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काशी में अलौकिक परंपरा, कान्हा स्वयं बाबा संग मंगल स्वरूप में देंगे दर्शन

काशी में अलौकिक परंपरा, कान्हा  स्वयं बाबा संग मंगल स्वरूप में देंगे दर्शन
Aug 16, 2025, 09:08 AM
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Posted By Gaandiv

Varanasi : महादेव की नगरी काशी श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के दिव्य और भव्‍य रंग में रंग गई है. इस बार काशी विश्वनाथ धाम में अद्भुत और अलौकिक परंपरा निभाई जाएगी. जन्म के 3 घंटे बाद लड्डू गोपाल स्वयं बाबा विश्वनाथ के मंगल स्वरूप के दर्शन करेंगे.विशेष परंपरा के तहत, बाबा विश्वनाथ चांदी की पानी से भरी थाल में श्रीकृष्ण के प्रतिबिंब के दर्शन करेंगे, ताकि बालकृष्ण को किसी प्रकार की नजर न लगे. इसके बाद 3 बजे मंगला आरती में बाबा और कान्हा एक साथ भक्तों को दर्शन देंगे.


पुराणों से प्रेरित परंपरा...


मंदिर में लड्डू गोपाल का पंचामृत से अभिषेक होगा और यही प्रसाद भक्तों में वितरित किया जाएगा. जन्मोत्सव के बाद लड्डू गोपाल को सत्यनारायण मंदिर में रात्रि विश्राम कराया जाएगा. वहीं, धाम परिसर में भव्य शोभायात्रा, महाअभिषेक और झूला झुलाने की परंपरा भी निभाई जाएगी.


मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्व भूषण मिश्रा के मुताबिक यह परंपरा पुराणों से प्रेरित है. कहा जाता है कि जब भगवान कृष्ण का जन्म हुआ, तब भगवान शिव उनके दर्शन के लिए पहुंचे थे. माता यशोदा ने बालकृष्ण को भयभीत न करने के लिए शिव से पहले कान्हा को जल में उनका प्रतिबिंब दिखाने का आग्रह किया था. इसी परंपरा को निभाते हुए काशी में यह अनूठा आयोजन किया जा रहा है.


धाम से जन्मभूमि भेजे गए उपहार...


जन्माष्टमी महोत्सव 16 अगस्त की रात्रि 11 बजे से शुरू होकर 17 अगस्त की सुबह 12:05 बजे तक चलेगा. इसके बाद सुबह 3 बजे मंगला आरती में लाखों श्रद्धालु बाबा और कान्हा के एक साथ दर्शन कर सकेंगे. देश-विदेश के भक्त ऑनलाइन दर्शन का भी लाभ उठा पाएंगे.


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इसके अलावा, श्री काशी विश्वनाथ धाम से श्रीकृष्ण जन्मभूमि, मथुरा के लिए विशेष उपहार भी भेजे गए. इनमें कान्हा की पोशाकें, लड्डू, फल, मिठाइयां और धाम की मंगल वस्तुएं शामिल हैं. यह अद्भुत अनुष्ठान काशी और मथुरा की आध्यात्मिक परंपराओं को जोड़ने वाला एक जीवंत उदाहरण है.पूरे धाम में “हर हर महादेव” और “जय श्री कृष्ण” के जयघोष गूंज रहे हैं. भक्तों के लिए यह एक अद्वितीय अवसर है जब शिव और विष्णु अवतार एक ही मंच पर एक साथ दर्शन देंगे.

