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पीएम मोदी बोले-'वंदे मातरम' के 150 वर्ष को यादगार बनाएं

पीएम मोदी बोले-'वंदे मातरम' के 150 वर्ष को यादगार बनाएं
Oct 26, 2025, 12:50 PM
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Posted By Preeti Kumari

PM Modi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात कार्यक्रम में जनता को संबोधित किया. 127वे एपिसोड में पीएम मोदी ने छठ पर्व की देशवासियों को बधाई दी. अपने कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 7 नवंबर को वंदे मातरम् के 150 साल पूरे होने पर देशवासियों से इसके मूल्यों को भावी पीढ़ी तक पहुंचाने की अपील की. क्योंकि, उनका कहना है कि राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ भारत की जीवंत और भव्य स्वरूप को दर्शाता है. ऐसे में इस गीत के 150वें वर्ष को यादगार बनाएं.


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"वंदे मातरम’ के 150 वर्ष पूरे होने पर आयोजित होंगे कई कार्यक्रम"


अपने मासिक ‘मन की बात रेडियो’ संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि. बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित और रवींद्रनाथ टैगोर द्वारा 1896 छियानबे में पहली बार गाए गए राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में देशभर में कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. इसके अलावा BSF-CRPF में स्वदेशी कुत्तों की शानदार भूमिका और उनके शौर्य की सराहना कर सांस्कृतिक और आर्थिक पहलों को बढ़ावा देने की खूब तारीफ की है. इस एपिसोड की खास बात तो यह रही कि, AI तकनीक की मदद से करीब 11 भारतीय भाषाओं में मन की बात को सुनाया गया. जिनमें- मलयालम, तेलुगू, अंग्रेजी, गुजराती, बंगाली, तमिल, मराठी, असमिया, उड़िया जैसी भाषा शामिल है. इस स्मार्ट तकनीक की सहायता से देशभर के लाखों लोगों को एक समय में ही मन की बात कार्यक्रम का संदेश सुनने का मौका मिल सका.


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इसमें उस आधुनिक भारत की झलक देखने को मिली, जो आने वाले समय में AI की मदद से दुनिया को लीड कर सकता है. ये वहीं एआई है जिससे भारत सरकार ने कुछ सालों में कई आधुनिक क्षेत्रों में अपना निवेश बढ़ाने का काम किया है. क्योंकि भारत को चीन और पश्चिमी देशों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलने के लायक बनाया है. एआई एक ऐसी टेक्टनिक है जिसने कठिन से कठिन काम को आसान बनाने में मदद की है. AI यानी कि (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) तकनीक मशीनों और कंप्यूटरों को इंसानों की तरह सोचने, सीखने से लेकर निर्णय लेने में भी काफी सक्षम है. आपको बता दें, पीएम मोदी ने अपने 30 मिनट के संबोधन में देश के कई भागों में नागरिकों द्वारा की गई कई अनूठी पहलों का उल्लेख किया.


"देशी श्वान ने अद्भुत साहस का दिया परिचय"


पीएम मोदी ने मन की बात कार्यक्रम में एक बड़ा बयान देते हुए कहा हमारे देशी श्वान ने भी अद्भुत साहस का परिचय दिया है. पिछले साल, छत्तीसगढ़ के माओवाद प्रभावित इलाके में गश्त के दौरान सीआरपीएफ के एक देसी श्वान ने 8 किलोग्राम विस्फोटक का पता लगाया था’, इसी के आगे उन्होंने बताया कि, बीएसएफ और सीआरपीएफ ने रामपुर हाउंड, मुधोल हाउंड, मोंगरेल्स, कोम्बाई और पांडिकोना जैसी भारतीय नस्ल के कुत्तों को अपने श्वान दस्तों में शामिल किया है और इनमें से कुछ 31 अक्टूबर को सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में गुजरात के एकता नगर में आयोजित परेड में भाग भी लेने वाले हैं.

