Daily Bulletin Tag
AI गार्गी दैनिक बुलेटिन

बीएचयू के कुलपति को रेजिडेंट डाक्‍टरों ने लिखा पत्र, आठ सूत्रीय मांग रखी

बीएचयू के कुलपति को रेजिडेंट डाक्‍टरों ने लिखा पत्र, आठ सूत्रीय मांग रखी
Nov 08, 2025, 10:48 AM
|
Posted By Gaandiv

वाराणसी : बीएचयू स्थित चिकित्‍सा विज्ञान संस्‍थान के रेज़िडेंट डॉक्टरों ने सुरक्षा में लगातार हो रही चूक और हमलों के बढ़ते मामलों को लेकर गहरी चिंता जताई है. रेज़िडेंट डॉक्टर्स वेलफेयर सोसाइटी, आईएमएस-बीएचयू की ओर से कुलपति को लिखे पत्र में तत्काल सुधार की मांग की गई है. डॉक्टरों ने आरोप लगाया है कि प्रशासन की लगातार अनदेखी के कारण अस्पताल परिसर अब कर्मचारियों और चिकित्सकों के लिए असुरक्षित हो गया है. पत्र में विशेष रूप से उन घटनाओं का जिक्र किया गया है जिनमें डॉक्टरों के साथ मारपीट, अभद्र व्यवहार और महिला डॉक्टरों के साथ दुर्व्यवहार शामिल हैं. सितंबर 2024 में हुई महिला रेज़िडेंट डॉक्टर के साथ छेड़छाड़ की घटना का उदाहरण देते हुए डॉक्टरों ने कहा कि उस घटना के बाद भी सुरक्षा व्यवस्था में कोई ठोस सुधार नहीं किया गया.


FILE IMG


ALSO READ : सिलाई और ब्यूटीशियन की 24 प्रशिक्षित छात्राओं को मिला प्रमाणपत्र



आंदोलन की दी चेतावनी


रेज़िडेंट डॉक्टरों ने कुलपति से आठ प्रमुख मांगें रखी हैं. इनमें प्रशिक्षित सुरक्षा गार्डों की संख्या बढ़ाना, संवेदनशील क्षेत्रों जैसे आईसीयू और इमरजेंसी में विशेष गार्ड तैनात करना, बायोमेट्रिक प्रवेश प्रणाली लागू करना, डॉक्टरों के ड्यूटी रूम में सुरक्षित प्रवेश नियंत्रण सुनिश्चित करना, अलार्म सिस्टम और 24×7 सीसीटीवी निगरानी, नाइट पेट्रोलिंग टीम की स्थायी तैनाती और अस्पताल में यूपी मेडिसिन प्रोटेक्‍शन एक्‍ट, 2013 का सार्वजनिक प्रदर्शन शामिल है. डॉ. गौरव ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने जल्द ही ठोस कदम नहीं उठाए, तो रेज़िडेंट डॉक्टर इमरजेंसी सेवाएँ समेत अपनी सभी सेवाएँ रोकने पर मजबूर हो सकते हैं. उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में पूरी जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन और अस्पताल प्रबंधन पर होगी. रेज़िडेंट डॉक्टरों की आंदोलन से मरीजों की देखभाल और चिकित्सकीय सेवाओं पर गंभीर असर पड़ सकता है.

