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नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर बरेका में आपातकालीन ब्लैकआउट मॉक ड्रिल, यथार्थपरक प्रदर्शन

नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर बरेका में आपातकालीन ब्लैकआउट मॉक ड्रिल, यथार्थपरक प्रदर्शन
Jan 24, 2026, 08:37 AM
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Posted By Diksha Mishra

वाराणसी : बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका), वाराणसी में नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती के अवसर पर बरेका नागरिक सुरक्षा संगठन एवं जिला नागरिक सुरक्षा संगठन के संयुक्त तत्वावधान में आपातकालीन ब्लैकआउट एवं मॉक ड्रिल का सफल आयोजन किया गया. यह कार्यक्रम प्रदेश-स्तर पर आयोजित आपातकालीन अभ्यास का हिस्सा था; बरेका में शाम 6:00 बजे आपातकालीन ब्लैकआउट प्रारंभ किया गया, जो 10 मिनट तक चला. ब्लैकआउट के उपरांत हवाई हमले एवं आपातकालीन परिस्थितियों का यथार्थपरक प्रदर्शन किया गया, जिसमें भवनों में फंसे घायलों को सुरक्षित बाहर निकालना, प्राथमिक उपचार देना तथा उन्हें चिकित्सालय अथवा सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने की प्रक्रिया का अभ्यास किया गया.


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इसके साथ ही बम बमबारी के कारण लगी विभिन्न प्रकार की आग को बुझाने का भी प्रभावशाली प्रदर्शन किया गया.

मॉक ड्रिल के दौरान एलपीजी, तेल एवं लकड़ी की आग, साथ ही भवनों के विभिन्न तलों पर लगी आग को बुझाने का अभ्यास किया गया. आपातकालीन परिस्थितियों में ऊपरी मंजिल से घायलों को टू-पैरेलर रोप द्वारा सुरक्षित उतारना, टू-हैंड सीट, थ्री-हैंड सीट, फोर-हैंड सीट एवं पिक-ए-बैक तकनीक से एम्बुलेंस तक पहुंचाना, टनल में फंसे व्यक्ति को बाहर निकालना तथा धुएं से भरे कमरे में फंसे व्यक्ति को ‘टो-ड्रैग’ विधि से बाहर निकालने का प्रदर्शन प्रमुख आकर्षण रहा.


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इस अभ्यास में बरेका नागरिक सुरक्षा संगठन, NDRF, SDRF, उत्तर प्रदेश अग्निशमन सेवा, उत्तर प्रदेश पुलिस, रेलवे सुरक्षा बल, जिला नागरिक सुरक्षा संगठन एवं जिला स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने सक्रिय सहभागिता की. कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार, कमिश्नर ऑफ पुलिस मोहित अग्रवाल, नियंत्रक, बरेका नागरिक सुरक्षा संगठन श्री सागर, नागरिक सुरक्षा अधिकारी शिवम वर्मा, एडीएम सिटी आलोक कुमार, डीसीपी वरुणा प्रमोद कुमार सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे.


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इस आपातकालीन ब्लैकआउट एवं मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय सुरक्षा के दृष्टिगत आपातकालीन परिस्थितियों में तैयारियों की प्रभावशीलता को परखना तथा विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय को सुदृढ़ करना था. कार्यक्रम का रोमांचपूर्ण एवं प्रभावी संचालन वरिष्ठ निरीक्षक, नागरिक सुरक्षा संगठन, बरेका श्री संपूर्णानंद मिश्रा एवं डिप्टी कंट्रोलर, सिविल डिफेंस, वाराणसी श्री जितेंद्र देव सिंह द्वारा संयुक्त रूप से किया गया.