95 बटालियन सीआरपीएफ में हर्षोल्लास से मनाया गया रक्षाबंधन पर्व, जवानों की कलाई पर सजी राखियां
95 बटालियन सीआरपीएफ में हर्षोल्लास से मनाया गया रक्षाबंधन पर्व, जवानों की कलाई पर सजी राखियां
वाराणसी : पहाड़िया स्थित 95 बटालियन केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के मुख्यालय में बुधवार को रक्षाबंधन पर्व हर्षोल्लास और भावुक माहौल में मनाया गया। इस अवसर पर विभिन्न संस्थाओं और विद्यालयों से पहुंचीं छात्राओं एवं महिलाओं ने सीआरपीएफ जवानों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधकर उन्हें रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम के दौरान कई जवान भावुक नजर आए।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि 95 बटालियन के कमांडेंट राजेश्वर बालापुरकर तथा विशिष्ट अतिथि अर्चना बालापुरकर ने रक्षाबंधन कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस दौरान अधिकारियों, जवानों, छात्राओं और विभिन्न संस्थाओं से आए लोगों को पर्व की शुभकामनाएं दी गईं।कमांडेंट राजेश्वर बालापुरकर ने कहा कि सीआरपीएफ के जवान अपने घर-परिवार से दूर रहकर देश की सेवा करते हैं। ऐसे आयोजनों का उद्देश्य जवानों को यह एहसास कराना है कि उनका परिवार उनसे दूर नहीं है और समाज उनके साथ खड़ा है। उन्होंने कहा कि विभिन्न संस्थाओं की बहनों ने यहां आकर जवानों के लिए घर जैसा माहौल बना दिया।ALSO READ : काशी में श्रीकाशीविद्वद्धर्मपरिषद् का भव्य अभिनन्दन समारोह, हरिवंश पुराण कार्यशाला और महारुद्र यज्ञ की पूर्णाहुतिकार्यक्रम में डायनेमिक स्कूल, संत अतुलानंद रेजिडेंशियल स्कूल, लायंस क्लब वाराणसी, लीला फाउंडेशन क्लब और ब्रह्माकुमारी संस्था से आईं महिलाओं एवं छात्राओं ने 95 बटालियन के 100 से अधिक जवानों को राखी बांधी। बहनों ने जवानों के माथे पर तिलक लगाया, आरती उतारी, मुंह मीठा कराया और उनकी कलाइयों पर रंग-बिरंगी राखियां बांधीं। इसके बदले जवानों ने भी बहनों की सुरक्षा का भरोसा दिया।इस दौरान श्रीमती सुनीता देवी, कुमारी रिंकू, माधवी सिंह, द्वितीय कमान अधिकारी आलोक कुमार, उपकमांडेंट नवनीत कुमार और सहायक कमांडेंट अभिषेक सिंह सहित 95 बटालियन के अधिकारी एवं जवान मौजूद रहे।कार्यक्रम में संत अतुलानंद रेजिडेंशियल स्कूल की श्रीमती किरण सिंह के नेतृत्व में छात्राओं तथा ब्रह्माकुमारी संस्था की तपोसी जी, राधिका जी और अन्य छात्राओं ने सहभागिता की। रक्षाबंधन के इस भावनात्मक आयोजन ने जवानों और समाज के बीच भाई-बहन के रिश्ते की आत्मीयता को और मजबूत किया।
काशी में श्रीकाशीविद्वद्धर्मपरिषद् का भव्य अभिनन्दन समारोह, हरिवंश पुराण कार्यशाला और महारुद्र यज्ञ की पूर्णाहुति
काशी में श्रीकाशीविद्वद्धर्मपरिषद् का भव्य अभिनन्दन समारोह, हरिवंश पुराण कार्यशाला और महारुद्र यज्ञ की पूर्णाहुति
वाराणसी : सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय के योगसाधना भवन में श्रीकाशीविद्वद्धर्मपरिषद् की ओर से हरिवंश पुराण कार्यशाला, महारुद्र यज्ञ की पूर्णाहुति और भव्य अभिनन्दन समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सनातन धर्म, वैदिक परम्परा, शास्त्रीय ज्ञान और भारतीय संस्कृति के संरक्षण-संवर्धन को लेकर विद्वानों एवं संतों ने अपने विचार रखे।दोपहर 12:15 बजे हरिवंश पुराण कार्यशाला का विशेष सत्र आयोजित हुआ, वहीं वेद विभाग की ओर से संचालित महारुद्र यज्ञ की पूर्णाहुति भी संपन्न हुई। इसके बाद अपराह्न 2:30 बजे अभिनन्दन समारोह आयोजित किया गया।