पिशाच मोचन कुंड में डूबकर युवक की मौत, अस्पताल से शव लेकर भागे परिजन, पुलिस ने ऐसे पकड़ा
पिशाच मोचन कुंड में डूबकर युवक की मौत, अस्पताल से शव लेकर भागे परिजन, पुलिस ने ऐसे पकड़ा
वाराणसी : पिशाच मोचन कुंड में बुधवार को मलदहिया मलिन बस्ती के रहने वाले एक युवक की डूबने से मौत हो गई. घटना की सूचना मिलते ही सिगरा थाने की पुलिस और एनडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और मशक्‍कत के बाद युवक के शव को कुंड से बाहर निकाला गया. इस दौरान पुलिसकर्मी शव को लेकर कबीरचौरा स्थित मंडलीय अस्पताल पहुंचे, जहां से पोस्टमार्टम के लिए भेजे जाने के दौरान परिजनों से पुलिसकर्मियों की बहस हो गई और परिजन युवक के शव को लेकर भाग निकले. हालांकि, बाद में पुलिसकर्मियों ने दौडधूप कर शव को वापस बरामद किया. इस दौरान गहमागहमी का माहौल बना रहा.जानकारी के मुताबिक, सिगरा थाना क्षेत्र के मलदहिया का रहने वाला राजू अपने दो दोस्तों के साथ पिशाच मोचन कुंड के पास गया था. सूत्रों के मुताबिक, तीनों ने अत्यधिक मात्रा में शराब का सेवन किया था. इसी दौरान राजू का पैर फिसल गया और वह कुंड में डूब गया. घटना की जानकारी होने के बाद मौके पर अफरा तफरी मची रही. वहीं, इस मामले की सूचना स्थानीय पुलिस को भी दी गई और एनडीआरएफ की टीम भी मौके पर पहुंचकर राजू के शव को खोजने लगी.थोड़ी ही देर में एनडीआरएफ की टीम ने राजू के शव को कुंड से बाहर निकाला. इस दौरान दो पुलिसकर्मियों को शव सुपुर्द किया गया और वे शव को लेकर मंडलीय अस्पताल पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद राजू को मृत घोषित कर दिया. राजू को मृत घोषित किए जाने के बाद पुलिसकर्मी पोस्टमार्टम की प्रक्रिया के लिए अग्रिम कार्रवाई में जुट गए. इसी दौरान परिजन भी वहां पहुंच गए और पुलिसकर्मियों से उनकी कहासुनी हो गई. बताया जा रहा है कि परिजन पोस्टमार्टम के लिए तैयार नहीं थे. स्ट्रेचर पर पड़े शव को उठाकर परिजन भागने लगे. इस दौरान वहां तैनात पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोकने का काफी प्रयास किया.ALSO READ : बनारसीपन से बनाई खास पहचान, संजय मिश्रा को मिला राष्ट्रीय सम्मानपुलिस ने दौड़कर पकड़ाइसी बीच परिजन ई-रिक्शा में शव को लादकर अस्पताल परिसर से भाग निकले. अस्पताल परिसर में हुई इस घटना के बाद अफरा तफरी का माहौल कायम हो गया. ई-रिक्शा से भाग रहे परिजनों के पीछे पुलिस भी दौड़ी और कुछ दूरी पर जाकर सड़क पर पुलिस कर्मियों ने ई-रिक्शा को रोक दिया और शव को कब्जे में ले लिया.सिगरा थाना अध्यक्ष शिवाकांत मिश्रा ने बताया कि पिशाच मोचन कुंड में एक युवक के डूबने की जानकारी मिली थी, जिसके बाद थाने की पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची और युवक के शव को लेकर कबीरचौरा गई. वहीं, परिजन पुलिस कर्मियों से धक्का-मुक्की कर शव को लेकर भागने लगे. इसके बाद कुछ ही दूरी पर जाने के बाद उन्हें पकड़ लिया गया और फिलहाल शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है. उन्होंने बताया कि पुलिस मामले में आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है.
बनारसीपन से बनाई खास पहचान, संजय मिश्रा को मिला राष्ट्रीय सम्मान
बनारसीपन से बनाई खास पहचान, संजय मिश्रा को मिला राष्ट्रीय सम्मान
