Daily Bulletin Tag
AI गार्गी दैनिक बुलेटिन

मणिकर्णिका घाट विरोध करने पहुंचे पाल समाज के लोगों को पुलिस ने खदेड़ा, कई हिरासत में

मणिकर्णिका घाट विरोध करने पहुंचे पाल समाज के लोगों को पुलिस ने खदेड़ा, कई हिरासत में
Jan 19, 2026, 09:18 AM
|
Posted By Gaandiv

वाराणसी : मणिकर्णिका घाट सुंदरीकरण कानूनी दायरे में आ गया है. सोशल मीडिया पर तरह तरह की आरोप प्रत्‍यारोप और चर्चाएं आम हैं. वीडियो तेजी से वायरल है. इन दावों ने राजनीतिक और सामाजिक हलकों में हलचल मचा दी. इस बीच मणिकर्णिका घाट पर अहिल्याबाई होल्कर की मूर्ति को लेकर उपजे व‍िवाद के बाद पाल समाज के लोगों ने सोमवार को प्रदर्शन किया. इस दौरान पुलिस बल ने उन्हें हटाने के प्रयास में हल्‍का बल प्रयोग किया, जिसके परिणामस्वरूप प्रदर्शनकारियों को खदेड़ दिया गया. इस दौरान दर्जन भर से अधिक लोगों को हिरासत में लेकर चौक थाने लाया गया. मणिकर्णिका की गली में इस दौरान काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा.


मणिकर्णिका घाट विरोध करने पहुंचे पाल समाज के लोगों को पुलिस ने खदेड़ा, कई हिरासत में


पाल समाज के लोग मणिकर्णिका घाट पर अपनी मांगों को लेकर सोमवार को एकत्रित हुए थे. उनका मुख्य उद्देश्य अहिल्याबाई होल्कर की मूर्ति को तोड़ने को लेकर प्रदर्शन करना था. प्रदर्शनकारियों ने अपनी आवाज उठाते हुए कहा कि यह मूर्ति उनके समाज के लिए महत्वपूर्ण है और इसे फ‍िर से स्थापित करने की अनुमति दी जानी चाहिए. आरोप लगाया क‍ि प्रशासन ने मूर्त‍ि को खंड‍ित क‍िया है. पुलिस ने उन्हें खदेड़ने का निर्णय लिया, जिससे स्थिति कुछ देर के ल‍िए तनावपूर्ण हो गई.

प्रदर्शन के दौरान, पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन जब वे नहीं माने, तो पुल‍िस को बल प्रयोग करना पड़ा. इस कार्रवाई के दौरान कुछ लोग चोट‍िल भी हो गए. पुलिस ने कहा कि स्थिति को नियंत्रित करने के लिए यह कदम उठाना आवश्यक था. प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने बिना किसी चेतावनी के उनपर हमला कर द‍िया.


इस घटना के बाद, पाल समाज के नेताओं को ह‍िरासत में लेकर थाने भेजा गया. वहीं उन्‍होंने कहा कि वे अपने अधिकारों के लिए लड़ते रहेंगे और किसी भी प्रकार के दमन को सहन नहीं करेंगे. समाज के सदस्यों ने यह भी कहा कि वे आगामी दिनों में फिर से प्रदर्शन करेंगे और अपनी आवाज को और अधिक मजबूती से उठाएंगे.

इस घटना ने वाराणसी में मण‍िकर्ण‍िका प्रकरण को लेकर एक बार फ‍िर से तनाव बढ़ा दिया है. स्थानीय प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त बल घाट पर तैनात किया है. पुलिस ने कहा कि वे किसी भी प्रकार की अशांति को रोकने के लिए तैयार हैं.


बीएचयू में विरोध प्रदर्शन


BHU


इसी क्रम में बीएचयू के कुछ छात्रों ने काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर स्थित मंदिर के बाहर विरोध सभा की. छात्रों ने पुण्यश्लोक लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर द्वारा निर्मित व जीर्णोद्धारित मणिकर्णिका घाट और उससे जुड़ी ऐतिहासिक संरचनाओं को संभावित नुकसान को लेकर चिंता जाहिर की. सभा में वक्ताओं ने कहा कि काशी को केवल एक विकास परियोजना के तौर पर देखना दुर्भाग्यपूर्ण है. धर्मेंद्र पाल ने मांग की कि देवी अहिल्याबाई होल्कर की विरासत का संरक्षण सुनिश्चित किया जाए और विकास व संरक्षण के बीच संतुलन बनाया जाए. उत्कर्ष कृष्ण गणेश ने कहा कि छात्र विकास के विरोधी नहीं हैं, लेकिन ऐसा विकास स्वीकार्य नहीं हो सकता जो आस्था, परंपरा और ऐतिहासिक स्मृतियों को नुकसान पहुंचाए. अधिवक्ता संतोष कुमार त्रिपाठी ने सरकार की ओर से प्रस्तुत कथित एआई जनरेटेड प्रचार वीडियो को भ्रामक बताते हुए कहा कि इससे वास्तविक स्थिति को छिपाने का प्रयास किया जा रहा है.


