मकर संक्रांति - बाबा विश्वनाथ को तिलकुट, तहरी और खिचड़ी का पारंपरिक भाेग

वाराणसी : महादेव की नगरी काशी में मकर संक्रांति पर 15 जनवरी को शिवालयों और मंदिरों में खिचड़ी के खास भोग चढ़ाए जाएंगे. मंदिरों की शास्त्रीय मान्यताओं के अनुसार 56 भोग भी चढ़ेगा. काशी विश्वनाथ मंदिर में बाबा विश्वनाथ को तिलकुट, तहरी, पापड़, खिचड़ी, दही और चूड़े का पारंपरिक भोग अर्पित किया जाएगा. मध्याह्न भोग आरती के दौरान बाबा की विधिवत पूजा की जाएगी. खिचड़ी का प्रसाद श्रद्धालुओं में वितरित किया जाएगा. केदार घाट स्थित गौरी केदारेश्वर मंदिर में संक्रांति पर विशेष धार्मिक आयोजन होंगे. यहां बाबा का भव्य श्रृंगार कर छप्पन भोग अर्पित किया जाएगा. इसमें चूड़ा मटर, गाजर का हलवा, खीर, मिठाईयां, मलइयो, लस्सी सहित विविध पारंपरिक व्यंजन शामिल होंगे. श्रृंगार के बाद गौरी केदारेश्वर का गर्भगृह बंद कर दिया जाएगा.

तिलभांडेश्वर मंदिर में चंदन का विशेष तौर पर शृंगार कर सजाया जाएगा. यहां उन्हें खिचड़ी, लावा और बादाम की पट्टी का भोग अर्पित होगा. वहीं दशाश्वमेध स्थित गुरु बृहस्पति देव मंदिर में संक्रांति पर विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा. भोग में चूड़ा, मटर, खीर, गाजर का हलवा, मगदल के लड्डू और तिलकुट अर्पित किए जाएंगे. वहीं, बड़ा गणेश और संकठा माता मंदिर में भी शृंगार कर 56 तरह के भोग लगाए जाएंगे.
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मकर संक्रांति पर बनारस के घाटों पर गंगा स्नान कर काशी में चार बड़े मंदिरों दर्शन और पूजन करने के लिए सबसे ज्यादा आस्थावान उमड़ेंगे. इस दिन बनारस में पांच लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है. मारकंडेय महादेव मंदिर, श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर, गौरी केदारेश्वर मंदिर और शूल टंकेश्वर मंदिर में भक्तों की भारी भीड़ जुटने का अनुमान है. इनके अलावा तिल भांडेश्वर, कर्दमेश्वर महादेव और महामृत्युंजय समेत कई मंदिरों में भक्त दर्शन-पूजन को पहुंचेंगे.



