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' लिव-इन' के दुष्परिणाम देख पीड़ा होती है, छात्राएं इससे बचें: राज्यपाल आनंदीबेन पटेल

' लिव-इन' के दुष्परिणाम देख पीड़ा होती है, छात्राएं इससे बचें: राज्यपाल आनंदीबेन पटेल
Oct 08, 2025, 12:36 PM
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Posted By Gaandiv

वाराणसी: उत्तर प्रदेश की राज्यपाल और कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ विश्वविद्यालय के 47वें दीक्षांत समारोह में शिरकत करते हुए 'लिव-इन रिलेशनशिप' को लेकर छात्राओं को बड़ी नसीहत दी है. राज्यपाल ने इस मौके पर 'लिव-इन' संबंधों से होने वाले गंभीर परिणामों का उल्लेख करते हुए छात्राओं से इससे दूर रहने को भी कहा.


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राज्यपाल ने साझा किए अपने अनुभव


सिगरा स्थित रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने लिव-इन रिलेशनशिप को लेकर अपने अनुभव साझा किए, जो उन्हें किसी न्यायाधीश से प्राप्त हुए थे. उन्होंने कहा, "मुझे यह सुनकर बहुत कष्ट होता है कि युवा पीढ़ी, खासकर बेटियां, 'लिव-इन' जैसे रिश्तों की तरफ बढ़ रही हैं. मैंने तो ऐसे मामले देखे हैं, जहां रिश्तों के बिगड़ने पर लड़की के शरीर के 50-50 टुकड़े करके बीम में भरने की घटनाएँ सामने आई हैं". उन्होंने आगे कहा कि लिव-इन रिलेशनशिप में रहने वाले लोग गलत काम करके आसानी से भाग जाते हैं, जिसके बाद बेटियां मुश्किल में पड़ जाती हैं.



कह रही हूं कि मत करिए


न्यायाधीश से मिली जानकारी का हवाला देते हुए राज्यपाल ने पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) के बारे में भी बात की और इस तरह के रिश्तों की कानूनी जटिलताओं और दुष्परिणामों पर प्रकाश डाला. अपने संबोधन के अंत में, कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने छात्राओं को भावनात्मक और सुरक्षात्मक लहजे में कहा कि, "इसलिए मैं कह रही हूँ कि मत करिए."

