गैंगरेप मामले में बड़ी कार्रवाई, चौकी प्रभारी निलंबित और थाना प्रभारी हुए लाइन हाजिर
वाराणसी: चौबेपुर थाना क्षेत्र में युवती से कथित गैंगरेप के मामले में लापरवाही बरतने पर बड़ी कार्रवाई हुई है. केवल एक आरोपी पर मुकदमा दर्ज करने और घटना को वरिष्ठ अधिकारियों से छिपाने के आरोप में कैथी चौकी प्रभारी अनिल सिंह को निलंबित कर दिया गया है. पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने बताया कि मामले में तत्काल प्रभाव से कार्रवाई करते हुए थानाध्यक्ष इंद्रेश कुमार को लाइन हाजिर किया गया है. पूरे प्रकरण की विभागीय जांच बैठा दी गई है.

जान लेते हैं पूरा मामला
पीड़िता के अनुसार, वह चंदौली जनपद के पूरा गंगेश (बलुआ) निवासी प्रभाकर निषाद के संपर्क में थी. आरोपी शादी का झांसा देकर 24 फरवरी को उसे नाव से गंगा पार ले गया. युवती का आरोप है कि वहां पहले से मौजूद चार अन्य युवकों के साथ मिलकर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया. पीड़िता का कहना है कि आरोपियों ने पहले उसे जबरन शराब पिलाई और फिर वारदात को अंजाम दिया. बाद में उसे गंगा के इस पार छोड़कर फरार हो गए. किसी तरह घर पहुंची युवती ने परिजनों को घटना की जानकारी दी.

दस मामले में 25 फरवरी को कैथी चौकी पर तहरीर दी गई. युवती का आरोप है कि उसने पांचों आरोपियों के नाम बताए थे, लेकिन पुलिस ने केवल प्रभाकर निषाद के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया. इतना ही नहीं, तहरीर बदलवाने का भी आरोप लगाया गया है. बाद में केवल प्रभाकर को गिरफ्तार किया गया.
सोशल मीडिया पर मामला वायरल होने के बाद हरकत में आई पुलिस
मामला उस समय सुर्खियों में आया जब शुक्रवार को प्रकरण सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, इसके बाद पुलिस अधिकारियों ने संज्ञान लिया और पीड़िता से दोबारा जानकारी ली गई. डीसीपी वरुणा जोन प्रमोद कुमार ने बताया कि पीड़िता के बयान के आधार पर अन्य आरोपियों के नाम भी मुकदमे में जोड़े जाएंगे और जल्द गिरफ्तारी कर विधिक कार्रवाई की जाएगी.

इन्हें मिली थाने पर तैनाती
प्रकरण के बाद चौबेपुर थाना प्रभारी के पद पर बदलाव किया गया है. वीरेंद्र कुमार सोनकर को नया थाना प्रभारी बनाया गया है. इससे पहले वह शिवपुर थाने में तैनात थे. वहीं अजीत कुमार वर्मा को शिवपुर थाना प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है. पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने स्पष्ट कहा है कि महिला अपराध के मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उन्होंने कहा कि शिकायत बदलवाने और घटना को वरिष्ठ अधिकारियों से छिपाने के आरोप गंभीर हैं, इसलिए संबंधित पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की गई है और निष्पक्ष जांच के आदेश दिए गए हैं.



