी सिलसिले में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजित डोभाल वॉशिंगटन जा पहुंचे है. वहां उन्होंने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो से मुलाकात की है. यह हम नहीं, बल्कि अमेरिकी मीडिया ब्लूमबर्ग ने अपने सूत्रों के हवाले से ये जानकारी दी जा रही है.

जहां ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस बातचीत में डोभाल ने साफ कहा कि भारत अमेरिका के साथ चल रही कड़वाहट को खत्म करना चाहता है और दोबारा ट्रेड डील पर बातचीत शुरू करने के लिए तैयार है. हालांकि, डोभाल ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत किसी भी तरह के दबाव में नहीं आएगा. अगर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और उनकी टीम सख्त रुख अपनाती है, तो भारत मौजूदा सरकार के कार्यकाल के खत्म होने का इंतजार भी कर सकता है, भारत इससे पहले भी अमेरिका की मुश्किल सरकारों का सामना कर चुका है.

"भारत के खिलाफ बयान देना बंद करें ट्रम्प"
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, डोभाल ने यह भी कहा था कि, भारत चाहता है कि ट्रम्प और उनके सहयोगी भारत के खिलाफ खुलेआम बयान देना बंद करें, ताकि रिश्ते दोबारा पटरी पर आ सकें. उस वक्त भारत ट्रम्प के बयानों से नाराज था, क्योंकि अगस्त में ट्रम्प ने भारतीय सामान पर 50% टैक्स लगा दिया था, ट्रम्प ने भारत की अर्थव्यवस्था को ‘डेड’ (मरी हुई) कहा था और आरोप लगाया था कि भारत रूस से तेल खरीदकर यूक्रेन युद्ध में मदद कर रहा है.
रिपोर्ट के मुताबिक, डोभाल की इस बातचीत के कुछ ही दिनों बाद हालात बदलते दिखने लगे. 16 सितंबर को ट्रम्प ने पीएम मोदी को उनके जन्मदिन पर फोन किया और उनके काम की तारीफ की. इसके बाद साल के अंत तक दोनों नेताओं के बीच चार बार और फोन पर बातचीत हुई. इसी दौरान दोनों देश टैक्स कम करने वाले समझौते की तरफ बढ़ते रहे.

ट्रम्प ने दो दिन पहले भारत पर टैरिफ घटाया
अमेरिका के डोनाल्ड ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर बताया कि उन्होंने PM मोदी से फोन पर बातचीत की है और भारत-अमेरिका के बीच ट्रेड डील हो गई है, इसके तहत भारतीय सामान पर अमेरिका का टैक्स घटाकर 18% कर दिया गया है. रूस से तेल खरीदने को लेकर भारत पर लगाया गया 25% अतिरिक्त टैक्स भी हटा लिया गया है. इसके बदले भारत अमेरिका से 500 अरब डॉलर का सामान खरीदेगा, वेनेजुएला से तेल लेगा और अमेरिकी सामान पर टैक्स पूरी तरह खत्म करेगा. हालांकि, भारत सरकार ने इन बातों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है.