स्वच्छता सर्वेक्षण-चकाचक दिखेगी काशी, सुंदरीकरण के मानकों पर नगर निगम सख्त
स्वच्छता सर्वेक्षण-चकाचक दिखेगी काशी, सुंदरीकरण के मानकों पर नगर निगम सख्त
वाराणसी: नगर निगम अब काशी को केवल साफ ही नहीं, बल्कि पूरी तरह चकाचक बनाने की तैयारी में जुट गया है. आगामी स्वच्छता सर्वेक्षण 2025-26 में काशी को देश के शीर्ष तीन शहरों में शामिल कराने के लिए निगम सजग है. इस क्रम में गुरुवार को कचहरी स्थित आयुक्त सभागार में आयोजित कार्यशाला में नगर आयुक्त हिंमाशु नागपाल ने स्पष्ट किया कि अब केवल कूड़ा उठाना काफी नहीं है, बल्कि शहर के सुंदरीकरण से जुड़े हर छोटे पहलू पर काम करना होगा.खामियों को चिन्हित कर ठीक कराना विभाग की जिम्मेदारी​कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए ​नगर आयुक्त ने अधिकारियों से कहा कि वाराणसी प्रधानमंत्री का संसदीय क्षेत्र है और स्वच्छता उनके प्राथमिक एजेंडे में है. ऐसे में घर-घर से कूड़ा उठाने और सोर्स सेग्रिगेशन (कूड़े का पृथक्करण) के साथ-साथ शहर के सार्वजनिक शौचालयों की स्थिति, वॉल पेंटिंग, जंग लगे खंभों की रंगाई और लटकते बिजली के तारों जैसी समस्याओं को प्राथमिकता पर दुरुस्त किया जाए. उन्होंने कहा कि विभाग चाहे कोई भी हो, खामियों को चिन्हित कर उन्हें हर हाल में ठीक कराना हमारी जिम्मेदारी है.​लापरवाही पर लगेगा जुर्माना​कार्यशाला में नगर आयुक्त ने सख्त लहजे में कहा कि जो लोग सफाई के बाद सड़कों पर कूड़ा फेंकते हैं या सूखा व गीला कचरा अलग-अलग करके नहीं देते, उन्हें चिन्हित कर उन पर जुर्माना लगाया जाए. अपर नगर आयुक्त सविता यादव ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिन वार्डों में चार श्रेणियों के डस्टबिन और स्टीकर बांटे गए हैं, वहां शत-प्रतिशत सोर्स सेग्रिगेशन सुनिश्चित करने के लिए लोगों को जागरूक करें.यह भी पढ़ें: महिला अपराध के मामलों में नहीं चलेगी लापरवाही, जीरो टालरेंस नीति के कारण आई कमी​अधिकारियों को मिली चेकलिस्ट और टूलकिट​स्वच्छता सर्वेक्षण के मानकों को समझाने के लिए डीपीएम अरविंद कुमार ने प्रोजेक्टर के माध्यम से अंकों के गणित की जानकारी दी. सभी जोनल अधिकारियों, स्वास्थ्य निरीक्षकों और कर अधीक्षकों को एक निरीक्षण चेकलिस्ट दी गई है. उन्हें अपने-अपने क्षेत्रों का दौरा कर रिपोर्ट देने को कहा गया है ताकि समय रहते कमियों को सुधारा जा सके. ​कार्यशाला में मुख्य रूप से नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सुरेंद्र कुमार चौधरी, जोनल अधिकारी जितेंद्र आनंद, मृत्युंजय नारायण मिश्र सहित जलकल और निगम के तमाम आला अधिकारी उपस्थित रहे. धन्यवाद ज्ञापन डॉक्यूमेंट मैनेजर प्रीति सिंह ने किया
महिला अपराध के मामलों में नहीं चलेगी लापरवाही, जीरो टालरेंस नीति के कारण आई कमी
महिला अपराध के मामलों में नहीं चलेगी लापरवाही, जीरो टालरेंस नीति के कारण आई कमी
वाराणसी: महिला आत्मसम्मान सम्मेलन में पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने कहा कि महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं चलेगी. महिलाओं से अपील कर कहा कि चुप्पी तोड़ो, खुलकर बोलो, तभी अपराधियों पर प्रभावी कार्रवाई संभव है. जीरो टॉलरेंस नीति और पुलिस की सख्त कार्रवाई के कारण महिला अपराधों में 60 से 74 प्रतिशत तक कमी आई है. पुलिस आयुक्त ने डिंपल देवी, अर्चना पटेल और शांति देवी को सम्मानित किया. कमिश्‍नरेट के गोमती जोन के बड़ागांव थाना क्षेत्र के बाबतपुर में लॉन में यह सम्‍मेलन गुरुवार को किया गया.महिला सुरक्षा के लिए अनिवार्य CCTV कैमरे पुलिस आयुक्त ने बताया कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए स्कूल, कोचिंग सेंटर, हॉस्टल और जिम में सीसीटीवी कैमरे लगाना अनिवार्य किया गया है. साथ ही प्रत्येक थाने पर मिशन शक्ति केंद्र स्थापित किए गए हैं, जहां केवल महिला पुलिसकर्मी तैनात रहती हैं, ताकि अपनी शिकायत बेझिझक दर्ज करा सकें.यह भी पढ़ें: दामाद ने गला दबाकर की ससुर की हत्‍या, सामने आया जमीनी विवादबताया कि 2025 में रानी लक्ष्मीबाई महिला और बाल सम्मान कोष के तहत 5.53 करोड़ रुपये की सहायता महिलाओं को दी गई है. 