समारोह में मुख्य रूप से राष्ट्रीय अध्यक्ष, धर्माचार्य प्रकोष्ठ, अखिल भारतीय हिन्दू महासभा एवं महाराष्ट्र प्रदेश प्रमुख, अखिल भारतीय सन्त समिति, श्रीमहन्त वेदाचार्य पीठाधीश्वर स्वामी डॉ. अनिकेत शास्त्री का अभिनन्दन किया गया। सम्मान के बाद स्वामी डॉ. अनिकेत शास्त्री ने कहा कि काशी में बाबा विश्वनाथ के दर्शन और सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय में परिषद् की ओर से मिला सम्मान उनके लिए गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि यह सम्मान केवल उनका नहीं, बल्कि संत परम्परा और सनातन धर्म की सेवा में लगे लोगों का सम्मान है।उन्होंने कहा कि श्रीकाशीविद्वद्धर्मपरिषद् को शास्त्रीय एवं धर्मसम्मत पद्धति से धार्मिक आयोजनों के संचालन और व्यवस्थापन के लिए सरकार को आवश्यक दिशा-निर्देश देने की दिशा में कार्य करना चाहिए। उन्होंने सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय को अंतरराष्ट्रीय स्तर का संस्कृत विश्वविद्यालय बनाए जाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया और कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा की कार्यदक्षता की सराहना की।ALSO READ : गांडीव इंपैक्ट: 488 करोड़ रुपये की ठगी के मामले में बदल गए जांच अधिकारी, अब एसीपी करेंगे मामले की जांचपरिषद् के कार्यकारी अध्यक्ष पं. कमलाकान्त त्रिपाठी ने स्वामी डॉ. अनिकेत शास्त्री के अभिनन्दन-पत्र का वाचन किया। वहीं कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा का अभिनन्दन-पत्र प्रो. धर्मदत्त चतुर्वेदी ने पढ़ा। कुलपति ने कहा कि परिषद् की ओर से मिला सम्मान विश्वविद्यालय के विकास और उत्कर्ष के लिए और अधिक प्रेरणा एवं शक्ति प्रदान करेगा।कार्यक्रम की अध्यक्षता परिषद् के अध्यक्ष पं. छोटेलाल त्रिपाठी ने की। उन्होंने परिषद् के उद्देश्यों और भावी योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि परिषद् सनातन धर्म, वैदिक परम्परा, शास्त्रीय ज्ञान और सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण-संवर्धन के लिए व्यापक स्तर पर कार्य करने के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है।परिषद् की स्थापना की आवश्यकता पर प्रकाश डालते हुए श्री श्री 1008 श्री मौनी बाबा चैरिटेबल ट्रस्ट न्यास के मुख्य न्यासी डॉ. अभिषेक कुमार उपाध्याय ने कहा कि परिषद् का उद्देश्य काशी की अन्य विद्वत् एवं धर्मपरिषदों से प्रतिस्पर्धा करना नहीं, बल्कि उनकी पूरक शक्ति के रूप में कार्य करना है। उन्होंने परिषद् के मूल ध्येय “गुरुकुल से गाँव तक, शास्त्र से समाधान तक” को रेखांकित किया।उन्होंने जम्मू-कश्मीर जैसे सीमांत क्षेत्रों में सूने पड़े मंदिरों में अर्चक प्रशिक्षण और नित्य पूजा की पुनर्स्थापना सहित धर्म एवं संस्कृति संरक्षण से जुड़े कार्यों को परिषद् के प्रमुख उद्देश्यों में बताया।समारोह में अखिल भारत हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. मुन्ना कुमार शर्मा सहित काशी के अनेक विद्वानों, आचार्यों और गणमान्य लोगों की मौजूदगी रही। इस दौरान कई विद्वानों का पूजन, अभिनन्दन और सम्मान भी किया गया। कार्यक्रम का संचालन परिषद् के प्रवक्ता पं. विजय शर्मा ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन कार्यालय मंत्री पं. दुर्गेश पाठक ने किया।इस अवसर पर प्रो. सुधाकर मिश्र, प्रो. रामप्रिय पाण्डेय, डॉ. उमंग नाथ शर्मा, प्रो. महेन्द्र नाथ पाण्डेय, प्रो. दिनेश कुमार गर्ग सहित शताधिक विद्वान एवं गणमान्यजन उपस्थित रहे।

