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नेपाल की पीएम सुशीला कार्की और उनके पति का काशी से संबंधः बेहद इंकलाबी रहा है सफर , जानिए पूरी कहानी...

नेपाल की पीएम सुशीला कार्की और उनके पति का काशी से संबंधः बेहद इंकलाबी रहा है सफर , जानिए पूरी कहानी...
Sep 13, 2025, 09:45 AM
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Posted By Gaandiv

वाराणसीः सुशीला कार्की अब नेपाल की अंतरिम प्रधानमंत्री बन चुकी हैं. सुशीला कार्की के नेपाल का प्रधानमंत्री बनने के बाद भारत में चर्चा का माहौल गर्म है क्योंकि उनका भारत और खासकर बनारस से बेहद मजबूत संबंध माना जाता हैष इसका कारण है कि उन्होंने बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी से राजनीति विज्ञान से अपनी मास्टर डिग्री पूरी की है.


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राजतंत्र के ख़िलाफ़ बजाती रहती थीं बिगुल


दूसरी ओर बनारस की धरती से कार्की ने सिर्फ शिक्षा ही प्राप्त नहीं करती थीं बल्कि नेपाल के राजतंत्र के ख़िलाफ़ उठ रही आवाजों में अपनी आवाज़ भी ज़ोरदार तरीक़े से दर्ज करवाती थीं. बनारस उस समय नेपाल के राजतंत्र के ख़िलाफ़ आवाज उठाने के लिए बनने वाले योजनाओं के लिए एक मजबूत मंच था , या फिर यूं कहें की मुख्य केंद्र था. बनारस में नेपाल के बड़े-बड़े नेता और युवा आकर विद्रोह के योजनों को अंजाम देने की रणनीति बनाते थे. उस दौरान तमाम नेपाली कांग्रेस के बड़े चेहरों में सुशील कार्की का भी नाम था और उनके पति दुर्गा प्रसाद सुवेदु भी उन प्रमुख नामों में से एक थे.


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सुशीला रही हैं काफ़ी इंक़लाबीः दीपक मालिक


सुशीला कार्की के बनारस के जीवन यात्रा पर उस वक्त के बीएचयू के असिस्टेंट प्रोफेसर रहे दीपक मालिक ,जिनका आज भी सुशीला कार्की से काफ़ी मजबूत संग मधुर संबंध हैं. पिछले साल नवंबर में वह काठमांडू जाकर उनसे मिले भी थे.

दीपक मलिक ने याद कर बताया कि 70 का दशक था. सुशीला बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी से स्नातक की पढ़ाई करने आई और यहीं से उन्होंने सिर्फ़ पढ़ाई ही नहीं बल्कि नेपाली कांग्रेस के लिए राजतंत्र के ख़िलाफ़ आंदोलन के भी मुख्य भूमिका निभाई , सुशीला काफ़ी इंक़लाबी रही हैं. राजतंत्र के ख़िलाफ़ हुए विद्रोह में उन्होंने बड़ी भूमिका निभाई है. वह एक बेहद सरल स्वभाव और ईमानदार हैं.


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नेपाल के यूथ आईकान रहे हैं उनके पति


दीपक मलिक के अनुसार पति दुर्गा प्रसाद भी वाराणसी से ही नेपाली कांग्रेस के लिए काम करते थे. यहां तक कि वह नेपाल के उस वक्त के यूथ आइकॉन भी बन गए थे. उनके पति ने विद्रोह के ख़िलाफ़ धन जुटाने के लिए बाकायदा एक विमान का भी अपहरण किया था. यह घटना 1973 में हुई थी.


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बनारस के बारे में जानकारी लेते रहती थीं कार्की


दीपक मलिक की माने तो पिछले साल नवंबर में उनकी मुलाकात सुशीला कार्की से हुई थी जब उनका पूरा परिवार उनके घर नेपाल गया था. उस दौरान सुशीला कार्की ने अपने हाथों से भोजन बनाकर उन्हें खिलाया. सुशीला हमेशा से बनारस के बारे में जानकारी दीपक मलिक से लेती रही हैं . बनारस से उनका काफी लगाव है. यही कारण है कि अब सुशीला कार्की के प्रधानमंत्री बनने के बाद यह कहा जा रहा है कि भारत और नेपाल के संबद्ध और भी मजबूत होंगे , जिसमें बनारस मी भूमिका भी प्रमुख रूप से रहेगी.

