कड़ाके की ठंड से लेट हुई ट्रेनों की गति, घंटों परेशान यात्री

कड़ाके की ठंड भरे इस मौसम में घने कोहरे ने लोगों की मुसीबत बनती जा रही है. इस कोहरे ने वाहनों के साथ-साथ ट्रेनों की चाल की गति को भी बिगाड दिया है. जी हां, घंटों देरी से चलने वाली ट्रेनों की वजह से यात्रियों को घंटों-घंटों अपनी ट्रेनों का इतंजार करना पड़ रहा हैं. दिल्ली-हावड़ा रूट पर स्थित झींझक स्टेशन पर कानपुर की तरफ जाने वाली रीवा एक्सप्रेस का समय रात 2:19 बजे का है, लेकिन बीते शुक्रवार को यह 3 घंटे 10 मिनट की देरी से चलकर सुबह 5:29 बजे पहुंची.

ट्रेनों की देरी होने से टेंशन में यात्री
घंटों-घंटों ट्रेनों की देरी होने से यात्रियों को कई तरह की समस्याएं हो रही है. ऐसे में कोई अपनी यात्रा को कैंसिल कर रहा है, तो किसी को रोडवेज बस का सहारा लेने के लिए मजबूरी में अधिक किराया देना पड़ रहा है. जहां सफर के बीच रास्ते में फंसे यात्रियों का कहना है कि रात की लालगढ़ एक्सप्रेस से जयपुर जाने के लिए टिकट लिया था, लेकिन ट्रेन के देरी से चलने के कारण टिकट निरस्त करना पड़ रहा है. रीवा एक्सप्रेस जो प्रयागराज जा रही थी, वो भी काफी लेट पहुंची, घंटों इंतजार के बाद भी ट्रेन नहीं आई, इन सभी को देखते हुए कई यात्रियों को मजबूरन अपनी यात्राएं निरस्त करनी पड़ी.

घने कोहरे से धूप न निकलने से बढ़ी और ठंड
घने कोहरे से धूप न निकलने के कारण ठंड में और भी बढ़ोतरी हुई है. स्टेशन पर मौजूद यात्रियों ने बताया कि सही समय-सारिणी की जानकारी न मिलने से उनकी परेशानी बढ़ गई है. पूछताछ केंद्र से भी कई ट्रेनों की सटीक स्थिति स्पष्ट नहीं हो पा रही थी. इस बढ़ती ठंड यात्रियों को रेलवे स्टेशन तक नहीं दिख रहा है. लेट पहुंच रही ट्रेन से लोग काफी परेशान है. इस खराब मौसम के कारण उन्हें सफर में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा.

रेल यातायात के साथ-साथ सड़क परिवहन भी प्रभावित हुआ, घने कोहरे के कारण हाईवे और ग्रामीण सड़कों पर वाहनों की आवाजाही धीमी रही, लंबी दूरी के भारी वाहन चालकों ने ढाबों पर अपने वाहन खड़े कर मौसम साफ होने का इंतजार किया शीतलहर के बीच लोग गर्म कपड़ों में भी कांपते हुए दिखाई दिए.



