SIR पर फिर छिड़ा सियासी घमासान, सपा ने उठाए कई सवाल

मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानि (एसआइआर) की प्रक्रिया चल रही है. इसी बीच लखनऊ उत्तर विधान सभा क्षेत्र से भाजपा विधायक नीरज बोरा के एक बयान से नया राजनीतिक घमासान छिड़ गया है. जी हां, विधायक ने दावा कर कहा कि जहां वोट कट रहे हैं, वहीं उतने ही बढ़ भी रहे हैं और उन्होंने एक हफ्ते में 18 हजार वोट बढ़वाने का काम किया है. इसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगा. जिसे देख समाजवादी पार्टी के मीडिया सेल ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर एक बड़ा सवाल खड़े कर दिये है. जहां आरोप लगाते हुए कहा कि, भाजपा विधायक की यह स्वीकारोक्ति एसआइआर कार्य में बेईमानी और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर एक बड़ा संदेह दर्शाती है.

निर्वाचन अधिकारी नवदीप ने मुंहतोड़ जवाब दिया
विधायक नीरज बोरा के विवादित बयान को गंभीरता से लेते हुए मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा के कार्यालय ने मुंहतोड़ जवाब दिया और कहा कि, बीते एक सप्ताह में लखनऊ उत्तर विधान सभा क्षेत्र में केवल 1407 फार्म-6 ही जमा हुए हैं और 6 जनवरी को ड्राफ्ट मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद से एक भी वोट बढ़ने के बजाय घटते गए है. ऐसे में चुनाव आयोग ने कहा कि, तथ्यों की जांच-पड़ताल किए बिना निष्पक्षता पर सवाल उठाना
अन्यायपूर्ण है. मामले की गंभीरता को देखते हुए लखनऊ के जिला निर्वाचन अधिकारी को पूरे प्रकरण की जांच के आदेश दिए गए हैं.

SIR क्यों किया जा रहा है
एसआईआर कराने को लेकर चुनाव आयोग ने कहा है कि, यह विशेष पुनरीक्षण इसलिए कराया जा रहा है ताकि, मतदाताओं के दोहराए गए नामों को हटाने और मृत मतदाताओं के नाम मिटाने के लिए किया जा रहा है और हर चुनाव से पहले ये किया जाता है. इसी के चलते कई राज्यों में एसआईआर की प्रक्रिया में तेजी आई है. जहां बूथ लेवल ऑफ़िसर (बीएलओ) घर-घर जाकर एसआईआर फ़ॉर्म को वितरित करना शुरू कर चुके हैं. इसके अलावा भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) की ओर से ऑनलाइन अप्लाई करने का भी विकल्प दिया गया है.



