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बनारस के व्यापारियों संग आईएएस के रिश्तेदार का करोड़ों हड़पने वाला गिरफ्तार

बनारस के व्यापारियों संग आईएएस के रिश्तेदार का करोड़ों हड़पने वाला गिरफ्तार
Oct 19, 2025, 12:02 PM
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Posted By Gaandiv

वाराणसीः लंका पुलिस ने पिछले तीन साल के दौरान नगर के लगभग दो दर्जन बड़े व्यापारियों संग आईएएस के एक रिश्तेदार बीएचयू के डाक्टर का करोड़ों रुपया हड़पकर भाग जाने वाले ठग शरद भार्गव निवासी लंका को हरियाणा के सोनीपत जिले से शनिवार की रात गिरफ्तार कर रविवार को वाराणसी ले आई. पुलिस के अनुसार इसे गैंगस्टर में निरूद्ध किया जाएगा. इसका साथ इसकी पत्नी ऋचा भार्गव समेत अन्य लोग संगठित गिरोह बनाकर ठगी की घटना को अंजाम देते थे. हरियाणा में गिरफ्तारी के समय ऋचा भार्गव भाग जाने में सफल रही,जिसकी तलाश पुलिस सरगर्मी से तलाश कर रही है.


एक दर्जन से अधिक मामले नगर के थानों में है दर्ज


उक्त जानकारी रविवार को अपराह्न लंका थाने में आयोजित पत्रकार वार्ता में सहायक पुलिस उपायुक्त काशी जोन ने दी. उन्होंने बताया कि इस फरार ठग के खिलाफ नगर के लंका, चेतगंज, चौक, कोतवाली थाना में एक दर्जन से अधिक संगीन ठगी के मामले दर्ज है.


दो दिन पहले दर्ज हुआ था नया मुकदमा

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पिछले 17 अक्टूबर को लंका निवासी आशीष अग्रवाल ने इसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था. आशीष के अनुसार सब्जबाग दिखाकर कुछ माह पूर्व शरद भार्गव ने अपनी पत्नी के साथ व्यापार करने के नाम उनसे एक करोड़ 30 लाख रुपये लिए थे. साथ में कहा था कि व्यापार में मुनाफा होने पर वह इसका प्रतिशत भी उन्हें देगा. बाद में काफी मांगने पर उसने 45 लाख रुपये वापस किए. इसके बाद उसने पैसा देने से इंकार कर दिया. पैसा वापस न मिलने पर उन्होंने पुलिस से सारी बात कही.


सर्विलांस से मिली सफलता


एक नई घटना के सामने आने पर पहले से इसकी तलाश में जुटी पुलिस की टीम एकदम से सक्रिय हो उठी. इस बीच सर्विलांस के सिपाही अवनीश सिंह ने शरद भार्गव के पुराने एप्पल फोन को खंगालना शुरू किया तो उसका लोकेशन हरियाणा में मिला.


हरियाणा में कर रहा था ऐश, खोल रखा है शानदार रेस्टोंरेट


पुलिस को जब इसका लोकेशन मिल गया तो आनन फानन में एक टीम हरियाणा उसे गिरफ्तार करने के लिए भेजा गया. बताया गया कि वहां सोनीपत के डीआई माल के समीप फ्लैट में उसकी लोकेशन मिला. पूछताछ करने पर जानकारी मिली कि शरद ने यह फ्लैट खरीदा है तथा वह यहां अपनी पत्नी व बच्चों संग रहता है. हरियाणा पुलिस की मदद से वाराणसी पुलिस उसकी तलाश में जुटी थी. इस बीच उसका लोकेशन सोनीपत के कुंडली में मिला. पुलिस वहां पहुंची तो वह जगह एक शानदार रेस्टोंरेट था. पता चला कि कुछ माह पूर्व शरद ने इसे खोला है. पुलिस ने घेरांबदी कर शरद को उसी के रेस्टोंरट से दबोच लिया. उसे उसके घर लाया लेकिन सूचना पाकर उसकी पत्नी फरार हो चुकी थी.