गांडीव इंपैक्ट: 488 करोड़ रुपये की ठगी के मामले में बदल गए जांच अधिकारी, अब एसीपी करेंगे मामले की जांच
गांडीव इंपैक्ट: 488 करोड़ रुपये की ठगी के मामले में बदल गए जांच अधिकारी, अब एसीपी करेंगे मामले की जांच
वाराणसीः 488 करोड़ रुपये की ठगी के मामले में साइबर क्राइम थाना पुलिस की नियत को गांडीव डिजिटल के बेनकाब करने के बाद पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल की त्योरी चढ़ गई. उन्होंने पूरे मामले को संज्ञान लेते हुए जांच अधिकारी को बदल दिया. वाराणसी समेत देश के कई इलाके के लोगों के साथ हुई ठगी के इस मामले की जांच अब एसीपी साइबर क्राइम (सारनाथ) विनय कुमार करेंगे. इसके पहले जांच अधिकारी साइबर क्राइम थाना प्रभारी इंस्पेक्टर उदयवीर सिंह रहे. जांच अधिकारी बदलने के बाद इस केस में क्या प्रगति आएगी यह तो आने वाले वक्त ही बताएगा.पीड़ितों ने विवेचक पर लगाए गंभीर आरोपगांडीव डिजिटल में खबर चलने के बाद मेडालिओन ज्वेलर्स प्राइवेट लिमिटेड पर ठगी का आरोप लगाने वाले पीड़ितों ने पुलिस कमिश्नर को पत्र सौंपा. इसमें महेश प्रसाद ने बताया कि प्रकरण से संबंधित महत्वपूर्ण साक्ष्य उसके पास हैं. मेडेलियन ज्वेलर्स प्राइवेट लिमिटेड के से जुड़े आनंद पांडे के माध्यम से कंपनी पर विश्वास करते हुए मार्च 2026 में दो लाख रुपये का निवेश किया था. कंपनी के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने के बाद साक्ष्य को विवेचक उदयवीर के समक्ष प्रस्तुत करने के लिए साइबर थाना जाता है, तो उसकी शिकायत एवं साक्ष्यों को अपेक्षित गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है. प्रार्थी को वर्तमान विवेचना के संबंध में गंभीर एवं वास्तविक आशंका उत्पन्न हो गई है कि वर्तमान विवेचक निष्पक्ष एवं स्वतंत्र रूप से विवेचना करने के स्थान पर कंपनी से जुड़े व्यक्तियों के प्रभाव में आकर मामले को समाप्त/रफादफा करना चाह रहे हैं. प्रार्थी को यह आशंका इसलिए भी है कंपनी से जुड़े व्यक्ति बार-बार थाने पर आकर विवेचना में सक्रिय रूप से हस्तक्षेप करते दिखाई दे रहे हैं,पुलिस ने अभी तक नहीं किया किसी को गिरफ्तारसाइबर क्राइम पुलिस को 488 करोड़ रुपये के आर्थिक अपराध के मामले में सत्यजीत कुमार, कृष्ण गौर, राहुल देव रजक, आनंद पांडेय, अजीत पांडेय की तलाश ही. हालांकि साइबर क्राइम थाना में मुकदमा अज्ञात के खिलाफ दर्ज है लेकिन इनमें से एक आरोपित वाराणसी के बृजइंक्लेव कालोनी में रहने वाले आनंद पांडेय ने स्थानीय अदालत में जमानत प्रार्थना पत्र भी दे दिया. साइबर क्राइम थाना पुलिस ने इसका विरोध किया और इसे मामले संलिप्त बताया. अदालत ने उसकी जमानत अर्जी को खारिज भी कर दिया.