गंगा दशहरा पर गंगोत्री सेवा समिति ने सजाई आस्था की अलौकिक तस्वीर, दशाश्वमेध से केदार घाट तक गूंजी गंगा महाआरती...
गंगा दशहरा पर गंगोत्री सेवा समिति ने सजाई आस्था की अलौकिक तस्वीर, दशाश्वमेध से केदार घाट तक गूंजी गंगा महाआरती...
वाराणसी: गंगा दशहरा के अवसर पर मंगलवार की शाम काशी के ऐतिहासिक दशाश्वमेध घाट पर भक्ति, संस्कृति और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत संगम देखने को मिला. मां गंगा के अवतरण दिवस पर आयोजित भव्य महाआरती और वैदिक अनुष्ठान ने घाट को दिव्यता से सराबोर कर दिया.दीपों की रोशनी, गूंजते वैदिक मंत्र, डमरू निनाद और “हर-हर गंगे” के जयघोष के बीच श्रद्धालु देर रात तक भक्ति में डूबे नजर आए.501 लीटर दूध से हुआ मां गंगा का महाभिषेकगंगोत्री सेवा समिति के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में हजारों श्रद्धालु शामिल हुए.समिति के संस्थापक अध्यक्ष पं. किशोरी रमण दुबे ‘बाबू महाराज’ के सानिध्य में मां गंगा की अष्टधातु प्रतिमा का भव्य श्रृंगार किया गया.इसके बाद 501 लीटर दूध, पुष्प, फल और मिष्ठान से मां गंगा का विशेष अभिषेक कर षोडशोपचार पूजन संपन्न हुआ.श्रद्धा स्वरूप मां गंगा को पियरी साड़ी अर्पित की गई.वैदिक मंत्र, शंखनाद और डमरू की ध्वनि से गूंजे घाटमहाआरती के दौरान 11 वैदिक ब्राह्मणों ने एक साथ दीप स्तंभों के साथ मां गंगा की आरती उतारी, जबकि 21 कन्याओं ने रिद्धि-सिद्धि के प्रतीक स्वरूप चंवर डुलाकर मातृशक्ति का आह्वान किया. घाट पर मौजूद श्रद्धालुओं ने दीप जलाकर मां गंगा से सुख-समृद्धि और कल्याण की कामना की.कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे अयोध्या के श्री राम जानकी हनुमान मंदिर के पीठाधीश्वर बाबा अवध बिहारी दास महाराज ने कहा कि मां गंगा भारतीय संस्कृति की आत्मा हैं. वहीं मुख्य अतिथि डॉ. नीलकंठ तिवारी ने कहा कि गंगा दशहरा केवल धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि प्रकृति और संस्कृति के प्रति आस्था व्यक्त करने का अवसर भी है.इस दौरान सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, यूको बैंक और आयकर विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी वैदिक रीति से मां गंगा का पूजन किया.गीतकार कन्हैया दुबे ‘केडी’ के संयोजन में आयोजित भजन संध्या में भजन गायक सुशील बावेजा की प्रस्तुतियों ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया.समिति के सचिव पं. दिनेश शंकर दुबे ने अतिथियों का स्वागत किया, जबकि नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक एवं नगर निगम के स्वच्छता ब्रांड एम्बेसडर राजेश शुक्ला ने श्रद्धालुओं को “स्वच्छ गंगा-निर्मल गंगा” का संकल्प दिलाया.ALSO READ: राहुल गांधी और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय का पुतला फूंका, जगह-जगह विरोध प्रदर्शन...केदार घाट पर दीपों की रोशनी में सजी गंगा आरती, वैदिक मंत्रों से गूंजा वातावरणगंगा दशहरा पर केदार घाट भी भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास से जगमगा उठा. गंगोत्री सेवा समिति की ओर से संदीप दुबे ‘सोनू महाराज’ के संयोजन में विशेष गंगा पूजन, दुग्धाभिषेक और महाआरती का आयोजन किया गया.