रिश्वत देने की भी कोशिश

जानकारी मिली कि शरद ने पहले तो अपनी गिरफ्तारी का विरोध किया, पुलिस अरदब में नहीं आई तो उसने 10 लाख की नकदी समेत अपनी पत्नी के जेवरात देने की कोशिश की लेकिन पुलिस ने उसे दबोच लिया.


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पुलिस की अगली कार्रवाई


पुलिस की माने तो गिरफ्त में आए शरद भार्गव से पूछताछ कर हड़पे गए कम से 10 करोड़ की राशि बरामद करने की कोशिश की जाएगी. साथ ही उसकी कोशिश होगी कि जिन लोगों के पैसे उसने हड़पे हैं वे उन्हें वापस दिलाया जाए. इसके साथ ही उसके गुनाह की लंबी फेरहिस्त देख उसे गैंगस्टर एक्ट में निरुद्ध किय़ा जाएगा.


थाने पर उमड़ी पीड़ितों की भीड़


दूसरी ओर शरद भार्गव की गिरफ्तारी की सूचना पाकर उसके द्वारा ठगे गए कई व्यापारी लंका थाना पहुंच गए. लोग जानना चाहते थे कि आखिर करोड़ों रुपये की ठगी कर फरार शरद कैसे पुलिस के हत्थे चढ़ा. कुछ लोग अपने पुराने संबंधों का हवाला देकर शरद से अपना पैसा पाने की जुगत में थाने के बाहर चक्रमण करते रहे. बाद में पुलिस ने मेडिकल मुआयना के बाद उसे जेल भेज दिया.


गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम

शरद भार्गव को पकड़ने वाली पुलिस टीम में लंका थानाप्रभारी राजकुमार, उपनिरीक्षक स्वप्निल सिंह, चौकी प्रभारी तेलियाबाग अतहर अली, सिपाही सूरज सिंह, अमित शुक्ला,पवन कुमार यादव तथा महिला सिपाही रुपम पांडेय शामिल थे.