महिलाओं से छेड़खानी और अश्लील हरकत करने वाले दो शोहदे गिरफ्तार, लक्सा पुलिस ने दबोचा
महिलाओं से छेड़खानी और अश्लील हरकत करने वाले दो शोहदे गिरफ्तार, लक्सा पुलिस ने दबोचा
वाराणसी : महिलाओं और लड़कियों को देखकर सरेआम छींटाकशी, अश्लील गाने और अश्लील हरकत करने वाले दो युवकों को लक्सा पुलिस ने गिरफ्तार किया है. पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर अग्रिम विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है,पुलिस के मुताबिक, 12 अगस्त को मुखबिर से सूचना मिली कि मजदा पार्किंग के सामने सड़क पर दो युवक आने-जाने वाली महिलाओं और लड़कियों को देखकर अश्लील गाने गा रहे हैं ,और छींटाकशी व अश्लील हरकतें कर रहे हैं. सूचना पर लक्सा पुलिस टीम मौके पर पहुंची और दोनों आरोपियों को पकड़ लिया.गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गोविन्द चौरसिया (36) निवासी पुराना पान दरीबा, सूरजकुंड, थाना लक्सा और राहुल यादव (25) निवासी शिवपुरवा, महमूरगंज, थाना सिगरा के रूप में हुई है,पुलिस ने दोनों के खिलाफ थाना लक्सा में मु0अ0सं0-0080/2026, धारा 296 बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया है, गिरफ्तारी 12 अगस्त को मजदा पार्किंग के पास से की गई.ALSO READ : हर घर तिरंगा अभियान के तहत छात्रों को सिखाई गई ध्वज संहिता और तिरंगा फहराने की विधिकार्रवाई करने वाली पुलिस टीम में थानाध्यक्ष उपनिरीक्षक राजू कुमार, उपनिरीक्षक विनोद कुमार वर्मा, महिला कांस्टेबल गीता, महिला कांस्टेबल कंचन देवी और रिजर्व महिला कांस्टेबल सलोनी पाण्डेय शामिल रहीं,पुलिस अधिकारियों ने बताया कि महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा को लेकर अभियान लगातार जारी है और सार्वजनिक स्थानों पर अश्लील हरकत, छींटाकशी तथा महिला उत्पीड़न करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है.
हर घर तिरंगा अभियान के तहत छात्रों को सिखाई गई ध्वज संहिता और तिरंगा फहराने की विधि
हर घर तिरंगा अभियान के तहत छात्रों को सिखाई गई ध्वज संहिता और तिरंगा फहराने की विधि
वाराणसी: महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में हर घर तिरंगा अभियान- 2026 के तहत बुधवार को ध्वज संहिता एवं ध्वज फहराने का तरीका विषयक संगोष्ठी का आयोजनकिया गया, अभियान के तहत पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग में विद्यार्थियों को ध्वज संहिता एवं ध्वज फहराने के सही तरीके से अवगत कराया गया,अध्यक्षता करते हुए डॉ. प्रभाशंकर मिश्र ने कहा तिरंगा केवल राष्ट्र की पहचान नहीं, बल्कि हमारे गौरव और सम्मान का प्रतीक है.राष्ट्रध्वज का सम्मान करना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है, जिसे हमें पूरी निष्ठा के साथ निभाना चाहिए, उन्होंने राष्ट्रगान के सम्मान और उसकी मर्यादा को ध्यान में रखना चाहिए उसका अनादर न करने की बात कही. मुख्य व्यक्ता डॉ. मनोहर लाल ने छात्रों को संबोधित करते हुए बताया कि राष्ट्रीय ध्वज वीरता, संपन्नता, स्वाभिमान व शांति का प्रतीक है, वहीं, अशोक चक्र संदेश देता है. कि हमे एक हो कर रहना चाहिए, जिससे हमारे विभिन्नता में एकता प्रदर्शित होता है.उन्होंने कहा कि हम चाहे कही भी रहे राष्ट्रीय ध्वज का सम्मान करना चाहिए। झण्डा कोई फ़ैशन का विषय नहीं है, बल्कि पैशन का प्रतीक है। साथ ही उन्होंने छात्रों को राष्ट्रध्वज की गरिमा और सम्मान के प्रति जागरूक रहने व दूसरों को भी जागरूक करने के लिए प्रोत्साहित किया, डॉ. अजय वर्मा ने कहा कि विशेष अवसरों पर अलग-अलग ध्वजों को फहराया जाता है. उन्होंने यह भी बताया कि किस आकार के ध्वज का उपयोग कौन-कौन कर सकता है, ताकि राष्ट्रध्वज की गरिमा और निर्धारित नियमों का उचित पालन सुनिश्चित किया जा सके. डॉ. सरिता राव ने कहा कि छात्रों को राष्ट्रध्वज की स्वच्छता और गरिमा के प्रति जागरूक रहना चाहिए. ध्वज को सम्मान पूर्वक रखना चाहिए.ALSO READ : वाराणसी के घाट पर पूर्व प्रधानमंत्री एच. डी. देवेगौड़ा की पत्नी का पिंडदान, छोटे बेटे ने निभाई धार्मिक रस्मकार्यक्रम का संयोजन डॉ. शिवजी सिंह, संचालन खुशबू सिंह एवं धन्यवाद ज्ञापन डॉ. चन्द्रशील पाण्डेय ने किया. इस अवसर पर शिवांग, श्रवण, मानवेन्द्र, समर प्रताप सिंह, कशिश, सानिया, रीमा, शुभांगी, दिलकशा, अमित आदि उपस्थित रहे.
