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गणपति बप्पा के स्वागत में सज गए पंडाल, लगने लगे जयकारे

गणपति बप्पा के स्वागत में सज गए पंडाल, लगने लगे जयकारे
Aug 27, 2025, 07:28 AM
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Posted By Preeti Kumari


Ganesh Chaturthi 2025: गणेश चतुर्थी का पावन त्योहार आज बुधवार 27 अगस्त से शुरू हो चुका है. हर साल यह पर्व भाद्रपद महीने की शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को मनाया जाता है. आज से गणपति बप्पा की मूर्तियाँ घर-घर और मंदिरों में स्थापित करने की रिश्मों-रिवाज शुरू हो चुकी हैं. भक्तगण ढोल-नगाड़ों और भगवान गणेश के जयकारों के साथ बप्पा का स्वागत कर रहे हैं. मान्यता है कि मिट्टी से बनी गणेश जी की मूर्ति की पूजा करने से सुख, शांति और समृद्धि मिलती है.



चारों तरफ छाई गणेश उस्तव की रौनक


10 दिनों तक चलने वाला गणेश चतुर्थी के इस महापर्व को देशभर में बड़े ही धूमधाम के साथ मनाया जा रहा है. जिसका समापन 6 सितंबर को अनंत चतुर्दशी के दिन होगा, गणेश उस्तव से चारों तरफ चहल-पहल सी रौनक देखने को मिल रही हैं. साथ ही बप्पा के भजन और जयकारों की गूंज भी सुनाई देती है. वैदिक पंचांग के अनुसार, भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि बीते 26 अगस्त 2025 को दोपहर 1:53 बजे से लेकर 27 अगस्त को दोपहर 3:43 बजे तक रहेगी.



उदिया तिथि के आधार पर गणेश चतुर्थी का पर्व 27 अगस्त यानी आज बुधवार को मनाया जाएगा. इस दौरान गणपति स्थापना का शुभ मुहूर्त 27 अगस्त को सुबह 11 बजकर 01 मिनट से लेकर दोपहर 1 बजकर 40 मिनट तक रहने वाला है. इसके बाद, दूसरा शुभ मुहूर्त दोपहर 01 बजकर 39 मिनट से लेकर शाम 06 बजकर 05 मिनट तक रहेगा. गणपति की पूजा का शुभ मुहूर्त 11 बजकर 05 मिनट से लेकर दोपहर में 1 बजकर 40 मिनट तक रहने वाला है. इसी मुहूर्त में भक्तगण गणपति बप्पा की मूर्ति की स्थापना कर उनकी विधि-विधान के साथ उनकी पूजन-आरती करेंगे.


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ऐसे करे गणेश स्थापना की पूजा


अगर आप घर में गणपति बप्पा को स्थापित करने वाले है तो सबसे पहले घर के पूजा स्थान को अच्छे से साफ करें और उसे फूल, रंगोली और सजावटी वस्तुओं से सुंदर बनाएं. शुभ मुहूर्त में भगवान गणेश की प्रतिमा को एक वेदी (चौकी) पर स्थापित करें. वेदी पर लाल या पीले वस्त्र बिछाएं. पूजा शुरू करने से पहले हाथ में जल, अक्षत (चावल) और फूल लेकर व्रत और पूजा का संकल्प करें. 'ॐ गं गणपतये नमः' मंत्र का जाप करते हुए गणपति बाप्पा का आह्वान करें. उसके बाद से भगवान की प्रतिमा को पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद और शक्कर) से स्नान कराएं.



इसके बाद उन्हें नए वस्त्र, पुष्प और आभूषण पहनाएं. इसके बाद से श्री गणेश भगवान जी को उनका प्रिय भोग मोदक, लड्डू, दूर्वा घास, लाल फूल (विशेषकर गुड़हल) और सिंदूर अर्पित करना शुभ माना जाता है, जो उनकी प्रसन्नता और कृपा प्राप्ति का मार्ग हैं. इन चीज़ों को चढ़ाते समय संबंधित मंत्र 'श्री गणेशाय नमः दूर्वांकुरान् समर्पयामि' या 'ॐ गं गणपतये नमः' का जाप करना चाहिए


गणेश चतुर्थी पूजा विधि


प्रातःकाल स्नान कर पूजा स्थल को स्वच्छ करें. शुभ मुहूर्त में ईशान कोण (उत्तर-पूर्व दिशा) में चौकी स्थापित करें. चौकी पर लाल या पीला वस्त्र बिछाकर गणेश जी की प्रतिमा विराजमान करें. मूर्ति शुद्ध सामग्री जैसे पीतल, कांस्य, लकड़ी या पत्थर से बनी होनी चाहिए. विधिपूर्वक गणपति की पूजा-अर्चना करें. प्रतिदिन गणेश जी की उपासना करते रहें. अंतिम दिन श्रद्धा और भक्ति के साथ गणपति विसर्जन करें.