अज्ञात के खिलाफ दर्ज है मुकदमा488 करोड़ रुपये की ठगी में शामिल कई लोगों के नाम सामने आ चुके हैं लेकिन वाराणसी की साइबर क्राइम थाना पुलिस के हाथ अभी उनके गिरेबां तक नहीं पहुंचे हैं. इस मामले में 45 दिन पहले अजीबो-गरीब तरीके का मुकदमा दर्ज किया था. वादी की ओर से तहरीर में आरोपितों के नाम देने के बावजूद मुकदमा अज्ञात के खिलाफ लिखा गया. किसी की गिरफ्तारी करने की बजाय पुलिस अभी तक सिर्फ केस डायरी भर रही है. इस मामले में कानून के लंबे हाथ छोटे हो जाने की वजह लेन-देन होने की खूब चर्चा हो रही.पुलिस की हीला-हवाली का गांडीव डिजिटल ने किया खुलासादिल्ली आधारित कंपनी मेडालिओन ज्वेलर्स प्राइवेट लिमिटेड पर ठगी के आरोप के मामले में हो रही जांच में पुलिस की हीला-हवाली का खुलासा गांडीव डिजिटल ने किया था. बीते पांच जुलाई को वाराणसी के नागरी नाटक मंडली में अपना छठवां स्थापना दिवस समारोह आयोजित किया था. इसमें मेयर अशोक तिवारी, पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल समेत कई गणमान्य लोगों को अतिथि के तौर पर आमंत्रित किया था. कार्यक्रम शुरू ही हुआ था कि तभी कुछ निवेशक वहां पहुंचे और कंपनी के संचालकों पर फ्राड का आरोप लगाते हुए हंगामा करने लगे. पुलिस ने पूरे कार्यक्रम को रुकवा दिया और कुछ लोगों को हिरासत में भी लिया था. लखनऊ के गोमती नगर के विभव खंड निवासी निवेशक मानवेंद्र तिवारी ने साइबर क्राइम थाना में कंपनी के संचालकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया.ALSO READ : गौशाला में नौकर ने फांसी लगाकर दी जान, पुलिस जांच में जुटीपुलिस की केस डायरी में दर्ज है कंपनी का बड़ा खेलइस मामले में जांच करने वाले अधिकारी उदयवीर ने जो केस डायरी तैयार की है उसमें पूरा मामला 488 करोड़ का बताया है. केस डायरी के मुताबिक कंपनी से 18,580 लोग जुड़े थे. इनमें से 3750 सक्रिय रहे. कंपनी के कंप्यूटर से मिली जानकारी के अनुसार कंपनी ने कुल 488 करोड़ से अधिक की धनराशि एकत्र किया है जबकि निकासी बहुत कम हुई है. जो निवेशकों के रुपयों के गबन की ओर इशारा करता है. पुलिस की केस डायरी के अनुसार श्री मेडालिओन ज्वेलर्स प्राइवेट लिमिटेड के एमडी (सीइओ सत्यजीत कुमार द्वारा आभूषण व्यवसाय की आड़ में बड़ा मल्टीलेवल मार्केटिंग, पोजी व पिरामिड स्कीम चलाजा रहा है. कंपनी द्वारा आम जनता को आकर्षित करने के लिए अनुचित-अवास्तविक लाभ, कैशबैक और विदेश यात्रा का प्रलोभन दिया जा रहा है. कंपनी दस हजार की ज्वेलरी आनलाइन बुक कराने पर 20 महीने में 55 हजार कैशबैक, एक लाख दस हजार गोल्ड फंड देने का दावा करती है. पिरामिड व बाइनरी स्ट्रक्चर योजना में दो कस्टमर बाएं और दाएं बनाने का नियम लागू किया गया था. इनको डायरेक्ट बोनस, मैचिंग बोनस, फ्लैगशिप बोनस और रिवार्ड बोनस के जरिए आय दर्शाया गया था. कंपनी के लिए कस्टमर लाने वालों को पांच लाख से 250 करोड़ रुपये के टर्न ओवर, बिजनेस ट्रिप, कार, विला और फार्म हाउस जैसे बड़े-बड़े पुरस्कार देने का वादा किया गया था.