वाराणसी के घाट पर पूर्व प्रधानमंत्री एच. डी. देवेगौड़ा की पत्नी का पिंडदान, छोटे बेटे ने निभाई धार्मिक रस्म
वाराणसी के घाट पर पूर्व प्रधानमंत्री एच. डी. देवेगौड़ा की पत्नी का पिंडदान, छोटे बेटे ने निभाई धार्मिक रस्म
वाराणसी : पूर्व प्रधानमंत्री एच. डी. देवेगौड़ा की पत्नी चेनम्मा देवेगौड़ा के निधन के बाद बुधवार को वाराणसी में उनके छोटे बेटे एच. डी. रमेश गौड़ा ने गंगा घाट पर विधि-विधान से पिंडदान किया. चेनम्मा देवेगौड़ा का 18 जुलाई को बेंगलुरु में निधन हुआ था.मां की आत्मा की शांति के लिए एच. डी. रमेश गौड़ा ने वाराणसी के पवित्र घाट पर धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराए. इस दौरान वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पिंडदान और अन्य धार्मिक रस्में पूरी की गईं.चेनम्मा देवेगौड़ा के बड़े बेटे एच. डी. कुमारस्वामी वर्तमान में केंद्र सरकार में भारी उद्योग एवं इस्पात मंत्री हैं. हालांकि, पिंडदान के लिए वाराणसी में उनके छोटे बेटे एच. डी. रमेश गौड़ा पहुंचे और उन्होंने ही धार्मिक रस्में पूरी कीं.इस दौरान पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय चंद्रशेखर के पूर्व राजनीतिक सचिव रहे एच. एन. शर्मा भी मौजूद रहे। पिंडदान की रस्म पूरी होने के बाद एच. डी. रमेश गौड़ा और उनके साथ आए लोगों ने काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंचकर बाबा विश्वनाथ का दर्शन-पूजन किया.उन्होंने बाबा विश्वनाथ से दिवंगत चेनम्मा देवेगौड़ा की आत्मा की शांति तथा परिवार के सुख-शांति की कामना की। वाराणसी के घाट पर संपन्न हुए इस धार्मिक अनुष्ठान के दौरान परिवार की आस्था और परंपराओं के प्रति समर्पण देखने को मिला.पूर्व प्रधानमंत्री एच. डी. देवेगौड़ा की पत्नी चेनम्मा देवेगौड़ा के निधन के बाद बुधवार को वाराणसी में उनके छोटे बेटे एच. डी. रमेश गौड़ा ने गंगा घाट पर विधि-विधान से पिंडदान किया। चेनम्मा देवेगौड़ा का 18 जुलाई को बेंगलुरु में निधन हुआ था.मां की आत्मा की शांति के लिए एच. डी. रमेश गौड़ा ने वाराणसी के पवित्र घाट पर धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराए। इस दौरान वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पिंडदान और अन्य धार्मिक रस्में पूरी की गईं.चेनम्मा देवेगौड़ा के बड़े बेटे एच. डी. कुमारस्वामी वर्तमान में केंद्र सरकार में भारी उद्योग एवं इस्पात मंत्री हैं। हालांकि, पिंडदान के लिए वाराणसी में उनके छोटे बेटे एच. डी. रमेश गौड़ा पहुंचे और उन्होंने ही धार्मिक रस्में पूरी की.ALSO READ :राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान, राष्ट्र प्रेम एवं देशभक्ति की बुनियाद को मजबूत करें युवा : प्रो. बिहारी लाल शर्माइस दौरान पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय चंद्रशेखर के पूर्व राजनीतिक सचिव रहे एच. एन. शर्मा भी मौजूद रहे। पिंडदान की रस्म पूरी होने के बाद एच. डी. रमेश गौड़ा और उनके साथ आए लोगों ने काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंचकर बाबा विश्वनाथ का दर्शन-पूजन किया .उन्होंने बाबा विश्वनाथ से दिवंगत चेनम्मा देवेगौड़ा की आत्मा की शांति तथा परिवार के सुख-शांति की कामना की। वाराणसी के घाट पर संपन्न हुए इस धार्मिक अनुष्ठान के दौरान परिवार की आस्था और परंपराओं के प्रति समर्पण देखने को मिला.