दुकान पर तीन बच्‍चों को छोड़कर आटो चालक फरार, पुलिस ने बालगृह भेजा...
दुकान पर तीन बच्‍चों को छोड़कर आटो चालक फरार, पुलिस ने बालगृह भेजा...
वाराणसी : चोलापुर थाना क्षेत्र में स्‍तब्‍ध करने वाला एक मामला सामने आया है. रविवार की शाम नेहिया बाजार में उस समय लोग दंग रह गए जब एक ऑटो चालक तीन बच्चों को एक दुकान पर छोड़कर फरार हो गया. दुकानदार ने जब ऑटो चालक से बच्चों के बारे में पूछा तो उसने कहा कि उनकी मां पीछे खड़ी हैं और जल्द आ जाएंगी. इतना कहने के बाद वह मौके से निकल गया.काफी देर इंतजार के बाद जब कोई महिला बच्चों को लेने नहीं पहुंची तो दुकानदार ने उनसे पूछताछ की. बच्चों ने अपना नाम राकेश (7), छोटी (6) और चंचल (5) बताया, लेकिन वे अपना घर या परिजनों के बारे में कोई जानकारी नहीं दे सके. बच्चों की स्थिति देखकर दुकानदार ने तुरंत डायल 112 पर सूचना दी. सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और बच्चों से जानकारी लेने का प्रयास किया, लेकिन वे केवल अपना नाम ही बता पाए. इसके बाद पुलिस ने आसपास के इलाकों में बच्चों के परिजनों की तलाश शुरू की.चोलापुर थाना प्रभारी निरीक्षक जगदीश सिंह ने बताया कि नेहिया बाजार स्थित एक चाय की दुकान के पास ऑटो पहुंचा था. उसमें बैठे व्यक्ति ने तीनों बच्चों को नीचे उतारा और चला गया. दुकानदार ऑटो का नंबर नोट नहीं कर सका, जिसके कारण चालक की पहचान में परेशानी हो रही है. पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है, ताकि ऑटो और उसमें सवार लोगों की पहचान की जा सके.ALSO READ:वाराणसी मंडल के रेलकर्मियों ने लौटाया यात्री का खोया पर्स,नकदी समेत सभी दस्तावेज मिले सुरक्षित...पुलिस ने फिलहाल तीनों बच्चों को बाल गृह भेज दिया है. उनके परिजनों का पता लगाने के लिए वाराणसी जिले के सभी थानों को सूचना दी गई है. इसके अलावा आसपास के जिलों को भी अलर्ट किया गया है. दुकानदार ने आशंका जताई कि ऑटो में सवार लोग संदिग्ध लग रहे थे. हालांकि पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच कर रही है.
वाराणसी मंडल के रेलकर्मियों ने लौटाया यात्री का खोया पर्स,नकदी समेत सभी दस्तावेज मिले सुरक्षित...
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वाराणसी: पूर्वोत्तर रेलवे के वाराणसी मंडल के वाणिज्य कर्मचारियों ने ईमानदारी और तत्परता का परिचय देते हुए एक यात्री का खोया हुआ पर्स सुरक्षित लौटाकर मिसाल पेश की है। पर्स में ₹5,000 नकद के साथ एटीएम कार्ड, पैन कार्ड और आधार कार्ड सुरक्षित रखे गए थे.मंडल रेल प्रबंधक आशीष जैन के निर्देशन एवं वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक प्रशस्ति श्रीवास्तव के नेतृत्व में कर्मयोगी मॉड्यूल से प्रशिक्षित वाणिज्य कर्मचारी यात्रियों को बेहतर और संवेदनशील सेवाएं प्रदान करने के लिए लगातार कार्य कर रहे हैं.रेलवे के अनुसार, 23 जुलाई को बनारस रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या-8 पर स्थित स्टॉल संख्या-1819 के पास एक यात्री का पर्स मिला था. कर्मचारियों ने पर्स को सुरक्षित रखते हुए उसके वास्तविक स्वामी की पहचान सुनिश्चित करने की प्रक्रिया शुरू की.