ALSO READ :डंपर ने ली बाइक सवार युवक की जान, परिवार में मातम


वाराणसी में 11 वर्षीय बालिका से छेड़छाड़ का आरोप, सेना के कर्मचारी पर केस,मासूम से छेड़खानी के आरोप में सेना के हलवदार के खिलाफ मुकदमा ...
वाराणसी में 11 वर्षीय बालिका से छेड़छाड़ का आरोप, सेना के कर्मचारी पर केस,मासूम से छेड़खानी के आरोप में सेना के हलवदार के खिलाफ मुकदमा ...
वाराणसीःमासूम से छेड़खानी के आरोप में सेना के हलवदार के खिलाफ कैंट थाना में मुकदमा दर्ज किया गया है. इस मामले में कैंट थाना प्रभारी का कहना है कि पुलिस मामले की जांच कर रही है. जांच में जो तथ्य सामने आएंगे उसके मुताबिक आगे की कार्रवाई की जाएगी.परिजनों ने पुलिस को बताया कि 11 साल की बच्ची दूध लेने के लिए घर से बाहर गई थी. इसी दौरान पड़ोस में रहने वाले सेना के हवालदार ने उसे अपने कमरे में बुलाया. कमरे के अंदर उसने बच्ची के साथ गलत हरकत शुरू कर दिया. घटना के बाद बच्ची वहां से अपने घर पहुंची और परिजनों को पूरी बात बताई. बच्ची की बात सुनकर परिवार के लोग परेशान हो गए.उन्होंने मामले की जानकारी कैंट थाना पुलिस को दी और आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई. शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मुकदमा दर्ज किया. पुलिस अब घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है. बच्ची और उसके परिजनों से भी जानकारी ली जा रही है.ALSO READ:ओवरलोड बालू वाहनों पर कार्रवाई की मांग, ट्रक ऑपरेटर एसोसिएशन ने अधिकारियों को सौंपा पत्रसाथ ही पुलिस आरोपों की पुष्टि के लिए जरूरी साक्ष्य जुटा रही है. जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी. मामला नाबालिग से जुड़ा होने के कारण पुलिस और परिवार की ओर से बच्ची की पहचान को सार्वजनिक नहीं किया गया है.आरोपी के खिलाफ केस दर्ज हो चुका है और पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बनारस में नदी में होगी जलयानों की मरम्मत....
बनारस में नदी में होगी जलयानों की मरम्मत....
वाराणसीः इनलैंड वाटरवे ऑथोरिटी ऑफ इंडिया ने रामनगर में बंदरगाह के उत्तरी छोर पर चार बीघा क्षेत्र में बनने वाले शिप रिपेयरिंग सेन्टर की शुरुआत की है. इसके साथ ही वाराणसी देश का पहला शहर होगा जहां नदी में जलयानों की मरम्मयत की जाएगी.कार्यदायी संस्था लार्सन एन्ड टुब्रो जिओ स्ट्रक्चर के कर्मचारियों ने प्राथमिक कार्य शुरू कर दिया है. यहां जहाजों को रिपेयर करने के लिए उत्त्तरी छोर पर एक वाटर चैनल बनाया जाएगा जहा जहाज नदी की मुख्य धारा से अंदर चैनल में रिपेयर होने के लिए आएंगे.कार्यदायी संस्था फिलहाल रिपेयर फैसिलिटी के प्लेटफार्म को बनाने का काम कर रही है उनके मुख्य अभियंता रमेश जोशी ने बताया कि प्रोजेक्ट को दो साल में पूरा करना है. बताया कि बारिश खत्म होने का इंतजार कर रहे थे लेकिन प्रोजेक्ट को जल्दी खत्म करने के लिए जल्दी ही काम शुरू करना पड़ा.ALSO READ: ओवरलोड बालू वाहनों पर कार्रवाई की मांग, ट्रक ऑपरेटर एसोसिएशन ने अधिकारियों को सौंपा पत्रइस बाबत उन्होंने बताया कि देश मे किसी भी नदी पर बनने वाला यह पहला शिप रिपेयरिंग सेंटर है. यहां कुछ जहाजों को क्रेन के माध्यम से ड्राई डाक सूखी सतह पर लाकर रिपेयर करने की सुविधा होगी। इसके साथ ही जहाज में पानी की सतह से ऊपर की खराबी को नदी में ही ठीक कर दिया जाएगा.बताया रि देश मे अभी तक शिप रिपेयरिंग सेन्टर समुद्रों के किनारे ही बनाये जाते है देश मे किसी नदी के ऊपर पहली बार शिप रिपेयरिंग सेन्टर बन रहा है. पहले जहाजों को रिपेयरिंग के लिए कोलकाता जाना होता था जो अब बनारस में भी संभव है.
ओवरलोड बालू वाहनों पर कार्रवाई की मांग, ट्रक ऑपरेटर एसोसिएशन ने अधिकारियों को सौंपा पत्र