दीपों और फूलों से सजे घाट पर वैदिक ब्राह्मणों ने मंत्रोच्चार के बीच मां गंगा का पूजन कराया. “ॐ गंगे च यमुने चैव गोदावरी सरस्वति…” और “ॐ नमो भगवति गंगे…” जैसे मंत्रों की गूंज से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा.श्रद्धालुओं ने दूध, पुष्प, अक्षत और दीप अर्पित कर मां गंगा का आशीर्वाद प्राप्त किया.भजन संध्या और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने श्रद्धालुओं को बांधामहाआरती के दौरान शंखध्वनि, घंटियों की अनुगूंज और “हर-हर महादेव” के जयकारों से घाट गूंज उठा. श्रद्धालुओं ने गंगा में दीप प्रवाहित कर मां गंगा के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की .इसके बाद आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम और भजन संध्या में कलाकारों की प्रस्तुतियों ने देर रात तक श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध बनाए रखा.
राहुल गांधी और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय का पुतला फूंका, जगह-जगह विरोध प्रदर्शन...
राहुल गांधी और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय का पुतला फूंका, जगह-जगह विरोध प्रदर्शन...
वाराणसी : पीएम पर अमर्यादित टिपपणी का मामला गरम हो गया है. कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय एवं नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विरुद्ध अमर्यादित एवं अशोभनीय भाषा का प्रयोग किए जाने के विरोध में शहर उत्तरी विधानसभा के अंतर्गत आने वाले चारों मंडलों में भारतीय जनता पार्टी कार्यकर्ताओं द्वारा जोरदार विरोध प्रदर्शन एवं पुतला दहन किया गया. बागेश्वरी मंडल अध्यक्ष मनोज सोनकर के नेतृत्व में मलदहिया चौराहा पर, धूपचंडी मंडल अध्यक्ष दिलीप चौहान के नेतृत्व में पंचकोसी मार्ग पर, राजर्षि मंडल अध्यक्ष विवेक पाण्डेय के नेतृत्व में सेंट्रल जेल रोड पर तथा सारनाथ मंडल अध्यक्ष अतुल सिंह के नेतृत्व में पहड़िया चौराहा पर सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने एकत्र होकर कांग्रेस नेताओं के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया.कार्यकर्ताओं ने “राहुल गांधी माफी मांगो”, “अजय राय शर्म करो”, “कांग्रेस पार्टी का अभिमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान”, “कांग्रेस पार्टी मुर्दाबाद”, “भारतीय जनता पार्टी जिंदाबाद”, “वंदे मातरम्” एवं “हर हर महादेव” के नारों से पूरे क्षेत्र को गुंजायमान कर दिया. इसके पश्चात कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी एवं अजय राय का पुतला दहन कर अपना आक्रोश व्यक्त किया.कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि विश्व के सर्वाधिक लोकप्रिय नेता एवं भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विरुद्ध कांग्रेस नेताओं द्वारा की गई अभद्र टिप्पणी देश की जनता कभी स्वीकार नहीं करेगी. उन्होंने कहा कि जब तक कांग्रेस नेतृत्व सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगता, तब तक भारतीय जनता पार्टी का विरोध प्रदर्शन निरंतर जारी रहेगा.ALSO READ : बीएचयू यूजी के छात्रों को कम से कम 30 घंटे की इंटर्नशिप जरूरी, क्रेडिट और मार्क्स में चढ़ेंगे इतने अंक...कार्यक्रम में प्रमुख रूप से पार्षद सुशील गुप्ता, सिद्धनाथ शर्मा, राजेंद्र यादव, सत्य प्रकाश जायसवाल, दीपक कनोजिया, विशाल चौरसिया, विश्वनाथ गुप्ता, शिवनाथ गुप्ता, अशोक सेठ, अश्वनी गुप्ता, विभा सिंह, मनोज जायसवाल, सूरज राजभर, अरिहंत मौर्य, लल्लू कुशवाहा, बिजेंद्र कुशवाहा, अरविंद सिंह मास्टर, नितेश मौर्य, उमेश पटेल, भूपेंद्र सिंह, राजेश कुमार, पवन जायसवाल, सूरज सेठ, विनोद कुमार, दीपक झा, उर्मिला शर्मा, गुड्डी पटेल, नीलम चौबे, शांति सिंह, हरिश्चंद्र मौर्य, संदीप पटेल, राम सिंह, अजीत सिंह, वीरेंद्र राजभर, बंटी पाठक, विनोद राजभर सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे.