2017 से लगातार कार्रवाई के चलते बलात्कार के मामलों में 74 प्रतिशत, छेड़खानी में 55 प्रतिशत, महिला हत्या में 60 प्रतिशत और पॉक्सो मामलों में 52 प्रतिशत तक कमी दर्ज की गई है. ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत प्रभावी पैरवी के कारण अदालतों में सजा की दर भी बढ़ी है.अपराधियों को सजा दिलाई गई2020-21 में जहां 69 मामलों में 86 आरोपियों को सजा हुई थी, वहीं वर्ष 2024 से मार्च 2026 तक 118 मामलों में 166 अपराधियों को सजा दिलाई गई. 2025 में एक मामले में मृत्युदंड, 10 में आजीवन कारावास, 31 मामलों में 10 वर्ष से अधिक और अन्य मामलों में विभिन्न अवधियों की सजा दिलाई गई. गांवों और मोहल्लों से 2000 महिलाओं ने भाग लिया. डीसीपी गोमती आकाश पटेल, एडीसीपी गोमती नृपेन्द्र, एडीसीपी महिला अपराध नम्रिता श्रीवास्तव ने संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं.
दामाद ने गला दबाकर की ससुर की हत्‍या, सामने आया जमीनी विवाद
दामाद ने गला दबाकर की ससुर की हत्‍या, सामने आया जमीनी विवाद
वाराणसी: बड़ागांव थाना क्षेत्र के गड़वा गांव में जमीन संबंधी विवाद को लेकर दामाद ने अपने ससुर की गला दबाकर हत्या कर दी. यह घटना हरहुआ पुलिस चौकी अंतर्गत गड़वा गांव में बीती रात हुई. वारदात के समय दामाद की पत्नी और बच्चे भी मौके पर मौजूद थे. पुलिस के अनुसार, पत्नी लगातार पति को रोकने का प्रयास करती रही, जबकि बच्चे चीखते-चिल्लाते रहे. हालांकि, दामाद ने किसी की बात नहीं सुनी और ससुर की जान ले ली. घटना के बाद आरोपी दामाद घर में ही बैठा रहा.पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया है. मृतक की बेटी की सूचना के बाद बड़ागांव थाने की पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची. पुलिस ने ससुर के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. आरोपी दामाद से पूछताछ की जा रही है. इस घटना के बाद इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं.जानकारी के अनुसार, शिवपुर थाना क्षेत्र के भरलाई निवासी संजय कुमार की शादी 13 साल पहले बड़ागांव थाना क्षेत्र के गड़वा गांव निवासी किशोरी उर्फ झगड़ु की बेटी नीतू से हुई थी. शादी के समय संजय कुमार पलोदारी का काम करता था. शादी के बाद वह अपने ससुराल में ही आकर रहने लगा. संजय और नीतू के तीन बेटे हैं, जिनमें आयुष 12 साल, अंश 10 साल और अन्वय 8 साल के हैं. ससुराल में रहते हुए संजय मजदूरी करता था, जबकि उसके ससुर किशोरी ट्रॉली चलाते थे. कुछ साल पहले ससुर किशोरी ने अपनी आवंटन की जमीन बेच दी थी. इस जमीन के पैसों को लेकर संजय और उसके ससुर के बीच अक्सर कहासुनी होती रहती थी.नीतू ने बताया कि उसका पति संजय मजदूरी करने के बाद गुरुवार शाम को घर आया था. उसके बाद रात करीब 8:00 बजे नीतू के पिता किशोरी भी ट्राली चलकर घर लौटे. इस दौरान संजय अपने ससुर किशोरी को गाली देने लगा. नीतू ने कहा कि वह समझाने और मना करने पहुंची तो संजय उसको भी गाली देने लगा. कहासुनी के बीच संजय और किशोरी के बीच हाथापाई होने लगी. इस दौरान संजय के बेटे भी पहुंचे उन्होंने नाना को मारने से मना किया लेकिन उसके पिता नहीं माने और बच्चों को भी गाली देते हुए वहां से भगा दिया.यह भी पढ़ें: गोमती संरक्षण यात्रा पहुंची काशी, सामूहिक सहभागिता का लिया संकल्‍पबच्चों और नीतू ने बताया कि संजय पहले अपने ससुर के सीने पर वार किया. वार करने के बाद गला दबा दिया जिससे मौत हो गई. ससुर को करने के बाद संजय कमरे में चला गया. इधर नीतू द्वारा शोर मचाने के बाद पड़ोसी वहां पहुंचे और उन लोगों ने डॉक्टर को बुलाया. डॉक्टर द्वारा किशोरी को मृत घोषित कर दिया उसके बाद लोग रोने चिल्लाने लगे. नीतू द्वारा फोन करके पुलिस को जानकारी दी गई. इस मामले में बड़ागांव थाना प्रभारी इंस्पेक्टर प्रवीण कुमार सिंह ने बताया कि ससुर की हत्या करने के आरोपी दामाद को हिरासत में लिया गया है. आवश्यक कार्रवाई की जा रही है.