वाराणसी। बनारस से निकली प्रतिभा जब देश-दुनिया में अपनी पहचान बनाती है तो काशी का गौरव बढ़ता है। फिल्म अभिनेता संजय मिश्रा को राष्ट्रपति द्वारा सर्वश्रेष्ठ कलाकार के राष्ट्रीय सम्मान से सम्मानित किए जाने पर शिव बारात समिति, वाराणसी ने बधाई दी है।बिहार के दरभंगा में जन्मे संजय मिश्रा का बचपन और शिक्षा-दीक्षा बनारस में हुई। काशी के रंग-ढंग में रचे-बसे संजय मिश्रा ने फिल्मी दुनिया में लंबा संघर्ष कर अपनी अलग पहचान बनाई। उनके अभिनय के साथ उनका खास बनारसी अंदाज, अल्हड़पन, मिठास और ‘गुरु’ वाली बोली भी लोगों के बीच पहचान बनी।फिल्मी सफर में कई सम्मान हासिल करने वाले संजय मिश्रा को राष्ट्रपति के हाथों मिला यह राष्ट्रीय सम्मान उनके प्रशंसकों और बनारस के लोगों के लिए खास उपलब्धि है। व्यस्त फिल्मी जीवन के बावजूद उनका बनारस से जुड़ाव कायम है। समय मिलते ही वह काशी आते हैं और अपने पुराने मित्रों से मुलाकात कर वक्त बिताते हैं।ALSO READ : वाराणसी एयरपोर्ट के नए निदेशक बने संतोष ढोके, पुनीत गुप्ता का भुवनेश्वर तबादलासंजय मिश्रा काशी की विश्व प्रसिद्ध शिव बारात समिति के संरक्षक भी हैं और महाशिवरात्रि पर बनारस में रहकर शिव बारात का हिस्सा बनने का प्रयास करते हैं। शिव बारात समिति ने उनके सम्मान पर शुभकामनाएं देते हुए बाबा विश्वनाथ से उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
वाराणसी एयरपोर्ट के नए निदेशक बने संतोष ढोके, पुनीत गुप्ता का भुवनेश्वर तबादला
वाराणसी एयरपोर्ट के नए निदेशक बने संतोष ढोके, पुनीत गुप्ता का भुवनेश्वर तबादला
वाराणसी : लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर जल्द ही प्रशासनिक फेरबदल देखने को मिलने वाला है. एयरपोर्ट के नए निदेशक के रूप में संतोष ढोके को नियुक्त किया गया है. वहीं, वर्तमान निदेशक पुनीत गुप्ता का स्थानांतरण भुवनेश्वर एयरपोर्ट के निदेशक पद पर कर दिया गया है. संतोष ढोके वर्तमान में पुणे एयरपोर्ट पर निदेशक के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. उनके पास एयरपोर्ट निदेशक के रूप में 11 वर्षों का लंबा और समृद्ध अनुभव है. अपने अब तक के कार्यकाल के दौरान वे देश के कई अन्य महत्वपूर्ण एयरपोर्ट्स पर भी निदेशक की जिम्मेदारी सफलतापूर्वक निभा चुके हैं. एयरपोर्ट पर विकास और विस्तार कार्यों को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण दौर चल रहा है. लगभग 2800 करोड़ रुपये की लागत से विभिन्न विकास कार्य तेजी से प्रगति पर हैं. नए टर्मिनल भवन का उद्घाटन इसी वर्ष दिसंबर तक करने की योजना है.भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) की ओर से मंगलवार को तबादला आदेश जारी हुआ. एएआई के आदेश के मुताबिक संबंधित अधिकारियों को निर्धारित अवधि में नए पद का कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं. मौजूदा निदेशक पुनीत गुप्ता के कार्यकाल के दौरान वाराणसी एयरपोर्ट पर यात्री सुविधाओं में काफी सुधार देखने को मिला. उनके समय में एयरपोर्ट विस्तार, टर्मिनल अपग्रेडेशन और अन्य जरूरी बुनियादी ढांचों के कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर काफी काम हुआ. यहां तक कि नए टर्मिनल भवन के निर्माण का कार्य प्रारंभ हुआ.ALSO READ : सेंट्रल हिन्दू गर्ल्स स्कूल की यूनिफॉर्म बदली, नीला जैकेट-ट्राउजर और चेक वाला कुर्ता नई पहचानअब नए निदेशक संतोष ढोके के सामने वाराणसी एयरपोर्ट की बड़ी विस्तार परियोजनाओं को रफ्तार देने की मुख्य चुनौती होगी. खासकर वाराणसी एयरपोर्ट पर प्रस्तावित नए हाई-टेक टर्मिनल का निर्माण, रनवे विस्तार और टनल निर्माण सहित कई अन्य योजनाओं को जमीन पर उतारना उनके लिए महत्वपूर्ण होगा.मूल रूप से मध्य प्रदेश के इंदौर निवासी संतोष ढोके ने इलेक्ट्रॉनिक्स एंड टेलीकम्युनिकेशन से बीटेक किया है. उन्होंने 1994 में भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण में अपनी सेवाएं शुरू की थीं. ढोके के पास 'इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्रोफेशनल' की भी डिग्री है.