बनारस के व्यापारियों संग आईएएस के रिश्तेदार का करोड़ों हड़पने वाला गिरफ्तार

वाराणसीः लंका पुलिस ने पिछले तीन साल के दौरान नगर के लगभग दो दर्जन बड़े व्यापारियों संग आईएएस के एक रिश्तेदार बीएचयू के डाक्टर का करोड़ों रुपया हड़पकर भाग जाने वाले ठग शरद भार्गव निवासी लंका को हरियाणा के सोनीपत जिले से शनिवार की रात गिरफ्तार कर रविवार को वाराणसी ले आई. पुलिस के अनुसार इसे गैंगस्टर में निरूद्ध किया जाएगा. इसका साथ इसकी पत्नी ऋचा भार्गव समेत अन्य लोग संगठित गिरोह बनाकर ठगी की घटना को अंजाम देते थे. हरियाणा में गिरफ्तारी के समय ऋचा भार्गव भाग जाने में सफल रही,जिसकी तलाश पुलिस सरगर्मी से तलाश कर रही है.
एक दर्जन से अधिक मामले नगर के थानों में है दर्ज
उक्त जानकारी रविवार को अपराह्न लंका थाने में आयोजित पत्रकार वार्ता में सहायक पुलिस उपायुक्त काशी जोन ने दी. उन्होंने बताया कि इस फरार ठग के खिलाफ नगर के लंका, चेतगंज, चौक, कोतवाली थाना में एक दर्जन से अधिक संगीन ठगी के मामले दर्ज है.
दो दिन पहले दर्ज हुआ था नया मुकदमा

पिछले 17 अक्टूबर को लंका निवासी आशीष अग्रवाल ने इसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था. आशीष के अनुसार सब्जबाग दिखाकर कुछ माह पूर्व शरद भार्गव ने अपनी पत्नी के साथ व्यापार करने के नाम उनसे एक करोड़ 30 लाख रुपये लिए थे. साथ में कहा था कि व्यापार में मुनाफा होने पर वह इसका प्रतिशत भी उन्हें देगा. बाद में काफी मांगने पर उसने 45 लाख रुपये वापस किए. इसके बाद उसने पैसा देने से इंकार कर दिया. पैसा वापस न मिलने पर उन्होंने पुलिस से सारी बात कही.
सर्विलांस से मिली सफलता
एक नई घटना के सामने आने पर पहले से इसकी तलाश में जुटी पुलिस की टीम एकदम से सक्रिय हो उठी. इस बीच सर्विलांस के सिपाही अवनीश सिंह ने शरद भार्गव के पुराने एप्पल फोन को खंगालना शुरू किया तो उसका लोकेशन हरियाणा में मिला.
हरियाणा में कर रहा था ऐश, खोल रखा है शानदार रेस्टोंरेट
पुलिस को जब इसका लोकेशन मिल गया तो आनन फानन में एक टीम हरियाणा उसे गिरफ्तार करने के लिए भेजा गया. बताया गया कि वहां सोनीपत के डीआई माल के समीप फ्लैट में उसकी लोकेशन मिला. पूछताछ करने पर जानकारी मिली कि शरद ने यह फ्लैट खरीदा है तथा वह यहां अपनी पत्नी व बच्चों संग रहता है. हरियाणा पुलिस की मदद से वाराणसी पुलिस उसकी तलाश में जुटी थी. इस बीच उसका लोकेशन सोनीपत के कुंडली में मिला. पुलिस वहां पहुंची तो वह जगह एक शानदार रेस्टोंरेट था. पता चला कि कुछ माह पूर्व शरद ने इसे खोला है. पुलिस ने घेरांबदी कर शरद को उसी के रेस्टोंरट से दबोच लिया. उसे उसके घर लाया लेकिन सूचना पाकर उसकी पत्नी फरार हो चुकी थी.
रिश्वत देने की भी कोशिश
जानकारी मिली कि शरद ने पहले तो अपनी गिरफ्तारी का विरोध किया, पुलिस अरदब में नहीं आई तो उसने 10 लाख की नकदी समेत अपनी पत्नी के जेवरात देने की कोशिश की लेकिन पुलिस ने उसे दबोच लिया.
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पुलिस की अगली कार्रवाई
पुलिस की माने तो गिरफ्त में आए शरद भार्गव से पूछताछ कर हड़पे गए कम से 10 करोड़ की राशि बरामद करने की कोशिश की जाएगी. साथ ही उसकी कोशिश होगी कि जिन लोगों के पैसे उसने हड़पे हैं वे उन्हें वापस दिलाया जाए. इसके साथ ही उसके गुनाह की लंबी फेरहिस्त देख उसे गैंगस्टर एक्ट में निरुद्ध किय़ा जाएगा.
थाने पर उमड़ी पीड़ितों की भीड़
दूसरी ओर शरद भार्गव की गिरफ्तारी की सूचना पाकर उसके द्वारा ठगे गए कई व्यापारी लंका थाना पहुंच गए. लोग जानना चाहते थे कि आखिर करोड़ों रुपये की ठगी कर फरार शरद कैसे पुलिस के हत्थे चढ़ा. कुछ लोग अपने पुराने संबंधों का हवाला देकर शरद से अपना पैसा पाने की जुगत में थाने के बाहर चक्रमण करते रहे. बाद में पुलिस ने मेडिकल मुआयना के बाद उसे जेल भेज दिया.
गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम
शरद भार्गव को पकड़ने वाली पुलिस टीम में लंका थानाप्रभारी राजकुमार, उपनिरीक्षक स्वप्निल सिंह, चौकी प्रभारी तेलियाबाग अतहर अली, सिपाही सूरज सिंह, अमित शुक्ला,पवन कुमार यादव तथा महिला सिपाही रुपम पांडेय शामिल थे.