ओवरलोड बालू वाहनों पर कार्रवाई की मांग, ट्रक ऑपरेटर एसोसिएशन ने अधिकारियों को सौंपा पत्र
वाराणसी। बालू परिवहन में ओवरलोडिंग और बिना आवश्यक वैध दस्तावेजों के वाहनों के संचालन को लेकर बनारस ट्रक ऑपरेटर एसोसिएशन ने प्रशासन और खनन विभाग से सख्त कार्रवाई की मांग की है। एसोसिएशन के अध्यक्ष अंशुमान सिंह ने संबंधित अधिकारियों को पत्र सौंपकर ओवरलोड एवं बिना आवश्यक आईएसटीपी/वैध कागजात के बालू परिवहन करने वाले वाहनों के खिलाफ तत्काल अभियान चलाने की मांग की।एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि कुछ समय पहले प्रशासन की ओर से ओवरलोड वाहनों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया गया था। इस दौरान विभिन्न थाना क्षेत्रों में बड़ी संख्या में ओवरलोड वाहनों को पकड़ा गया और कार्रवाई की गई। अभियान का असर यह रहा कि कुछ समय तक ओवरलोड बालू वाहनों का संचालन काफी हद तक नियंत्रित रहा, लेकिन कार्रवाई की गति धीमी पड़ने के बाद एक बार फिर ऐसे वाहनों के संचालन की शिकायतें सामने आने लगी हैं।ओवरलोडिंग से वैध ट्रक ऑपरेटरों को नुकसानएसोसिएशन के संरक्षक विजय सिंह ने कहा कि ओवरलोडिंग का सीधा असर निर्धारित क्षमता के अनुसार वाहन चलाने वाले ट्रक मालिकों पर पड़ रहा है। वैध तरीके से क्षमता के अनुरूप बालू परिवहन करने वाले वाहन संचालकों की लागत अधिक आती है, जबकि ओवरलोड वाहन कम लागत में अधिक माल पहुंचाकर अनुचित प्रतिस्पर्धा पैदा करते हैं। इससे नियमों का पालन करने वाले ट्रक ऑपरेटरों के सामने आर्थिक संकट की स्थिति बन रही है।एसोसिएशन ने प्रशासन से मांग की कि पूर्व की तरह नियमित और प्रभावी अभियान चलाया जाए तथा बालू लदे प्रत्येक वाहन के भार और दस्तावेजों की जांच सुनिश्चित की जाए।सड़क क्षति और राजस्व नुकसान की भी जताई आशंकाट्रक ऑपरेटर एसोसिएशन ने कहा कि ओवरलोडिंग का असर केवल परिवहन कारोबार तक सीमित नहीं है। क्षमता से अधिक भार लेकर चलने वाले भारी वाहनों से सड़कों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है, जिससे सड़कें समय से पहले क्षतिग्रस्त हो सकती हैं। वहीं, नियमों का उल्लंघन होने की स्थिति में सरकारी राजस्व को भी नुकसान पहुंचने की आशंका है।बैठक के दौरान एसोसिएशन के पदाधिकारियों और बालू मंडी से जुड़े व्यापारियों ने ओवरलोडिंग के मुद्दे पर चर्चा की। इसके बाद प्रशासन और खनन विभाग से प्रभावी कार्रवाई के लिए पत्र सौंपने का निर्णय लिया गया।ALSO READ: BHU में शुरू हुआ रविवासरीय गीता प्रवचन, कुलसचिव बोले- विद्यार्थियों में भारतीय ज्ञान परंपरा से जुड़ाव जरूरीमिलीभगत के आरोपों की जांच की मांगएसोसिएशन से जुड़े कुछ ऑपरेटरों ने ओवरलोड वाहनों को कथित रूप से पास कराने में बालू माफिया और जिम्मेदार विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत के आरोप भी लगाए हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। एसोसिएशन ने प्रशासन से इन आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। संगठन का कहना है कि आरोप गलत पाए जाएं तो स्थिति स्पष्ट की जाए और यदि किसी स्तर पर नियमों का उल्लंघन या मिलीभगत सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।इस दौरान एसोसिएशन के अध्यक्ष अंशुमान सिंह, संरक्षक विजय सिंह, उपाध्यक्ष कुंवर सिंह, राकेश सिंह, नीतेश सिंह, महामंत्री आनंद भूषण सिंह, उपमहामंत्री शुभांशु सिंह, मंत्री मुकुंद सिंह, धर्मेंद्र यादव, जितेंद्र सिंह, मीडिया प्रभारी अजित कुमार शर्मा, कोषाध्यक्ष अनुराग सिंह (गुड्डू सिंह), सचिव दीपू यादव समेत अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य मौजूद रहे।