रविवार को संबंधित यात्री के बनारस स्टेशन पहुंचने पर उसने अपना यात्रा टिकट और पहचान पत्र प्रस्तुत किया. सत्यापन के बाद सीनियर टीई अमृत राय ने यात्री को उसका पर्स सकुशल सौंप दिया। पर्स में मौजूद नकद सहित सभी जरूरी दस्तावेज सुरक्षित मिले.also read:काशी विद्यापीठ में 'शैक्षणिक प्रवास' पत्रिका का लोकार्पण, 'विद्या का आनन्द विद्यापीठ' डॉक्यूमेंट्री का हुआ प्रदर्शन.अपना खोया हुआ सामान वापस मिलने पर यात्री ने वाराणसी मंडल के वाणिज्य कर्मचारियों की ईमानदारी, त्वरित कार्रवाई और यात्री सेवा के प्रति समर्पण की सराहना करते हुए रेलवे प्रशासन का आभार व्यक्त किया.
काशी विद्यापीठ में 'शैक्षणिक प्रवास' पत्रिका का लोकार्पण, 'विद्या का आनन्द विद्यापीठ' डॉक्यूमेंट्री का हुआ  प्रदर्शन.
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वाराणसी: महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में रविवार को शैक्षणिक और रचनात्मक उपलब्धियों का विशेष आयोजन हुआ। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. आनन्द कुमार त्यागी ने महामना मदन मोहन मालवीय हिन्दी पत्रकारिता संस्थान के निदेशक एवं पत्रकारिता एवं जनसंचार विभागाध्यक्ष डॉ. नागेन्द्र कुमार सिंह द्वारा सम्पादित 'शैक्षणिक प्रवास' पत्रिका का लोकार्पण किया. इसके साथ ही उनके निर्देशन में निर्मित 'विद्या का आनन्द विद्यापीठ' डॉक्यूमेंट्री का प्रथम प्रदर्शन भी किया गया.डॉ. भगवान दास केंद्रीय पुस्तकालय के समिति कक्ष में आयोजित कार्यक्रम में कुलपति प्रो. त्यागी ने पत्रिका और डॉक्यूमेंट्री से जुड़े सभी सदस्यों को बधाई देते हुए कहा कि ये दोनों कृतियां विश्वविद्यालय के अन्य विभागों के लिए भी प्रेरणास्रोत बनेंगी. उन्होंने कहा कि 'शैक्षणिक प्रवास' केवल एक पत्रिका नहीं, बल्कि विद्यार्थियों की जिज्ञासा, अनुभव और सीख का सजीव दस्तावेज है. वहीं 'विद्या का आनन्द विद्यापीठ' डॉक्यूमेंट्री विश्वविद्यालय की गौरवशाली विरासत, राष्ट्रीय आंदोलन से जुड़े इतिहास और राष्ट्र निर्माण में उसकी भूमिका को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करती है.पत्रिका के सम्पादक डॉ. नागेन्द्र कुमार सिंह ने बताया कि इसमें महामना मदन मोहन मालवीय हिन्दी पत्रकारिता संस्थान, पर्यटन अध्ययन संस्थान, मनोविज्ञान विभाग तथा समाज कार्य विभाग के विद्यार्थियों के शैक्षणिक भ्रमण, अध्ययन यात्राओं और व्यावहारिक अनुभवों को संकलित किया गया है. उन्होंने कहा कि जब विद्यार्थी मीडिया संस्थानों, संसद, न्यायालय, ऐतिहासिक स्थलों और समाज के बीच जाकर सीखते हैं, तब कक्षा की शिक्षा वास्तविक जीवन के अनुभव में बदल जाती है.कार्यक्रम में बताया गया कि डॉक्यूमेंट्री के लेखक डॉ. नागेन्द्र पाठक, डॉ. शिवजी सिंह और डॉ. अजय वर्मा हैं, जबकि वॉयस ओवर अनिरुद्ध पाण्डेय ने दिया है. इसमें पुलकित जायसवाल और समर प्रताप सिंह का भी सहयोग रहा.ALSO READ:राज्यपाल के वाराणसी दौरे को लेकर 27 से 29 जुलाई तक ट्रैफिक डायवर्जन, कई प्रमुख मार्गों पर रहेगा यातायात प्रतिबंध...कार्यक्रम का संचालन डॉ. प्रभा शंकर मिश्र ने किया. इस अवसर पर कुलसचिव डॉ. सुनीता पाण्डेय, कुलानुशासक प्रो. के.के. सिंह, परीक्षा नियंत्रक दीप्ति मिश्रा, डॉ. श्रीराम त्रिपाठी, डॉ. वैष्णवी शुक्ला, डॉ. चन्द्रशील पाण्डेय सहित विश्वविद्यालय के अनेक शिक्षक, शोधार्थी और विद्यार्थी उपस्थित रहे.