स्वीटजरलैंड के नागरिक का १० लाख का खोया कैमरा मिला
स्वीटजरलैंड के नागरिक का १० लाख का खोया कैमरा मिला
वाराणसी : स्विट्जरलैंड से वाराणसी घूमने आए जोनस बेंजामिन ईहले नामक व्यक्ति द्वारा भारत में फोटोग्राफी करने के लिए काफी अच्छी गुणवत्ता का Leica कंपनी का लगभग 10 लाख रुपए कीमत का कैमरा लेकर आए थे, जिसको वह घाट के पास रखकर कही भूल गए तथा अपने स्तर से काफी खोजने का काफी प्रयास किए किंतु असफल रहे. जिसके पश्चात उनके द्वारा घटना की सूचना दशाश्वमेध चौकी पर जाकर चौकी प्रभारी दशाश्वमेध अनुज मणि तिवारी को दिया, जिसके पश्चात पुलिस द्वारा तत्परता करते हुए सीसीटीवी कैमरा व अन्य माध्यमों से महज 2 घंटे के अंदर कैमरा खोज कर जोनस बेंजामिन ईहले को सुपुर्द किया गया। पुलिस की इतनी तत्परता से कार्यवाही करते हुए अपने काफी महंगे कैमरे को वापस पाकर जोनस बेंजामिन द्वारा वाराणसी पुलिस का अपने शब्दों में कृतज्ञता व्यक्त किया गया। पुलिस टीम में चौकी प्रभारी दशाश्वमेध अनुज मणि तिवारी, उप निरीक्षक शिव स्वरूप पाण्डेय, का. देवेंद्र प्रताप सिंह, भूपेंद्र सिंह, संजय यादव व संजीव कुमार शामिल थे।ALSO READ : प्रो. राजनाथ बने डॉ. शकुन्तला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय की कार्यपरिषद के सदस्य
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वाराणसी: सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय के अर्थशास्त्र विभागाध्यक्ष एवं पुस्तकालयाध्यक्ष प्रो. राजनाथ को लखनऊ स्थित डॉ. शकुन्तला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय की कार्यपरिषद का सदस्य नामित किया गया है।उत्तर प्रदेश राज्यपाल सचिवालय की ओर से 30 सितंबर 2026 को जारी आदेश के तहत डॉ. शकुन्तला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय अधिनियम, 2009 की धारा 14(1)(छ) के अंतर्गत यह नामांकन किया गया है। उनका कार्यकाल पत्र जारी होने की तिथि से दो वर्ष अथवा अग्रिम आदेश तक, जो भी पहले हो, निर्धारित किया गया है।प्रो. राजनाथ वर्तमान में सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय में अर्थशास्त्र विभाग के अध्यक्ष के साथ पुस्तकालयाध्यक्ष का दायित्व भी संभाल रहे हैं। विश्वविद्यालय परिवार ने उनके नामांकन पर प्रसन्नता जताते हुए उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दीं। कुलानुशासक प्रो. जितेन्द्र कुमार, प्रो. महेन्द्र पाण्डेय, प्रो. दिनेश कुमार गर्ग समेत विश्वविद्यालय परिवार ने उनके उज्ज्वल कार्यकाल की कामना की।ALSO READ: बीएचयू के दक्षिणी परिसर में APACON-2026 का शुभारंभ, सतत पशुधन उत्पादन पर वैज्ञानिक मंथन
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वाराणसी : काशी हिंदू विश्वविद्यालय के राजीव गांधी दक्षिणी परिसर में पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान संकाय की ओर से आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन APACON-2026 का सोमवार को शुभारंभ हुआ। सम्मेलन का विषय ‘सतत पशुधन उत्पादकता की दिशा में पशु शरीर क्रिया विज्ञान के उभरते प्रतिमान : विकसित भारत की ओर’ रखा गया है। दक्षिणी परिसर में पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान संकाय की ओर से यह पहला राष्ट्रीय वैज्ञानिक सम्मेलन है।उद्घाटन सत्र के मुख्य अतिथि बीएचयू के कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने कहा कि पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान संकाय ने आधारभूत संरचना और संकाय से जुड़ी चुनौतियों को लगातार दूर करते हुए प्रगति की है। उन्होंने कहा कि ऐसे सम्मेलन वैज्ञानिकों और युवा शोधकर्ताओं को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान और संवाद का मंच उपलब्ध कराते हैं। उन्होंने वैज्ञानिक संस्थानों के बीच सहयोग, संयुक्त शोध परियोजनाओं, उद्योगों के साथ साझेदारी, नवाचार, पेटेंट और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण पर जोर दिया।