पेट्रोलियम मंत्री ने कहा- भारत में LPG गैस की कमी नहीं...
पेट्रोलियम मंत्री ने कहा- भारत में LPG गैस की कमी नहीं...
अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी जंग के चलते देशभर में गैस सिलेंडर को लेकर काफी किल्लते देखने को मिल रही है. जी हां, एलपीजी गैस संकट पर लोकसभा में केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने एक बड़ा बयान दिया और कहा भारत 40 देशों से क्रूड ऑयल ले रहा है, ऐसे में गैस सिलेंडर पर पैनिक होने की कोई बात नहीं है. इतना ही नहीं हरदीप सिंह पुरी ने वेस्ट एशिया संकट पर ये भी कहा कि एनर्जी के इतिहास में दुनिया ने ऐसा दिन पहले कभी नहीं देखा था, होर्मुज स्ट्रेट को इतिहास में पहली बार कमर्शियल शिपिंग के लिए बंद कर दिया गया है. संघर्ष पैदा करने में कोई भी भूमिका नहीं है, इसलिए भारत को किसी भी हाल में इसके सभी नतीजों से निपटना ही होगा.यह भी पढ़ें: गैस संकट को लेकर उठने वाले सवालों पर मंदिर प्रशासन ने लगाया विराम, कही ये बात"भारत की क्रूड ऑयल सप्लाई की स्थिति सुरक्षित"मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने अपने बयानों में ये बताया कि, भारत की क्रूड ऑयल सप्लाई की स्थिति सुरक्षित है. पिछले पांच दिनों में, रिफाइनरी के निर्देशों के जरिए LPG का प्रोडक्शन 28% बढ़ा दिया गया है और असल में आगे की खरीद चल रही है. इस संकट में मोदी सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता यह है कि भारत के 33 करोड़ परिवारों, खासकर गरीबों और जरूरतमंदों की रसोई में किसी भी तरह के संकट से जूझना ना पड़े. घरेलू सप्लाई पूरी तरह से सुरक्षित है और डिलीवरी साइकिल में कोई बदलाव नहीं हुआ है.हरदीप सिंह ने कहा- इंडस्ट्री के लिए बिजली का प्रोडक्शन सुरक्षितहरदीप सिंह पुरी ने कहा कि, बड़े LNG कार्गो लगभग रोज दूसरे सप्लाई रास्तों से आ रहे हैं. भारत के पास गैस प्रोडक्शन और सप्लाई के इतने इंतजाम हैं कि लंबे समय तक लड़ाई चलने पर भी यह स्थिति बनी रहेगी. हर घर और इंडस्ट्री के लिए बिजली का प्रोडक्शन पूरी तरह से सुरक्षित है. अब प्रोक्योरमेंट को एक्टिवली डायवर्सिफाई किया गया है और कार्गो को यूनाइटेड स्टेट्स, नॉर्वे, कनाडा, अल्जीरिया और रूस से मंगाया जा रहा है.
गैस संकट को लेकर उठने वाले सवालों पर मंदिर प्रशासन ने लगाया विराम, कही ये बात
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वाराणसी: काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास द्वारा संचालित अन्नक्षेत्र में कार्यरत एक कर्मचारी रवि द्वारा मीडिया के समक्ष एलपीजी संकट को लेकर जारी बयान पर मचे रार के बीच मंद‍िर प्रशासन सामने आया है. मंद‍िर प्रशासन द्वारा स्‍पष्‍ट किया गया क‍ि रवि केवल हमारे संगठन में एक सामान्य कार्यकर्ता है. उनका काशी विश्वनाथ मंदिर अन्नक्षेत्र की ओर से कोई वेतन संबंध, आधिकारिक दायित्व या अधिकृत प्रतिनिधित्व नहीं है.मीडिया से बातचीत के दौरान रवि ने कहा था कि एलपीजी की कमी के कारण अन्नक्षेत्र में समस्या उत्पन्न हो रही है और भक्तों के लिए भोजन की मात्रा कम की जा रही है. यह स्पष्ट रूप से बताया जाता है कि इस प्रकार का कोई भी कथन न तो उन्हें देने का अधिकार था और न ही उन्हें वास्तविक स्थिति की सही जानकारी थी. उनका यह वक्तव्य पूर्णतः असत्य और निराधार है. संभवतः उन्होंने यह बयान कैमरे के सामने बोलने के उत्साह या असावधानी में दिया है. रसोई व्यवस्था और अन्नक्षेत्र के संचालन के विषय में काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के मुख्य कार्यपालक अधिकारी पहले ही आधिकारिक स्थिति स्पष्ट कर चुके हैं.