बीएचयू यूजी के छात्रों को कम से कम 30 घंटे की इंटर्नशिप जरूरी, क्रेडिट और मार्क्स में चढ़ेंगे इतने अंक...
बीएचयू यूजी के छात्रों को कम से कम 30 घंटे की इंटर्नशिप जरूरी, क्रेडिट और मार्क्स में चढ़ेंगे इतने अंक...
वाराणसी : बीएचयू में यूजी छात्र-छात्राओं के लिए इंटर्नशिप अनिवार्य कर दी गई है. 4000 से ज्यादा विद्यार्थियों को इंटर्नशिप का मौका दिया जाएगा. इस इंटर्नशिप के जरिये छात्र-छात्राओं को शोध और नौकरी पाने की क्षमता विकसित करनी होगी. राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत इस पर दो क्रेडिट और रिजल्ट में 10 अंक दिए जाएंगे. इंटर्नशिप नहीं करने पर एक और मौका दिया जाएगा. उसके बाद नंबर काट लिए जाएंगे और अगले सेमेस्टर में नहीं जा सकेंगे. इंटर्नशिप की अवधि न्यूनतम 30 घंटे की होगी. स्नातक में दूसरे या चौथे सेमेस्टर की परीक्षा के बाद गर्मियों की छुट्टियों में ही इंटर्नशिप पूरी करनी होगी.10 अंकों का यह मूल्यांकन संस्था के मेंटर (जहां काम किया है) और कॉलेज के सुपरवाइजर दोनों की ओर से किया जाएगा. मेंटर छात्र के अनुशासन, समय की पाबंदी, टीम वर्क और सीखने की लगन के आधार पर अंक देंगे. यदि कोई छात्र इंटर्नशिप में फेल हो जाता है या इसे पूरा नहीं कर पाता है, तो उसे अगली छुट्टियों में इसे दोबारा पूरा करने का एक और मौका दिया जाएगा. छात्रों के लिए इंटर्नशिप के दिशानिर्देश और प्रोफॉर्मा जारी कर दिए जारी किया गया है. इसके तहत वास्तविक कार्यक्षेत्र का अनुभव, रोजगार के योग्य बनाना और उनमें शोध की क्षमता विकसित करना है. कार्यस्थल पर काम करने का व्यावहारिक कौशल, डेटा विश्लेषण, शोध विधियों और उपकरणों के इस्तेमाल में सशक्त होना होगा.विभाग का रिकमेंडेशन लेटर (सिफारिशी पत्र) संस्थान को सौंपना होगा. छात्रों को इंटर्नशिप शुरू करने से पहले विभाग में निर्धारित फॉर्म भरकर आवेदन करना होगा. जिस संस्था में छात्र इंटर्नशिप करना चाहते हैं, वहां के मेंटर से सहमति पत्र पर हस्ताक्षर करवाकर कॉलेज के सुपरवाइजर को जमा करना होगा. इंटर्नशिप पूरी होने के 15 दिनों के भीतर, छात्रों को विभाग में अपनी विस्तृत रिपोर्ट जमा करनी होगी. रिपोर्ट में संस्था का विवरण, सीखे गए कार्य और अनुभव होने चाहिए.यहां कर सकते हैं इंटर्नशिपसरकारी या निजी संगठन, स्थानीय पंचायत, नगर निगम या मीडिया संस्थान.गैर-सरकारी संगठन, लाइब्रेरी, रिसर्च लैब या स्थानीय उद्योग.भारत सरकार से मान्यता प्राप्त स्किल डेवलपमेंट कोर्स जैसे प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना, एनएसडीसी आदि के माध्यम से की गई 30 घंटे या उससे अधिक की ट्रेनिंग भी मान्य होगी.ALSO READ : वाराणसी में कूड़े के पहाड़ से जल्द मिलेगी मुक्ति, इस तकनीक से बदलेगी तस्वीर...केंद्र या राज्य सरकार के पोर्टल के माध्यम से की गई ऑनलाइन, डिजिटल इंटर्नशिप या अप्रेंटिसशिप को भी मान्यता दी जाएगी.