विशिष्ट अतिथि राष्ट्रीय पशु जैव प्रौद्योगिकी संस्थान (NIAB), हैदराबाद के निदेशक डॉ. रवि कुमार गंधम ने पशुओं में रोग प्रतिरोधक क्षमता और ताप सहनशीलता जैसे शारीरिक लक्षणों के आनुवंशिक और बाह्य स्तर पर समग्र अध्ययन की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि प्रयोगशालाओं में हो रहे शोध को किसानों के लिए उपयोगी समाधानों में बदलना वैज्ञानिकों की प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने मीथेन उत्सर्जन को मापने और उसका डेटाबेस तैयार करने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी भी दी।राजीव गांधी दक्षिणी परिसर के आचार्य प्रभारी प्रो. बी. एम. एन. कुमार ने कहा कि सतत पशुधन उत्पादन में पशु चिकित्सा शरीर क्रिया विज्ञान की महत्वपूर्ण भूमिका है। वहीं कृषि विज्ञान संकाय के संकाय प्रमुख प्रो. सतीश कुमार सिंह ने सटीक पोषण और वास्तविक समय स्वास्थ्य निगरानी को पशुधन स्वास्थ्य सुधार तथा ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में कमी के लिए महत्वपूर्ण बताया।APA के अध्यक्ष डॉ. ज्ञानेंद्र सिंह ने पशुधन उत्पादकता, स्वास्थ्य, कल्याण और जलवायु-सहिष्णुता में पशु शरीर क्रिया विज्ञान की बढ़ती भूमिका पर प्रकाश डाला। APA के महासचिव एवं ICAR-भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. विकास चंद्र ने APA 2025 के विभिन्न पुरस्कारों के विजेताओं की घोषणा की।सम्मेलन के पहले दिन पशुधन प्रजनन, प्रजनन जैव प्रौद्योगिकी, तनाव शरीर क्रिया विज्ञान, ताप तनाव निगरानी, जलवायु-सहिष्णुता, जीनोम इंजीनियरिंग, क्रायोसंरक्षण, पुनर्योजी चिकित्सा और सतत पशुधन उत्पादन जैसे विषयों पर वैज्ञानिक सत्र आयोजित किए गए। इसमें युवा शोधकर्ताओं और विद्यार्थियों को वरिष्ठ वैज्ञानिकों एवं विशेषज्ञों से संवाद का अवसर मिला।सम्मेलन में जर्मनी के लाइबनिज इंस्टीट्यूट फॉर एग्रीकल्चरल इंजीनियरिंग एंड बायोइकोनॉमी (ATB), पॉट्सडैम की डॉ. गुंडुला हॉफमैन ने ऑनलाइन माध्यम से बीज वक्तव्य दिया। इसके अलावा डॉ. बी. एस. प्रकाश और अमेरिका के डॉ. आशीष रंजन ने भी व्याख्यान दिए।इस अवसर पर Compendium of Abstracts – APACON-2026, Compendium of Lead Papers – APACON-2026 तथा Fundamentals of Livestock and Poultry Management पुस्तकों का विमोचन किया गया।सम्मेलन के दौरान APA Lifetime Achievement Award-2025 प्रो. बी. एस. प्रकाश को प्रदान किया गया। APA Fellow Awards डॉ. आशीष मिश्रा और डॉ. बी. रामबाबू नाइक को, जबकि APA Best Teacher Awards डॉ. सोहन वीर सिंह, डॉ. निशांत कुमार और डॉ. राकेश कुमार सिंह को दिए गए। इसके अलावा APA Best Girl Student Award, APA Best PhD Thesis Award, Prof. A. K. Pal Best MVSc Thesis Award और APA Best Research Paper Award भी प्रदान किए गए।ALSO READ : वाराणसी में मंत्री के क्षेत्र में लकड़ी का पुल बना आवागमन का सहारा, जलभराव से जीना दुष्‍करपशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान संकाय के संकाय प्रमुख प्रो. अमित राज गुप्ता ने स्वागत संबोधन में कहा कि पशुधन उत्पादन के भविष्य के लिए मौलिक शरीर क्रिया विज्ञान को जीनोमिक्स, जैव प्रौद्योगिकी, सहायक प्रजनन तकनीक, सटीक पशुधन पालन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और डेटा विज्ञान जैसी आधुनिक तकनीकों से जोड़ना जरूरी है। आयोजन सचिव डॉ. मनीष कुमार ने सम्मेलन की आगामी गतिविधियों की जानकारी दी। उद्घाटन सत्र का संचालन डॉ. उत्कर्ष कुमार त्रिपाठी ने किया और धन्यवाद ज्ञापन डॉ. तुलसीरामन पी. ने किया।पहले दिन का समापन वैज्ञानिक चर्चाओं, शोध प्रस्तुतियों और विशेषज्ञों एवं प्रतिभागियों के बीच संवाद के साथ हुआ। सम्मेलन में देश-विदेश के विशेषज्ञों और युवा शोधकर्ताओं की भागीदारी से सतत पशुधन उत्पादन तथा विकसित भारत के लक्ष्य को लेकर नए शोध और तकनीकी सहयोग की संभावनाओं पर मंथन हुआ।