अन्नक्षेत्र की रसोई व्यवस्थाइस संदर्भ में, सभी मीडिया संस्थानों तथा जनसाधारण से विनम्र अनुरोध किया गया है कि किसी भी अनधिकृत व्यक्ति के हास्यास्पद और असत्य वक्तव्यों के आधार पर अनावश्यक सनसनी या भ्रम की स्थिति उत्पन्न न करें. काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास ने यह भी स्पष्ट किया है कि अन्नक्षेत्र की रसोई व्यवस्था में कोई कमी नहीं है और भक्तों को भोजन की सेवा निरंतर जारी है. अन्नक्षेत्र में कार्यरत सभी कर्मचारी अपनी जिम्मेदारियों को पूरी निष्ठा से निभा रहे हैं.बताया गया क‍ि इस प्रकार की भ्रामक सूचनाओं से बचना आवश्यक है, ताकि भक्तों में कोई गलतफहमी न हो. काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास का उद्देश्य हमेशा से ही भक्तों की सेवा करना रहा है और इस दिशा में सभी प्रयास किए जा रहे हैं. मंद‍िर प्रशासन की ओर से अनुरोध क‍िया गया है कि इस प्रकार के असत्य बयानों को गंभीरता से न लें और केवल आधिकारिक जानकारी पर ही ध्यान दें.यह भी पढ़ें: नगर निगम ने निजी पार्किंग संचालकों से मांगा ब्यौरा, ई-रिक्शा के लिए बनेंगे 'पिक एंड ड्रॉप प्वांइटकाशी विश्वनाथ मंदिर न्यास की ओर से सभी भक्तों को आश्वस्त किया जाता है कि अन्नक्षेत्र में भोजन की सेवा में कोई कमी नहीं आएगी और सभी व्यवस्थाएं सुचारू रूप से चल रही हैं. यह भी कहा गया है कि किसी भी प्रकार की अफवाहों से बचना चाहिए और सभी को संयमित रहना चाहिए. मंदिर न्यास ने अपने अन्नक्षेत्र की स्थिति को स्पष्ट करते हुए वर्तमान एलपीजी संकट को खार‍िज क‍िया है.
यूपी: HP के 2 अफसरों की हत्या, DGM और मैनेजर को मारी गोलियां
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Badaun: उत्तर प्रदेश के जनपद बदायूं में हिंदुस्तान पेट्रोलियम के दो अफसरों की गोली मारकर हत्या कर दी गयी है. जिसमें उपमहाप्रबंधक सुधीर गुप्ता (55 साल) और असिस्टेंट मैनेजर सेल्स हर्षित मिश्रा (40 साल) का नाम शामिल है. इतना ही नहीं घटना की जानकारी मिलने पर प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया. जिलाधिकारी अवनीश राय ने बताया कि, हादसे के बारे में जांच शुरू कर दी गयी है.नाराज था आरोपी...हादसे के बाद प्रथम दृष्टया आरोप अजय प्रताप सिंह उर्फ रामू सिंह पर है. जानकारी के मुताबिक, अजय प्रताप एथेनॉल प्लांट में वेंडर था. कहा जा रहा है कि अजय प्रताप को छंटनी में हटा दिया था जिसके चलते वह सुधीर गुप्ता से नाराज था. वह उन्हें लगातार धमकियां भी दे रहा था. इस संबंध में सुधीर कुमार गुप्ता ने जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से शिकायत की थी.ALSO READ : मजदूर की मौत पर ग्रामीणों का फूटा गुस्‍सा, कार्रवाई ना होने पर थाने का किया घेरावअस्पताल में हुई मौत...घटना के बाद दोनों अफसरों को अस्पताल में भर्ती किया गया जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. जिसके बाद पूरे इलाके में सनसनी फ़ैल गई. जिलाधिकारी अवनीश राय ने बताया कि वह और पुलिस अधीक्षक मौके पर मौजूद हैं और पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है. जल्द ही मामले की विस्तृत जानकारी सामने लाई जाएगी.ALSOREAD : मजबूत इच्छाशक्ति जीवन की किसी भी चुनौती का सामना करने में सक्षम- प्रो. मंगला कपूरसुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवालघटना के बाद प्लांट की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं. सबसे बड़ा सवाल यह है कि आरोपी हथियार लेकर प्लांट के अंदर कैसे पहुंच गया. सवाल यह उठ रहा है कि सुरक्षा कर्मियों ने आरोपी को क्यों नहीं रोका और उसकी तलाशी क्यों नहीं ली गई